Shayeri

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मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer To Nahi…)

बशीर बद्र की उम्दा ग़ज़ल  कोई फूल धूप की पत्तियों में हरे रिबन से बंधा हुआ, वो ग़ज़ल का लहजा नया-नया, न कहा हुआ न सुना हुआ जिसे ले गई अभी हवा, वे वरक़ था दिल की किताब का, कहीँ आँसुओं से मिटा हुआ, कहीं, आँसुओं से लिखा हुआ कई मील रेत को काटकर, कोई मौज … Continue reading मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer To Nahi…) »

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मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer To Nahi…)

निदा फ़ाज़ली की उम्दा ग़ज़ल  बेसन की सोंधी रोटी पर  खट्टी चटनी जैसी मां  याद आती है चौका-बासन  चिमटा फुकनी जैसी मां  बाँस की खुर्री खाट के ऊपर  हर आहट पर कान धरे  आधी सोई आधी जागी  थकी दोपहरी जैसी मां  चिड़ियों के चहकार में गूंजे राधा-मोहन अली-अली  मुर्गे की आवाज़ से खुलती  घर की … Continue reading मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer To Nahi…) »

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मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer to nahi…)

मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer to nahi…)   मिर्ज़ा ग़ालिब की उम्दा शायरी  चांदनी रात के ख़ामोश सितारों की क़सम, दिल में अब तेरे सिवा कोई भी आबाद नहीं. जी ढूंढ़ता है फिर वही फुर्सत के रात दिन, बैठे रहे तसव्वुर-ए-जहान किये हुए. आया है बे-कसी-ए-इश्क पे रोना ग़ालिब, किसके घर जायेगा … Continue reading मैं शायर तो नहीं… (Hindi Shayari: Main Shayer to nahi…) »

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