नई दुल्हन के लिए संकोच-शर्मो-हया किन मामलों में ज़रूरी, किनमें ग़ैरज़रूरी! (Dos And Don’ts For Newlywed Bride)

शादी ज़िंदगी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है और शादी के बाद बहुत कुछ बदल भी जाता है. लेकिन अक्सर लड़कियोंको शादी को लेकर एक ही तरह की सीख दी जाती है और वो यह कि लाज ही औरत का गहना है, नई दुल्हन को हमेशाशर्माते और सकुचाते हुए ही नज़र आना चाहिए. 

यह सही है कि शर्म-हया एक तरह से समानेवाले को सम्मान देने के लिए भी ज़रूरी होती है लेकिन हर वक़्त और हर जगहही आप शर्माती रहेंगी तो हो सकता है आपको आगे चलकर परेशानी हो जाए. बेहतर होगा कि आप भी समझें कि शर्म-हया एक सीमा तक तो ठीक है लेकिन कहीं-कहीं संकोच छोड़कर सही बात कहनी भी ज़रूरी होती है.

किन मामलों में ज़रूरी है संकोच?

  • जहां बड़े लोग आपस में बात कर रहे हों तो बेवजह बीच में ना बोलें.
  • मेहमानों के सामने ना तो ज़्यादा बात करें और ना ही ज़ोर-ज़ोर से हंसें.
  • भले ही आप कितनी भी मॉडर्न हों लेकिन पति के दोस्तों के साथ बहुत ज़्यादा हंसी-मज़ाक़ करने से बचें, क्योंकि जोभी हो आप यह ना भूलें कि आपकी अभी-अभी शादी हुई है और आप सबको बहुत ज़्यादा जानती भी नहीं हैं.
  • ताने देने से बचें. हर बात की शिकायत ना करती रहें और पति से भी छोटी छोटी बातों की रोज़ रोज़ शिकायत नाकरें.
  • घर के कामों में हाथ बटाएं.
  • नए घर में हैं तो ज़ाहिर है अपना टाइम टेबल बदलना होगा, सुबह जल्दी उठें.
  • नॉनवेज जोक्स करने से बचें.
  • स्मोक या ड्रिंक करती हैं या ओकेज़नली भी की है कभी तो उसकी चर्चा ना करें और अपनी आदतें बदलें.
  • फ़िज़ूलखर्ची से बचें.
  • बहुत ज़्यादा सोशल मीडिया पर ना रहें.
  • हमेशा अपनी सहेलियों या दोस्तों से फोन पर बात ना करती रहें.
  • ज़्यादातर वक्त पति के साथ कमरे में बंद ना रहें, बाक़ी घरवालों के साथ भी बैठें, वक़्त गुज़ारें, उनसे बातें करके उन्हेंसमझने की कोशिश करें ताकि वो भी आपको समझ सकें.
  • बात-बात पर मायके का ज़िक्र, यहां के रहन सहन की वहां से तुलना, हर बात मां को बता देना… इनसे बचें, ससुरालपक्ष का का लिहाज़ करें, अब इस घर की इज़्ज़त आपकी इज़्ज़त है तो सम्मान बनाए रखें. 
  • सबसे प्यार से व सामान्य आवाज़ में बात करें.
  • चेहरे पर स्वीट स्माइल बनाए रखें और अगर किसी बात से चिढ़ हो भी रही है तो एक्सप्रेशन से ज़ाहिर ना होने दें, भलेही बाद में पति से अलग से इस विषय पर बात कर लें.
  • बड़ों का आदर-सम्मान हमेशा बनाए रखें. अगर वो कुछ टीका-टिप्पणी या रोक-टोक करते भी हैं तो भी पलटकरफ़ौरन जवाब ना दें. 
  • दूसरों के सामने पति का लिहाज़ व सम्मान बनाए रखें, उसे ताने ना दें, अगर आप किसी बात को लेकर उनसे ख़फ़ाभी हैं तो सबके सामने उन्हें ज़लील ना करें.
  • बेवजह रोज़-रोज़ बाहर घुमाने की ज़िद ना करें.

किन मामलों में बोलना ज़रूरी हो जाता है?

  • अगर कोई आपका बार-बार अपमान करे और यह मानने लगे कि ये तो नई नवेली है इसको दबाया जाए, तो ज़रूरबोलें. आराम से, प्यार से अपना पक्ष रख दें.
  • आपके घरवालों को बुरा-भला कहे तो ज़रूर टोकें कि मुझसे शिकायत है तो मुझे बोलें मेरे घरवालों को बीच में नालाएं.
  • अगर सब लोग अपनी ज़िम्मेदारी और काम अकेले आप पर ही थोप दें तो समझदारी से बात करके अपनी परेशानीरखें कि इतने लोगों का काम एक अकेले इंसान नहीं कर सकता. आप कहें कि मैं मदद ज़रूर करूंगी लेकिन चूंकीआप नई हैं तो आपको बोलना नहीं है या चुप रहना चाहिए यह सोचकर सारा काम खुद ही ओढ़ ना लें, वर्ना एक बारआपने सब कुछ करना शुरू कर दिया तो आगे लोगों की उम्मीद यही रहेगी कि ये काम आप ही के हैं और अगर बादमें आप बोलेंगी तो उन्हें लगेगा कि आप अपना काम उन पर थोप रही हैं.
  • अगर आपसे पैसों की मांग की जाती है तो चुप ना रहें.
  • अगर आपका शोषण होता है तो बोलें ज़रूर और ज़रूरत पड़े तो एक्शन भी लें.
  • अगर दहेज या शादी के सामान को लेकर आपके घरवालों को कुछ कहा जाता है तो बोलना ज़रूरी हो जाता है.
  • अगर आपके हर काम में, खाने के स्वाद में या किसी भी और काम में रोज़-रोज़ मीनमेख निकला जाए तो इसे उनकीआदत ना बनने दें, बेहतर होगा समय रहते समझा दें या पति से बात करें, ताकि वो बोल सकें.
  • अगर घर में भी किसी अन्य सदस्य के साथ कुछ ग़लत या अन्याय होता दिखे तो मूक दर्शक ना बनी रहें, सच कासाथ दें.
  • बात-बात में आपसे बेटा पैदा करने की बात कही जाए तो शांति से अपना पक्ष aur अपनी राय रख दें.
  • अगर पति आपसे ठीक से पेश ना आते हों, आपकी राय, आपकी बात को तवज्जो ना देते हों, उन्हें कोई लत हो, उनका कोई अफ़ेयर हो तो चुपचाप बर्दाश्त ना करके समय रहते हल निकालें वर्ना एक बार आपने सहन करना शुरूकर दिया और इसको अपनी नियति मान लिया तो भविष्य अंधकारमय होगा आपका भी और आपके रिश्ते का भी.

बोलने का अर्थ यह नहीं कि आपको झगड़ा करना है या चिल्ला-चिल्लाकर गाली-गलौज करनी है, संतुलित शब्दों में धीमेस्वर में भी अपनी बात रखी जा सकती है और जहां ज़रूरी हो वहां अपनी बात बेझिझक बिना हिचके रखें. सिर्फ़ इसलिएकि आपकी नई-नई शादी हुई है तो आपको चुपचाप सब बर्दाश्त करना चाहिए यह सोच पुरानी है, अपने सम्मान के लिएकई बार बोलना ज़रूरी हो जाता है और अगर आप खुद अपना सम्मान नहीं करेंगी तो दूसरे क्यों करेंगे भला. 

भोलू शर्मा 

यह भी पढ़ें: नए जमाने के सात वचन… सुनो, तुम ऐसे रिश्ता निभाना! (7 Modern Wedding Vows That Every Modern Couple Should Take)

Geeta Sharma

Share
Published by
Geeta Sharma

Recent Posts

लहान मुलांना धाडस आणि जिद्दीचं बाळकडू देणाऱ्या ॲनिमेटेड ‘बुनी बियर्स’ चित्रपटाचे पोस्टर लॉंच! (The Poster Launch Of The Animated Movie ‘Bunny Bears’, Which Gives Courage And Stubbornness To Children!)

कोवळ्या वयात असणाऱ्या मुलांच्या अंगी चांगल्या संस्कारांची जर पेरणी झाली, तर मुलं मोठी होऊन नक्कीच…

April 16, 2024

‘कौन बनेगा करोडपती’च्या १६ व्या सीझनची घोषणा, अमिताभ बच्चनचा प्रोमो व्हायरल ( Kaun Banega Crorepati 16 Promo Registration Begins Amitabh Bachchan Announces It)

'कौन बनेगा करोडपती'च्या चाहत्यांसाठी एक आनंदाची बातमी आहे. अमिताभ बच्चन लवकरच त्यांच्या शोच्या 16व्या सीझनसह…

April 16, 2024

लग्नाच्या वाढदिवसाचं सेलिब्रेशन आलिया रणबीर केलं खास, दोन दिवसांनी फोटो व्हायरल (Inside Pics of Alia Bhatt and Ranbir Kapoor’s 2nd wedding anniversary celebrations)

14 एप्रिल रोजी रणबीर कपूर आणि आलिया भट्ट यांच्या लग्नाला दोन वर्षे पूर्ण झाली. दोघांनी…

April 16, 2024
© Merisaheli