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सही खाना ही नहीं, सही समय पर खाना भी है ज़रूरी (Healthy Eating: Are You Eating At The Right Time?)

Healthy Eating

अक्सर हम सोचते हैं कि हमें हेल्दी फूड (Healthy Food) खाना चाहिए और जब भी मौका मिलता है, तो हम हेल्दी फूड खाने से पीछे नहीं हटते, लेकिन उस व़क्त हम शायद ही यह सोचते हैं कि भले ही हम हेल्दी फूड खा रहे हैं, लेकिन क्या यह समय उसे खाने के लिए सही है? जी हां, स़िर्फ सही खाना ही नहीं, सही समय (Right Time) पर खाना भी उतना ही ज़रूरी है, वरना कितना भी हेल्दी फूड हो, उसका असर उल्टा भी पड़ सकता है.

Healthy Eating

दही (Curd)
गर्मी के मौसम में दही खाना बहुत फ़ायदेमंद होता है. ये पेट को ठंडा रखता है, लेकिन रात को दही नहीं खाना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार, रात में दही खाने से कफ़ के साथ ही पेट से जुड़ी अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं.
क्या है सही समय?
दोपहर के समय दही खाना बेस्ट है. दही को ग़लती से भी गरम करके खाने की भूल न करें.

दूध (Milk)
हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए दूध बहुत ज़रूरी है, मगर इसे कब पीना चाहिए, इसे लेकर हर किसी की राय अलग-अलग है. कुछ लोग सुबह नाश्ते के व़क्त दूध पीते हैं, तो कुछ रात को सोने के पहले. वैसे कभी भी सुबह खाली पेट दूध नहीं पीना चाहिए, इससे एसिडिटी की समस्या हो सकती है.
क्या है सही समय?
विशेषज्ञों के मुताबिक़, अगर सुबह में दूध का सेवन किया जाए, तो ये आपको पूरे दिन एनर्जेटिक रखता है, जबकि रात में दूध पीने से दिमाग़ शांत रहता है और नींद भी अच्छी आती है. आयुर्वेद में दूध पीने का सही समय रात में ही बताया गया है.

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चावल (Rice)
आमतौर पर लोगों को लगता है कि चावल खाने से वज़न बढ़ता है, जबकि ये पूरा सच नहीं है. चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर के लिए ज़रूरी है. हां, इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. कुछ लोगों को ये भी लगता है कि दोपहर में चावल खाना फिर भी ठीक है, मगर रात में नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ये आसानी से डाइजेस्ट नहीं होता.
क्या है सही समय?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, रात में ही चावल खाना चाहिए, मगर बहुत कम मात्रा में. इससे ये आसानी से पच भी जाता है और आपको रात को अच्छी नींद आती है, जबकि दोपहर में चावल अवॉइड करना चाहिए, क्योंकि इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जिससे काम के समय आपको नींद आने लगती है.

शक्कर
चाय या दूध में बहुत ज़्यादा शक्कर नहीं डालनी चाहिए, मगर इसका ये मतलब नहीं है कि आप शक्कर खाना पूरी तरह से बंद कर दें. थोड़ी शक्कर खानी भी ज़रूरी है.
क्या है सही समय?
शक्कर को दिन में खाना सही होता है, क्योंकि इंसुलिन शुगर को असरदार तरी़के से एब्जॉर्व कर लेता है और ये आसानी से पच जाती है, जबकि रात में शक्कर खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और आपको ठीक से नींद नहीं आती, तो अगर रात को खाने के बाद आपको मीठा खाने की आदत है, तो इसे बदल लीजिए.

दाल और बींस (Pulses, Lentils, Legumes)
प्रोटीन से भरपूर दाल और बींस को भी डायट में शामिल करना ज़रूरी है, मगर इसे खाने का सही समय भी पता होना चाहिए. रात के समय दाल और बींस खाना ठीक नहीं होता, क्योंकि ये आसानी से डाइजेस्ट नहीं होते और फिर पेट में गैस बनने लगती है.
क्या है सही समय?
सुबह और दोपहर के समय इसे खाना अच्छा होता है, क्योंकि तब ये आसानी से पच जाते हैं और गैस की समस्या नहीं होती.

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जानें इन फ्रूट्स (Fruits) को खाने का राइट टाइम

सभी तरह के फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, मगर इन्हें सही समय पर खाना चाहिए.

सेब (Apple)
विटामिन, मिनरल और फाइबर से भरपूर सेब में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता. ये बहुत हेल्दी होता है, तभी तो कहते हैं, ङ्गएन एप्पल अ डे कीप्स द डॉक्टर अवेफ. मगर क्या आप जानते हैं कि बेहतर रिज़ल्ट के लिए सेब कब खाना चाहिए?
क्या है सही समय?
खाली पेट एप्पल खाने से बॉडी से सारे हानिकारक टॉक्सिन निकल जाते हैं. इससे एनर्जी मिलती है और वज़न भी नहीं बढ़ता.

ऑरेंज (Orange)
विटामिन सी से भरपूर संतरे में विटामिन ए, बी कॉम्प्लेक्स, फ्लेवोनॉयड, अमीनो एसिड, कैल्शियम, आयोडीन, फॉस्फोरस, सोडियम, मैगनीज़ आदि की भी भरपूर मात्रा होती है. रोज़ाना दो संतरा खाने से सर्दी, कोलेस्ट्रॉल, किडनी में स्टोन और कोलन कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है.
क्या है सही समय?
संतरे को सुबह खाली पेट और रात में न खाएं. इसे हमेशा दोपहर के समय खाएं. खाना खाने के 1 घंटा पहले या बाद में संतरा खाना फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि खाना खाने से पहले खाने पर भूख बढ़ती है और बाद में खाने से डाइजेशन ठीक रहता है.

अंगूर (Grapes)
गर्मियों में अंगूर या अंगूर का जूस पीना बहुत फ़ायदेमंद होता है. इससे बॉडी को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती. अंगूर विटामिन्स का बेस्ट स्रोत है.
क्या है सही समय?
सुबह खाली पेट अंगूर खाना बहुत लाभदायक होता है. इसके अलावा धूप में जाने से कुछ देर पहले या धूप से आने के कुछ देर बाद ही अंगूर खाएं. अंगूर खाने के तुरंत बाद खाना न खाएं.

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मौसंबी (Sweet Lime)
कैल्शियम, फास्फोरस आदि पोषक तत्वों से भरपूर मौसंबी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होती है. अक्सर पेशेंट को इसका जूस पीने की सलाह दी जाती है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए मौसंबी का
जूस पीएं.
क्या है सही समय?
दोपहर के समय मौसंबी का सेवन करना लाभदायक होता है. धूप में जाने से कुछ देर पहले या धूप से आने के कुछ देर बाद मौसंबी खाना या उसका जूस पीना फ़ायदेमंद होता है.

केला (Banana)
विटामिन्स, मिनरल्स, पौटैशियम, ज़िंक, आयरन, कार्बोहाइड्रेट से भरपूर केला बेहतरीन फल है. इसे खाने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है.
क्या है सही समय?
अगर आप एक्सरसाइज़ करते हैं, तो एक्सरसाइज़ के बाद केला खाएं, इससे तुरंत एनर्जी मिलती है. दोपहर में भी केला खा सकते हैं, क्योंकि इसे खाने के बाद देर तक पेट भरा होने का एहसास होता है. रात को सोने से पहले केला न खाएं, क्योंकि इससे सर्दी हो सकती है.

तरबूज़ (Watermelon)
इसे बेस्ट समर फ्रूट कहा जा सकता है. इसमें 92 प्रतिशत पानी होता है, जो गर्मियों में आपकी बॉडी में पानी की कमी नहीं होने देता. तरबूज़ खाने से इम्यून सिस्टम भी ठीक रहता है.
क्या है सही समय?
तरबूज़ दिन में कभी भी खा सकते हैं, मगर इसे खाने के बाद एक घंटे तक पानी न पीएं. तरबूज़ को बहुत देर तक काटकर न रखें.

Healthy Eating
इन्हें भी खाएं सही समय पर
  • अखरोट (Walnuts) को रात को सोते समय स्नैक के रूप में खाएं, इससे अच्छी नींद आएगी.
  • अंजीर (Fig) और खुबानी को सुबह खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बढ़ता है और पेट को गर्मी मिलती है. अतः इसे सुबह ही खाएं. रात में इन्हें खाने से गैस की समस्या हो सकती है.
  •  चीज़ (Cheese) भी सुबह खाएं, क्योंकि इसे डाइजेस्ट (Digest) होने में समय लगता है और इससे वज़न भी जल्दी बढ़ता है.
  •  कॉफी सुबह के समय पीएं. इससे एनर्जी मिलती है और नींद गायब हो जाती है. रात को कॉफी पीने की ग़लती न करें.

– कंचन सिंह

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बॉडी के अनुसार डाइट (Food Choice: Diet according to body)

Diet according to body

Diet according to body

आहार यानी भोजन शरीर का ईंधन है. यह ईंधन जलकर शरीर को काम करने के लिए ज़रूरी ऊर्जा प्रदान करता है. यानी हर शरीर को उसके आकार के मुताबिक़ आहार बहुत ज़रूरी है. ज़ाहिर-सी बात है, हर शरीर को उसकी गतिविधियों के मुताबिक़ भोजन मिलना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ रहे. आइए, सबसे पहले शरीर की तासीर में बदलाव के साथ जुड़े बीएचआई यानी बॉडी हीट इंडेक्स के बारे में जानें. बीएचआई यानी शरीर में गर्मी के सूचकांक में बदलाव से बेचैनी और च़िड़चिड़ापन आता है. ऐसे में शरीर को नम रखना लाभदायक रहता है. अपच व मुंहासे जैसी आम समस्याएं भी बीएचआई में बदलाव के कारण पनपती हैं.

बीएचआई क्या है?
यह वातावरण की आर्द्रता से शरीर की तुलना कर शरीर के तापमान की जानकारी देता है. यदि आपके शरीर का तापमान औसत (98.3 डिग्री फारेहाइट) से कम है तो आपका हीट इंडेक्स लो यानी निम्न है और औसत से ़ज़्यादा है तो हाई यानी उच्च है.

बीएचआई को प्रभावित करनेवाले कारक
– वैक्सीनेशन या स्टेरॉइड.
– गर्भावस्था और पीरियड्स.
– लंबी दूरी की यात्रा व तनाव.

डायट प्लान
ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि शरीर की तासीर व मौसम के अनुसार डायट प्लान किया जाए. इसके लिए ज़रूरी है कि ठंडे व गर्म क़िस्म के खाद्य पदार्थों के बारे में जानें.

ठंडे खाद्य पदार्थ

1- तरबूज़
तरबज़ में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. पका हुआ तरबूज़ पित्तकारक, क्षारयुक्त, गर्म, वात व कफ़ शामक होता है. यह ब्लडप्रेशर को संतुलित रखता है और कई बीमारियों को दूर करता है. भोजन के बाद इसका रस पीने से भोजन जल्दी पचता है और नींद भी अच्छी आती है. इसके रस से लू लगने का ख़तरा नहीं रहता. त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए भी यह फ़ायदेमंद है. चेहरे पर फुंसी हो तो तरबूज लगाने से लाभ
मिलता है.

2- ककड़ी
शरीर की तासीर को नम यानी ठंडा रखने का ककड़ी एक ़कुदरती उपाय है, जिसमें प्रचुर मात्रा में फ़ाइबर भी होता है. यह पेट को साफ़ करने में मदद करता है. अध्ययन के अनुसार एक बाउल ककड़ी दिमाग़ को ठंडा करता है, ख़ासकर गर्मियों में.

3- दही
वैज्ञानिकों का कहना है कि दही पूर्ण भोजन है. इसमें सभी पौष्टिक तत्व होते हैं. फैट, कैल्शियम, मैग्नेशियम, सल्फर, आयरन, सोडियम जैसे तंदुरुस्ती बढ़ाने वाले तत्व इसमें प्राकृतिक रूप में पाए जाते हैं. दही का नियमित सेवन करने से पेट संबंधी परेशानियों से भी निजात मिलती है. इसलिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह काफ़ी
लाभकारी है.

4- पालक
पालक से रक्त शुद्धि व शक्ति का संचार होता है. आयरन तत्व हमारे शरीर के लिए उपयोगी व ज़रूरी है. आयरन के कारण ही रक्त में बल्ड सेल्स में इम्यूनिटी व लालिमा आती है. गर्मी में नज़ला, सीने व फेफड़े की जलन में यह लाभदायक है. यह पित्त की तेज़ी शांत करता है. गर्मी की वजह से होनेवाले पीलिया व खांसी में यह बहुत लाभदायक है. यह पानी और मैग्नेशियम का अच्छा स्रोत है. यह पाचन क्रिया को सही रखने में भी मदद करता है.

गर्म खाद्य पदार्थ

1- अंडा
अंडा काफ़ी गर्म माना जाता है. हर रोज़ एक अंडा खाना सेहत के लिए फ़ायदेमंद है, लेकिन अधिक नहीं. अध्ययन के अनुसार अंडे की जर्दी और मुंहासों की समस्या में सीधा संबंध है.

2- पपीता
पपीते के वैज्ञानिक विश्‍लेषण से पता चला है कि यह शरीर का क्षार संतुलित रखता है. इसमें विटामिन ए, बी और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं और डी अल्प मात्रा में. इसके नियमित उपयोग से शरीर में विटामिन्स की कमी नहीं रहती. इसमें पेप्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो बहुत ही पाचक होता है. यह पेप्सिन प्राप्त करने का एकमात्र साधन है. पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है. इसलिए पपीता पेट व आंत संबंधी विकारों में बहुत ही लाभदायक है. लेकिन अधिक गर्म पदार्थ होने के कारण गर्भावस्था में महिलाओं को पपीता न खाने की सलाह दी जाती है.

3- लाल मिर्च
लाल मिर्च शरीर की संचार प्रणाली को उत्तेजित करता है. शरीर के हर अंग में रक्त और पोषक तत्व पहुंचाने में मदद करता है. परंतु इसका ज़रूरत से ़ज़्यादा इस्तेमाल कई गंभीर समस्याओं, जैसे- गैस्ट्रिक, एसिड, क़ब्ज़ की समस्याएं बढ़ाता है.

4- नट्स
नट्स ऊर्जा का अच्छा स्रोत है, जिसे पचने में काफ़ी व़क़्त लगता है. यह दिमाग़ व शरीर को स्वस्थ बनाता है. इसमें एनर्जी होती है. साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है. पर इसे खाली पेट लेने से गैस्ट्रिक की समस्या भी हो सकती है, जो हाइपर हीट इंडेक्स को बढ़ाता है.

ध्यान रखें

  • बासी, ठंडा, कच्चा या जला हुआ व दोबारा गर्म किया हुआ भोजन सेहत के लिए नुक़सानदेह होता है.
  • भोजन करते समय कड़े पदार्थ पहले, नरम बीच में और पतले पदार्थ अंत में खाएं.
  • भूख लगने पर पानी और प्यास लगने पर भोजन नहीं करें, अन्यथा स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है.
  • सर्दी के दिनों में भोजन से पहले थोड़ा-सा अदरक व सेंधा नमक खा लेना चाहिए, जिससे पाचन शक्ति बढ़ जाती है.
  • भोजन करने से पहले केला व ककड़ी न खाएं.
  • भोजन में दूध, दही, छाछ लेना आयु को बढ़ाता है.
  • रात को भोजन के बाद दूध पीना सेहत के लिए हितकर है.
  • बिना भूख के भोजन करना बीमारियों को आमंत्रित करता है.
  • दो भोजन के बीच कम से कम छह घंटे का अंतर होना चाहिए.
  • अपनी शरीर की प्रकृति, पाचन शक्ति व शारीरिक क्षमता के अनुसार उचित मात्रा में ही भोजन करें.
  • भोजन करने के बाद क्रोध व तुरंत एक्सरसाइज़ कभी न करें.
  • भोजन करने के बाद कुछ देर ज़रूर टहलें. एसिडिटी होने पर अचार न खाएं.
  • जब मलेरिया हो तो दूध, मोसंबी, संतरा, गन्ने का रस लें. बुख़ार उतरने पर साबूदाना, पतली दाल व दलिया लें. कोई भी ठोस पदार्थ न खाएं.
  • संतरा का फ़ाइबर ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है.

जानें किन खाद्य पदार्थों को एक साथ खाना चाहिए (7 Best Food Combinations)

12 सुपर फूड, जो आपको देंगे इंस्टेंट एनर्जी(12 Super food for instant energy)

energy booster food

क्या आप भी दिनभर थकान महसूस करती हैं? तो दिनभर की थकान को चुटकियों में दूर करने के लिए अपनी डायट में शामिल करें कुछ सुपरफूड, जो दिनभर आपको रखेंगे फ्रेश और एनर्जेटिक.

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दही

दही में प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो थकान दूर करके आपको एनर्जेटिक बनाते हैं. दही को आप सुबह के नाश्ते में भी शामिल कर सकते हैं. दही में फ्रूट्स मिलाकर खाना भी एक बेहतरीन विकल्प है. एनर्जेटिक बनाने के साथ ही दही के सेवन से इम्यून सिस्टम भी मज़बूत बनता है.

 

सौंफ

सुनकर शायद आपको थोड़ी हैरानी होगी, लेकिन सौंफ में पाए जानेवाले पोषक तत्व सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन आदि शरीर में थकान महसूस कराने वाले हार्मोन्स को ख़त्म कर देते हैं. सौंफ को चबा-चबा कर खाएं या फिर सौंफ वाली चाय पीएं. थकान मिनटों में छूमंतर हो जाएगी और आप तरोताज़ा महसूस करेंगे.

 

केला

ऑफिस से आने के बाद शाम को यदि आपको बहुत ज़्यादा थकान महसूस हो रही है और आपसे उठा नहीं जा रहा हो, तो 2-3 केले खा लें. केले में पोटैशियम पाया जाता है जो शरीर में मौजूद शुगर को एनर्जी में बदल देता है और आपकी थकान दूर हो जाती है.

 

अजवायन

क्या कभी आपने अजवायन की चाय पी है? नहीं..? तो पीकर देखिए, थकान मिनटों में दूर हो जाएगी. अजवायन को गरम पानी में उबालकर चाय की तरह पीएं. सुबह-शाम थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इसे पीने से शरीर को ऊर्जा तो मिलती ही है, साथ ही मस्तिष्क की नसों को आराम और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है.

 

संतरा

संतरे मे मौजूद विटामिन बी6 और फॉलिक एसिड थकान दूर करके आपको एनर्जेटिक बनाता है. जब भी आपको थकान लगे, तो संतरा खाएं या उसका जूस पीएं. संतरे का जूस प्रेग्नेट महिलाओं के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होता है.

 

अखरोट

एनर्जी बढ़ाने वाले फूड की बात हो और अखरोट का नाम न आए, भला ऐसा कैसे हो सकता है. ओमेगा3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट मिनटों में थकान दूर करने में मदद करता है. इतना ही नहीं, अखरोट खाने से एंग्ज़ाइटी और डिप्रेशन से भी राहत मिलती है. यदि आप एक्सरसाइज़ करके थक चुके हैं, तो अखरोट खाइए.

 

ओटमील

फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट के गुणों से भरपूर ओटमील कई तरह की बीमारियों से बचाने के साथ ही एनर्जेटिक भी रखता है. सुबह नाश्ते में ओटमील खाने से आप दिनभर फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करेंगे. अपनी पसंद के अनुसार आप ओट्स से स्वीट या नमकीन रेसिपी बना सकती हैं.

 

मशरूम

दिन मे एक कप मशरूम खाने से शरीर को 50 प्रतिशत आयरन मिलता है. मशरूम खाने से रक्त की कमी की समस्या नहीं होती. इसके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है, साथ ही हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी ये फ़ायदेमंद होता है. मशरूम में अन्य सब्ज़ियों के मुक़ाबले प्रोटीन, विटामिन ई और सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है.

 

पपीता

सुबह-सुबह पपीता खाने से डाइजेशन सिस्टम ठीक रहने के साथ ही शरीर को ऊर्जा भी मिलती है. पपीते में मौजूद विटामिन बी6 और फॉलिक एसिड शरीर की थकान दूर करने में मदद करते हैं. ऑफिस में शाम के समय भूख लगने पर पपीता खाएं. इससे तुरंत एनर्जी मिलेगी. इसके अलावा पपीता कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने और वज़न घटाने में भी मदद करता है.

 

पालक

इसमें मैग्नीशियम, आयरन और पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है. मैग्नीशियम शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करने में मदद करता है और पोटैशियम पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है. दोपहर के भोजन में सलाद के रूप में पालक खाने से आप दिनभर तरोताज़ा महसूस करेंगे.

 

अदरक

थकान महूसस होने पर अदरक वाली चाय पीजिए या फिर अदरक को पतला-पतला काटकर नमक के साथ खाइए. आप तरोताज़ा महसूस करेंगे. अदरक में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट मसल्स को रिलैक्स करने के साथ ही इम्यून सिस्टम को भी मज़बूत बनाते हैं.

 

अंडा

अंडे में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है. दिन में एक अंडा खाने से शरीर को 30 प्रतिशत प्रोटीन मिलता है. एक्सरसाइज़ के बाद एक अंडा खाइए, इससे थकान दूर होने के साथ ही मसल्स भी रिलैक्स होंगी.

 

सही खाना ही नहीं, सही समय पर खाना भी है ज़रूरी (Healthy Eating: Are You Eating At The Right Time?)

स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट

कभी शाम ढले तुम चली आती हो मेरे दिल के आंगन में… कभी सुबह को खिल जाती हो गुलमोहर की तरह मेरे दामन में… मेरी पलकों पर जब रख देती हो तुम अपनी पलकें, तो महक उठते हैं लाखों ख़्वाब मुहब्बत के चमन में…

हुस्न के तो कई रंग होते हैं, लेकिन ये हुस्न हमेशा जवां बना रहे, इसके लिए स़िर्फ ऊपरी देखभाल ही नहीं, इंटरनल केयर भी ज़रूरी है. आप जो खाएंगे, वही आपकी स्किन पर नज़र आएगा. इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि हेल्दी स्किन के लिए हेल्दी खाया जाए. इसका पहला स्टेप यह है कि अपनी स्किन को पहचानें और उसकी ज़रूरत के अनुसार अपनी डायट सिलेक्ट करें.

ब्यूटी डायट से पाएं ग्लोइंग स्किन

अपनी स्किन को भीतर से रिस्टोर और रिपेयर करें, ताकि आप पाएं खिली-खिली त्वचा और बेपनाह हुस्न.
हेल्दी डायट न स़िर्फ अच्छी सेहत, बल्कि अच्छी स्किन के लिए भी ज़रूरी है. लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सभी की स्किन अलग होती है. ऐसे में हर स्किन टाइप के लिए ब्यूटी डायट भी अलग ही होगी. हम यहां स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट की चर्चा कर रहे हैं, जिसे अपनाकर आप भी अपनी स्किन की बेहतर देखभाल कर सकेंगी.

ड्राई स्किन

– मॉइश्‍चर की कमी के चलते ड्राई स्किन पर मौसम का असर भी जल्दी होता है.

– त्वचा हमेशा खिंची-खिंची रहती है और लिप्स भी ड्राई रहते हैं.

– ऐसे में सबसे ज़रूरी है पानी. जी हां, भरपूर पानी पीने से आप हाइड्रेटेड रहेंगी, जिसका सीधा असर आपकी स्किन पर नज़र आएगा.

– अपने दिन की शुरुआत करें गुनगुने पानी में आधे नींबू के रस से. इससे शरीर के विषैले तत्व निकल जाएंगे और आपको मिलेगी ग्लोइंग स्किन.

– ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे- ककड़ी, तरबूज़, सेलरी, सलाद के पत्ते, टमाटर आदि. इनके नियमित सेवन से आपको ज़रूरी मिनरल्स और विटामिन्स भी मिलेंगे.

– गुड फैट्स भरपूर मात्रा में लें. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स मॉइश्‍चर प्रदान करता है. इसके लिए आप ऑयली फिश, एवोकैडोज़, फ्लैक्ससीड्स, नारियल का तेल और नट्स ले सकती हैं.

– अगर स्किन क्रैक्ड और फ्लेकी लगे, तो स्किन को रिपेयर करनेवाले फूड पर ध्यान दें. ज़िंक से भरपूर आहार त्वचा को हील और टिश्यूज़ को रिपेयर करते हैं, जैसे- ऑयस्टर, कद्दू के बीज, सी फूड, बीन्स और दालें.

अवॉइड करें: अल्कोहल, कैफीन और शुगर, क्योंकि ये स्किन को डीहाइड्रेट करते हैं.

ऑयली स्किन

– विटामिन बी6 के मुख्य स्रोत हैं- साबूत अनाज, टूना, सालमन मछली, पालक, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, असपैरागस, नट्स और लहसुन.

– सीबम के अधिक रिसाव के कारण त्वचा पर ऑयल और शाइन नज़र आता है, ख़ासतौर से टी-ज़ोन पर.

– ऑयली स्किनवाली महिलाओं को मुंहासों की भी समस्या अधिक होती है.

– आप विटामिन बी6 से भरपूर डायट लें, क्योंकि यह सीबम को कंट्रोल करता है यानी सीबम के निर्माण को कम करता है.

– लैसिथिन भी फैट सेल्स को ब्रेक करके रोमछिद्रों में जमा तेल और ऑयल के अतिरिक्त निर्माण को नियंत्रित करता है. लैसिथिन के प्रमुख स्रोत हैं- अंडा, बीज, फलियां, फूलगोभी, सोयाबीन्स.

अवॉइड करें: फ्राइड और फास्ट फूड्स, क्योंकि अधिकतर फास्ट फूड्स हाइड्रोजनेटेड वेजीटेबल ऑयल का इस्तेमाल करते हैं, जो रोमछिद्रों को बंद करके फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं. इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड भी अवॉइड करें, क्योंकि इनमें प्रिज़र्वेटिव्स और शुगर की अधिक मात्रा होती है.

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सेंसिटिव स्किन

– रैशेज़, ड्राईनेस, जलन, लालिमा, खुजली आदि सेंसिटिव स्किन की निशानी है.

– अमीनो एसिड्स और फैटी एसिड्स सेल्स रिन्यू करके सेंसिटिविटी को कंट्रोल करते हैं.

– सुबह अपने जूस या स्मूदी में इन्हें शामिल करें और कोशिश करें कि उन्हें अपने नेचुरल फॉर्म में लें.

अवॉइड करें: रेड मीट, कैफीन, सॉफ्ट ड्रिंक्स, अल्कोहल और स्पाइसी फूड. मोनोसोडियम ग्लूटामेट और इसके रिप्लेसमेंट्स, कलर्स, फ्लेवर्स और प्रिज़र्वेटिव्स को भी अवॉइड करें.

हेल्दी स्किन के लिए बेस्ट सुपर फूड्स

– ब्लूबेरीज़ नंबर वन फूड माना जाता है एंटीऑक्सीडेंट्स के मामले में. यह एजिंग प्रोसेस को कम करता है.

– वाइल्ड सालमन में सेलेनियम होता है, जो त्वचा का धूप से बचाव करता है. इसके अलावा सालमन में मौजूद विटामिन डी आपकी हड्डियों और दांतों को भी मज़बूती प्रदान करता है.

– पालक में मौजूद लूटीन आंखों को हेल्दी और शाइनी रखता है. पालक में विटामिन बी, सी, ई, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्निशियम, ओमैगा 3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी रखते हैं.

– ऑयस्टर्स में मौजूद ज़िंक सेल्स के निर्माण व रिपेयर को तेज़ करता है. इसके अलावा यह नाख़ून, बाल और आंखों को भी हेल्दी
बनाता है.

– टमाटर एंटीएजिंग एंटीऑक्सीडेंट- लाइकोपीन का बेहतरीन स्रोत है. पकने के बाद या प्रोसेस्ड टोमैटोज़ में भी लाइकोपीन नष्ट नहीं होता और हमारे शरीर द्वारा आसानी से एब्ज़ॉर्ब कर लिया जाता है.

– अखरोट विटामिन ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर है. यह स्मूद स्किन, शाइनी हेयर, ब्राइट आईज़ और हेल्दी बोन्स देता है. मुट्ठीभर अखरोट अपने डायट में शामिल करें.

– कीवि फ्रूट विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है. यह झुर्रियों से बचाव करता है और त्वचा में कसाव लाता है.

– डार्क चॉकलेट स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और धूप से भी बचाव करता है.

– दही कैल्शियम से भरपूर होता है और यह स्किन, दांत व नाख़ूनों को हेल्दी व शाइनी बनाता है.

– स्वीट पोटैटो में बीटा-कैरोटीन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है और एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है.

मुंहासोंवाली स्किन के लिए डायट

– जितना अधिक आपकी बॉडी अंदर से क्लीन होगी, उतनी ही आपकी स्किन भी क्लीन होगी.

– लिवर, पेट और आंतों को क्लीन रखने के लिए हाई फाइबरयुक्त फूड लें.

– सेब में पेक्टिन होता है. यह एक कार्बोहाइड्रेट कंपाउंड होता है, जो पेट के टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और आंतों को भी मज़बूत बनाता है.

– गाजर और सेलरी विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को क्लीन लुक देते हैं.

– ताज़े नींबू का रस पानी में मिलाकर सुबह पीएं. इससे सिस्टम क्लीन होता है.

मैच्योर स्किन के लिए डायट

– प्रोटीन से भरपूर आहार लें, जैसे- नट्स और ओट्स. ये ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भी भरपूर होते है, जो त्वचा को लूज़ होने से बचाते हैं.

– फिश बहुत ही हेल्दी होती है. आप सालमन फिश लें, जो एजिंग के प्रोसेस को धीमा करती है.

– कमलेश शर्मा

ब्यूटी विटामिन्स

विटामिन ए: एंटी एजिंग

हेल्दी स्किन और महत्वपूर्ण स्किन टिश्यू़ूज के रिपेयर और केयर के लिए विटामिन ए बहुत ज़रूरी है. इसकी कमी होने पर त्वचा ड्राई और पपड़ीदार हो जाती है. विटामिन ए को रेटिनॉइड्स नामक कंटेंट के तौर पर भी जाना जाता है. विटामिन ए से भरपूर डायट और रेटिनॉइड्स युक्त नाइट क्रीम व लोशन लगाकर हेल्दी त्वचा पाई जा सकती है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: ब्रोकोली, ऐवोकैडो, शकरकंद, गाजर, पालक, तरबूज़ और खरबूजा आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: रोज़ाना विटामिन ए युक्त क्रीम व लोशन लगाने से फाइन लाइन्स और रिंकल्स को कम किया जा सकता है.

– ये क्रीम्स व लोशन दाग़ धब्बों को मिटाकर स्किन को स्मूद बनाते हैं.

– रेटिनॉइड्स बेस्ड क्रीम में मौजूद तत्व दिन में भी सूर्य की तेज़ धूप से होनेवाले नुक़सान से त्वचा की रक्षा करते हैं.

– ये क्रीम्स त्वचा पर तेज़ी से अपना असर दिखाती हैं. इनका असर चार से आठ सप्ताह के अंदर त्वचा पर देखा जा सकता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना रात को सोने से पहले चेहरे पर रेटिनॉइड कंटेंट मिश्रित क्रीम से मसाज करें.

– पहली बार अप्लाई करते समय त्वचा पर बहुत थोड़ी मात्रा में क्रीम लगाएं और क्रीम का रिएक्शन चेक करें.

– पहली बार क्रीम अप्लाई करने पर त्वचा पर रेडनेस हो सकती है या स्किन की लेयर निकल सकती है, लेकिन दूसरे दिन से क्रीम का असर दिखने लगेगा. धीरे-धीरे त्वचा स्मूद होने लगेगी.

विटामिन बी3: रेडनेस

नायसिनअमाइड नामक तत्व को विटामिन बी3 के रूप में जाना जाता है. विटामिन बी3 बेस्ड क्रीम्स, लोशन्स और सीरम्स में नायसिनअमाइड नामक कंटेंट होता है, जो त्वचा की रेडनेस को कम करने और मुंहासों को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. विटामिन बी3 त्वचा में हाइड्रेशन के स्तर को बूस्ट करता है, साथ ही त्वचा में सैरेमाइड के प्रोडक्शन और फैटी एसिड की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: चिकन, टूना, सालमन, मूंगफली, ब्राउन राइस, एस्पेरागस, हरी मटर, जौ, मशरूम, खरबूजा, सनफ्लावर सीड आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन बी3 त्वचा के लिए रक्षात्मक कवच का काम करता है.

– ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए विटामिन बी3 बहुत फ़ायदेमंद है.

– विटामिन बी3 युक्त क्रीम आदि लगाने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है और स्किन सॉफ्ट होती है.

– रोज़ाना क्रीम व लोशन से मसाज करने पर त्वचा में कसाव आता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना सुबह और शाम को विटामिन बी3 मिश्रित क्रीम या लोशन से 2 मिनट तक मसाज करें.

विटामिन सी: दाग़-धब्बे

विटामिन सी में स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपटीऱ्ज होती हैं, जो दाग़-धब्बों को दूर करने में मदद करता है. यह विटामिन कोलैजन का निर्माण अधिक मात्रा में करता है, जो डैमेज्ड टिश्यूज़ को रिपेयर करने में मदद करता है. विटामिन सी युक्त मॉइश्‍चराइज़र, सीरम और ऑयल लगाने से दाग़-धब्बे दूर होते हैं.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: एवोकैडो, ब्रोकोली, टमाटर, ककड़ी, लाल शिमला मिर्च, मोसंबी, संतरा और स्ट्रॉबेरी.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन सी एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है, जिससे स्किन रिंकल फ्री रहती है.

– यह फाइन लाइन्स और ड्राईनेस को दूर करता है.

– विटामिन सी की हीलिंग प्रॉपर्टीज़ डैमेज स्किन को हील करती हैं.

– विटामिन सी टिश्यूज़ की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है.

कैसे करें अप्लाई: त्वचा पर रोज़ सुबह विटामिन सी युक्त क्रीम से 2 मिनट तक मसाज करें.

– घर से बाहर निकलने से पहले विटामिन सी युक्तक्रीम लगाएं. फिर सनस्क्रीन लगाएं.

विटामिन ई: मॉइश्‍चराइज़ेशन

विटामिन ई फ्री रेडिकल्स (त्वचा को हानि पहुंचानेवाले कण) से त्वचा की रक्षा करता है, इसलिए इस विटामिन को त्वचा के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. विटामिन सी की तरह विटामिन ई भी कोलैजन का अधिक मात्रा में उत्पादन करता है, जो स्किन एजिंग के प्रोसेस को धीमा करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: बादाम, अंडे, सूखे मेवे, हरी सब्ज़ियां, साबूत अनाज, शकरकंद, शलजम, पपीता आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: नियमित रूप से विटामिन ई युक्तऑयल या लोशन लगाने से झुर्रियों को कम किया जा सकता है.

– विटामिन ई मिश्रित ऑयल लगाने से त्वचा की रेडनेस दूर होती है.

– इस विटामिन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को प्रदूषण और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से होनेवाले नुक़सान से बचाते हैं.

– विटामिन ई युक्त ऑयल या सीरम ड्राई स्किन को न केवल नमी प्रदान करता है, बल्कि सॉफ्ट और स्मूद भी बनाता है.

– नियमित रूप से विटामिन ई युक्त क्रीम व ऑयल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स और दाग़-धब्बे भी दूर होते हैं.

– विटामिन ई बेस्ड क्रीम त्वचा में होनेवाली जलन को कम करने में मदद करती है.

कैसे करें अप्लाई: ड्राई स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करने के लिए रोज़ाना नाइट क्रीम से मसाज करें.

– देवांश शर्मा

क्यों ज़रूरी है कैल्शियम ? (Calcium: Health Benefits, Foods, and Deficiency)

Calcium Health Benefits

Calcium Health Benefits
मॉडर्न लाइफ़स्टाइल के चलते हमारी फूड हैबिट्स काफ़ी बदल गई है. हम पौष्टिक चीज़ें खाने की बजाय स्वाद को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं, जैसे- जंक फूड्स, तली-भुनी चीज़ें, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट, आइस्क्रीम आदि. खानपान में गड़बड़ी के चलते शरीर में कैल्शियम की कमी एक आम समस्या हो गई है, जो आगे चलकर स्वास्थ्य को प्रभावित करती है.

शरीर के स्वस्थ और संतुलित विकास के लिए हर उम्र में कैल्शियम की आवश्यकता होती है. बढ़ते बच्चों के शरीर, दांतों के आकार और हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए भी कैल्शियम ज़रूरी है. जहां तक महिलाओं का प्रश्‍न है, हमारे देश की अधिकांश महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई जाती है. उनमें इसकी कमी टीनएज से ही रहने लगती है, जो ताउम्र बनी रहती है. चूंकि महिलाएं मासिक धर्म, मेनोपॉज़ जैसी प्रक्रियाओं से गुज़रती हैं, साथ ही गर्भधारण और स्तनपान कराती हैं, इसलिए उन्हें ख़ासतौर पर कैल्शियम की आवश्यकता होती है.

क्यों ज़रूरी है कैल्शियम?
शरीर की प्रत्येक कोशिका को कैल्शियम की ज़रूरत इसलिए होती है, क्योंकि हमारे शरीर में त्वचा, नाख़ून, बाल और मल के ज़रिए रोज़ ही कैल्शियम की कुछ मात्रा नष्ट होती रहती है. इसलिए कैल्शियम का संतुलन बनाए रखने के लिए इसकी रोज़ ही पूर्ति कर ली जाए, तो अच्छा रहता है. यदि ऐसा नहीं होगा, तो हमारा शरीर हड्डियों से कैल्शियम लेने लगेगा. नतीजा बाहर से भले ही हम कमज़ोर न लगें, लेकिन अंदर ही अंदर हड्डियां खोखली हो जाएंगी और शरीर कमज़ोर. और कमज़ोर हड्डियां कई तरह की परेशानियां पैदा करती हैं, जैसे- ज़रा-सी चोट लगने पर ही फ्रैक्चर हो सकता है. यही नहीं, कैल्शियम हृदय, मांसपेशियों, ब्लड क्लॉटिंग के लिए भी बेहद ज़रूरी होता है.
इसके अलावा कैल्शियम मांसपेशियों के कई काम में मदद करता है, जैसे-
– लिखना, टहलना, बैठना और किसी गेंद को फेंकना आदि.
– कैल्शियम नर्वस सिस्टम के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचाने में सहायक है, जैसे- यदि आपने किसी गरम वस्तु को छू लिया है, तो मस्तिष्क तुरंत एक संदेश भेजेगा, जिससे आपके मुंह से ‘आह!… आउच!’ की आवाज़ आएगी और आप अपने हाथ को जल्दी से दूर हटा लेंगे.
– इसके अलावा ये चोट, घाव, खरोंच आदि को भी जल्दी ठीक करने में मदद करता है.
– लेकिन यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो इसके दुष्प्रभाव होते हैं, जो हमें बीमार कर सकते हैं. इन बीमारियों के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं.

Calcium Health Benefits

कैल्शियम की कमी के लक्षण
– ब्लड प्रेशर का बढ़ना
– दांतों का समय से पहले गिरना
– शरीर का विकास रुकना
– हड्डियों में टेढ़ापन
– शरीर के विभिन्न अंगों मेंऐंठन या कंपन
– जोड़ों का दर्द
– मांसपेशियों में निष्क्रियता
– ज़रा-सा टकराने पर हड्डियों का टूटना
– मस्तिष्क का सही ढंग से काम न करना
– भू्रण के विकास पर प्रभाव पड़ना
– हड्डियों का खोखला होना, उनका कमज़ोर होकर टूटना, बार-बार फ्रैक्चर होना
– कमर का झुकना व दर्द होना
– हाथ-पैरों में झुनझुनाहट व कमज़ोरी
– बुज़ुर्गों को ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है यानी फ्रैक्चर व हड्डियों में दर्द.

कितना कैल्शियम है ज़रूरी?
– सामान्य महिलाओं के लिए प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है.
– गर्भवती महिलाओं व स्तनपान करानेवाली महिलाओं के लिए प्रतिदिन 1500 मिलीग्राम.
– 6 माह के छोटे बच्चों के लिए 400 मिलीग्राम.
– 1 साल से 10 साल तक के बच्चों के लिए 800 मिलीग्राम.
– 10 साल से 18 साल और उससे अधिक आयु वर्ग के लिए 1300 मिलीग्राम.

Calcium Health Benefits

कैल्शियम की कमी की पूर्ति कैसे करें?
इस बारे में डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि बीमारी कोई भी हो, शरीर के लिए दुखदायी होती है, इसलिए उसका तुरंत उपचार करना भी ज़रूरी होता है, वरना उसके साथ-साथ शरीर में और भी कई बीमारियां घर कर लेती हैं. यदि हम अपने खानपान का ध्यान रखें, तो बीमारियों को दूर भगा सकते हैं. आइए, जानें कि कैल्शियम हमें किन चीज़ों से मिल सकता है, जिन्हें अपने डायट में शामिल कर हम स्वस्थ रह सकते हैं-
अनाज- गेहूं, बाजरा, मूंग, मोठ, चना, राजमा और सोयाबीन.
सब्ज़ियां- गाजर, भिंडी, टमाटर, ककड़ी, अरबी, मूली, मेथी, करेला और चुकंदर.
फल- नारियल, आम, संतरा और अनन्नास.
डेयरी उत्पाद- दूध व दूध से बनी चीज़ों को कैल्शियम का प्रमुख स्रोत माना जाता है. हर रोज़ दूध का सेवन शरीर में कैल्शियम की मात्रा बनाए रखने में मददगार होता है.
– मां का दूध नवजात शिशु के लिए कैल्शियम का सर्वोत्तम स्रोत है, जो उनमें कैल्शियम की पूर्ति करता है और स्वस्थ रखता है.
– ये सभी प्राकृतिक रूप से कैल्शियम प्रदान करनेवाले तत्व हैं. ये पदार्थ तुरंत शरीर के द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं, इन्हें अपनी रोज़मर्रा की डायट में शामिल कर हम कैल्शियम की कमी से होनेवाले नुक़सानों से बच सकते हैं.

एंटी एजिंग डायट प्लान (Anti Aging Diet Plan)

Aging Diet Plan

अक्सर देखा गया है कि एक उम्र के बाद महिलाएं पुरुषों से ज़्यादा उम्रदराज़ दिखने लगती हैं. घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों में फंसकर कहीं आप भी ख़ुद को पूरी तरह भूल तो नहीं गईं. अब भी व़क्त है ख़ुद को संभालें और एंटी एजिंग डायट प्लान को अपनाकर दिखें जवां.

 

कैसा हो नाश्ता?

अधिकतर महिलाओं में सुबह का नाश्ता स्किप करने की आदत होती है या फिर वो नाश्ते के नाम पर कुछ भी खा लेती हैं. आप भी अगर अब तक इसी तरह की दिनचर्या का पालन करती रही हैं, तो अब इसे बदल दें. रोज़ाना सुबह अपने नाश्ते में इन चीज़ों को शामिल करें.

बाजरे का पोहा या दलिया

  • ब्राउन राइस पोहा
  • ब्राउन राइस दलिया
  • ब्राउन राइस इडली

लंच में क्या खाएं?

दोपहर के खाने में कुछ भी खाने से बचें और अपने लंच में इन फूड्स को करें शामिल.

  • जौ की रोटी, ब्राउन राइस, हरी मूंग का सलाद, कद्दू के बीज की ग्रेवी में गाजर, क्विक पिकल.
  •  सब्ज़ियों के साथ बाजरा, हरी सब्ज़ी के साथ काबुली चने, सरसों या पालक का साग, प्रेस्ड सलाद.
  •  ब्राउन राइस, राजमा करी, लाल कद्दू किसी भी तरह से बना हुआ.
  •  मसूर की दाल, चुकंदर का सलाद.

डिनर में क्या खाएं?

  •  पालक और चुकंदर का सूप, ब्राउन राइस, मेथी गाजर की सब्ज़ी, मसाले वाली दाल या मछली, रोटी.
  •  टमाटर का शोरबा, दाल, टोफू के साथ हरी शिमला मिर्च, ब्राउन राइस या रोटी.
  •  गाजर और मटर की सब्ज़ी, राजगीरा और ज्वार की रोटी.
  • फूलगोभी का सूप, मसालों के साथ पालक, दाल, रोटियां या ब्राउन राइस.
  •  ब्रोकोली का सूप, फूलगोभी किसी भी तरह से बनाई हुई या स्टीम्ड फिश, दाल.
  •  लौकी का सूप, मसालेदार मेथी, ब्राउन राइस.

जैसा ब्लड ग्रुप, वैसा डायट प्लान (Blood Group Type Diet: Eating for Types O, A, B, & AB)

Blood Group Type Diet

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए आप जिस तरह पर्सनैलिटी के अनुसार आउटफिट और एक्सेसरीज़ का चुनाव करते हैं. ठीक उसी तरह ब्लड ग्रुप के अनुसार डायट प्लान फॉलो करके भी आप हेल्दी और फिट रह सकते हैं. सेहतमंद ज़िंदगी के लिए ब्लड ग्रुप के अनुसार कैसा हो डायट प्लान (Blood Group Type Diet)? आइए, जानते हैं.
Blood Group Type Diet

ब्लड ग्रुप के अनुसार शरीर की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती हैं. ऐसे में यदि अपने ब्लड ग्रुप को ध्यान में रखते हुए कोई डायट प्लान फॉलो करते हैं, तो आप न स़िर्फ फिट एंड हेल्दी रह सकते हैं, बल्कि एसिडिटी, कॉन्सटिपेशन जैसी कई समस्याओं से मुक्ति भी पा सकते हैं. साथ ही वज़न भी आसानी से घटा सकते हैं.Type-A-blood-drop

ए ब्लड ग्रुप

ए ब्लड ग्रुपवालों का शाकाहारी होना सेहत की दृष्टि से फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि ए ब्लड ग्रुपवालों की पाचन शक्ति बाक़ी ब्लड ग्रुपवालों की अपेक्षा कमज़ोर होती है. ऐसे में वे नॉन-वेज या कोई भी हैवी फूड पचा नहीं पाते, जिससे इन्हें पेट संबंधी समस्या, जैसे एसिडिटी का सामना करना पड़ता है.

क्या खाएं?
– ए ब्लड ग्रुपवालों का ख़ून अन्य ब्लड ग्रुप से अधिक गाढ़ा होता है. इसलिए सब्ज़ी और फलों का सेवन इनके लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है.
– प्रोटीन की आपूर्ति के लिए सोया रोटी, सोया ब्रेड, बीन्स आदि का सेवन इन्हें तंदुरुस्त रखता है.
किससे करें परहेज़?
– चूंकि आपका पाचन तंत्र कमज़ोर है, इसलिए मीट की बजाय मछली का सेवन करें.
– पपीता, आम और संतरा जैसे फलों का सेवन कम से कम करने की कोशिश करें.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कम करना चाहते हैं, तो अपने डायट रूटीन में ज़्यादा से ज़्यादा हरी सब्ज़ियां और सोया से बनी चीज़ें शामिल करें. मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स, राजमा जैसे फैट वाले आहार से परहेज़ करें, वरना आपका वज़न बढ़ सकता है.blood-type-diet-for-blood-group-b

बी ब्लड ग्रुप

बी ब्लड ग्रुपवाले बेहद लकी होते हैं, क्योंकि इन्हें स्वादिष्ट चीज़ों से परहेज़ की ज़रूरत नहीं होती. साथ ही ये खाने में वेरायटी का मज़ा भी ले सकते हैं. बी ब्लड ग्रुपवालों को संतुलित आहार स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखता है.
क्या खाएं?
– फलों का सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
– आप डेयरी प्रोडक्ट्स और फिश खा सकती हैं, मगर इनका सेवन संतुलित मात्रा में करें.
किससे करें परहेज़?
– कॉर्न, चना, मसूर और अरहर की दाल का सेवन कम करें. ये आपके लिए नुक़सानदायक हो सकते हैं.
– गेहूं या टमाटर का अधिक सेवन भी आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करने के लिए कॉर्न, मूंगफली, चिकन, गेंहू और तिल का सेवन करने से बचें और अपने डायट प्लान में अंडा, ग्रीन टी, मीट और हरी सब्ज़ियां सबसे ऊपर रखें.

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एबी ब्लड ग्रुप

एबी ब्लड ग्रुपवालों में ए और बी दोनों ब्लड ग्रुपवालों के लक्षण होते हैं. मगर इनका ब्लड ग्रुप ए की तरह शाकाहारी होना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. ब्लड ग्रुप बी की तरह ये नॉन-वेज का अधिक सेवन नहीं कर सकते, क्योंकि मीट खाने से इन्हें अपच की शिकायत हो सकती है.
क्या खाएं?
– शाकाहारी खाना खाएं.
– फलों का सेवन भी कर सकते हैं.
– आप फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– चिकन से परहेज़ करें, पेट में एसिड की मात्रा कम होने से ये अच्छी तरह पच नहीं पाता, जिससे अपच की शिकायत हो सकती है.
– कॉर्न भी न खाएं. ये भी आपके लिए तकलीफ़देह हो सकता है.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कंट्रोल में रखना चाहती हैं, तो सोया पनीर, सीफूड, अनन्नास आदि खाएं. रेड मीट और राजमा से परहेज़ करें.

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ओ ब्लड ग्रुप

ओ ब्लड ग्रुपवालों के पेट में एसिड की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण ये आसानी से नॉन-वेज फूड पचा लेते हैं. चूंकि ओ ब्लड ग्रुपवालों में थायरॉइड हार्मोन की मात्रा कम होती है, इसलिए इन्हें ऐसी चीज़ें नहीं खानी चाहिए, जिससे थायरॉइड का स्राव कम हो, जैसे- पत्तागोभी, फूलगोभी आदि.
क्या खाएं?
– आप ख़ूब सारे फल और सब्ज़ियों का सेवन कर सकते हैं.
– अगर आप नॉन-वेज खाने के शौक़ीन हैं, तो रेड मीट से लेकर चिकन और फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– दूध या दूध से बने कोई भी पदार्थ खाने से बचें.
– ड्रायफ्रूट्स का अधिक सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद नहीं है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करना हो, तो ब्रेड, चावल और फली यानी बीजवाली सब्ज़ियां न खाएं. पालक और ब्रोकोली वज़न घटाने में सहायक हो सकते हैं.

बहाने छोड़िए, फिट रहिए ( Workout, Exercise )

Workout, Exercise

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में महिलाओं को फिट रहने के लिए जितना ज़रूरी हेल्दी डायट लेना है, उतना ही ज़रूरी एक्सरसाइज़ करना भी है, पर जब एक्सरसाइज़ करने की बात आती है, तो महिलाएं अपनी व्यस्त दिनचर्या का बहाना बनाकर बचने की कोशिश करती हैं. ऐसा नहीं है कि वे एक्सरसाइज़ से होनेवाले फ़ायदों से वाक़िफ़ नहीं हैं, लेकिन सब कुछ जानकर भी अंजान बने रहना चाहती हैं. आइए, जानें महिलाओं के ऐसे कुछ फिटनेस संबंधी बहानों के बारे में.

 

Workout, Exercise

फिटनेस बहाना: आज मैं बहुत व्यस्त हूं. मेरे पास एक्सरसाइज़ करने का समय नहीं है.

क्या करें: आप जैसे घर और ऑफिस के ज़रूरी कामों को निपटाने के लिए समय निकालती हैं, वैसे ही एक्सरसाइज़ के लिए भी थोड़ा समय ज़रूर निकालें. अपनी व्यस्त दिनचर्या के ज़रूरी कामों की लिस्ट में एक्सरसाइज़ को भी शामिल करें, न कि उसे अनावश्यक समझकर नज़रअंदाज़ करें.

– वर्क लोड चाहे कितना भी अधिक क्यों न हो, फिर भी कुछ समय ज़रूर निकालें.

– जिम जाने की बजाय घर पर ही हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें.

– यदि एक्सरसाइज़ करने का मूड नहीं है, तो सुबह आधे घंटे जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक के लिए जाएं.

फिटनेस बहाना: आज मैं बहुत थकी हुई हूं/ आज मेरा मूड नहीं है.

क्या करें: एक्सरसाइज़ करने की बजाय वॉक करें. वॉक करने से भी शरीर में ताज़गी और ऊर्जा का संचार होता है और थकान भी कम महसूस होती है.

– अपने आप को याद दिलाती रहें कि एक्सरसाइज़ करने से शरीर में चुस्ती-फुर्ती आती है.

pavanmuktasan -fitness mantra- Excercise

फिटनेस बहाना: अकेले एक्सरसाइज़ करना बोरिंग लगता है.

क्या करें: एक्सरसाइज़ को दिलचस्प बनाने के तरी़के ढूंढ़ें. इसके अलावा आप अपने किसी फ्रेंड के साथ मिलकर भी एक्सरसाइज़ कर सकती हैं.

– एक्सरसाइज़ को दिलचस्प बनानेवाली एक्सेसरीज़ ख़रीदें, जैसे- योगा पैंट व टी-शर्ट्स, ट्रैक सूट आदि. इन्हें पहनकर एक्सरसाइज़ करने से आपको अच्छी फीलिंग आएगी और कंफर्टेबल महसूस होगा.

– एक्सरसाइज़ करते समय म्यूज़िक ज़रूर लगाएं.

– रोज़ाना एक ही तरह के योगासन, प्राणायाम करते हुए बोरियत महसूस हो रही हो, तो किसी दिन जॉगिंग या ब्रिस्क वॉक के लिए जाएं.

– इसके अलावा स्विमिंग, साइक्लिंग या डांस क्लास भी जा सकती हैं.

– अकेले एक्सरसाइज़ करना बोर लगता है, तो फ्रेंड्स के साथ मिलकर योगा क्लास, डांस क्लास या एरोबिक्स क्लास आदि भी जॉइन कर सकती हैं.

Viparit-Karni-fitness mantra- Yogasana

फिटनेस बहाना: इतनी एक्सरसाइज़ करने पर भी कोई ऱिज़ल्ट नहीं मिलता.

क्या करें: एक्सरसाइज़ को एक चैलेंज की तरह देखें. याद रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से आप फिट और स्लिम-ट्रिम रहेंगी.

– एक्सरसाइज़ करने के लिए प्रोफेशनल फिटनेस ट्रेनर की सलाह लें. ट्रेनर आपको यह बताएगा कि कौन-सी एक्सरसाइज़ आपके लिए फ़ायदेमंद है.

– ख़ुद को चैलेंज देने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं,  जैसे- सुबह-सुबह एक्सरसाइज़ करने की जगह शाम को साइक्लिंग या एरोबिक्स भी कर सकती हैं. एक्सरसाइज़ में बदलाव लाने से आपको रिज़ल्ट जल्दी दिखाई देंगे.

fitness mantra- Yogasana-Health Tips

 

फिटनेस बहाना: जिम जाना बहुत ख़र्चीला है. मैं जिम की मेम्बरशिप अफोर्ड नहीं कर सकती.

क्या करें: जिम जाने की बजाय घर पर ही पुशअप, क्रंचेज़ या एरोबिक्स करें.

– जिम की मेम्बरशिप लेने से बचने के लिए अपनी लोकल लाइब्रेरी से फिटनेस बुक पढ़कर या डीवीडी देखकर घर पर एक्सरसाइज़ कर सकती हैं.

– घर पर ही छोटा-सा जिम बनाएं, एक्सरसाइज़ से जुड़े इक्विपमेंट, जैसे- ट्रेडमिल, एक्सरसाइज़ बॉल्स आदि रखें. एक बार ये सब ख़रीद लेंगी, तो बार-बार के जिम जाने के ख़र्च से भी बच जाएंगी.

– यदि जिम जाकर एक्सरसाइज़ करने का समय नहीं है, तो वॉकिंग या रनिंग जैसी एक्सरसाइज़ करके भी आप अपने को फिट रख सकती हैं.

– मधु शर्मा

वज़न घटाने के 25 ईज़ी टिप्स (25 Easy Tips For Weight Loss)

Weight Loss Tips, weight loss guide

1. पानी पीएं: अगर आपको भूख लग रही है, तो पहले पानी पीजिए. इससे आपका पेट भरा हुआ लगेगा और आप कम खाएंगे.
2. किसी चीज़ से परहेज़ ना करें: यदि आप ख़ुद से कहेंगे, “मुझे चॉकलेट को हाथ भी नहीं लगाना है!” तो आपके दिलो-दिमाग़ में चॉकलेट का ही ख़्याल आता रहेगा और आप ज़रूरत से भी ज़्यादा खा बैठेंगे. इससे बेहतर है कि एक छोटा-सा टुकड़ा खाकर अपने टेस्ट बड्स को शांत करें.
3. पैकेज्ड फूड का लेबल ज़रूर पढ़ें: जब भी आप पैकेज्ड फूड ख़रीदें, तो पहले उसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को लेबल में पढ़ लें और यह सुनिश्‍चित कर लें कि उनकी फैट और कार्बोहाइड्रेट्स आदि की मात्रा आपकी ज़रूरत के अनुसार हो.
4. तल्लीनता के साथ भोजन करें: भोजन हमेशा धीरे-धीरे चबाकर पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए, जबकि बहुत से लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जिससे उनका ध्यान भोजन पर नहीं रहता और बेख़्याली में वो ज़्यादा खा लेते हैं.
5. भूखे पेट न सोएं: देर रात की भूख को शांत करने के लिए कुछ भी फैटी या ऑयली खाने की बजाय बादाम, अखरोट जैसे हाई प्रोटीन नट्स लें.
6. व्यायाम करें: व्यायाम आपके शरीर के मेटाबॉलिक रेट को दुगुना कर सकता है. हफ़्ते में कम-से-कम तीन दिन आधे घंटे तक व्यायाम करना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
7. अधिक फैटयुक्त भोजन से परहेज़ करें: बाहर का खाना या फास्टफूड देखकर ख़ुद को रोकना मुश्किल हो जाता है, पर याद रहे कि ये फैटयुक्त होते हैं, इसलिए आपको स्वयं पर नियंत्रण रखना होगा. खाने में अधिक व बैड फैट को पहचानें और उससे बचने की पूरी कोशिश करें.
8. ग्रीन टी का प्रयोग करें: रोज़ाना ग्रीन टी के सेवन से आप हर रोज़ लगभग 40 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं. तो फिर देर किस बात की, आज ही ग्रीन टी को अपने डेली रूटीन में शामिल करें.
9. फाइबर से भरपूर पदार्थ लें: भोजन में मसूर, मटर, पत्तागोभी, ब्रोकोली, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, मशरूम, ब्राउन ब्रेड आदि को शामिल करें. यह चबाने तथा हज़म होने में अधिक समय लेते हैं, जिससे आपका पेट अधिक समय तक भरा हुआ महसूस होता है.
10. भोजन का समय सुनिश्‍चित रखें: प्रतिदिन भोजन करने का समय सुनिश्‍चित कर लें. इससे आपके शरीर को उस निश्‍चित समय पर भोजन की आदत पड़ जाएगी और आप असमय कुछ भी खाने से बच जाएंगे.

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11. खाने के नए नियम बनाएं: खाने का अपना वर्तमान नियम नोट करें, जैसे कि चाय के साथ बिस्किट लेना, नाश्ते में परांठे खाना आदि और फिर उसमें हेल्दी बदलाव करें. आप चाहें, तो नाश्ते में दलिया, ओट्स, नट्स जैसी पोषक चीज़ों को शामिल कर सकते हैं.
12. एक्टिव बने रहें: रोज़ाना थोड़ी देर टहलने या एक्सरसाइज़ करने से शरीर में एंडॉर्फिन्स नामक हार्मोंस विसर्जित होते हैं, जिससे आप अधिक शांत व प्रफुल्लित महसूस करते हैं और आप हेल्दी खाते हैं.
13. घर के कामों से बनें फिट: घर के काम आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं. इससे आप कई गुना कैलोरीज़ बर्न करते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होती है.
14. अच्छी नींद का आनंद लें: थका हुआ शरीर अधिक ऊर्जा के लिए बार-बार भूख का सिग्नल देता है, जिससे आप ओवरईटिंग करने लगते हैं. यही वजह है कि रोज़ाना 6-8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज़रूरी है.
15. अधिक टहलें: दिन में स़िर्फ आधा घंटा अधिक तेज़ टहलने से आपकी 320 कैलोरीज़ तक बर्न हो सकती हैं.
16. छोटी प्लेट में भोजन करें: हमेशा भोजन के लिए छोटी प्लेट लें, क्योंकि बड़ी प्लेट में सामान्य मात्रा में लिया हुआ भोजन कम नज़र आता है, जबकि छोटी प्लेट में वही मात्रा पर्याप्त नज़र आती है.
17. लिफ्ट को नज़रअंदाज़ करें: सप्ताह में पांच दिन केवल दो मिनट तक सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी एक अच्छा व्यायाम है. यह 30 मिनट तक टहलने जितना लाभदायक होता है, तो कभी-कभी लिफ्ट को ज़रूर नज़रअंदाज़ करें.
18. दोस्तों का ग्रुप बनाएं: अपना वज़न घटाने, व्यायाम के विषय में चर्चा करने, डायट फॉलो करने आदि के लिए दोस्तों का एक ग्रुप बनाएं. ग्रुप मेंबर्स के रहने से इन चीज़ों को लेकर उत्सुकता बनी रहती है और एक-दूसरे को देखकर प्रोत्साहन भी मिलता है.
19. डायट जर्नल मेंटेन करें: अपने पास एक डायट जर्नल रखें और उसमें अपनी प्रेरणा के लिए लिखकर रखें कि आप कैसा दिखना चाहते हैं, जैसे- मैं स्लिम-फिट बॉडी में सुंदर दिखना चाहता/चाहती हूं. यह एक शक्तिशाली रिमाइंडर की तरह मानसिक रूप से आप पर असर डालेगा कि आप क्यों वज़न कम करना चाहते हैं.
20. अपेक्षित साइज़ की ड्रेस ख़रीद लें: आप जैसा दिखना चाहते हैं, उस साइज़ की जींस या ड्रेस ख़रीद लें. इससे आपको वज़न कम करने की प्रेरणा मिलेगी, परंतु अपने आप पर अधिक दबाव डाले बिना संभावित परिणाम को ही अपना लक्ष्य बनाएं.
21. सब्ज़ियों को प्राथमिकता दें: यदि आप अपना भोजन ख़ुद परोस रहे हैं, तो पूरे भोजन की मात्रा में चावल या रोटी की मात्रा कम लें और सलाद व उबली सब्ज़ियों की मात्रा अधिक लें. इस तरह आप एक बार के भोजन में लगभग 200 कैलोरीज़ बचा सकते हैं.
22. शांत रहें: जब भी आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर शिथिल पड़ जाता है, जिससे आपको बहुत भूख लगती है. तनाव में अक्सर लोग फैटी चीज़ें ज़्यादा खाते हैं, जबकि तनावरहित और शांत रहने से आपका मेटाबॉलिज़्म बेहतर रहता है.
23. जंक फूड से दूर रहें: जंक फूड न केवल वसा से भरपूर होता है, बल्कि मस्तिष्क की उन कोशिकाओं को भी नष्ट कर देता है, जो वज़न पर नियंत्रण रखती हैं.
24. मन पर नियंत्रण रखें: यदि आपके किचन में स्नैक्स के हेल्दी ऑप्शन्स मौजूद हों, तो बाहर से ऑर्डर न करें. आप घर में ही लो-फैट माइक्रोवेव पॉपकार्न, चना-कुरमुरा और स्प्राउट्स खा सकते हैं.
25. कल्पना में भी स्वयं को छरहरा देखें: आप अपने दिमाग़ में अपनी एक छरहरी आकृति बसा लें, जो या तो आपके अतीत की हो या फिर ऐसी हो, जिसमें आप ख़ुद को जैसा देखना चाहते हैं, वैसी हो. ऐसी कल्पना आपको वज़न कम करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा प्रेरित करेगी.

– अनिल निगम