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‘मरने के बाद क्या होगा, ये कोई नहीं जानता’ नाना पाटेकर के वो दमदार डायलॉग्स जो लोगों के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे Nana (‘Ek machhar’ to ‘Control Uday’ Nana Patekar’s Iconic Dialogues; Here’s looking at the legend’s classic one-liners)

सिने जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) अब हमारे बीच नहीं हैं. आज सुबह तड़के कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. वो 75 साल के थे. नाना के निधन (Nana Patekar’s death) की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है. बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत तक के दिग्गज उन्हें श्रद्धांजलि (RIP Nana Patekar) दे रहे हैं और शोक व्यक्त कर रहे हैं.

नाना बेहतरीन एक्टर थे, खासकर उनकी डायलॉग डिलीवरी का अंदाज़ उनके फैंस को बेहद पसंद आता था. सोशल मीडिया पर भी अक्सर उनके फेमस डायलॉग्स पर रील बनती रहती है. नाना ने हिंदी सिनेमा को कई फेमस डायलॉग्स दिए. आज हम उनके इन्हीं आइकोनिक डायलॉग्स (Nana Patekar’s Iconic Dialogues) को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे.

फ़िल्म: क्रांतिवीर

• ‘ये मुसलमान का खून, ये हिंदू का खून, बता इसमें मुसलमान का कौन सा.’

* ‘नफरत की एक गोली प्यार के सौ गोलियों से ज्यादा खतरनाक होती है.’

* ‘मरने के बाद क्या होगा, ये कोई नहीं जानता.’

* ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने?’

* ‘कुत्ते की तरह जीने की आदत पड़ गई है सबको.’

 

फ़िल्म: वेलकम

* ‘भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है.’

* ‘दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं…’

* ‘अपुन को जिंदगी में ज्यादा टेंशन लेने का नहीं.’

 

फ़िल्म: यशवंत

• ‘एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है.’

* ‘जिस दिन डर गया, समझो मर गया।’ –

* ‘मैं जो बोलता हूं वो करता हूं.’

* ‘सौ में अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान.’

• ‘गिरो सालो गिरो, लेकिन गिरो तो उस झरने की तरह जो पर्वत की ऊंचाई से गिरकर भी अपनी सुंदरता खोने नहीं देता. जमीन की तह से मिलके भी अपने अस्तित्व को नष्ट नहीं होने देता.’

 

फ़िल्म: अब तक छप्पन

* ‘धंधा गलत नहीं होता साहब, करनेवाला गलत होता है’

* ‘पुलिस की नौकरी में दोस्ती नहीं होती।’ –

* ‘हम पुलिस वाले हैं, कोई गुंडे नहीं।’

* ‘तुम लोग सोसाइटी के कचरा हो, मैं सोसाइटी का जमादार हूं.’

* ‘हम सब सिस्टम का हिस्सा हैं, सिस्टम डिसाइड करता है, हम फॉलो करता है.’

 

फ़िल्म: तिरंगा

* ‘अपना तो उसूल है… पहले बात, फिर लात, उसके बाद मुलाकात.’

* ‘मराठा मरता है या मारता है.’

 

फ़िल्म: परिंदा

* ‘ये दुख नाम की बीमारी का इलाज किसी डॉक्टर के पास भी नहीं है. इसका इलाज खुद ढूंढना पड़ता है. दुख को भूलना पड़ता है..’

* ‘धंधे में कोई किसी का भाई नहीं, कोई किसी का बेटा नहीं.’

* ‘बाप का नाम मत लेना!’

ये डायलॉग भी हुए काफी पॉपुलर

* ‘राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता.’ फ़िल्म: राजनीति

* ‘कैसे बताऊं मैं तुम्हें, तुम मेरे लिए कौन हो.’ फ़िल्म: वजूद

* ‘हर आदमी के अंदर एक जानवर होता है’ फ़िल्म: अग्निसाक्षी

 

नाना पाटेकर के ऐसे अनगिनत डायलॉग्स हैं, जिस पर थिएटर में जमकर सीटियां बजीं. आज वो भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन उनके ये डायलॉग्स हमेशा लोगों के दिलोदिमाग में जिंदा रहेंगे.

 

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