जैकलीन (Jacqueline Fernandez) की मां किम फर्नांडिस (Kim Fernandez) का पिछले साल 6 अप्रैल, 2025 को निधन हो गया था. अब मां के निधन के एक साल बाद मां को अंतिम विदाई देने जैकलीन का वाराणसी (Jacqueline Fernandez visits Varanasi) पहुंचीं और गंगा में मां की अस्थियां प्रवाहित की.

जैकलीन मां की अस्थियां लेकर रविवार, 15 मार्च को काशी (Kashi) पहुंची थीं. उनके साथ उनके पिता एलरॉय फर्नांडीज भी थे. जैकलीन फर्नांडिस ने पिता के साथ गंगा में अपनी मां की अस्थियां विसर्जित (Jacqueline Fernandez performs asthi visarjan of her mother) कीं. जैकलीन ने पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक रस्में निभाईं. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने अपनी मां की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं. इस पूरे अनुष्ठान के दौरान जैकलीन बेहद शांत और इमोशनल नज़र आईं.

जैकलीन फर्नांडिस बनारस में करीब डेढ़ घंटे रही थीं. वह ताज होटल में रुकी थीं जहां से सीधे मणिकर्णिका घाट पहुंची. वहां से अपने पिता के साथ नाव में बैठकर गंगा के बीचों-बीच गईं और वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मां का अस्थि विसर्जन किया. उनकी इस बनारस यात्रा को बेहद गुप्त रखा गया था. जैकलीन चाहती थीं कि वो आम इंसान की तरह अस्थि विसर्जन करें. इसलिए अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने दुपट्टे से मुंह ढंक रखा था.

अस्थि विसर्जन के बाद जैकलीन बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दरबार में भी पहुंचीं और बाबा के सामने माथा टेककर उनका आशीर्वाद लिया. मां की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने की वजह बताते हुए जैकलीन ने कहा कि उन्हें सनातन धर्म की परंपराएं औ आध्यात्मिकता बहुत पसंद है. इसलिए उन्होंने अपनी मां की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए काशी जैसी पवित्र जगह को चुना. उन्होंने कहा कि गंगा में मां की अस्थियां विसर्जित करना उनके प्रति उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है.

बता दें कि जैकलीन ईसाई हैं, लेकिन उन्हें हिन्दू धर्म से बेहद लगाव है. उन्हें अक्सर मंदिरों में पूजा पाठ करते देखा जाता है. कुछ दिनों पहले वो महाकाल मंदिर भी पहुंची थीं.

