ऑटिज्म ग्रस्त बच्चों की देखभाल से जुड़ी 6 महत्वपूर्ण बातें… (6 Important Tips For Parenting A Child With Autism?)

बच्चे तो सभी प्यारे होते हैं, पर कुछ ख़ास मासूम भी होते हैं, जिन्हें विशेष देखभाल की ज़रूरत होती है. ऐसे ही होते हैं ऑटिज्म…

बच्चे तो सभी प्यारे होते हैं, पर कुछ ख़ास मासूम भी होते हैं, जिन्हें विशेष देखभाल की ज़रूरत होती है. ऐसे ही होते हैं ऑटिज्म ग्रस्त बच्चे भी. आज अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता व्यक्ति दिवस (International day of disabled persons) पर ऑटिज्म कंसल्टेंट गोपिका कपूर ने इस तरह के बच्चों की देखभाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें संक्षेप में बताई.
इससे उन अभिभावकों को काफ़ी मदद मिलेगी, जिनके बच्चे ऑटिज्म ग्रस्त हैं. आइए जानते हैं गोपिकाजी से ऑटिज्म के बारे में. उनका कहना है-

न्यूरोडेवलपमेंट कंडीशन…
मेरे राय में ऑटिज्म एक विश्वभर में बढ़ता हुआ कंडीशन है. रिसर्च दिखाता है कि ऑटिज्म के स्टैटिसटिक्स या नंबर जो है, वह 54 में एक बच्चे को ऑटिज्म होता है. यह एक न्यूरोडेवलपमेंट कंडीशन है. न्यूरो यानी यह दिमाग़ पर असर करता है और डेवलपमेंटल का मतलब है कि यह बच्चों के विकास पर असर करता है.

चिंतित माता-पिता…
जब माता-पिता को पता चलता है कि उनके बच्चे को ऑटिज्म है, तब मैंने देखा है कि ज़्यादातर पैरेंट्स बहुत ही उदास-परेशान हो जाते हैं. उन्हें चिंता रहती है कि हम बच्चे के साथ क्या करेंगे, कैसे सिखाएंगे, क्या वह स्कूल जाएगा, क्या वह बड़ा होकर नौकरी कर पाएगा… ये तमाम चिंताएं उनके दिमाग़ में आती है. जिन माता-पिता को उनके परिवार का साथ मिलता है और जो माता-पिता अपने आपको संभाल पाते हैं, उनके बच्चे ज़्यादातर विकास करते हैं. इसका मतलब यह है कि माता-पिता की मानसिक स्थिति पर ध्यान देना बहुत ही ज़रूरी है. ऑटिज्म एक ऐसा कंडीशन है, जिसका असर सिर्फ़ बच्चे पर नहीं, बल्कि परिवार पर भी होता है. इसलिए हमें यह ध्यान देना चाहिए कि सिर्फ़ बच्चा ही नहीं सीख रहा है, बल्कि पूरे परिवार का विकास हो रहा है. उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए.

प्रोत्साहित करें…
जब हम ऑटिस्टिक बच्चों के साथ काम करते हैं, तब हमें सबसे पहले यह ध्यान में रखना चाहिए कि उनसे वह अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए, जो हम एक न्यूरोटिपिकल बच्चे के साथ रखते हैं. अगर हम किसी व्यक्ति के साथ काम कर रहे हैं, जो देख नहीं पाते हैं, तो हम उनसे यह अपेक्षा थोड़ी रखते हैं कि एक दिन वह देख पाएंगे? इसी तरह से हमें उनके साथ यह अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए कि वह न्यूरोटिपिकल बन जाएंगे. साथ ही हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि बच्चों को क्या पसंद है. इन बच्चों में मोटिवेशन बहुत ही कम होता है. इसलिए जो भी चीज़ उनको पसंद है, भले ही वह दूसरे बच्चों को जो पसंद है वह नहीं हो, उस चीज़ के साथ हमें उनके साथ काम करना है. उनके लगातार प्रोत्साहित करते रहना है. इससे उनका मोटिवेशन बढ़ेगा और वह काम करना पसंद करेंगे.

मानसिक स्तिथि…
ऑटिस्टिक बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कभी भी हमें उन्हें यह महसूस नहीं होने देना है कि वह हम से कम हैं. वह अलग ज़रूर हो सकते हैं, लेकिन कम नहीं है. उनमें कोई कमी का एहसास उन्हें हमें कभी महसूस नहीं होने देना चाहिए. इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य सही रहेगा. उनको जो अच्छा लगता है, उसी को ध्यान में रखकर उनके साथ काम करना चाहिए. उनकी जो रूचि है, उसे बढ़ानी चाहिए. कई इस तरह के बच्चे हैं, जिन्होंने उनकी रुचि को लेकर करियर बनाया. कई बच्चे बहुत सफल भी हुए, इसलिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए. उनकी मानसिक स्थिति को बनाए रखना चाहिए. उन्हें यह कभी महसूस नहीं करने देना चाहिए कि उनमें कोई कमी है. इसकी बजाय उनके जो अच्छे पॉइंट है, उस पर ध्यान देना चाहिए. उन्हें उनके बारे में बताना चाहिए और उनकी मुश्किलों पर काम करना चाहिए, पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए. इसी तरह से हम उनकी मानसिक स्थिति को बनाए रख सकते हैं.

अभिभावकों का नज़रिया…
हमारे घर में जो वातावरण है वह बहुत ही ख़ुशनुमा वातावरण है. हम सब हंसते-खेलते हैं, बहुत ही ख़ुश हैं. हां पहले-पहले बच्चे की अवस्था को लेकर तनाव होता रहता था, हम बहुत परेशान होते रहते थे. लेकिन धीरे-धीरे हमने सब संभाल लिया. अब हमारे घर का वातावरण ख़ुशनुमा है.

पैरेंटिंग गाइड…
दूसरे बच्चों के माता-पिता को मैं यही कहूंगी कि अगर आप हर वक़्त उदास रहेंगे, हर समय तनाव में रहेंगे, तो यह एंग्जाइटी आपके बच्चों पर आएगी. वह अच्छी तरह से सीख नहीं पाएंगे. आपका तनाव उनके ऊपर आ जाएगा. तो इसकी बजाय आप अपने पास जो बच्चा है, उसे लेकर ख़ुश रहना सीखें. उसके साथ काम करना सीखें. धीरे-धीरे आप देखेंगे कि आपका बच्चा ना केवल अच्छी तरह से सीख पाएगा, बल्कि वह बहुत ख़ुश भी रहेगा. यही तो सभी पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए चाहते हैं.

– ऊषा गुप्ता


यह भी पढ़ें: बच्चे की इम्युनिटी को कमज़ोर करती है उसकी ये 8 बुरी आदतें (8 Habits That Can Weaken A Child’s Immunity)


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Usha Gupta

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