Kavitayen

काव्य: तुम्हारे शहर की अजब कहानी… (Poetry: Tumhare Shahar Ki Ajab Kahani…)

तुम्हारे शहर की अजब कहानी है… काग़ज़ों की कश्ती है, बारिशों का पानी है… मिलते तो हैं लोग मुस्कुराकर यहां,…

कविताएं- कोरोना काल.. यह भी ज़रूरी था…(Poetries- Corona Kaal.. Yah Bhi Zaroori Tha…)

इतनी क्यूं है हलचल मन घबराए हर पल बस जहां देखो वहीं है इस मुए कोरोना वायरस की दहशत वायरस…

दीपावली पर विशेष- कविताएं: दिवाली की झालरें… (Kavitayen- Diwali Ki Jhalaren… Main Roshani Sa…)

दिवाली की झालरें… ..टिम-टिम करती रंग-बिरंगी झिलमिलाती हुईं झालरें बतियाती रही रातभर दो सहेलियों की तरह कभी हंसतीं-खिलखिलाती.. कभी चुप-चुप…

हास्य कविताएं- करोना कहर (Hasay Kavitayen- Corona Qahar…)

झूठ-मूठ खांसा क्या बहू ने बन गए झटपट काम पलंग छोड़ सासू भागी, उनका जीना हुआ हराम जीना हुआ हराम…

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