coronavirus

कोरोना ने जहां पूरे संसार की रफ़्तार को धीमा कर दिया वहीं मानव जाति पर भी यह एक बड़ा संकट है यह कहना ग़लत नहीं होगा, ऐसे में सभी को इंतज़ार है तो बस वैक्सीन का. इसकी कोशिशें भी हो रही हैं और उम्मीद है कि जल्द ही वैक्सीन के रूप में हमारे पास कोरोना को हराने का हथियार होगा.

कई देशों में वैक्सीन के निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी भी इस ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है और भारत में सिरम इंस्टिट्यूट और आईसीएमआर के साथ मिलकर एक सशक्त वैक्सीन- ‘कोविशील्ड’ के निर्माण की दिशा में वो काफ़ी आगे बढ़ चुकी है क्योंकि उसने ह्यूमन वैक्सिनेशन भी लगभग पूरा कर लिया है और अब वो इसके असर और प्रभाव पर नज़र बनाए हुए है.
ह्यूमन ट्रायल के लिए कुल भारत में 1600 वॉलंटियर्स की ज़रूरत थी और केईएम में 100, जिसमें से एक हैं महाराष्ट्र के नामी डॉक्टर सुरेश सुंदर जिनसे हमारी इस प्रक्रिया को लेकर बात हुई और हमें इस विषय को बेहतर तरीक़े से समझने में मदद मिली.

COVID-19 Vaccine

इतने महत्वपूर्ण मिशन के लिए वॉलंटियर बनने की क्या शर्तें और मानक होते हैं?

मैं भी डॉक्टर हूं तो ज़ाहिर है हमारा संपर्क और बातचीत होती रहती है इस तरह की कोशिशों से जुड़े लोगों से, इसीलिए मुझे भी अवसर मिला कि मैं इस अच्छे काम का हिस्सा बनूं.

आप कैसे इस मिशन से जुड़े?

आप एडल्ट हों और पूरी तरह हेल्दी हों. आपको कोरोना ना हुआ हो और आप मानसिक रूप से भी मज़बूत हों. पहले स्टेप में स्क्रीनिंग होती है जिसमें आपका हेल्थ चेकअप, कोविड टेस्टिंग वैग़ैरह होता है और दूसरा स्टेप होता है काउन्सलिंग का जिसमें आपको पूरी प्रक्रिया की गंभीरता और साइडइफ़ेक्ट्स की संभावनाओं के बारे में मानसिक रूप से तैयार किया जाता है.

इसके रिस्क फ़ैक्टर्स के बारे में कुछ बताइए?

चूंकी यह पूरी तरह नई वैक्सीन है तो इसके बारे में हमें ज़्यादा कुछ पता नहीं होता, ऐसे में इसके साइडइफ़ेक्ट्स भी कई तरह के हो सकते हैं, जैसे- मसल वीकनेस, किसी तरह की कमज़ोरी और यहां तक कि जान को भी ख़तरा हो सकता है.

Dr. Suresh Sundar

ऐसे में आप और आपके परिवार वाले कैसे तैयार हुए?

मेरी पत्नी भी डॉक्टर हैं और मैं भी तो ज़ाहिर है ये वैक्सीन कितनी ज़रूरी है आज हमारे पूरे देश, दुनिया और समाज के लिए हम समझ सकते हैं. यह गर्व की बात है कि मुझे मौक़ा मिला इस तरह के कार्य का हिस्सा बनने का. चूंकी वैक्सीन को बिना ट्रायल के बाज़ार में उतारा नहीं जा सकता तो यह प्रक्रिया बेहद ज़रूरी हो जाती है.

COVID-19 Vaccine


मेरे परिजनों और दोस्तों ने मुझे हौसला दिया और यह भी कहना चाहूंगा कि प्रोफ़ेसर डॉक्टर गोगटे और केईएम डीन डॉक्टर देशमुख जिस तरह के प्रयास कर रहे हैं इस वैक्सीन के निर्माण व ट्रायल में वो क़ाबिले तारीफ़ है.

आपने अपना ट्रायल पूरा कर लिया?

मुझे 2 शॉट्स वैक्सीन के लग चुके हैं और नियम के मुताबिक़ 28 दिनों के अंतराल पर इसे लगाया जाता है. दो ही बार इसे इंजेक्ट किया जाता है और उसके बाद 5 महीनों तक मॉनिटर किया जाता है कि हमें किसी तरह के कॉम्प्लिकेशन्स या साइडइफ़ेक्ट तो नहीं हो रहे.
यह ट्रायल 5 महीनों तक चलता रहेगा और अभी तक वॉलंटियर्स को वैक्सिनेशन का काम पूरा हुआ है.

COVID-19 Vaccine

अब तक तो मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और उम्मीद है कि यह वैक्सीन जल्द ही मानकों पर खरी उतरेगी और लोगों तक पहुंचेगी!

लेकिन तब तक सभी ध्यान रखें, सुरक्षित रहें, मास्क सही तरह से मुंह और नाक ढंककर पहनें, सोशल डिसटैंसिंग का पालन करें और स्वच्छता का पूरा ख़्याल रखें, सतर्क रहें!

यह भी पढ़ें: हेल्थ अलर्ट: ब्रेस्ट कैंसर- जानें कारण, लक्षण और उपाय… (Health alert: Breast Cancer- Causes, Symptoms And Remedies)

बॉलिवुड एक्टर अर्जुन कपूर के बाद अब मलाइका अरोड़ा का भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. मलाइका अरोड़ा की बहन अमृता अरोड़ा ने इस बात की जानकारी दी है. कुछ देर पहले अर्जुन कपूर ने इंस्टाग्राम पर इस बात की जानकारी दी थी कि वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

Malaika Arora and Arjun Kapoor

अर्जुन ने लिखा है कि डॉक्टर्स की सलाह पर वो होम क्वारंटीन हैं. अर्जुन का कोरोना केस एसिमिट्रिक है यानी उन्हें कोई लक्षण नहीं हैं. अर्जुन कपूर की पोस्ट पर जाह्नवी कपूर, सिद्धांत कपूर, हर्षवर्धन कपूर, मुकेश छाबड़ा, आयशा श्रॉफ, कृति सैनन आदि सेलिब्रिटीज़ ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है.

View this post on Instagram

🙏🏽

A post shared by Arjun Kapoor (@arjunkapoor) on

अर्जुन कपूर के बाद मलाइका अब अरोड़ा का कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव आया है. बता दें कि मलाइका के शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर्स’ के सेट से 7 से 8 लोगों में कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबरें आई थीं.

यह भी पढ़ें: रोमांटिक सीन करते समय खुद पर काबू नहीं रख पाए ये 8 बॉलीवुड स्टार, एक ने तो हद पार कर दी (8 Bollywood Actors Who Lost Control While Shooting Intimate Scenes)

इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले
कोरोनावायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है और बॉलीवुड इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है. बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलिब्रिटीज़ भी कोविड-19 का सामना कर चुके हैं. इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले:

  • बिग बी अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय, आराध्या बच्चन भी कोविड पॉजिटिव पाए गए और इलाज के लिए उन्हें हॉस्पिटल जाना पड़ा.
  • म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का इस संक्रमण से निधन हो गया है.
  • ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम अभिनेत्री और रीवा की राजकुमारी मोहिना कुमारी भी कोरोना की चपेट में आ चुकी हैं. मोहिना कुमारी ही नहीं उनके फैमिली के चार और सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए गए हैं, जिनमें मोहिना के अलावा उनके ससुर और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मोहिना के पति सुयश, जेठानी आराध्या और उनके पांच साल के बेटे श्रेयांश शामिल हैं.
  • रॉक ऑन, वो लम्हे, एयर लिफ्ट फिल्मों के एक्टर पूरब कोहली का पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित हुए थे.
  • चेन्नई एक्सप्रेस और रा वन जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस करनेवाले प्रोड्यूसर करीम मोरानी की बेटी शज़ा मोरानी कोरोना से संक्रमित हो गई हैं.
  • बोनी कपूर के घर काम करने वाला भी Covid-19 पॉजिटिव पाया गया था.
  • अभिनेता आमिर खान ने भी खुलासा किया था कि उनके सात घरेलू स्टाफ सदस्यों ने कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था.
  • अभिनेता कुणाल कोहली की चाची और वरुण धवन की चाची का भी वायरस के कारण निधन हो गया.

नीम के ओषधीय गुण हम सभी जानते हैं. यही वजह है कि अब नीम को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की दिशा में कामकिया जा रहा है. 

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने निसर्ग हर्ब्स कंपनी के साथ मिलकर एक समझौता किया है. अब ये दोनोंसंस्थाएं मिलकर ये परीक्षण करेंगी कि नीम कोरोना वायरस से लड़ने में कितना कारगर है और उसके ज़रिए कोरोनासंक्रमण से किस हद तक लड़ा जा सकता है.

ये परीक्षण फरीदाबाद के ESIC अस्पताल में किया जाएगा. इस परीक्षण का नेतृत्व AIIA की निदेशक डॉ. तनुजा नेसारीकरेंगी. वो इस परीक्षण की मुख्य परीक्षणकर्ता हैं. इस परीक्षण में डॉ. तनुजा के साथ साथ ESIC अस्पताल के डॉ. असीमसेन भी होंगे. 

इस पूरे परीक्षण के कुल 6 डॉक्टर्स की टीम बनाई गई है.

ये टीम 250 लोगों पर रिसर्च करेगी कि नीम आख़िर किस हद तक कोरोना को रोकने में कारगर होगा. यह प्रयोग 28 दिनों तक चलेगा. इसमें आधे लोगों को निसर्ग का नीम कैप्सूल दिया जाएगा और बाक़ी को प्लेसिबो. इस दौरान ट्रायल में शामिल लोगों के नाक एवं मुंह से सैंपल लेकर कोरोना जांच की जाएगी. अगर कोईपाजिटिव पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस के प्रभाव की जांच की जाएगी.

ह्यूमन ट्रायल के पहले चरण की शुरुआत 7 अगस्त से हो चुकी है. 

निसर्ग बायोटेक के संस्थापक और सीईओ गिरीश सोमन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी ये दवा कोरोना की रोकथाममें असरदार एंटी वायरल दवा साबित होगी.

आयुष मंत्रालय का भी मानना है कि नीम कोरोना के इलाज में कारगार साबित हो सकता है. इसके चलते नीम पर शोधकरने का फैसला लिया गया है. नीम में एंटीबायोटिक तत्व काफी मात्रा में होते हैं. 

नीम में मौजूद होते हैं 76 तरह के एंज़ाइम्स व 136 से अधिक अन्य कंपाउंड होते हैं. नीम के पत्तों में एंटी−बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कई तरह के रोगों से लड़ने में कारगर है. नीम का काढ़ा रोग प्रतिरोधक शक्ति का विकास करता है. नीम मलेरिया का बुख़ार उतारने में भी लाभकारी है. शुगर के मरीज़ों के लिए भी रामबाण है नीम. अल्सर से लड़ने में भी यह कारगर है. ऐसे में उम्मीद है कि नीम कोरोना को भी मात दे दे. 

इसके अलावा भी नीम से कोरोना के इलाज को लेकर अन्य कई शोध भी चल रहे हैं. कामयाबी मिली तो जल्द ही भारत सेकोरोना का ख़ात्मा होगा.

यह भी पढ़ें: वेटलॉस के 40+ इफेक्टिव होम रेमेडीज (40+ Effective Home Remedies For Quick Weight Loss)

कोरोना वायरस से जब पूरी दुनिया जूझ रही थी और सब लोग घरों में लॉकडाउन थे, तब बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद हजारों लोगों की मदद कर रहे थे. कोरोना काल में सोनू सूद मुसीबत में फंसे लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए और उनकी मदद की. सोनू सूद ने हज़ारों प्रवासी मज़दूरों को उनके घरों तक पहुंचाने का नेक काम किया, जिससे आम जनता उनकी कायल हो गई. अब सोनू सूद अब किसान की मदद के लिए आगे आए हैं और उन्होंने मदद का ऐलान भी कर दिया. है.

Sonu Sood

सोनू सूद ने बेटियों से खेत जुतवा रहे किसान की मदद का ऐलान किया है
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक किसान और उसके परिवार का एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक किसान अपनी दो बेटियों को बैल की जगह रखकर उनसे खेत जुतवा रहा है. वीडियो देखकर साफ पता चल रहा है कि पैसे की तंगी के कारण ये परिवार बैल नहीं खरीद पा रहा होगा, इसीलिए मजबूरन बेटियों को बैल की जगह रखकर उनसे खेत जुतवाया जा रहा है. बता दें कि किसान का ये वीडियो आंध्र प्रदेश का है. इस वीडियो को देखकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा. ऐसे में सोनू सूद की नज़र इस वीडियो पर पड़ी और उन्होंने वीडियो देखने के बाद तुरंत किसान के परिवार की मदद करने का फैसला किया. सोनू सूद ने इस वीडियो पर ट्वीट के जरिए प्रतिक्रिया दी है और किसान परिवार को दो बैल देने की बात कही है.

सोनू सूद ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘कल सुबह से दो बैल इसके खेत जोतेंगे. इन बच्चियों को पढ़ने दें. किसान हमारे देश का गौरव हैं, उनकी रक्षा करें.’
सोनू सूद का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सोनू सूद के इस फैसले से उनके फैन्स बहुत खुश हैं और उनके ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: कंगना रनौत ने सुशांत सिंह राजपूत का वीडियो शेयर कर करीना कपूर पर ऐसे निशाना साधा (Kangana Ranaut Take An Indirect Dig At Kareena Kapoor)

जैसा कि सोनू सूद ने प्रॉमिस किया था, उन्होंने अपना वादा पूरा किया और किसान के लिए ट्रैक्टर भिजवा दिया. सोनू सूद ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है. सोनू ने अपने ट्वीट में कहा है, इस परिवार के लिए बैल की बजाय ट्रैक्टर सही है.

सोनू सूद ने एक और मदद ये भी की है
सोनू सूद ने हाल ही में माउंटेनमैन के नाम से पहचाने जाने वाले दशरथ मांझी के परिवार के लिए भी मदद का हाथ आगे बढ़ाया. इस मदद की शुरुआत ऐसे हुई. दरअसल ट्विटर पर एक फैन ने सोनू सूद को टैग करते हुए एक अखबार की कटिंग के साथ दशरथ मांझी के परिवार की मदद के लिए गुहार लगाई थी. सोनू सूद ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, ‘आज से तंगी ख़त्म. आज ही हो जाएगा भाई.’ सोनू का ये ट्वीट भी बहुत तेजी से वायरल हुआ. और हर किसी ने सोनू की तारीफ की.

बॉलीवुड और टॉलीवुड फिल्मों में विलेन का किरदार निभानेवाले सोनू सूद इस महामारी की मुसीबत में फंसे लोगों के लिए रियल हीरो बनकर उभरे हैं. बता दें कि पिछले के महीनों में सोनू सूद ने उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, तमिलनाडु और देहरादून के लोगों को कभी बस, कभी ट्रेन, तो कभी फ्लाइट के ज़रिए उनके घरों तक पहुंचने में मदद की है. मुसीबत की इस घड़ी में वो ऐसे लोगों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं.

यह भी पढ़ें: सोनू सूद एक बार फिर बने मसीहा, किर्गिस्तान में फंसे स्टूडेंट्स के लिए कर रहे हैं चार्टर फ्लाइट्स का इंतज़ाम (Bollywood Actor Sonu Sood Arranges Charter Flights For Indian Students In Kyrgyzstan)

बिग बी दो हफ़्तों से कोरोना के चलते अस्पताल में भर्ती हैं और इसी बीच उनका स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है, लेकिन बिग बी के लिए भी यह अनुभव काफ़ी अलग और बहुत कुछ सिखा देने वाला रहा क्योंकि उन्होंने अपने ब्लॉग में ऐसी बातें शेयर की हैं जो बहुत कुछ सोचने को मजबूर के देती हैं.

उन्होंने लिखा है कि रात के अंधियारे और ठंडे कमरे की कंपकंपाहट में मैं गाता हूं.., आंखें नींद की कोशिश में बंद हैं. आसपास कोई नहीं है.

अमिताभ ने कोरोना के मेंटल हेल्थ कनेक्शन के बारे में बतायाकि यह बीमारी सिर्फ़ आपके शरीर को ही नहीं मन को भी प्रभावित करती है क्योंकि आप अकेले होते हो, सबसे दूर, एकदम तनहा. यहां तक कि चिकित्सक भी आपके सीधे सम्पर्क में नहीं आते. दूर से, ऑनलाइन ही आपसे बात करते हैं. हालाँकि इन हालातों में यह सबसे बेहतर तरीक़ा है. लेकिन आप कई दिनों तक लोगों को देख ही नहीं पाते. नर्स व डॉक्टर्स भी आते हैं तो पीपीई किट पहन कर रिमोट ट्रीटमेंट देकर चले जाते हैं. ये तमाम चीज़ें आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं और ख़ासतौर से सेलेब को और प्रभावित करती है क्योंकि उन्हें फैंस से घिरे रहने की आदत होती है.

Amitabh Bachchan

यही नहीं आपको आश्वासन देने और आपका हाथ थामने के लिए भी कोई नहीं होता. ठीक होने के बाद भी मरीज़ के मन में यह डर होता है कि लोग उनसे दूर भागेंगे क्योंकि लोगों को लगता है कि यह छुआछूत वाला रोग है. ऐसे में व्यक्ति भीड़ में और लोगों के बीच जाने से डरने लगता है. यही तमाम चीज़ें उसे अवसाद, निराशा और अकेलेपन में धकेल सकती हैं.

Amitabh Bachchan

दुनियाभर की चिकित्सा प्रणाली कभी इतनी मजबूर नहीं थी.

ग़ौरतलब है कि अमिताभ ही नहीं अभिषेक, ऐश्वर्या और आराध्या भी कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं. बिग बी का यह अनुभव एक नई समस्या की ओर इशारा करता है जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है. लोगों को कोरोना का इलाज करा चुके लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए ना कि उनसे दूर भागना चाहिए.

यह भी पढ़ें: एआर रहमान ने बॉलीवुड पर लगाया आरोप, बोले, मेरे खिलाफ काम कर रहा एक गैंग, नहीं देने दिया जा रहा मुझे काम (AR Rahman Claims There Is A Gang Working against Him and Stopping Him from Getting Work)

अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन के बाद अब ऐश्वर्या और आराध्या का कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव आया है. जया बच्चन का कोरोना टेस्ट नेगेटिव है. इस समय जब पूरी दुनिया कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है, ऐसे में बच्चन परिवार के चार सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं, बच्चन परिवार को लेकर उनके फैन्स चिंतित हैं.

पहले ऐश्वर्या और आराध्या का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया
शनिवार को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अमिताभ बच्चन को मुम्बई के नानावटी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. अमिताभ बच्चन ने शनिवार को ट्वीट कर खुद इस बात की जानकारी दी थी. अमिताभ ने अपने ट्वीट में लिखा कि उनके परिवार और स्टाफ का भी कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है. शनिवार रात ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या और जया बच्चन का टेस्ट नेगेटिव आया था. बीएमसी के हवाले से यह जानकारी मिली कि रविवार को इन तीनों के टेस्ट दोबारा किए गए, जिसमें ऐश्वर्या और आराध्या का टेस्ट पॉजिटिव आया. बता दें कि जया बच्चन अभी भी कोरोना नेगेटिव हैं. खबरों के अनुसार, ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या में कोरोना का कोई लक्षण नहीं था. साथ ही अभी इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि क्या ऐश्वर्या और आराध्या को होम क्वारनटीन किया जाएगा या फिर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा. रविवार सुबह अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा को बीएमसी ने सैनिटाइज किया है.

यह भी पढ़ें: अभिनेत्री रेखा का बंगला कोरोना के कारण हुआ सील, ये है असली वजह (Actress Rekha’s Mumbai Based Bungalow Has Been Sealed By BMC)

ऐसे पता चला कि बिग बी को कोरोना हो गया है
खबरों के अनुसार, अभिषेक को हल्का बुखार था और अमिताभ बच्चन को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. फिर जब बिग बी और अभिषेक का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया, तो दोनों को मुंबई के नानावटी अस्पताल में एडमिट करवाया गया. दोनों का इलाज इस समय अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में चल रहा है. अभी दोनों की हालत स्थिर है.

बच्चन परिवार के लिए फैन्स कर रहे हैं प्रार्थना
महानायक अमिताभ बच्चन के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से ही फैन्स उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं. बिग बी ने शनिवार रात ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने के बारे में बताया था. अभिषेक ने भी ट्वीट करके बताया था कि वो कोविड पॉजिटिव हैं और उन्होंने इस बारे में अथॉरिटीज को जानकारी दे दी है. साथ ही अभिषेक ने सभी से पैनिक ना करने की रिक्वेस्ट भी की थी.

यह भी पढ़ें: अमिताभ के लिए आसान नहीं होगा कोरोना को हराना, पहले ही हैं कई हेल्थ कंप्लीकेशन्स (With So Many Health Issues, Fighting Corona Will Not Be Very Easy for Amitabh)

अमिताभ बच्चन का ये वीडियो ‘गुजर जाएगा’ सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, आप भी देखें ये वीडियो:

View this post on Instagram

This too shall pass ..

A post shared by Amitabh Bachchan (@amitabhbachchan) on

अभिनेत्री रेखा के मुंबई स्थित बंगले ‘सी स्प्रिंग्स’ को बीएमसी द्वारा सील कर दिया गया है. इसकी वजह ये है कि रेखा के बंगले का एक सुरक्षाकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया है. अभिनेत्री रेखा के बंगले की सुरक्षा में हमेशा दो सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें से एक सुरक्षाकर्मी कुछ दिन पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गया है. इसी कारण बीएमसी द्वारा अभिनेत्री रेखा का बंगला सील कर दिया गया है. फिलहाल रेखा के बंगले के सुरक्षाकर्मी का इलाज बांद्रा के बीकेसी स्थित कोविड फैसिलिटी में चल रहा है. हालांकि रेखा या उनके प्रवक्ता ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. एक नोटिस डालने के बाद बीएमसी ने पूरे क्षेत्र को भी साफ कर दिया है.

Actress Rekha

इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले
कोरोनावायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है और बॉलीवुड इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है. बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलिब्रिटीज़ भी कोविड-19 का सामना कर चुके हैं. इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले:

  • म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का इस संक्रमण से निधन हो गया है.
  • ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम अभिनेत्री और रीवा की राजकुमारी मोहिना कुमारी भी कोरोना की चपेट में आ चुकी हैं. मोहिना कुमारी ही नहीं उनके फैमिली के चार और सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए गए हैं, जिनमें मोहिना के अलावा उनके ससुर और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मोहिना के पति सुयश, जेठानी आराध्या और उनके पांच साल के बेटे श्रेयांश शामिल हैं.
  • रॉक ऑन, वो लम्हे, एयर लिफ्ट फिल्मों के एक्टर पूरब कोहली का पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित हुए थे.
  • चेन्नई एक्सप्रेस और रा वन जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस करनेवाले प्रोड्यूसर करीम मोरानी की बेटी शज़ा मोरानी कोरोना से संक्रमित हो गई हैं.
  • बोनी कपूर के घर काम करने वाला भी Covid-19 पॉजिटिव पाया गया था.
  • अभिनेता आमिर खान ने भी खुलासा किया था कि उनके सात घरेलू स्टाफ सदस्यों ने कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था.
  • अभिनेता कुणाल कोहली की चाची और वरुण धवन की चाची का भी वायरस के कारण निधन हो गया.

यह भी पढ़ें: अभिनेत्री रेखा की बोल्ड फिल्में, तवायफ से लेकर लेडी डॉन तक हर किरदार है बोल्ड और बिंदास (5 Bold Movies Of Rekha That Made Her A Bollywood Sensation)

कोविड-19 के खिलाफ जंग में इस समय स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ रहे हैं और इस बात का पूरा ध्यान रख रहे हैं कि महामारी के इस दौर में बच्चों की शिक्षा में कोई कमी न आए. इस महामारी ने एजुकेशन का पैटर्न भी बदल दिया है. ई-लर्निंग अब बच्चों को क्लासरूम का अनुभव दे रहा है. लेकिन लॉकडाउन के बाद बच्चों को स्कूल के लिए कैसे तैयार करें, इसके बारे में जानने के लिए हमने बात की रायन इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की मैनेजिंग डायरेक्टर मैडम ग्रेस पिंटो से, उन्होंने हमें ई-लर्निंग और लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने को लेकर विस्तृत जानकारी दी. आप और आपके बच्चों के लिए ये जानकारी बहुत जरूरी है.

Grace Pinto

1) अगस्त के मध्य तक स्कूलों के फिर से खुलने की उम्मीद है, ऐसे में रायन ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों का पालन किस तरह किया जाएगा?
महामारी के इस दौर में छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिक है, इसलिए एक बड़े स्कूल नेटवर्क होने के नाते हमने हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट से कंसल्ट किया है, साथ ही हम डब्लूएचओ (WHO), यूनिसेफ (UNICEF), सीडीसी CDC स्कूल गाइडलाइन का भी पालन कर रहे हैं तथा भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों की भी समीक्षा की है. एसओपी और हमारे छात्रों की सुरक्षा के लिए हमने स्टाफ (वेंडर स्टाफ सहित) के लिए विभिन्न ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित किए हैं.

2) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे, तो पैरेंट्स को स्कूल को सपोर्ट करने के लिए अपनी तरफ से क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? आप पैरेंट्स को क्या सलाह देंगी?
कोविड-19 के खिलाफ इस जंग में स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ेंगे, तो हम इसे आसानी से हरा सकते हैं. पैरेंट्स के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सबसे पहले स्थिति को समझें और फिर अपने बच्चों को खासतौर पर मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ साफ करना, सैनिटाइजर का उपयोग आदि के बारे में समझाएं. यदि बच्चे को सर्दी-खांसी, बुखार आदि की शिकायत है, तो पैरेंट्स को चाहिए कि वे उस समय बच्चे को स्कूल न भेजें. पैरेंट्स को स्कूल का पार्टनर बनकर दिए गए गाइडलाइन का पालन करना चाहिए और बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए.

3) स्कूल के संचालन को आगे बढ़ाने के लिए आप दिन-प्रतिदिन कैसे कदम उठाएंगे? क्या स्कूल फिर से खोलने की योजना तैयार हो चुकी है?
स्कूल के संचालन के दौरान हेल्थ और हाइजीन, एमरजेंसी आदि के बारे में व्यापक योजना तैयार की गई है. स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम हर चीज़ का बारीकी से निरिक्षण कर रहे हैं. महामारी के इस मुश्किल समय में हमने अपने स्कूलों में सभी आवश्यक उपकरण रखे हुए हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में कोई कमी न रहने पाए. हमारी आगे की प्रक्रिया सरकारी अधिकारियों द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार तय होगी.

4) लॉकडाउन के दौरान बच्चों ने बहुत से बदलाव देखे हैं खासकर पढ़ाई को लेकर, ऐसे बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य को जानने-समझने के लिए मांओं के लिए कोई सलाह देना चाहेंगी आप?
बच्चों के दिमाग पर कोरोनोवायरस के प्रकोप के जबरदस्त प्रभाव को समझना बहुत जरूरी है. माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे इस स्थिति को समझते हुए अपने बच्चों की भावनाओं को समझें, बच्चों को चिंता, तनाव आदि से दूर रखें और उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. ये माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस समय धैर्य से काम लें और अपने बच्चे को घर में विभिन्न गतिविधयों में बिज़ी रखें. स्कूल भी ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे हैं, लेकिन पैरेंट्स को भी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

यह भी पढ़ें: कोरोना लॉकडाउन पीरियड में मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है (How To Take Care Of Yourself, Your Children And The Elderly At Home In The corona Lockdown Period)

Prepare Children For School After Lockdown

5) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे तो हर बच्चे की लिए डिस्टेंसिंग मेन्टेन करना बहुत जरूरी है. ऐसे में बच्चे अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ खुलकर घुलमिल नहीं सकेंगे, आपको क्या लगता है, इससे बच्चों के मन पर प्रभाव पड़ेगा? इस स्थिति में बच्चे कैसे एडजस्ट करेंगे, पैरेंट्स और टीचर्स इसमें बच्चों की मदद कैसे कर सकते हैं?
स्कूल खुलने के बाद छात्रों के लिए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकताओं में से एक होगा. इसके लिए स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ काम करना होगा, ताकि छात्रों के साथ जुड़ने और बातचीत करने के लिए एक माहौल तैयार किया जा सके, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को भी मेन्टेन किया जा सके. टीचर्स को सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान देने की बजाय इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि बच्चे क्या सीख रहे हैं. पैरेंट्स और टीचर्स को काउंसलर्स के साथ मिलकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना होगा. साथ ही बच्चों को इस परिस्थिति में सामंजस्य करना सिखाकर उन्हें अपनी पढ़ाई को एंजॉय करना भी सिखाना होगा.

6) बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कई स्कूलों द्वारा ई-एजुकेशन शुरू की गई थी? ऐसे में आपको पैरेंट्स और बच्चों के दृष्टिकोण से ई-लर्निंग के क्या फायदे देखने को मिले?
लॉकडाउन के दौरान स्कूलों ने ई-लर्निंग के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी, ताकि बच्चे अपने घर में सुरक्षित रहते हुए अपनी पढ़ाई कर सकें. ई-लर्निंग छात्रों को आत्मनिर्भर होकर पढ़ाई करना सिखाता है. इससे बच्चों की खुद से पढ़ाई करने की क्षमता बढ़ती है और वे नई टेक्नीक को भी सीख पाते हैं. ई-लर्निंग बच्चों को क्लासरूम का एक्सपीरियंस देते हुए उन्हें स्वतंत्र रूप से पढ़ने का कॉन्फिडेंस देता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है. लॉकडाउन पीरियड में पैरेंट्स को भी ई-एजुकेशन की झलक मिली है, जिससे वे भी एजुकेशन के इस नए माध्यम की अपार संभावनाओं के बारे में समझ पाए होंगे.

7) बच्चों के लिए ई-एजुकेशन को और ज्यादा रोचक कैसे बनाया जा सकता है?
न्यू नॉर्मल के इस दौर में ई-एजुकेशन द्वारा स्कूल बच्चों की पढ़ाई में उनका सहयोग किया जाएगा और उनकी पढ़ाई में रुचि बरकरार रखी जाएगी. शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी एक महत्वपूर्ण टूल है, जो शिक्षा को आसान बनाती है. इसके अलावा, ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी में भी काफी विकास हो रहा है, ये बच्चों के लिए सीखने का एक नया अनुभव है. ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी बिल्कुल नई और दिलचस्प है, ये बच्चों को उनकी पढ़ाई में बहुत मदद करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर व ज़िम्मेदार बनाएगी.

8) बहुत सारे पैरेंट्स को अपने बच्चे को पढ़ाई में मदद करने में मुश्किल हो रही है? क्या आप उनके लिए कोई सुझाव देंगी, जो उन्हें अपने बच्चों का बेहतर मार्गदर्शन करने में मदद कर सकता है?
लॉकडाउन ने निश्चित रूप से पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने और उनके बीच एक मजबूत बॉन्डिंग बनाने में मदद की है. न्यू नॉर्मल के इस दौर में पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई की ज़िम्मेदारी लेना सिखाएं. ऐसा करके आप अपने बच्चों को आत्मनिर्भर और कॉन्फिडेंट बना सकते हैं. इस समय बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा बात करना और उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना बहुत जरूरी है, साथ ही बच्चों को उनके डे टु डे के काम करने की जिम्मेदारी लेना भी सिखाएं. बच्चे अपने सभी काम नियम से करें, इस बात का ध्यान पैरेंट्स को रखना चाहिए. पैरेंट्स की निगरानी में जब बच्चे स्वतंत्र रूप से ई-लर्निंग करेंगे, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. बच्चे अपने पैरेंट्स को देखकर सीखते हैं इसलिए पैरेंट्स को अपने बच्चे का रोल मॉडल बनकर ई-लर्निंग के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना होगा.

यह भी पढ़ें: कैसे दूर करें अपना डिप्रेशन (Natural Treatments For Depression)

9) आप देश में K-12 एजुकेशन के लीडर्स में से एक हैं, आपको क्या लगता है, कोविड के बाद भारत में K12 शिक्षा का भविष्य क्या होगा?
कोविड-19 के इस युग में अब स्कूलों का ध्यान ऑनलाइन एजुकेशन पर होगा. ई-लर्निंग आज की जरूरत है, इसलिए स्कूलों द्वारा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर फोकस किया जा रहा है. ई-लर्निंग के माध्यम से क्लासरूम का अनुभव दिए जाने की पूरी कोशिश की जा रही है. एजुकेशनिस्ट समुदाय होने के नाते इस न्यू नॉर्मल में खुद को ढालते हुए आगे बढ़ना आज समय की मांग है. इसमें कई चुनौतियां होंगी, जिनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन शिक्षक हमेशा सीखने के लिए तैयार रहते हैं इसलिए हम ये उम्मीद करते हैं कि वे शिक्षा के इस नए पैटर्न को सीख जाएंगे.
  • इस महामारी से उत्पन्न मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कर्मचारियों और छात्रों को गाइड करना और उन्हें न्यू नॉर्मल को सामान्य रूप से अपनाने और भविष्य का सामना करने के लिए बहुत सावधानी, देखभाल और समझदारी से तैयार करना होगा.
  • बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी के कारण, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी एक समस्या है, वहां पर बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है. लेकिन हमें ई-लर्निंग को एक मौका जरूर देना चाहिए और इसमें सुधार के प्रयास करने चाहिए. उम्मीद है, इस कमी को भी जल्दी पूरा कर लिया जाएगा.

‘क्योंकि कभी सास भी बहू थी’ के मि. बजाज..टेलीविज़न और बॉलीवुड का पॉपुलर चेहरा….
यानी रोनित रॉय को भी लॉक डाउन की वजह से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद कहा है कि पिछले पांच महीने से उनकी इनकम बिल्कुल बन्द है और सबकी तरह वो भी परेशान हैं.
कोरोना वायरस ने फिल्मों और सीरियल्स की शूटिंग को भी रोक दिया है, जिसका असर फ़िल्म और टीवी इंडस्ट्री पर भी पड़ा है. रोनित रॉय भी इन दिनों कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान लॉकडाउन के कारण अपनी जिंदगी में आ रही परेशानियों पर रोनित ने खुलकर बातचीत की.

Ronit Roy

जनवरी से नहीं मिली है कोई पेमेंट
इंटरव्यू में रोनित रॉय ने कहा, मैंने जनवरी से अभी तक कोई पैसा नहीं कमाया है. मेरे कई छोटे बिजनेस हैं जो चल रहे थे, लेकिन अब वह मार्च से बंद पड़े हैं. मेरे पास जो भी है मैं उससे 100 परिवारों को सपोर्ट कर रहा हूं. ये 100 परिवार परिवार हैं जिनके लिए मैं जिम्मेदार हूं, जो मुझपर निर्भर हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान भले ही पैसे नहीं आ रहे हो, लेकिन उन्होंने अपने स्टाफ की भी सैलरी नहीं रोकी है. ”भले ही इसके लिए मुझे अपने सामान बेचने पड़ रहे हैं, पर मैं लोगों की जितना हो पा रहा है, मदद कर रहा हूँ.”

Ronit Roy with his wife


प्रोडक्शन हाउस और चैनल्स मदद के लिए आगे आएं
रोनित ने सभी बड़े बड़े प्रोडक्शन हाउस से अपील की हैं कि वे कलाकारों की मदद करने के लिए आगे आएं, ”मैं बहुत अमीर नहीं हूं, लेकिन मुझसे जो भी बन पड़ रहा है, मैं कर रहा हूं. प्रोडक्शन हाउसेस और चैनल्स को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए… जिनके ऑफिस इतने शानदार हैं कि जो दो किलोमीटर दूर से भी दिख जाते हैं. उन्हें भी कुछ करना चाहिए. उन्हें लोगों की मदद करनी चाहिए. अगर ऐसे समय में आप एक्टर्स की मदद नहीं करते हैं तो यह सही नहीं है.”
आजकल प्रोडक्शन हाउसेस की 90 डे पेमेंट वाली पालिसी पर भी काफी बहस चल रही है. ”मैं उनके 90 डे पेमेंट वाले रूल को मानता हूँ, हमने खुद इस रूल के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, लेकिन ये उन रूल्स को फॉलो करने का समय नहीं है. चैनल या प्रोडक्शन हाउस ये क्यों नहीं समझते कि उनके साथ जो भी जुड़े हैं, उनकी टीम, उनके परिवार का हिस्सा हैं. सारे काम बंद हैं, लोगों की आमदनी बन्द हो गयी है, तो ऐसे समय में उन्हें अपनी टीम की मदद करनी चाहिए. मैं ये नहीं कहता कि आप उन्हें एक्स्ट्रा पैसे दें, लेकिन उनका जो बनता है, वो तो दे दो. आपको उन्हें 90 दिन बाद भुगतान करना ही है लेकिन उन्हें अभी जरूरत है, उन्हें अभी दीजिए. वह भूखे नहीं रह सकते. उन्हें अंदाज़ा है कि सब फिलहाल किस तरह के इमोशनल, मेंटल और फाइनेंसियल स्ट्रेस से गुज़र रहे हैं.”

Ronit Roy

जान बचाइए, जान दीजिये मत
रोनित ने सबसे अपील की है कि सभी को तनाव में किसी भी गलत कदम को उठाने से बचना चाहिए, सुसाइड के बारे में सोचने से भी बचना चाहिए. रोनित ने बताया कि वो भी लंबे समय तक बेरोजगार थे और उन्हें काम नहीं मिला था,”मेरी पहली ही फ़िल्म ‘जान तेरे नाम’ ब्लॉकबस्टर थी. ये सिल्वर जुबली थी, तब की सिल्वर जुबली फ़िल्म मतलब अब की 100 करोड़ बिज़नेस वाली फिल्म. ये 92 की बात है, इसके बाद छः महीने तक मुझे कोई काम नहीं मिला. इसके बाद तीन साल तक मैंने छोटे मोटे काम किए. लेकिन 96 के बाद छोटे मोटे काम आना भी बन्द हो गए. चार साल तक मैं बिना काम के घर पर ही बैठा रहा. मेरे पास एक छोटी सी कार थी, लेकिन उसमें पेट्रोल डालने के भी पैसे नहीं थे. मुझे याद है कि मैं अपनी मां के यहां खाना खाने भी पैदल ही जाया करता था. लेकिन मैंने खुद को खत्म नहीं किया. इस तरह की क्राइसेस हर किसी की लाइफ में आती है और गुज़र भी जाती है. लेकिन सुसाइड की बात सोचना भी गलत है, क्योंकि जान देने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. इसलिए जीने के बारे में सोचिए, ये दौर जल्द ही गुज़र जाएगा.”

Ronit Roy

बता दें कि रोनित रॉय ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘अदालत’ और ‘इतना करो न मुझे प्यार’ जैसे सीरियल्स समेत कई फ़िल्मों में भी नजर आ चुके हैं.
एकता कपूर की पॉपुलर वेब सीरीज ‘कहने को हमसफर हैं’ का तीसरा सीजन 6 जून से शुरू हो रहा है और टेलीकास्ट से पहले ही काफी सुर्खियां बंटोर चुका है. 

इस कोरोना संकट के समय बॉलीवुड भी हर तरह से सबकी मदद कर रहा है. अक्षय कुमार से लेकर शाहरुख- सलमान तक, अजय देवगन से लेकर सोनू सूद तक सभी हर तरह की मदद के हाथ बढ़ा रहे हैं. अब इसी कड़ी में बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन ने सभी से अपील की है कि वे मुंबई में स्थित एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के निवासियों के लिए डोनेशन के लिए आगे आएं, क्योंकि यहां के लोगों को सच में मदद की ज़रूरत है. बता दें कि मुम्बई स्थित धारावी कोरोनावायरस महामारी का केंद्र बना हुआ है और घनी झुग्गी होने की वजह से वहां सबसे ज़्यादा कोरोना केसेस मिल रहे हैं.

Ajay Devgan

धारावी की हालत सच में खराब ही होती जा रही है.ऐसे में अजय देवगन उनकी मदद के लिए आगे आए हैं और उन्होंने खुद वहां के 700 परिवारों की जिम्मेदारी ली है और लोगों से भी मदद की अपील कर रहे हैं. इस पहल को उन्होंने नाम दिया है ‘फीड धारावी, मिशन धारावी’
लोगों से मदद की अपील करने के लिए उन्होंने ट्वीट किया, “धारावी कोविड-19 का एपी सेंटर बना हुआ है. एमसीजीएम की मदद से कई लोग यहां दिन रात काम कर रहे हैं. कई एनजीओ की मदद से जरूरतमंद लोगों को राशन और हाइजीन किट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं. हमने (एडीएफएफ) भी 700 परिवारों की मदद की ज़िम्मेदारी ली है. मैं लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि आप लोग भी आगे आएं और डोनेट करें.”

अजय देवगन के इस कदम की सब सराहना कर रहे हैं. उम्मीद है कि उनकी अपील पर ज़्यादा से ज़्यादा लोग आगे आएंगे.

Ajay Devgan Kajol

बता दें कि कोरोना वायरस के लिए अजय देवगन पहले ही अपनी प्रोडक्शन कंपनी की ओर से पीएम केयर्स फंड में 1.10 करोड़ रुपये दान कर चुके हैं. इसके अलावाबॉलिवुड इंडस्‍ट्री में काम करनेवाले तमाम वर्कर्स की भी अजय देवगन ने खुले दिल से सहायता की और मजदूरों की मदद के लिए 51 लाख डोनेट किया. आरोग्य सेतु app डाउनलोड करने के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए खास एक वीडियो शूट करके पोस्ट किया. इतना ही नहीं अजय देवगन ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना वारियर्स के लिए एक और वीडियो बनाकर ट्वीट किया और मुंबई पुलिस के काम की न सिर्फ सराहना की, बल्कि अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए मंबई पुलिस का शुक्रिया अदा किया.

Ajay Devgan


और आज जबकि सोनू सूद प्रवासी मजदूरों की सहायता में दिन रात लगे हुए हैं, तो अजय देवगन सोनू सूद के काम की भी जमकर तारीफ कर रहे हैं. सोनू की हौसलाअफजाई करने के लिए उन्होंने ट्वीट किया, “आप प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित उनके घर वापस भेजने जैसा जो संवेदनशील काम कर रहे हो, वह काबिले तारीफ है. ईश्वर आपको खूब ताकत बख्शे. यानी अजय देवगन हर तरह से लोगों की मदद कर रहे हैं, सबकी हौसला अफजाई कर रहे हैं, लगातार ट्वीट करके लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं, ताकि ज़्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं और सब एक साथ मिलकर इस संकट का सामना कर सकें.
वर्क फ्रंट की बात करें तो अजय देवगन की इस साल ओम् राउत की ऐतिहासिक फ़िल्म ‘तानाजी’ रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस में शानदार कलेक्शन किया. इस फ़िल्म में उनके साथ काजोल और सैफ़ अली खान भी लीड रोल में नज़र आए थे. उनकी आगामी फिल्मों में भुज, मैदान आदि फ़िल्में प्रमुख हैं.

कोरोना वायरस का कहर पूरा देश झेल रहा है, लेकिन मुंबई में कोरोना के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब खबर आई है कि बोनी कपूर के घर काम करने वाला Covid-19 पॉजिटिव पाया गया है. इस बात को लेकर सब डरे हुए हैं कि कहीं बोनी कपूर की फैमिली भी कोरोना की चपेट में तो नहीं आ गई है. फिलहाल बोनी कपूर के घर काम करने वाला क्वारनटीन में है, लेकिन बोनी कपूर के परिवार को लेकर चिंता बढ़ गई है.

Boney Kapoor with his daughters Janhvi Kapoor, Khushi Kapoor

बोनी कपूर के घर काम करने वाला हुआ क्वारनटीन
ख़बरों के अनुसार, प्रोड्यूसर बोनी कपूर के लोखंडवाला स्थित ग्रीन एकर्स वाले घर पर काम करने वाला एक शख्स को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. बोनी कपूर के घर काम करने वाला जब Covid-19 पॉजिटिव पाया गया, तो जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद उन्होंने सोसायटी अथॉरिटीज को सूचित किया, जिसके बाद सोसायटी ने इसकी जानकारी बीएमसी को दी. इसके बाद तुरंत बीएमसी और स्टेट गवर्मेंट अथॉरिटीज सक्रिय हो गईं और मरीज़ को क्वारनटीन सेंटर ले जाया गया.

यह भी पढ़ें: ‘ससुराल सिमर का’ सीरियल के एक्टर आशीष रॉय ICU में भर्ती, इलाज के लिए नहीं हैं पैसे, लगाई मदद की गुहार (‘Sasural Simar Ka’ Actor Ashiesh Roy Admitted To ICU, Has No Money For Treatment)

घर काम करने वाला Covid-19 पॉजिटिव पाए जाने पर बोनी कपूर ने कहा ये-
बोनी कपूर के घर पर काम करने वाले 23 वर्षीय चरण साहू को शनिवार की शाम से अच्छा महसूस नहीं हो रहा था. उसकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए बोनी कपूर ने उसे टेस्ट के लिए भेजा और उसे आइसोलेसन में रखा. जब जांच की रिपोर्ट सामने आई, तो बोनी कपूर ने तुरंत सोसायटी अथॉरिटीज को सूचित किया, जिसके बाद बीएमसी को इसकी जानकारी दी गई. इसके बाद तुरंत ही चरण साहू को क्वारनटीन सेंटर ले जाया गया. इस पूरी खबर पर स्टेटमेंट जारी करते हुए बोनी कपूर ने इस बारे में बताया, “मैं, मेरे बच्चे और घर पर मौजूद मेरा बाकी स्टाफ सब पूरी तरह से ठीक हैं, हम में से किसी में भी इसके लक्षण नहीं हैं. जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है, तब से हम अपने घर से बाहर तक नहीं निकले हैं.” बोनी कपूर ने कहा, “तत्काल रिस्पॉन्स के लिए हम महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी के शुक्रगुजार हैं. हम बहुत संजीदगी से बीएमसी और मेडिकल टीम द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन कर रहे हैं. हम आश्वस्त हैं कि चरण भी जल्द ही ठीक होकर वापस घर पर हमारे पास आ जाएगा.”

आप भी पढ़िए बोनी कपूर द्वारा जारी ये मैसेज:

यदा क्रूर ग्रहों वक्री अतिचार तु सौमयक:
पीड़ा व्याधि भयं तत्र दुर्भिक्षम राज्य विग्रहम

कहते हैं, कोई पापी ग्रह वक्री हो जाए तो और पापी हो जाता है. 11 मई 2020 को शनि देव वक्री होकर 29 सितंबर 2020 को मार्गी होंगे. ये चार महीने शनि देव अपने स्वभाव को और उग्र करेंगे. बता दें कि मई महीने में शनि, गुरु और शुक्र ग्रह वक्री होने जा रहे हैं. ये ग्रह चाल भारत के लिए कैसी होगी? क्या इस ग्रह दशा में कोरोना वायरस का अंत होगा? क्या भारत बनेगा सुपर पावर? 11 मई 2020 को जब शनि देव वक्री होंगे, तो इसका क्या परिणाम होगा, इसके बारे में जानने के लिए हमने ज्योतिष शिरोमणि पंडित राजेंद्र जी से बात की. पंडित राजेंद्र जी के अनुसार, शनि देव के वक्री होने से होंगे ये परिणाम.

Shani Vakri

11 मई 2020 को जब शनि देव वक्री होंगे, तो इसका क्या परिणाम होगा? किन 5 राशियों पर पड़ेगा इसका अशुभ प्रभाव
बता दें कि 11 मई 2020 को शनि देव वक्री होकर 29 सितंबर 2020 को मार्गी होंगे. ये चार महीने शनि देव अपने स्वभाव को और उग्र करेंगे. मई महीने में शनि, गुरु और शुक्र ग्रह वक्री होने जा रहे हैं. 14 मई से गुरु के वक्री होने से देश में अराजकता का माहौल बन सकता है. केंद्रीय एवं राज्य सरकारों को उपद्रव, हिंसा, आंदोलन आदि का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही जनता में अशांति भी देखने को मिल सकती है. शनि के वक्री होने से राजनीतिक टकराव बढ़ेंगे, मंहगाई बढ़ेगी, देश में असंतोष और असुरक्षा का माहौल बनेगा. साथ ही कहीं-कहीं प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, भूकंप आदि की संभावना भी है. बता दें कि पूरे वर्ष शनि देव अपने शत्रु रवि के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा में रहने वाले हैं, जिसके कारण देश में हालात को पूरी तरह से ठीक होने में समय लगेगा. शनि के वक्री होने का सबसे ज़्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिनकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है. इस समय धनु, मकर और कुंभ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. साथ ही मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. ऐसी स्थिति में शनि के वक्री होने का अशुभ प्रभाव इन पांच राशियों पर सबसे ज़्यादा पड़ेगा.

कब होगा कोरोना वायरस का अंत?
भारतीयों का ढांचा शनि के अधीन होने के कारण ही हम अन्य देशों के मुकाबले करोना वायरस से बहुत कम मात्रा में संक्रमित हुए हैं. शनि देव अनुसाशन और न्याय के लिए जाने जाते हैं इसलिए हम भारतीय यदि अनुसाशन का पालन करेंगे, तो कोरोना वायरस से बहुत ज़्यादा प्रभावित नहीं होंगे. 14 मई 2020 से गुरु के वक्री होने से इस वायरस का प्रभाव कम होने लगेगा. फिर 30 जून 2020 को गुरु वक्री अवस्था में फिर से धनु राशि में प्रवेश करेंगे और 20 नवंबर तक वहां रहेंगे. ऐसे में ये संभावना है कि मई से सितंबर के बीच वायरस की काफी रोकथाम हो जाएगी. हां, लेकिन हम पहले जैसा जीवन वर्ष 2021 में ही जी सकेंगे. 2020 में हमें अपनी ज़िंदगी को पटरी पर लाने के लिए बहुत मेहनत और जद्दोज़ेहर करनी पड़ेगी. हमारे देश के लिए आने वाला समय बहुत अच्छा है और इसके लिए हम सभी देशवासियों को बहुत मेहनत करनी होगी, तभी हम अपने देश को सुपर पावर बना सकते हैं. शनि देव जब से मकर राशि में आए हैं तब से नियम, क़ानून, भौतिक लोभ आदि के प्रति लोगों का नज़रिया बदलने लगा है. लोग भौतिक सुख के परे जीवन के सच्चे सुख और जीवन के सही अर्थ को समझने लगे हैं. अतः हम भारतीयों को घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. यदि हम सब ख़ुद को कर्म की भट्टी में तपाएंगे, तो ये बात निश्चित है कि हमारा आनेवाला भविष्य सोने से निखर जाएगा. कड़ी मेहनत और योग, ध्यान, सत्संग के मार्ग पर चलकर ही हम अपनी अलग पहचान बना सकते हैं और भारत को सुपर पावर बना सकते हैं.

Coronavirus

यह भी पढ़ें: ज्योतिष के अनुसार ये करेंगे तो बच सकते हैं कोरोना वायरस के प्रकोप से (When Will Coronavirus End In India And Across Globe? What Astrologers Predict?)

क्या अगले पांच सालों में भारत बनेगा सुपर पावर?
यदि हम आनेवाले समय की बात करें, तो गुरु ग्रह पूरे दो वर्ष तक निर्बल है, लेकिन शनि ग्रह पूरे पांच वर्ष तक बलवान है और ये हम भारतीयों के लिए अच्छी ख़बर है. भारतीयों का ढांचा शनि के अधीन होने से एक बात हो पक्की है कि आने वाले समय में भारत में रोज़गार में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी. देश में आने वाले समय में निवेश बढ़ेगा, जिसके कारण अगले पांच सालों में भारत सुपर पावर बनेगा. आने वाले पांच सालों में शनि देव सभी भारतीयों को भौतिक मोह से ऊपर ले आएंगे. सभी देशवासियों को कर्म की भट्टी में तपना और सोना बनकर निखरना सिखाएंगे. भारतीयों की कड़ी मेहनत के कारण ही आनेवाले पांच सालों में देश सुपर पॉवर बनने वाला है.

आने वाले समय में चीन की स्थिति क्या होगी?
गुरु ग्रह चीन का प्रतिनिधित्व करता है और अगले पूरे दो वर्ष तक गुरु ग्रह निर्बल है, इसके कारण अगले दो वर्षों में चीन को बदनामी, निवेश में कमी, युद्ध का संकट जैसी स्थितियों का सामना करना पडेगा. कहना गलत नहीं होगा कि आने वाला समय चीन पर बहुत भारी रहने वाला है, चीन को कहीं से भी राहत नहीं मिलेगी, उसे हर तरफ से मुसीबतों का सामना करना पडेगा.

गुरु की शरण में जाकर ही जीवन सफल होता है
पांच तत्व के ऊपर है छठा तत्व और वो है गुरुतत्व, जो सबसे ऊपर है, उनका ध्यान, उनके चरणो में पूर्ण समर्पण ही हमारे तन-मन और आत्मा को पवित्र बनाता है और हमारे जीवन को सुरक्षा प्रदान करता है. इसीलिए कहते हैं-
गुरु की महिमा कोई ना जाने
ना ही पंडित ना ही सयाने

यह भी पढ़ें: वार्षिक राशिफल 2020: जानें कैसा रहेगा वर्ष 2020 आपके लिए (Yearly Horoscope 2020: Astrology 2020)

वक्री शनि देव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
* प्रत्येक शनिवार के दिन शनि देव की उपासना करें और हो सके तो शनि देव का उपवास भी रखें. * शनिवार के दिन काले कुत्ते, गाय या कौवे को रोटी खिलाएं.
* प्रत्येक शनिवार के दिन शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
* शनिवार के दिन दान करें. रोगियों की सेवा करें. बुज़ुर्गों की सेवा करें. ज़रूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करें.
* प्रत्येक शनिवार के दिन शनि के बीज मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ का 108 बार जाप करें.
* शनिवार के दिन हनुमानजी की भी पूजा करें.
* शनिवार के दिन उड़द की दाल से बनी वस्तुओं, तेल से बनी वस्तुओं का भोग लगाएं और इनका दान करें.
* अनुसाशन में रहें, झूठ न बोलें, बेईमानी न करें. शनि देव न्याय के देवता हैं. यदि आप न्याय के साथ रहेंगे, तो शनि देव कभी आपका नुक़सान नहीं होने देंगे.
– कमला बडोनी