The Psychology Of Relationships: टीनएज बेटी के व्यवहार से डर लगता है (Afraid Of Teenage Daughters Behavior)

रिश्तों का मनोविज्ञान (The Psychology Of Relationships) मेरी बेटी की उम्र 28 साल है. वो नौकरी करती है. पिछले कुछ समय से उसकी शादी की बात चल रही है. कई रिश्ते भी आए, पर उसे कोई पसंद ही नहीं आता. पता नहीं उसके मन में क्या चल रहा है. उससे पूछती हूं, तो कहती है कि सही समय पर, सही लड़का मिल जाएगा, तब कर लूंगी शादी. जल्दबाज़ी में ग़लत निर्णय नहीं लेना चाहती. लेकिन लोग बातें करते हैं, जिससे मैं बहुत परेशान रहती हूं. - शिल्पा शुक्ला, उत्तर प्रदेश. आज की जनरेशन शादी देर से ही करती है. उनकी प्राथमिकताएं अब बदल गई हैं. एक तरह से शादी की उम्र क़रीब 30 साल हो गई है. बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बनकर ही शादी करने की सोचते हैं. अपनी बेटी का साथ दीजिए और धीरज रखिए. सही समय पर सब ठीक होगा. लोग क्या कहते हैं, उस पर ज़्यादा ध्यान न दें. यह आपकी बेटी की ज़िंदगी का सवाल है. अपनी बेटी पर भरोसा रखें. वो सही समय आने पर सही निर्णय ले लेगी. उसके कारण ज़्यादा परेशान होकर अपनी सेहत और घर का माहौल ख़राब न करें. यह भी पढ़े: रिश्तों में बदल रहे हैं कमिटमेंट के मायने… (Changing Essence Of Commitments In Relationships Today) मेरे पिताजी ने वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया है. अब वे सारा दिन घर पर रहते हैं, लेकिन वो बहुत चिड़चिड़े से हो गए हैं. बात-बात पर बहस और ग़ुस्सा करते हैं. ज़िद्दी हो गए हैं, जिससे घर का माहौल ख़राब रहने लगा है. समझ में नहीं आता कि…

रिश्तों का मनोविज्ञान (The Psychology Of Relationships)

मेरी बेटी की उम्र 28 साल है. वो नौकरी करती है. पिछले कुछ समय से उसकी शादी की बात चल रही है. कई रिश्ते भी आए, पर उसे कोई पसंद ही नहीं आता. पता नहीं उसके मन में क्या चल रहा है. उससे पूछती हूं, तो कहती है कि सही समय पर, सही लड़का मिल जाएगा, तब कर लूंगी शादी. जल्दबाज़ी में ग़लत निर्णय नहीं लेना चाहती. लेकिन लोग बातें करते हैं, जिससे मैं बहुत परेशान रहती हूं.

– शिल्पा शुक्ला, उत्तर प्रदेश.

आज की जनरेशन शादी देर से ही करती है. उनकी प्राथमिकताएं अब बदल गई हैं. एक तरह से शादी की उम्र क़रीब 30 साल हो गई है. बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बनकर ही शादी करने की सोचते हैं. अपनी बेटी का साथ दीजिए और धीरज रखिए. सही समय पर सब ठीक होगा. लोग क्या कहते हैं, उस पर ज़्यादा ध्यान न दें. यह आपकी बेटी की ज़िंदगी का सवाल है. अपनी बेटी पर भरोसा रखें. वो सही समय आने पर सही निर्णय ले लेगी. उसके कारण ज़्यादा परेशान होकर अपनी सेहत और घर का माहौल ख़राब न करें.

यह भी पढ़े: रिश्तों में बदल रहे हैं कमिटमेंट के मायने… (Changing Essence Of Commitments In Relationships Today)

मेरे पिताजी ने वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया है. अब वे सारा दिन घर पर रहते हैं, लेकिन वो बहुत चिड़चिड़े से हो गए हैं. बात-बात पर बहस और ग़ुस्सा करते हैं. ज़िद्दी हो गए हैं, जिससे घर का माहौल ख़राब रहने लगा है. समझ में नहीं आता कि उन्हें कैसे हैंडल करें, क्योंकि वो बड़े हैं, तो उन्हें कुछ कह भी नहीं सकते.

– राकेश सिन्हा, पटना.

आप उनके मन की स्थिति समझने की कोशिश करें. हो सकता है, उन्हें भी दिनभर घर पर बैठे रहना अच्छा न लगता हो या यह भी हो सकता है कि उन्हें कोई और परेशानी हो, जो वे आप लोगों से कह न पा रहे हों. थोड़ा धीरज से काम लें. उनका विश्‍वास जीतें. उनसे प्यार से पेश आएं. उन्हें
सुबह-शाम वॉक पर ले जाएं. सोशल एक्टिविटीज़, योगा इत्यादि के लिए प्रोत्साहित करें. उन्हें घर के काम की भी ज़िम्मेदारी दें. घर के महत्वपूर्ण निर्णयों में उन्हें शामिल करें. उनकी राय को महत्व दें. उन्हें महसूस न होने दें कि अब वो काम पर नहीं जाते या कुछ करते नहीं हैं. आप सब का प्यार, सम्मान और सहानुभूति उन्हें शांत रहकर कुछ और करने के लिए प्रोत्साहित करेगी.

मेरी बेटी की उम्र 14 साल है. स्कूल जाती है. आजकल उसका स्वभाव कुछ अलग-सा हो गया है. हर समय मोबाइल पर लगी रहती है. कोई बात सुनती नहीं है. पैरेंट्स तो जैसे उसके दुश्मन हैं. डर लगता है, कहीं कोई ग़लत राह न पकड़ ले.
– कोमल सिंह, पानीपत.

इस उम्र में बच्चों का यह व्यवहार स्वाभाविक है. उन्हें परिजनों से ज़्यादा उनके दोस्त अच्छे लगते हैं. उन्हें लगता है पैरेंट्स की सोच पुरानी व दकियानूसी है. बच्चों की ख़ुशी का उन्हें ख़्याल नहीं है… आदि. बेहतर होगा आप भी उनके साथ दोस्तों की तरह पेश आएं. उनके साथ समय बिताएं, उनकी एक्टिविटीज़ में सकारात्मक तौर पर शामिल हों. हंसी-मज़ाक करें. हर बात पर टोकना या लेक्चर देना उन्हें पसंद नहीं आएगा. उनका विश्‍वास जीतें. लेकिन साथ ही उन पर नज़र भी रखें, उनके फ्रेंड सर्कल की जानकारी रखें, पर उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश न करें. घर का हल्का-फुल्का दोस्ताना माहौल उन्हें घर से और आपसे बांधे रखेगा.

ज़ीनत जहान
एडवांस लाइफ कोच व
सायकोलॉजिकल काउंसलर

zeenatsjahan786@gmail.com

यह भी पढ़े: लव गेम: पार्टनर से पूछें ये नॉटी सवाल (Love Game: Some Naughty Questions To Ask Your Partner)

Recent Posts

सुशांत सिंह राजपूत के डुप्लीकेट की फोटो और वीडियो हुआ वायरल, फैन्स ने कहा ये (Sushant Singh Rajput’s Duplicate Photo And Video Goes Viral)

सुशांत सिंह राजपूत के डुप्लीकेट ने फैन्स को एक बार फिर सुशांत की याद दिला…

सोन परी की ‘फ्रूटी’ अब दिखती हैं ऐसी, जानें क्या करती हैं आजकल? (Where Is Son Pari Fame Tanvi Hegde These Days?)

सोन परी टीवी का वो पॉप्युलर सीरियल था, जिसके सभी बच्चे दीवाने थे. आज भी…

© Merisaheli