पथरी दूर करने के उपयोगी घरेलू उपाय (Natural Remedies For Kidney Stones)

 

यूरिन प्रक्रिया में किसी कारणवश रुकावट होने से यूरिन की मात्रा में कमी आ जाती है. परिणामस्वरूप अतिरिक्त लवण व कैल्शियम तत्व किडनी में एकत्रित होकर कठोर रूप धारण कर लेते हैं, जिसे पथरी कहते हैं.

 

आम के ताज़े पत्ते छाया में सुखाकर बारीक़ पीस लें. हर रोज़ 8 ग्राम बासी पानी के साथ सुबह खाएं.
*  सेब का रस पीते रहने से पथरी बनना बंद हो जाती है और पथरी गलकर यूरिन द्वारा बाहर आ जाती है.
* आंवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है.
* जामुन की गुठली का चूर्ण दही के साथ खाने से पथरी आसानी से गल जाती है.
* नारियल का पानी पीते रहने से पथरी के दर्द से राहत मिलती है.
* 30 मि.ली. चुकंदर का रस दिन में चार बार पीने से पथरी गल जाती है.
* अखरोट को साबूत कूटकर (छिलके और गिरी सहित) एक-एक चम्मच सुबह-शाम ठंडे पानी से लेने से पथरी ठीक हो जाती है.
* नीम के पत्तों की राख 6 ग्राम ठंडे पानी से तीन बार हर रोज़ लें. कुछ ही दिनों में गुर्दे और मूत्राशय की पथरी निकल जाएगी.

नीम के पत्तों की राख बनाने की विधिः नीम के पत्तों को छाया में सुखाकर बर्तन में जलाएं. जल जाने पर बर्तन का मुंह ढंक दें. चार घंटे बाद पत्तियों को निकालकर पीस लें. यह नीम की राख है.

* प्याज़ के रस में शक्कर डालकर शर्बत बनाकर दस-पंद्रह दिनों तक सेवन कीजिए. पथरी गलकर बाहर निकल जाएगी.
* सूखे आंवले को पीसकर उसे मूली पर लगाएं और चबा-चबाकर खाएं. यदि सवेरे खाली पेट ही यह प्रयोग करें, तो शीघ्र पथरी बाहर
निकल आएगी.
* तीन-चार बादाम को चबा-चबाकर खाने से एक महीने में ही पथरी से आराम मिलता है. यदि दर्द ज़्यादा होता हो या यूरिन में परेशानी हो, तो रात को बादाम भिगोकर सुबह गुलाब के ताज़ा फूलों के साथ पीसकर ठंडे दूध के साथ सेवन करें.
* गुर्दे की पथरी से मुक्ति पाने के लिए काजू को दूध के साथ पीसकर उसे दिन में तीन-चार बार सेवन करें, अवश्य लाभ होगा.
* पथरी कैसी भी हो, नियमित रूप से करेले का रस छाछ के साथ पीएं. इस प्रयोग को तब तक जारी रखें, जब तक कि पथरी गलकर बाहर न निकल जाए.
* खीरे, गाजर और जामुन का रस पथरी में गुणकारी होता है.
* रात को चने की दाल भिगोकर सुबह-सुबह शहद के साथ सेवन करें, पथरी गलने लगेगी.

परहेज़

नियमित रूप से अधिक से अधिक पानी पीएं. पानी की जगह दूसरे पेय पदार्थ भी लिए जा सकते हैं. बारली वॉटर भी पथरी रोग में हितकारी है. पालक, सरसों का साग, बथुआ, मूली के पत्ते, मेथी, टमाटर, चौलाई, चॉकलेट, नॉन वेज, अंडे, मछली आदि अपथ्य हैं. इनके सेवन से बचें. खानपान ठीक रखने से पथरी रोग से बचा जा सकता है.

सुपर टिप

मूली का 35 ग्राम बीज आधा लीटर पानी में उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो उसे छानकर पीएं. ऐसा 30 दिनों तक करें, तो मूत्राशय की पथरी गल जाएगी.

 

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Usha Gupta :
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