Shayeri

ग़ज़ल (Shayari: Gazal)

दग़ाबाज़ दुनिया हसीं दिख रही है बता साकिया तूने क्या दे दिया है दराज़-ए-उमर की दुआ देने वालों न दो ...

काव्य- कसक (Kavay- Kasak)

बिखरते ख़्वाबों को देखा सिसकते जज़्बातों को देखा रूठती हुई ख़ुशियां देखीं, बंद पलकों से, टूटते ...

काव्य- सावन से पहले चले आना… (Kavay- Sawan Se Pahle Chale Aana…)

सुनो ना… सावन से पहले चले आना बड़ा तरसी है आरज़ू तेरी ख़ातिर इस बरस खुल के बरस जाना मद्धिम हवा को ...

ग़ज़ल- जब भी मैंने देखा है… (Gazal- Jab Bhi Maine Dekha Hai…)

जब भी मैंने देखा है दिलदार तुम्हारी आंखों में चाहत का इक़रार मिला हर बार तुम्हारी आंखों में   ...

काव्य- उम्मीद की ज़रूरत क्या है? (Kavay- Ummeed Ki Zarurat Kya Hai?)

  आईने को आईने की ज़रूरत क्या है दिल हो आईना तो सूरत की ज़रूरत क्या है ज़िंदगी मुश्किल है या आसां ...

ग़ज़ल- बहार का तो महज़… (Gazal- Bahar Ka To Mahaz…)

बहार का तो महज़ एक बहाना होता है तुम्हारे आने से मौसम सुहाना होता है   वाइज़ हमें भी कभी मयकदे का ...

Best Hindi gazal

ग़ज़ल- तेरी पाकीज़गी में हमदम (Gazal- Teri Pakeezgi Mein Humdam)

मेरी आंख से बता क्यों ख़्वाब झांकता है एहसास का समंदर तेरी आंख में छुपा है दिल मेरा स़िर्फ ...

काव्य- वो निगाह मेरी है… (Kavya- Wo Nigah Meri Hai…)

  कुछ तो मिलता है सोच कर तुझको हर उड़ान की जद में आसमां नहीं होता   दिल अगर आंख, आंख दिल होती तो ...

कविता- ज़रूरी थी… (Kavita- Zaruri Thi…)

बाकी थी तमन्नाएं हसरत अधूरी थी चाहतें तड़पती थीं और दुआ अधूरी थी फिर तेरी आंख से जीने का उजाला ...

Gazal

ग़ज़ल- ऐ दोस्त यह जीने का कोई ढंग नहीं है… (Ghazal- Ae Dost Yah Jeene Ka Koi Dhang Nahi Hai…)

ऐ दोस्त यह जीने का कोई ढंग नहीं है कि सांस चल रही है पर उमंग नहीं है अब जिससे पूछिए, है इसी बात का ...

Gazal

ग़ज़ल- नमी आंखों में तेरी… (Gazal- Nami Aakhon Mein Teri…)

  नमी आंखों में तेरी देखकर घुटता है दम मेरा बड़ा बेचैन करता है तेरा उतरा हुआ चेहरा तेरी ...

1 2 3