Close

एक्टिंग से कमाया नाम, लेकिन पहचान इंसानियत से बनाई, जानें फिल्मों से दूर नाना पाटेकर के दिल छू लेनेवाले 8 किस्से (From deep humility, patriotism and lifelong commitment to helping the underprivileged, Know unheard stories of Nana Patekar)

सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो चुके हैं. कल देर शाम पुणे में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. कई बड़े नेता और फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में उनके बेटे मल्हार ने उन्हें मुखाग्नि दी. नाना का यूं अचानक चले जाना सिने जगत के लिए ही नहीं, बल्कि उनके फैंस के लिए भी बहुत बड़ा सदमा है. सोशल मीडिया पर लोग नाना पाटेकर से जुड़ी यादें शेयर करके उन्हें याद कर रहे हैं. आज हम भी आपको पर्दे से दूर नाना की इंसानियत के वो किस्से बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर नाना के लिए आपके मन में प्यार व इज़्ज़त और बढ़ जाएगी.

 

पर्दे पर तो नाना ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग और दमदार डायलॉग डिलीवरी से खूब नाम कमाया ही, लेकिन रियल लाइफ में उन्होंने पहचान बनाई अपनी इंसानियत से, अपनी सादगी से.

 

1. गोलमाल के लिए नहीं ली कोई फीस

नाना पाटेकर ने ‘गोलमाल अगेन’ में कैमियो किया था, लेकिन इसके लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली थी. जब फिल्ममेकर रोहित शेट्टी ने नाना पाटेकर से उनकी फीस के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “तुझसे पैसे लूंगा?” उन्होंने रोहित शेट्टी से कहा कि वे उनकी फीस किसी अनाथालय को दान कर देना. रोहित शेट्टी ने खुद एक इंटरव्यू में ये किस्सा सुनाया था.

 

2. पाठशाला की पूरी फीस भी दान कर दी

फिल्म पाठशाला (Paathshaala)भारतीय शिक्षा व्यवस्था में बच्चों पर बढ़ते दबाव और तनाव पर आधारित थी. नाना पाटेकर का मानना था कि ऐसे नेक और संवेदनशील मुद्दे पर आधारित फिल्म के लिए फीस लेना सही नहीं होगा, इसलिए उन्होंने अपनी फीस समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए दान करने का फैसला किया और उन्होंने ऐसा किया भी.

 

3. कार खरीदने के लिए जमा 1.5 करोड़ किसानों को दे दिया

नाना पाटेकर के पास कार नहीं थी, तो उन्होंने कार खरीदने के लिए 1.5 करोड़ इकट्ठा किए थे. इन पैसों से वो एक अच्छी कार खरीदने वाले थे. लेकिन एक दिन उन्होंने एक खबर देखी, जिसमें किसानों ने सुसाइड किया था. उन्होंने देखा कि किसान का पूरा परिवार शोक में था. इस खबर से नाना का दिल टूट गया. उन्होंने कार खरीदने के लिए जो 1.5 करोड़ रुपए इकट्ठा किए थे, वो पैसे किसानों को दे दिए. नाना ने अपने दोस्त को फोन किया और 15-15 हजार रुपए के चेक बनवाएं और किसानों में बांट दिए.

 

4. NAAM फाउंडेशन की स्थापना

नाना पाटेकर ने किसानों के लिए NAAM फाउंडेशन की स्थापना भी की. ये फाउंडेशन सूखाग्रस्त क्षेत्रों में बेसहारा और जरूरतमंद किसानों की मदद करती है. फाउंडेशन ने कई गांवों में तालाबों को गहरा करने, नहरों की सफाई और नदियों को पुनर्जीवित करने का काम करती है.

 

5. जल संरक्षण के लिए की तमाम कोशिश

इस फाउंडेशन ने सिर्फ पैसे नहीं बांटे, बल्कि जल संरक्षण, नहरों का पुनर्जीवन, वृक्षारोपण, महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र और प्रभावित परिवारों के लिए घर निर्माण जैसे कार्य भी किए.

 

6. किसानों के लिए आरोग्य कार्ड शुरू किया

इतना ही नहीं, नाना पाटेकर ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की मदद के लिए ‘आरोग्य कार्ड’ (Aarogya Card) की पहल भी शुरू की थी. करीब 500 किसानों की विधवाओं को यह आरोग्य कार्ड प्रदान किए गए थे, जिसके तहत उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की गई.

 

7. पुरस्कार की राशि सूखाग्रस्त किसानों को दे दे

समाज सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए नाना पाटेकर ने राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार (Raj Kapoor Special Contribution Award) में मिली ₹10 लाख की पूरी राशि महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों और आत्महत्या करने वाले किसान परिवारों की मदद के लिए दान कर दी थी.

 

8. नाना पाटेकर ने शहीद जवानों के परिवार को दिए 50 लाख

नाना पाटेकर के नाम फाउंडेशन ने 102 शहीद सैनिकों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है. इसके अलावा, उन्होंने एक बार  BSF, CRPF और सेना के शहीद जवानों के परिवारों के लिए 10 करोड़ रुपये जुटाने और हर प्रभावित परिवार को ढाई-ढाई लाख रुपये देने का संकल्प भी लिया था.

Share this article