कहीं आप थर्ड हैंड स्मोकर तो नहीं? (Third Hand Smoke- What Is It And What Are It’s Risks?)

धूम्रपान और सेकंड हैंड स्मोकिंग से होनेवाले ख़तरों के बारे में तो सभी लोग जानते हैं. लेकिन थर्ड हैंड स्मोकिंग से आज भी कई लोग…

धूम्रपान और सेकंड हैंड स्मोकिंग से होनेवाले ख़तरों के बारे में तो सभी लोग जानते हैं. लेकिन थर्ड हैंड स्मोकिंग से आज भी कई लोग अंजान हैं. इसलिए वे आसानी से इनकी गिरफ़्त में आ जाते हैं. लेकिन एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने थर्ड हैंड स्मोकिंग के ख़तरों के बारे में भी आगाह किया है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी का यह अध्ययन बताता है कि थर्ड हैंड स्मोकिंग से इंसान की डीएनए संरचना को नुक़सान पहुंच सकता है.

थर्ड हैंड स्मोकिंग होता कैसे हैं?
विशेषज्ञ बताते हैं कि सिगरेट पीने के दौरान उससे निकलनेवाला ज़हरीला पदार्थ कपड़ों, दीवार, फ़र्नीचर, कारपेट, बाल, बच्चों के खिलौने आदि चीज़ों पर चिपक जाते हैं. धूम्रपान करनेवाले व्यक्ति की त्वचा और कपड़े निकोटिन और अन्य हानिकारक केमिकल्स के अवशेषों को चिपका लेती है, जो घर से अंदर-बाहर जाने पर भी उसी के साथ चिपकी रहती है. इन्हीं अवशेषों को थर्ड हैंड स्मोक कहा जाता है. जो भी व्यक्ति इसके संपर्क में आता है, ख़ासकर छोटे बच्चे, इसके संपर्क में आने से कई बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं. इसके चलते बच्चों में सांस की बीमारियों के साथ कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी भी हो सकती है. इससे शरीर की आनुवांशिक संरचना को भी नुक़सान पहुंचता है. इससे आनेवाली पीढ़ियां भी प्रभावित हो सकती हैं.

हवा से नहीं हटाया जा सकता
सिगरेट में 4000 से ज़्यादा केमिकल्स होते हैं, जिसमे 50 से ज़्यादा कैंसरकारी तत्व होते हैं. इन केमिकल्स को आसानी से नहीं हटाया जा सकता है. इन केमिकल्स की परतों को पंखे की हवा या खिड़कियों के खोल देने मात्र से नहीं हटाया जा सकता है.

बच्चों को पहुंचता है नुक़सान
सिगरेट के केमिकल्स कमरे में मौजूद ओजोन के संपर्क में आकर ख़तरनाक कैंसरकारी केमिकल कंपाउंड बनाते हैं, साथ ही ये एनएनए का कंपाउंड डीएनए और बच्चों की ग्रोथ को प्रभावित करता है. सभी केमिकल्स बच्चों के खिलौने, कपड़े, दीवार आदि पर फैलने के साथ ही जमा हो जाते हैं. बच्चे खिलौने के साथ खेलते-खेलते उन्हें मुंह में भी ले लेते हैं, वे कारपेट, स्मोक किए हुए व्यक्ति के पास जाते हैं, जिससे बच्चे में कैंसर अस्थमा और सांस संबंधी जैसी कई बीमारियों होने का ख़तरा बढ़ा देता हैं. इसके अलावा गर्भ में पल रहे शिशु को भी यह नुक़सान पहुंचा सकता है.

घर में धूम्रपान न करें…
फर्स्ट व सेकंड हैंड स्मोकिंग के मुक़ाबले थर्ड हैंड स्मोकिंग कितना प्रभावित कर सकता है, इस पर कई शोध किए जा रहे हैं. लेकिन यह साफ़ है कि इसका दुष्प्रभाव होता हैं. कई शोधों में इसकी पुष्टि हो चुकी है. इसलिए लोगों को घर में धूम्रपान करने से ख़ुद को रोकना चाहिए. उन्हें समझना चाहिए कि उनके धूम्रपान करने से उनके आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ रहा है.
धूम्रपान करके आप तो अपने आप का नुक़सान कर ही रहे हैं. मगर आपके बगलवाला बिना किसी ग़लती के ही अपने स्वास्थ्य का नुक़सान कर रहा है. केवल आपके साथ होने की क़ीमत आपके अपने चुका रहे हैं. शोध के अनुसार, थर्ड हैंड स्मोक करनेवाले को फर्स्ट हैंड स्मोकर माना जाता है.

सावधानी ज़रूरी
दिल्ली स्थित वैदिकग्राम के डॉक्टर का कहना है कि सिगरेट पीना छोड़ देना चाहिए. यदि संभव न हो, तो बंद कमरों और गाड़ियों के अंदर सिगरेट न पीएं. धूम्रपान के बाद बच्चों के संपर्क में आने से पहले कपड़े बदल लें. ऐसा ना करने से बच्चों में कई तरह की परेशानियां हो सकती है.

जानलेवा…
थर्ड हैंड स्मोक के मामले पर जानवरों पर स्टडी करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की साइंटिस्ट्र्स मैन्युला मार्टिन्स ग्रीन ने कहा कि स्मोकिंग मत कीजिए और ख़ुद को सेकंड हैंड और थर्ड हैंड स्मोक के ख़तरे से भी बचाइए, क्योंकि ये भी फर्स्ट हैंड स्मोक की तरह जानलेवा है. थर्ड हैंड स्मोक, मानव शरीर पर क्या प्रभाव डाल सकती है इसके लिए चूहों पर स्टडी की गई, पता चला कि इस तरह के स्मोक का असर लीवर और फेफड़ों पर काफ़ी ख़तरनाक होता है.
अगर स्मोक करनेवाले इस लत से तौबा कर लें, तो अपनी जान के साथ-साथ वह कई ज़िंदगियों को भी बचा सकते हैं. धूम्रपान छोड़ने के तमाम तरकीबें बताई जाती रही है. लेकिन सबसे अच्छा तरीक़ा है, दृढ़ इच्छाशक्ति. इसके बिना कोई भी तरकीब काम नहीं करेगी.
ऐसे कई उदाहरण है, जिन्होंने अपनी धूम्रपान की आदत छोड़ दी. जो लोग थोड़ी देर भी धूम्रपान के बिना नहीं रह पाते थे, जब उन्होंने इस लत से किनारा कर लिया, तो फिर आप क्यों नहीं कर सकते हैं. अपने मन से इस बात को निकाल दीजिए कि यह लत आपसे नहीं छूटेगी, क्योंकि दुनिया में कोई ऐसी बुरी आदत नहीं जो इंसान चाहे, तो छोड़ नहीं सकता. बस ठान लेने की ज़रूरत है.

यदि आप स्मोकिंग नहीं छोड़ पा रहे हैं, तो कम-से-कम इतना ज़रूर करें
• बच्चे, गर्भवती महिलाओं, पालतू जानवर, ऑफिस, बंद कमरे में, कार में स्मोकिंग करने से बचें.
• स्मोकिंग के बाद हाथ धोकर कपड़े बदल लेने के बाद ही बच्चे को गोद में उठाएं. नहीं तो इससे थर्ड हैंड स्मोकिंग का ख़तरा बढ़ जाता है.
• अगर आपके आसपास ऐसा कोई व्यक्ति खड़ा है, जो स्मोकिंग नहीं करता है, तो प्लीज़, सिगरेट सुलगाने से पहले एक बार उनसे इजाज़त ले लें. अगर उन्हें ऐतराज़ है, तो स्मोक कहीं और जाकर करें.
• सिगरेट पीते समय आप इतनी दूरी बनाकर खड़े हो कि सामनेवाले को धुआं न लगे.
• कभी भी आंखें बंद कर सिगरेट की राख को न झाड़ें और न ही उसके फिल्टर को यहां-वहां फेंके. इसके लिए ऐश-ट्रे का ही इस्तेमाल करें.
• कभी भी किसी को सिगरेट पीने के लिए बाध्य न करें.
• यदि किसी को आपके सिगरेट पीने से प्राॅब्लम है, तो उसे साॅरी ज़रूर बोले.
•ध्यान रहे कि आपके स्मोकिंग का धुआं किसी के चेहरे पर न पड़े.

मिनी सिंह

यह भी पढ़ें: पहले चलना सिखाया, अब रास्ता दिखाएगी… सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की ‘इंडिया वाली मां’ (Pehle Chalna Sikhaya Tha, Ab Rasta Dikhayegi… Sony Entertainment Television’s ‘Indiawaali Maa’)

Share
Published by
Usha Gupta

Recent Posts

लघुकथा- लोभ का कुआं (Short Story- Lobh Ka Kuan)

पंडित का अहंकार सामने आ गया- 'मैं राज पंडित एक गडरिए का शिष्य बनूं?' पर…

इस कदर ज्योतिष में विश्वास रखती हैं एकता कपूर कि जानकर दंग रह जाएंगे आप (Ekta Kapoor Believes In Astrology So Much That You Will Be Stunned To Know)

टीवी और बॉलीवुड इंडस्ट्री की जानी मानी हस्ती एकता कपूर के बारे में ऐसे तो…

तेनाली रामा की कहानी: बेशकीमती फूलदान (Tenali Rama Story: Can A Flower Vase Take Life)

राजा कृष्णदेव राय के विजयनगर में हर साल वार्षिक उत्सव बहुत ही धूमधाम से बनाया…

© Merisaheli