poetry

ग़ज़ल (Gazal)

क्या कहें आज क्या माजरा हो गया ज़िंदगी से मेरा वास्ता हो गया इक ख़ुशी क्या मिली मैं निखरती गई…

कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष…गीत- फिर आओ लिए कर बाँसुरिया… (Geet- Phir Aao Liye Kar Bansuriya…)

1 वसुदेव चले शिशु शीश धरे, तट तीर-लता हरषाय रहीं। चम से चमके नभ दामिनियाँ, तम चीरत राह दिखाय रहीं।…

गीत- ख़ुशहाल ज़िंदगी की तस्वीर… (Geet- Khushhaal Zindagi Ki Tasvir…)

बड़ी चीज़ें कहां मांगता हूं मुझे वक़्त बीतने के बाद भी बस छोटी-छोटी चीज़ों से प्यार है मैं तो बस…

ग़ज़ल (Gazal)

देख लेती हूं तुम्हें ख़्वाब में सोते-सोते चैन मिलता है शब-ए-हिज्र में रोते-रोते इक तेरे ग़म के सिवा और बचा…

कविता- अभी वक़्त गुजरा कहां है… (Kavita- Abhi Waqt Gujra kahan Hai?)

अभी वक़्त गुजरा कहां है अभी भोर होते ही आसमां में सुबह की लाली नज़र आती है सुबह टहलने निकले…

गीत- प्रेम कथाओं के पृष्ठों पर… (Geet- Prem Kathaon Ke Prishthon Par…)

प्रेम कथाओं के पृष्ठों पर, जब-जब कहीं निहारा होगा सच मानो मेरी आंखों में केवल चित्र तुम्हारा होगा कभी याद…

ग़ज़ल (Gazal)

हज़ारों तीर किसी की कमान से गुज़रे ये एक हम ही थे जो फिर भी शान से गुज़रे कभी ज़मीन…

काव्य- बहुत ख़ूबसूरत मेरा इंतज़ार हो गया… (Poetry- Bahut Khoobsurat Mera Intezaar Ho Gaya…)

कशमकश में थी कि कहूं कैसे मैं मन के जज़्बात को पढ़ा तुमको जब, कि मन मेरा भी बेनकाब हो…

ग़ज़ल- मौन की भाषा… (Gazal- Moun Ki Bhasha…)

मैं आज भी  वही तो कह रहा हूं जो सालों से कह रहा था तुम भी तो सुन रहे हो सालों…

ग़ज़ल- धड़कन… (Gazal- Dhadkan…)

एक दिन मैं अपनी ही धड़कनों से नाराज़ हो गया इतनी सी शिकायत लेकर कि जब तुम उसके सीने में…

कविता- सिर्फ़ लिखी थी एक कविता, खाली लिफ़ाफ़ों से क्या कहूं… (Poetry- Sirf Likhi Thi Ek Kavita, Khali Lifafon Se Kya Kahoon…)

सुबहों को व्यस्त ही रखा, दुपहरियां थकी-थकी सी रही कुछ जो न कह सकी, इन उदास शामों से क्या कहूं..…

नज़्म- मुहब्बत (Nazam- Mohabbat…)

मुहब्बत इस जहां के जर्रे जर्रे में समाई है मुहब्बत संत सूफी पीर पैगम्बर से आई है कोई ताकत मिटा…

© Merisaheli