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क्या करें जब पार्टनर को हो फ़िज़ूलख़र्च की आदत? (What Should You Do If Your Spouse Spends Impulsively?)

अक्सर ऐसा होता है कि कपल में से एक पार्टनर बहुत ख़र्चीला होता है. जिसके कारण घर का पूरा बजट ही बिगड़ जाता है. और…

अक्सर ऐसा होता है कि कपल में से एक पार्टनर बहुत ख़र्चीला होता है. जिसके कारण घर का पूरा बजट ही बिगड़ जाता है. और फिर शुरुआत होती है झगड़े की. कभी-कभी ये झगड़े इतने ब़ढ़ जाते हैं कि रिश्ते टूटने की नौबत आ जाती है. यदि आप भी चाहते है कि अपने रिश्ते को आर्थिक मुद्दों की वजह से बचाना चाहते हैं, तो अपनाएं इन ट्रिक्स को-

एक-दूसरे पर आरोप लगाने से बचें
ज़्यादातर दंपति यह ग़लती करते हैं कि पैसे जैसे अहम् मुद्दे पर बात करना, उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होता है. क्या आप भी ऐसी ग़लती करते हैं. यदि करते हैं, तो उसे तुरंत सुधार लें.

क्या करें:
  फ़िज़ूलख़र्च करने का पता चलने पर एकदम ग़ुस्से में न जाएं.

– न ही आपस में एक-दूसरे को दोषी ठहराएं. दोषी ठहराने पर केवल झगड़ा बढ़ेगा. समाधान नहीं निकलेगा.

– एक-दूसरे की आदतों को समझने की कोशिश करें, ताकि रिश्तों में कड़वाहट न आए.

– फ़िज़ूलख़र्च को रोकने के लिए प्लानिंग करें.

– फ़िज़ूलख़र्च रोकने के लिए दोनों मिल-जुलकर काम करें.

दोनों पार्टनर मिलकर आर्थिक लक्ष्य तय करें.
यदि दोनों साथ बैठकर आर्थिक लक्ष्य तय करेंगे, तो निश्‍चत तौर पर  फ़िज़ूलख़र्ची रोक सकते हैं.

क्या करें: शुरुआत वित्तीय बजट बनाने से करें.

– बजट बनाने से दंपति फ़िज़ूलख़र्च पर रोक लगा सकते हैं.

– फाइनेंशियल बजट और फाइनेंशियल लक्ष्य दोनों ही मौखिक की जगह, लिखित में बनाएं.

– लिखित रूप में बनाने से यह मालुम रहता है कि ज़रूरी ख़र्चों व निवेश के बाद कितना पैसा बचता है.

और भी पढ़ें: कैसे सुधारें अपना क्रेडिट स्कोर? (How To Improve Your Credit Score)

3. दंपति जॉइंट अकाउंट रखें


जॉइंट अकाउंट रखने से दोनों को ख़र्चों के बारे में जानकारी रहेगी

क्या करें: जॉइंट अकाउंट रखने से फ़िज़ूलख़र्च होने की संभावना कम हो जाएगी.

– दोनों पार्टनर एक जॉइंट अकाउंट बनाए और पर्सनल रखें. जॉइंट अकाउंट में दोनों अपनी सैलरी का एक हिस्सा डालेें. ताकि एक ही भार न पड़े.

– पर्सनल अकाउंट में अपने व पार्टनर के व्यक्तिगत ख़र्च के लिए राशि जमा करें.

4. लिस्ट बनाकर शॉपिंग करें

अधिकतर दंपतियों की आदत होती है कि वे लिस्ट बनाकर शॉपिंग नहीं करते है. जब मन किया या फिर ज़रूरत महसूस हुई शॉपिंग करने चल देते हैं, जिससे फ़िज़ूलख़र्च की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है.

क्या करें: फ़िज़ूलख़र्च को रोकना चाहते हैं, तो हमेशा लिस्ट बनाकर शॉपिंग करें.

– लिस्ट बनाकर शॉपिंग करने से फ़िज़ूलख़र्च को बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

– शॉपिंग करने के बाद भुगतान क्रेडिट कार्ड की बजाय हमेशा नकदी तौर पर करें.

– सीमित नकदी होने पर दंपति केवल ज़रूरत की चीज़ें ही ख़रीदेंगे.

5. फाइनेंशियल एडवाइज़र की मदद लें
यदि आप बजट बनाकर भी ख़र्चां पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं, तो फाइनेंशियल एडवाइज़र की मदद लें.

क्या करें: सारे तरी़के व टिप्स फॉलो करके भी यदि फ़िज़ूलख़र्च कम नहीं कर पा रहे हैं, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की राय लें.

– फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स आपके ख़र्चों को सही तरी़के से बांट देंगे

और भी पढ़ें: इस्तेमाल करने से पहले जानें क्रेडिट कार्ड के 10 फ़ायदे (10 Benefits Of Credit Cards)

– पूनम शर्मा

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Published by
Poonam Sharma

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