Shayeri

Gazal

ग़ज़ल- ऐ दोस्त यह जीने का कोई ढंग नहीं है… (Ghazal- Ae Dost Yah Jeene Ka Koi Dhang Nahi Hai…)

ऐ दोस्त यह जीने का कोई ढंग नहीं है कि सांस चल रही है पर उमंग नहीं है अब जिससे पूछिए, है इसी बात का ...

Gazal

ग़ज़ल- नमी आंखों में तेरी… (Gazal- Nami Aakhon Mein Teri…)

  नमी आंखों में तेरी देखकर घुटता है दम मेरा बड़ा बेचैन करता है तेरा उतरा हुआ चेहरा तेरी ...

Kavita, Kharid Laye

कविता- ख़रीद लाए… (Kavita- Kharid Laye…)

  प्यार भी खिलौने की तरह हो गया है शायद एक टूटा नहीं कि दूसरा खरीद लाए   तुम्हें पाने की हसरत ...

Kavya, Bol Rahe Log, kavita

काव्य- बोल रहे लोग… (Kavya- Bol Rahe Log…)

बोल रहे लोग कि दुनिया बदल गई! कहां बदली दुनिया? औरत तो एक गठरी तले दब गई..   गठरी हो चाहे ...

Shayari, Nida Fazli Special

शायरी: निदा फ़ाज़ली की उम्दा ग़ज़लें (Shayari: Nida Fazli Special)

ग़ज़ल 1 गिरजा में मंदिरों में अज़ानों में बट गया होते ही सुब्ह आदमी ख़ानों में बट गया इक इश्क़ नाम ...

World Poetry Day

विश्‍व काव्य दिवस- मैं जब भी अकेला होता हूं… (World Poetry Day- Main Jab Bhi Akela Hota Hoon…)

World Poetry Day मैं जब भी अकेला होता हूं क्यों ज़ख़्म हरे हो जाते हैं क्यों याद मुझे आ जाती हैं वो बातें ...

Kavya, Ek Khwahish

काव्य- एक ख़्वाहिश (Kavya- Ek Khwahish)

उस दिन हम मिले तो मिले कुछ इस तरह जैसे मिलती है धूप छाया से जैसे मोती से सीपी मिल जाए जैसे सहरा ...

कविता- काश! (Kavita- Kash!)

ज़िंदगी पूरी लगा दी एक-दूसरे को परखने में सोचती हूं काश! समय रहते कुछ वक़्त लगाया होता एक-दूसरे को ...

Valentine Special- Love Quotes

प्यार… इश्क़… मुहब्बत… (Valentine Special- Love Quotes)

मेरी कोई उम्र नहीं… कोई सीमा नहीं… और मैं कभी मरता भी नहीं… जनाब! मुझे इश्क़ कहते हैं… * हम ...

hindi kavita, hindi kavya

काव्य- जब भी मायके जाती हूं… (Kavay- Jab Bhi Mayke Jati Hun…)

  जब भी मायके जाती हूं फिर बचपन जी आती हूं टुकड़ों में बंटी ख़ुशियों को आंचल में समेट लाती हूं ...

Gazal, Thoda-Sa Aasman

ग़ज़ल- थोड़ा-सा आसमान… (Gazal- Thoda-Sa Aasman)

  ग़म इतने मिले ख़ुशी से डर लगने लगा है मौत क्या अब ज़िंदगी से डर लगने लगा है सोचा था मिलेगी ...

Gazal, Meri Tanhai

ग़ज़ल- मेरी तन्हाई (Gazal- Meri Tanhai)

  जो महफ़िलें रुलाती मुझे हैं उनसे अच्छी मेरी तन्हाई है जो महफ़िलें इल्ज़ाम लगाती हैं उनसे ...

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