ब्यूटी का मतलब स़िर्फ स्किन केयर और मेकअप नहीं होता. ब्यूटी आपकी हार्मोनल केमिस्ट्री पर भी निर्भर होती है. कौन से हार्मोन्स आपकी ब्यूटी पर क्या असर डालते हैं और इन्हें कैसे कंट्रोल में रखा जा सकता है, आइए जानते हैं.
- एस्ट्रोजन
एस्ट्रोजन को फेमिनिज़्म हार्मोन कहा जाता है.

इससे क्या प्रभावित होता है?
* स्किन डेंसिटी
* समय से पहले झुर्रियां
* हेयर ग्रोथ
* आंखों में चमक
* खराब नींद
* लो एनर्जी
* अत्यधिक वज़न
एस्ट्रोजन की कमी के लक्षण
* डिप्रेशन महसूस होना
* बेजान रंगत
* बालों का झड़ना
* ड्राई स्किन
* सेक्सुअल इच्छा में कमी
* सूजन
नॉर्मल करने के लिए क्या करें?
– रेगुलर एक्सरसाइज़ या कोई और फिजिकल एक्टिविटी करें.
– लिवर के हेल्थ पर ध्यान दें.
– अच्छी नींद बेहद ज़रूरी है.
क्या खाएं?
– फ्लेक्स सीड्स यानी अलसी
– नट्स
– तिल
– फल व सब्जियां
– एवोकैडो
– अंडे
– फिश
– ओमेगा 3 फैटी एसिड्स
- कोर्टिसोल
कोर्टिसोल को ब्यूटी किलर माना जाता है. बहुत ज़्यादा स्ट्रेस कोर्टिसोल के लेवल को बढ़ा देता है, जिसका असर ख़ूबसूरती पर पड़ता है.

इससे क्या प्रभावित होता है?
* स्ट्रेस का असर स्किन पर दिखाई देता है.
* ये ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित करता है.
* फेस यानी चेहरे पर सूजन.
* मुंहासे
* मसल्स ब्रेकडाउन
कोर्टिसोल की कमी के लक्षण
* अत्यधिक और लगातार थकान, जो आराम करने के बाद भी कम नहीं होती.
* पाचन संबंधी समस्याएं. जी मिचलाना, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द.
* हाइपरपिग्मेंटेशन. धूप के संपर्क में न आने पर भी त्वचा का काला पड़ना.
* बैठने या लेटने के बाद उठने पर चक्कर आना या हल्का महसूस होना.
* मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चिड़चिड़ापन, लो शुगर लेवल.
नॉर्मल करने के लिए क्या करें?
– मॉर्निंग वॉक की आदत डालें, खासकर नेचर के साथ टाइम बिताएं.
– नहाने के गुनगुने पानी मे मैग्नीशियम क्लोराइड या एप्सम सॉल्ट यानी मैग्नीशियम सल्फेट मिक्स करके नहाएं. इससे स्ट्रेस तो कम होता ही है, स्किन डिटॉक्स भी होती है.
– सोने से एक घंटा पहले गैजेट्स का इस्तेमाल बंद कर दें.
– एक डेली रूटीन बनाएं और उसे फॉलो करने की कोशिश करें.
क्या खाएं?
– डार्क चॉकलेट
– पम्पकिन सीड्स
– ग्रीन टी
– मैग्नीशियम और विटामिन सी
– खाली पेट कैफीन के सेवन से बचें.
- ऑक्सीटोसिन
इसे ग्लो हार्मोन भी कहा जाता है. टच या इमोशनल गर्माहट ऑक्सिटोसिन को ट्रिगर करता है.

इससे क्या प्रभावित होता है?
* यह हार्मोन त्वचा को जवां बनाए रखने, ग्लो देने और सूजन कम करने में मदद करता है.
* इसकी कमी से त्वचा पर लालिमा और रैशेज दिखने लगते हैं.
* यह हार्मोन झुर्रियों को रोकने और त्वचा में कसाव बनाए रखने में मदद करता है.
* ऑक्सीटोसिन की कमी से इलास्टिन और कोलेजन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियां जल्दी आती हैं.
ऑक्सीटोसिन की कमी के लक्षण
* दूसरों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने में कठिनाई महसूस होना.
* चिड़चिड़ापन, अकेलापन और जीवन में खुशी का अभाव.
* सामान्य से अधिक डर और चिंता का अनुभव होना.
* नींद न आना.
* बार-बार मीठी चीज़ें खाने की इच्छा होना.
* थकान और मांसपेशियों में जकड़न व दर्द.
नॉर्मल करने के लिए क्या करें?
* स्ट्रेस से बचें. भरपूर नींद लें और आराम करें.
* म्यूजिक थेरेपी भी फायदेमंद है.
* प्राणायाम और मेडिटेशन स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे ऑक्सीटोसिन का स्तर सुधरता है.
* अपने पार्टनर, बच्चों या परिवार के सदस्यों को गले लगाएं.
* अपने पेट एनिमल्स के साथ टाइम बिताएं.
क्या खाएं?
– हरी सब्जियां, ताजे फल, और विटामिन-सी युक्त आहार को अपने डायट में शामिल करें.
– डार्क चॉकलेट. इसमें भरपूर मैग्नीशियम होता है, जो ऑक्सीटोसिन रिलीज़ करने में मदद करता है.
– अखरोट, बादाम, चिया सीड्स और अलसी के बीज.
– फिश
– अनुरीता
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