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संजय दत्त-माधुरी दीक्षित: जुनून की हद तक था दोनों में प्यार, फिर क्यों सबसे बुरे दौर में छोड़ दिया साथ? (The Untold Love Story: Sanjay Dutt And Madhuri Dixit)

एक वक़्त था जब फ़िल्म इंडस्ट्री में दोनों के इश्क़ के चर्चे काफ़ी गर्म थे लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि टूट गया इनका रिश्ता?…

एक वक़्त था जब फ़िल्म इंडस्ट्री में दोनों के इश्क़ के चर्चे काफ़ी गर्म थे लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि टूट गया इनका रिश्ता?

कहा जाता है कि फ़िल्म थानेदार की शूटिंग के दौरान ही दोनों में दोस्ती हो गई थी और दोनों घंटों फ़ोन पर बातें करते थे. उसके बाद फ़िल्म साजन की शूटिंग के दौरान इनकी दोस्ती प्यार में बदल गई.

दोनों ही अपने रिश्ते को लेकर काफ़ी संजीदा थे और अपने प्यार को वो शादी की मंज़िल तक ले जाने की ख़्वाहिश भी रखते थे. लेकिन खलनायक फ़िल्म के रिलीज़ से पहले ही मुंबई बम धमाकों के केस में आर्म्स एक्ट के तहत संजय को गिरफ़्तार कर लिया गया था और उन्हें 16 महीने जेल में रहना पड़ा था. उनकी फ़िल्म खलनायक बहुत बड़ी हिट हुई थी लेकिन तब तक माधुरी अपना मन बदल चुकी थीं.

संजय ने गिरफ़्तारी से पहले माधुरी को काफ़ी फ़ोन किया था लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया. यही नहीं, जेल में भी माधुरी उनसे एक बार भी मिलने नहीं पहुंची. वो समझ चुकी थीं कि संजय के साथ उनका भविष्य उज्ज्वल नहीं होगा और वो तय कर चुकी थीं कि अब उन्हें अपने करियर व निजी जीवन को बेहतर दिशा की ओर ले जाना है.

संजय के साथ उन्हें कोई भविष्य नज़र नहीं आया और इसी वजह से संजू बाबा के जेल से छूटने के बाद भी माधुरी उनसे नहीं मिलीं. माधुरी ने संजय के साथ भविष्य में कोई भी फ़िल्म करने से भी मना कर दिया.

कहा जाता है कि संजय दत्त लंबे समय तक माधुरी के इस धोखे को भुला नहीं पाए थे. उन्हें इस बात की शिकायत थी कि जिस समय उन्हें माधुरी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी उसी समय उनके प्यार ने उनका साथ छोड़ दिया.

यही नहीं, उन्हें इस बात का भी ग़म था कि जेल से आने के बाद भी माधुरी ने उन्हें अपनी बात कहने तक का मौक़ा नहीं दिया. बिना बताए ही रिश्ता तोड़ देने से संजय काफ़ी आहत थे लेकिन दूसरी ओर माधुरी भी अपनी जगह ग़लत नहीं थीं क्योंकि संजय ने जो किया उसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.

बहरहाल, अब दोनों ही हैपिली मैरिड हैं और अब दोनों की मुलाक़ात भी होती है तो वो हल्की फुलकी बातें ही करते हैं. दोनों उस दौर से बाहर निकल चुके और अपनी ज़िंदगी में खुश हैं.

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Published by
Geeta Sharma

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