Emotional

कहानी- मुक्ति 5 (Story Series- Mukti 5)

मौत सिरहाने खड़ी है, इसीलिए मैं अपनी कमियों का विश्लेषण बहुत ईमानदारी से कर पा रही हूं. मैंने कहीं पढ़ा…

कहानी- मुक्ति 4 (Story Series- Mukti 4)

‘‘पापा, आपको अपनी पत्नी की इज़्ज़त प्यारी हो या न हो, किंतु मुझे अपनी मां से बहुत प्यार है. आपकी…

कहानी- मुक्ति 3 (Story Series- Mukti 3)

प्रथम रात्रि को सुहागरात की मधुरिम कल्पना से रोमांचित मैं अनुराग की प्रतीक्षा कर रही थी. कुछ क्षण बाद भावहीन…

कहानी- मुक्ति 2 (Story Series- Mukti 2)

इंसान की सभी कामनाएं पूर्ण हो जाएं, तब भी क्या वह मरना चाहेगा? मौत सिरहाने खड़ी हो, तो कौन जीवट…

कहानी- मुक्ति 1 (Story Series- Mukti 1)

चाहती तो यह थी कि वक़्त के साथ सांसारिक मोह-माया से धीरे-धीरे स्वयं को दूर कर लूं, किंतु मोह है…

कहानी- प्रिया का घर 5 (Story Series- Priya Ka Ghar 5)

मैं जिस शाम खुलकर प्रिया से इस बारे में बात करनेवाली थी, वो‌ शाम अपनी झोली में एक बात छुपाकर…

कहानी- प्रिया का घर 4 (Story Series- Priya Ka Ghar 4)

मैंने उसके पास जाकर कहा, "प्रिया, तुम सोचती होगी ना कि आंटी ने कहां शादी करवा दी..." उसने तुरंत मेरी…

कहानी- प्रिया का घर 3 (Story Series- Priya Ka Ghar 3)

मुझे देखते ही उसकी सूनी-सूनी आंखों में आंसू झिलमिला उठे, "क्या हुआ बेटा?" मैंने हड़बड़ाकर उसको अपने पास खींच लिया…

कहानी- प्रिया का घर 2 (Story Series- Priya Ka Ghar 2)

गुनगुनाता हुआ मेरा बेटा ऑफिस जाने की तैयारी में था... मैंने उसे रोककर पूछा, "ये... ये मफलर... ये कहां से…

कहानी- प्रिया का घर 1 (Story Series- Priya Ka Ghar 1)

विक्की मेरी ओर देखकर, एक उदास मुस्कान फेंकता और हाथ में पकड़ी किताब में फिर से खो जाता... अक्सर मैं…

कहानी- गठबंधन 4 (Story Series- Gathbandhan 4)

“चलो, चलो सब बाहर निकलें, दामादजी का फोन है. वो तो यही समझेंगे कि हमारे कारण उनकी दुल्हन उनसे बात…

कहानी- गठबंधन 3 (Story Series- Gathbandhan 3)

“उनकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता और जब थोड़ी-बहुत कर सकता था तब...” शायना के तल्ख स्वर ने बात…

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