Najam

नज़्म- एहसास (Nazam- Ehsaas)

किसी रिश्ते में वादे और स्वीकारोक्ति ज़रूरी तो नहीं कई बार बिना आई लव यू  कहे भी तो प्यार होता…

कविता- सिर्फ़ लिखी थी एक कविता, खाली लिफ़ाफ़ों से क्या कहूं… (Poetry- Sirf Likhi Thi Ek Kavita, Khali Lifafon Se Kya Kahoon…)

सुबहों को व्यस्त ही रखा, दुपहरियां थकी-थकी सी रही कुछ जो न कह सकी, इन उदास शामों से क्या कहूं..…

नज़्म- मुहब्बत (Nazam- Mohabbat…)

मुहब्बत इस जहां के जर्रे जर्रे में समाई है मुहब्बत संत सूफी पीर पैगम्बर से आई है कोई ताकत मिटा…

काव्य- सफ़र है ये, कुछ तो छूटना ही था… (Kavya- Safar Hai Yeh, Kuch Toh Chhutna Hi Tha…)

अलग फ़लसफ़े हैं हमेशा ही तेरे, सुन ऐ ज़िंदगी बटोरकर डिग्रियां भी यूं लगे कि कुछ पढ़ा ही नहीं ये…

कविता- कहानी… (Poetry- Kahani…)

कहानी अपना लेखक ख़ुद खोज लेती है जब उतरना होता है उस भागीरथी को पन्नों पर सुनानी होती है आपबीती…

कविता- तुम दूर ही अच्छे हो… (Kavita- Tum Dur Hi Achche Ho…)

तुम और मैं मिले तो मुझे अच्छा लगा गुज़रे वक़्त की कसक कुछ कम हुई परंतु मन के डर ने…

कविता- अभिव्यक्ति है आंखें… (Kavita- Abhivyakti Hai Aankhen…)

नेत्र कहूं नयन कहूं या कहूं मैं चक्षु आंखों की भाषा सिर्फ़ नहीं है अश्रु जीवन का दर्पण है आंखें…

कविता- युग बदलते रहे… (Kavita- Yug Badlate Rahe…)

वस्त्रहरण दौपदी का, हुआ था युगों पहले धृतराष्ट्र के द्यूत क्रीड़ागृह में युगों के प्रवाह में नष्ट नहीं हुआ वो…

ग़ज़ल- तस्तीक़ (Shayari- Gazal- Tastik)

अब न कोई शक़-ओ-शुबा है, हर ढंग से तस्तीक़ हो गई निराशाओं से लड़ने की, मेरी बीमारी ठीक हो गई…

काव्य- मेरी हस्ती निसार हो जाए… (Kavya- Meri Hasti Nisar Ho Jaye…)

सांस, ख़ुशबू गुलाब की हो धड़कन ख़्वाब हो जाए उम्र तो ठहरी रहे हसरत जवान हो जाए बहार उतरे तो…

काव्य- आईने के एहसास (Kavya- Aaine Ke Ehsaas)

मैं ख्वाब देखता थातुम ख्वाब हो गए उम्मीद के शहर में तुम प्यास हो गए उम्र मेरी एक दिन लौट…

ग़ज़ल- याद तुम आए बहुत… (Gazal- Yaad Tum Aaye Bahut…)

जब ज़िक्र फूलों का आया, याद तुम आए बहुत चांद जब बदली से निकला, याद तुम आए बहुत कुछ न…

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