सरसों के तेल के इन 25 से ज़्यादा हेल्थ और ब्यूटी बेनेफ़िट्स के बारे में नहीं जानते होंगे आप! (25+ Incredible Health And Beauty Benefits Of Mustard Oil, You May Not Have Known)

सरसों के तेल में काफ़ी गुण हैं और सर्दियों में तो यह वरदान है, ना सिर्फ़ हेल्थ बल्कि इसके ब्यूटी बेनीफिट्स भी हैं.  हेल्थ बेनीफिट्स इसमें एंटीबैक्टीरीयल, एंटीफ़ंगल और एंटीकर्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज़ हैं जो कैन्सर जैसे गंभीर रोग से बचाव करती हैं. यह पेट व मलाशय के कैन्सर से बचाता है. कई तरह के इन्फ़ेक्शंस से भी बचाने में यह कारगर है. खाना बनाने मेंइसका प्रयोग बेहद फ़ायदेमंद है.इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए ये सर्दी-ज़ुकाम से भी बचाव करता है. सरसों के तेलवाली स्टीम लेने से सीने औरनाक में जमा कफ निकल जाता है. यह साइनस से भी बचाव करता है. सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां और एक चम्मच अजवायन मिलाकरगर्म करें और इससे तलवों और सीने की मालिश करें. सर्दी से बचे रहेंगे.यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है. सरसों के तेल की मालिश करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचारभी बेहतर होता है. इस तेल की मालिश करने के बाद स्नान करने से शरीर स्वस्थ रहता है. नहाने के बाद भी इसे लगा सकते हैं. नाक, कान और नाभि में इसे लगाएं. यह दांतों को मज़बूत और स्वस्थ बनाता है. दांतों में तकलीफ हो तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों औरमसूड़ों की मालिश करें. सरसों के तेल की मालिश से जोड़ों का दर्द और गठिया रोग भी ठीक हो जाता है.सरसों के तेल का प्रयोग हार्ट के लिए भी हेल्दी माना जाता है. इसे यूज़ करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज़ का खतरा भीकम होता है. इसमें सैचुरेटेड फ़ैटी ऐसिड्स कम होता है और एसेंशियल फ़ैटी ऐसिड्स इसमें काफ़ी मात्रा में होते हैंजिससे ये खाने में प्रयोग का हेल्दी ऑप्शन है. यह हार्ट फेल और ऐंजाइना के ख़तरे को कम करता है और जिन्हेंहृदय रोग है उनके लिए यह बेहतरीन ऑप्शन है.जिन्हें सांस संबंधी समस्या हो या अस्थमा की शिकायत हो तो उनके लिए भी सरसों का तेल वरदान साबित हुआ है. सरसों में मैग्नीशियम पाया जाता है और सरसों के तेल में पाया जानेवाला सेलेनियम अस्थमा के प्रभाव को कमकरने में कारगर साबित होता है.यह मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है, सर्कुलेशन और ब्रेन फ़ंक्शन को भी इम्प्रूव करता है क्योंकि इसमें स्टिम्युलंटप्रॉपर्टी होती है. ये पाचन तंत्र को बेहतर करके भूख लगने में मदद करता है. अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल काउपयोग करें.ये वज़न को घटाने में भी सहायक है. इसमें मौजूद विटामिन्स मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन घटाने में मददमिलती है.ये इन्सेक्ट बाइट और रैशेज़ के प्रभाव को कम करता है. अगर किसे कीड़े या मच्छर ने काट लिया है तो वहां इसेअप्लाई करें. इसी तरह रैशेज होने पर भी यहां तक कि छोटे बच्चों को नैपी रैश होने पर भी इसे यूज़ किया जाता है. ब्यूटी बेनीफिट्स यह बेहतरीन मॉइश्चराइज़र है, ठंड में ड्राई स्किन को हेल्दी ग्लो देना हो तो गुनगुने सरसों के तेल की मालिश करें.इसे बेसन और हल्दी में मिलाकर उबटन तैयार करें, त्वचा निखर जाएगी.एंटीफ़ंगल प्रॉपर्टीज़ के कारण ये फ़ंगल इंफ़ेक्शन से बचाता है. विटामिन ई का ये बेहतरीन स्रोत है, ये रिंकल्स और फ़ाइन लाइंस को कम करता है.ये बालों के लिए भी बेहद लाभकारी है. हेयर फ़ॉल को रोकता है, स्काल्प में ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर करके बालों कीग्रोथ भी बेहतर करता है.यह सनटैन को दूर करने में भी मदद करता है.यह फटे होंठों को नर्म मुलायम बनाता है.इसमें विटामिन बी कॉमप्लेक्स भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इसे अप्लाई करनेसे स्किन टोन बेहतर होती है, दाग और झाइयों से भी छुटकारा मिलता है.इसमें एंटी एजिंग तत्व होते हैं जो आपको देते हैं यंगर स्किन.ये है नेचुरल सनस्क्रीन, जो अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाव करता है. घर से बाहर जाने से पहले हल्का सा ऑइलस्किन पर अप्लाई करें और सूरज की हानिकारक किरणों से बचें.यह बालों को असमय सफ़ेद होने से रोकता है. दही में सरसों का तेल मिलाकर बालों में लगाने से कई तरह की बालोंकी समस्या से छुटकारा मिलता है.अगर बाल समय से पहले सफ़ेद हो रहे हैं तो सोने से पहले सरसों के तेल की मालिश करें या सुबह बाल धोने से एकया आधे घंटे पहले तेल लगाएं, लाभ होगा.अगर डैंड्रफ की समस्या है और इचि स्काल्प से परेशान हैं तो स्काल्प मसाज करें. चाहें तो सरसों और नारियल तेलको सामान मात्रा में मिला लें. स्काल्प मसाज करें, टोवेल से कवर करें और दो घंटे बाद शैम्पू कर लें. रिंकू शर्मा -- 

सरसों के तेल में काफ़ी गुण हैं और सर्दियों में तो यह वरदान है, ना सिर्फ़ हेल्थ बल्कि इसके ब्यूटी बेनीफिट्स भी हैं. 

हेल्थ बेनीफिट्स

  • इसमें एंटीबैक्टीरीयल, एंटीफ़ंगल और एंटीकर्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज़ हैं जो कैन्सर जैसे गंभीर रोग से बचाव करती हैं. यह पेट व मलाशय के कैन्सर से बचाता है. कई तरह के इन्फ़ेक्शंस से भी बचाने में यह कारगर है. खाना बनाने मेंइसका प्रयोग बेहद फ़ायदेमंद है.
  • इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए ये सर्दी-ज़ुकाम से भी बचाव करता है. सरसों के तेलवाली स्टीम लेने से सीने औरनाक में जमा कफ निकल जाता है. 
  • यह साइनस से भी बचाव करता है. सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां और एक चम्मच अजवायन मिलाकरगर्म करें और इससे तलवों और सीने की मालिश करें. सर्दी से बचे रहेंगे.
  • यह शरीर में गर्माहट पैदा करता है. सरसों के तेल की मालिश करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचारभी बेहतर होता है. 
  • इस तेल की मालिश करने के बाद स्नान करने से शरीर स्वस्थ रहता है. नहाने के बाद भी इसे लगा सकते हैं. नाक, कान और नाभि में इसे लगाएं. 
  • यह दांतों को मज़बूत और स्वस्थ बनाता है. दांतों में तकलीफ हो तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों औरमसूड़ों की मालिश करें. 
  • सरसों के तेल की मालिश से जोड़ों का दर्द और गठिया रोग भी ठीक हो जाता है.
  • सरसों के तेल का प्रयोग हार्ट के लिए भी हेल्दी माना जाता है. इसे यूज़ करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज़ का खतरा भीकम होता है. इसमें सैचुरेटेड फ़ैटी ऐसिड्स कम होता है और एसेंशियल फ़ैटी ऐसिड्स इसमें काफ़ी मात्रा में होते हैंजिससे ये खाने में प्रयोग का हेल्दी ऑप्शन है. यह हार्ट फेल और ऐंजाइना के ख़तरे को कम करता है और जिन्हेंहृदय रोग है उनके लिए यह बेहतरीन ऑप्शन है.
  • जिन्हें सांस संबंधी समस्या हो या अस्थमा की शिकायत हो तो उनके लिए भी सरसों का तेल वरदान साबित हुआ है. सरसों में मैग्नीशियम पाया जाता है और सरसों के तेल में पाया जानेवाला सेलेनियम अस्थमा के प्रभाव को कमकरने में कारगर साबित होता है.
  • यह मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है, सर्कुलेशन और ब्रेन फ़ंक्शन को भी इम्प्रूव करता है क्योंकि इसमें स्टिम्युलंटप्रॉपर्टी होती है. 
  • ये पाचन तंत्र को बेहतर करके भूख लगने में मदद करता है. अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल काउपयोग करें.
  • ये वज़न को घटाने में भी सहायक है. इसमें मौजूद विटामिन्स मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन घटाने में मददमिलती है.
  • ये इन्सेक्ट बाइट और रैशेज़ के प्रभाव को कम करता है. अगर किसे कीड़े या मच्छर ने काट लिया है तो वहां इसेअप्लाई करें. इसी तरह रैशेज होने पर भी यहां तक कि छोटे बच्चों को नैपी रैश होने पर भी इसे यूज़ किया जाता है.

ब्यूटी बेनीफिट्स

  • यह बेहतरीन मॉइश्चराइज़र है, ठंड में ड्राई स्किन को हेल्दी ग्लो देना हो तो गुनगुने सरसों के तेल की मालिश करें.
  • इसे बेसन और हल्दी में मिलाकर उबटन तैयार करें, त्वचा निखर जाएगी.
  • एंटीफ़ंगल प्रॉपर्टीज़ के कारण ये फ़ंगल इंफ़ेक्शन से बचाता है. 
  • विटामिन ई का ये बेहतरीन स्रोत है, ये रिंकल्स और फ़ाइन लाइंस को कम करता है.
  • ये बालों के लिए भी बेहद लाभकारी है. हेयर फ़ॉल को रोकता है, स्काल्प में ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर करके बालों कीग्रोथ भी बेहतर करता है.
  • यह सनटैन को दूर करने में भी मदद करता है.
  • यह फटे होंठों को नर्म मुलायम बनाता है.
  • इसमें विटामिन बी कॉमप्लेक्स भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है. इसे अप्लाई करनेसे स्किन टोन बेहतर होती है, दाग और झाइयों से भी छुटकारा मिलता है.
  • इसमें एंटी एजिंग तत्व होते हैं जो आपको देते हैं यंगर स्किन.
  • ये है नेचुरल सनस्क्रीन, जो अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाव करता है. घर से बाहर जाने से पहले हल्का सा ऑइलस्किन पर अप्लाई करें और सूरज की हानिकारक किरणों से बचें.
  • यह बालों को असमय सफ़ेद होने से रोकता है. दही में सरसों का तेल मिलाकर बालों में लगाने से कई तरह की बालोंकी समस्या से छुटकारा मिलता है.
  • अगर बाल समय से पहले सफ़ेद हो रहे हैं तो सोने से पहले सरसों के तेल की मालिश करें या सुबह बाल धोने से एकया आधे घंटे पहले तेल लगाएं, लाभ होगा.
  • अगर डैंड्रफ की समस्या है और इचि स्काल्प से परेशान हैं तो स्काल्प मसाज करें. चाहें तो सरसों और नारियल तेलको सामान मात्रा में मिला लें. स्काल्प मसाज करें, टोवेल से कवर करें और दो घंटे बाद शैम्पू कर लें.

रिंकू शर्मा

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