ब्राह्मी के चमत्कारी फ़ायदे (Miraculous Benefits Of Brahmi)

ब्राह्मी को विटामिन और मिनरल का अच्छा स्रोत माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी पित्तनाशक, बुद्धिवर्धक, ठंडक देने के साथ शरीर से विषैले पदार्थों…

ब्राह्मी को विटामिन और मिनरल का अच्छा स्रोत माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी पित्तनाशक, बुद्धिवर्धक, ठंडक देने के साथ शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है. ब्राह्मी के तने व पत्तियां मुलामय व गूदेदार होते है. असली ब्राह्मी की एक टहनी में कई सारे पत्ते होते हैं और इसके फूल सफ़ेद‌ व छोटे-छोटे होते हैं.
त्वचा संबंधी बीमारियों में ब्राह्मी फ़ायदेमंद है. यह खून को साफ़ करने के साथ कफ़ को भी दूर करता है. बालों को मज़बूत व घना बनाने के साथ रूसी, दोमुंहे बाल, गंजापन और बालों को झड़ना भी रोकता है. ब्राह्मी वटी स्वाद में कसैली, तीखी व ठंडी तासीरवाली बूटी है. यह त्रिदोष का नाश करने, आयु बढ़ाने, प्रसूति महिलाओं के स्तनों के दूध को बढ़ाने व मस्तिष्क को शांति देनेवाली है. ब्राह्मी जन्मजात तुतलाहट की बीमारी में भी फ़ायदेमंद है. ब्राह्मी तेल आयुर्वेदिक तेल है, जिसे तिल के तेल या नारियल के तेल के साथ इस्तेमाल करना अधिक लाभदायक है. दिल की कमज़ोरी में इसका इस्तेमाल फ़ायदेमंद है. डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी ब्राह्मी उपयोगी है. यह शुगर के लेवल को नियंत्रित करती है. ब्राह्मी का नियमित रूप से उपयोग करने से इम्युनिटी मज़बूत होती है.

घरेलू नुस्ख़े

• सिरदर्द, पीठदर्द, मांसपेशियों में दर्द होने पर ब्राह्मी तेल से हल्का मसाज करने से राहत मिलती है.
• ब्राह्मी के पत्‍ते के रस को पेट्रोल के साथ मिलाकर लगाने से गठिया की समस्या दूर होती है.
• मानसिक व शारीरिक ताक़त बढाने के लिए १०-१० ग्राम ब्राह्मी, सौंठ, खसखस, सूखा साबुत धनिया और गोखरू, ३ ग्राम बादामगिरी, ५-५ ग्राम त्रिफला, शतावर और अश्वगंधा को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें. ३-३ ग्राम चूर्ण को सुबह-शाम दूध से लेें. इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है. साथ ही चश्मे के नंबर में भी कमी आती है.
• क्या आप जानते हैं कि ब्राह्मी तनाव में भी राहत देती है. इसके लिए ५-५ ग्राम ब्राह्मी व शंखपुष्पी, 6 ग्राम बादामगिरी, 3 ग्राम इलायची के दाने, 6 ग्राम खसखस सभी को मिलाकर पीस लें. इसे ठंडई की तरह पीने से तनाव में लाभ होता है.
• इसके अलावा चिंता और तनाव होने पर ब्राह्मी के पौधे की पत्तियों को भी चबाया जा सकता है.


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• ब्राह्मी की‌ १-१ टेबलेट सुबह-शाम दूध के साथ लेने से दिमाग़ मज़बूत होता है.
• नींद न आने की परेशानी में ब्राह्मी के ५ ग्राम चूर्ण को आधा लीटर दूध में उबालकर व छानकर ठंडा करें. इसे पीने से अनिद्रा और पुरानी नींद न आने की समस्या भी दूर होती है.
• ब्राह्मी के सेवन से मिर्गी में भी मदद मिलती है और यह बीमारी ठीक होती है.
• ब्राह्मी के रस एंटीऑक्सीडेंट और एडेप्टोजेनिक होते हैं, जिसके प्रभाव से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी सांस संबंधी बीमारियां ठीक होती हैं.
• यह शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी को निकालकर वॉटर रिटेंशन, किडनी, स्टोन, अन्य बीमारियों से छुटकारा दिलाने में भी कारगर साबित होती है.
• सूजन और झुर्रियों को दूर करने में भी ब्राह्मी फ़ायदेमंद है. ब्राह्मी के चूर्ण को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर फेस पैक की तरह लगाएं. इससे चेहरा चमक उठता है और सूजन भी कम होती है.
• बालों के गिरने की समस्या हो, तो ब्राह्मी, आंवला, भृंजराज को एक साथ पीसकर मिश्रण बना लें. इस मिश्रण को रातभर लोहे की कढ़ाई में रखें. सुबह इस पेस्ट को बालों में लगाकर 10-15 मिनट तक रखें. हफ़्ते में दो बार ऐसा करने से बालों का गिरना बंद हो जाता है.
• गर्दन और छाती पर ब्राह्मी का पेस्ट लगाने से निमोनिया से बचा जा सकता है.
• ब्राह्मी में रक्‍त शुद्ध करने के गुण पाए जाते हैं, जिससे स्कीन संबंधी बीमारियां ठीक करने में मदद मिलती है.
• ब्राह्मी का चाय बेहद फ़ायदेमंद होता है. ब्राह्मी चाय‌ बनाने के लिए ब्राह्मी के पांच से सात पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं.

रिसर्च
रिसर्च से यह साबित हुआ है कि ब्राह्मी कैंसर के ख़तरे को भी कम करता है. ब्राह्मी कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद करता है. एक अन्य अध्ययन के अनुसार इस जड़ी-बूटी में ऐसे एंटी कैंसर गुण है, जो ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है.


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सुपर टीप
मानसिक बीमारियों में ब्राह्मी के पत्तों के चूर्ण का सेवन लाभदायक होता है.

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Published by
Usha Gupta

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