Tag Archives: diet

ब्यूटी विटामिन्स

विटामिन ए: एंटी एजिंग

हेल्दी स्किन और महत्वपूर्ण स्किन टिश्यू़ूज के रिपेयर और केयर के लिए विटामिन ए बहुत ज़रूरी है. इसकी कमी होने पर त्वचा ड्राई और पपड़ीदार हो जाती है. विटामिन ए को रेटिनॉइड्स नामक कंटेंट के तौर पर भी जाना जाता है. विटामिन ए से भरपूर डायट और रेटिनॉइड्स युक्त नाइट क्रीम व लोशन लगाकर हेल्दी त्वचा पाई जा सकती है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: ब्रोकोली, ऐवोकैडो, शकरकंद, गाजर, पालक, तरबूज़ और खरबूजा आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: रोज़ाना विटामिन ए युक्त क्रीम व लोशन लगाने से फाइन लाइन्स और रिंकल्स को कम किया जा सकता है.

– ये क्रीम्स व लोशन दाग़ धब्बों को मिटाकर स्किन को स्मूद बनाते हैं.

– रेटिनॉइड्स बेस्ड क्रीम में मौजूद तत्व दिन में भी सूर्य की तेज़ धूप से होनेवाले नुक़सान से त्वचा की रक्षा करते हैं.

– ये क्रीम्स त्वचा पर तेज़ी से अपना असर दिखाती हैं. इनका असर चार से आठ सप्ताह के अंदर त्वचा पर देखा जा सकता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना रात को सोने से पहले चेहरे पर रेटिनॉइड कंटेंट मिश्रित क्रीम से मसाज करें.

– पहली बार अप्लाई करते समय त्वचा पर बहुत थोड़ी मात्रा में क्रीम लगाएं और क्रीम का रिएक्शन चेक करें.

– पहली बार क्रीम अप्लाई करने पर त्वचा पर रेडनेस हो सकती है या स्किन की लेयर निकल सकती है, लेकिन दूसरे दिन से क्रीम का असर दिखने लगेगा. धीरे-धीरे त्वचा स्मूद होने लगेगी.

विटामिन बी3: रेडनेस

नायसिनअमाइड नामक तत्व को विटामिन बी3 के रूप में जाना जाता है. विटामिन बी3 बेस्ड क्रीम्स, लोशन्स और सीरम्स में नायसिनअमाइड नामक कंटेंट होता है, जो त्वचा की रेडनेस को कम करने और मुंहासों को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. विटामिन बी3 त्वचा में हाइड्रेशन के स्तर को बूस्ट करता है, साथ ही त्वचा में सैरेमाइड के प्रोडक्शन और फैटी एसिड की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: चिकन, टूना, सालमन, मूंगफली, ब्राउन राइस, एस्पेरागस, हरी मटर, जौ, मशरूम, खरबूजा, सनफ्लावर सीड आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन बी3 त्वचा के लिए रक्षात्मक कवच का काम करता है.

– ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए विटामिन बी3 बहुत फ़ायदेमंद है.

– विटामिन बी3 युक्त क्रीम आदि लगाने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है और स्किन सॉफ्ट होती है.

– रोज़ाना क्रीम व लोशन से मसाज करने पर त्वचा में कसाव आता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना सुबह और शाम को विटामिन बी3 मिश्रित क्रीम या लोशन से 2 मिनट तक मसाज करें.

विटामिन सी: दाग़-धब्बे

विटामिन सी में स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपटीऱ्ज होती हैं, जो दाग़-धब्बों को दूर करने में मदद करता है. यह विटामिन कोलैजन का निर्माण अधिक मात्रा में करता है, जो डैमेज्ड टिश्यूज़ को रिपेयर करने में मदद करता है. विटामिन सी युक्त मॉइश्‍चराइज़र, सीरम और ऑयल लगाने से दाग़-धब्बे दूर होते हैं.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: एवोकैडो, ब्रोकोली, टमाटर, ककड़ी, लाल शिमला मिर्च, मोसंबी, संतरा और स्ट्रॉबेरी.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन सी एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है, जिससे स्किन रिंकल फ्री रहती है.

– यह फाइन लाइन्स और ड्राईनेस को दूर करता है.

– विटामिन सी की हीलिंग प्रॉपर्टीज़ डैमेज स्किन को हील करती हैं.

– विटामिन सी टिश्यूज़ की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है.

कैसे करें अप्लाई: त्वचा पर रोज़ सुबह विटामिन सी युक्त क्रीम से 2 मिनट तक मसाज करें.

– घर से बाहर निकलने से पहले विटामिन सी युक्तक्रीम लगाएं. फिर सनस्क्रीन लगाएं.

विटामिन ई: मॉइश्‍चराइज़ेशन

विटामिन ई फ्री रेडिकल्स (त्वचा को हानि पहुंचानेवाले कण) से त्वचा की रक्षा करता है, इसलिए इस विटामिन को त्वचा के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. विटामिन सी की तरह विटामिन ई भी कोलैजन का अधिक मात्रा में उत्पादन करता है, जो स्किन एजिंग के प्रोसेस को धीमा करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: बादाम, अंडे, सूखे मेवे, हरी सब्ज़ियां, साबूत अनाज, शकरकंद, शलजम, पपीता आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: नियमित रूप से विटामिन ई युक्तऑयल या लोशन लगाने से झुर्रियों को कम किया जा सकता है.

– विटामिन ई मिश्रित ऑयल लगाने से त्वचा की रेडनेस दूर होती है.

– इस विटामिन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को प्रदूषण और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से होनेवाले नुक़सान से बचाते हैं.

– विटामिन ई युक्त ऑयल या सीरम ड्राई स्किन को न केवल नमी प्रदान करता है, बल्कि सॉफ्ट और स्मूद भी बनाता है.

– नियमित रूप से विटामिन ई युक्त क्रीम व ऑयल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स और दाग़-धब्बे भी दूर होते हैं.

– विटामिन ई बेस्ड क्रीम त्वचा में होनेवाली जलन को कम करने में मदद करती है.

कैसे करें अप्लाई: ड्राई स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करने के लिए रोज़ाना नाइट क्रीम से मसाज करें.

– देवांश शर्मा

क्यों ज़रूरी है कैल्शियम ? (Calcium: Health Benefits, Foods, and Deficiency)

Calcium Health Benefits

Calcium Health Benefits
मॉडर्न लाइफ़स्टाइल के चलते हमारी फूड हैबिट्स काफ़ी बदल गई है. हम पौष्टिक चीज़ें खाने की बजाय स्वाद को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं, जैसे- जंक फूड्स, तली-भुनी चीज़ें, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट, आइस्क्रीम आदि. खानपान में गड़बड़ी के चलते शरीर में कैल्शियम की कमी एक आम समस्या हो गई है, जो आगे चलकर स्वास्थ्य को प्रभावित करती है.

शरीर के स्वस्थ और संतुलित विकास के लिए हर उम्र में कैल्शियम की आवश्यकता होती है. बढ़ते बच्चों के शरीर, दांतों के आकार और हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए भी कैल्शियम ज़रूरी है. जहां तक महिलाओं का प्रश्‍न है, हमारे देश की अधिकांश महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई जाती है. उनमें इसकी कमी टीनएज से ही रहने लगती है, जो ताउम्र बनी रहती है. चूंकि महिलाएं मासिक धर्म, मेनोपॉज़ जैसी प्रक्रियाओं से गुज़रती हैं, साथ ही गर्भधारण और स्तनपान कराती हैं, इसलिए उन्हें ख़ासतौर पर कैल्शियम की आवश्यकता होती है.

क्यों ज़रूरी है कैल्शियम?
शरीर की प्रत्येक कोशिका को कैल्शियम की ज़रूरत इसलिए होती है, क्योंकि हमारे शरीर में त्वचा, नाख़ून, बाल और मल के ज़रिए रोज़ ही कैल्शियम की कुछ मात्रा नष्ट होती रहती है. इसलिए कैल्शियम का संतुलन बनाए रखने के लिए इसकी रोज़ ही पूर्ति कर ली जाए, तो अच्छा रहता है. यदि ऐसा नहीं होगा, तो हमारा शरीर हड्डियों से कैल्शियम लेने लगेगा. नतीजा बाहर से भले ही हम कमज़ोर न लगें, लेकिन अंदर ही अंदर हड्डियां खोखली हो जाएंगी और शरीर कमज़ोर. और कमज़ोर हड्डियां कई तरह की परेशानियां पैदा करती हैं, जैसे- ज़रा-सी चोट लगने पर ही फ्रैक्चर हो सकता है. यही नहीं, कैल्शियम हृदय, मांसपेशियों, ब्लड क्लॉटिंग के लिए भी बेहद ज़रूरी होता है.
इसके अलावा कैल्शियम मांसपेशियों के कई काम में मदद करता है, जैसे-
– लिखना, टहलना, बैठना और किसी गेंद को फेंकना आदि.
– कैल्शियम नर्वस सिस्टम के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचाने में सहायक है, जैसे- यदि आपने किसी गरम वस्तु को छू लिया है, तो मस्तिष्क तुरंत एक संदेश भेजेगा, जिससे आपके मुंह से ‘आह!… आउच!’ की आवाज़ आएगी और आप अपने हाथ को जल्दी से दूर हटा लेंगे.
– इसके अलावा ये चोट, घाव, खरोंच आदि को भी जल्दी ठीक करने में मदद करता है.
– लेकिन यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए, तो इसके दुष्प्रभाव होते हैं, जो हमें बीमार कर सकते हैं. इन बीमारियों के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं.

Calcium Health Benefits

कैल्शियम की कमी के लक्षण
– ब्लड प्रेशर का बढ़ना
– दांतों का समय से पहले गिरना
– शरीर का विकास रुकना
– हड्डियों में टेढ़ापन
– शरीर के विभिन्न अंगों मेंऐंठन या कंपन
– जोड़ों का दर्द
– मांसपेशियों में निष्क्रियता
– ज़रा-सा टकराने पर हड्डियों का टूटना
– मस्तिष्क का सही ढंग से काम न करना
– भू्रण के विकास पर प्रभाव पड़ना
– हड्डियों का खोखला होना, उनका कमज़ोर होकर टूटना, बार-बार फ्रैक्चर होना
– कमर का झुकना व दर्द होना
– हाथ-पैरों में झुनझुनाहट व कमज़ोरी
– बुज़ुर्गों को ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है यानी फ्रैक्चर व हड्डियों में दर्द.

कितना कैल्शियम है ज़रूरी?
– सामान्य महिलाओं के लिए प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है.
– गर्भवती महिलाओं व स्तनपान करानेवाली महिलाओं के लिए प्रतिदिन 1500 मिलीग्राम.
– 6 माह के छोटे बच्चों के लिए 400 मिलीग्राम.
– 1 साल से 10 साल तक के बच्चों के लिए 800 मिलीग्राम.
– 10 साल से 18 साल और उससे अधिक आयु वर्ग के लिए 1300 मिलीग्राम.

Calcium Health Benefits

कैल्शियम की कमी की पूर्ति कैसे करें?
इस बारे में डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि बीमारी कोई भी हो, शरीर के लिए दुखदायी होती है, इसलिए उसका तुरंत उपचार करना भी ज़रूरी होता है, वरना उसके साथ-साथ शरीर में और भी कई बीमारियां घर कर लेती हैं. यदि हम अपने खानपान का ध्यान रखें, तो बीमारियों को दूर भगा सकते हैं. आइए, जानें कि कैल्शियम हमें किन चीज़ों से मिल सकता है, जिन्हें अपने डायट में शामिल कर हम स्वस्थ रह सकते हैं-
अनाज- गेहूं, बाजरा, मूंग, मोठ, चना, राजमा और सोयाबीन.
सब्ज़ियां- गाजर, भिंडी, टमाटर, ककड़ी, अरबी, मूली, मेथी, करेला और चुकंदर.
फल- नारियल, आम, संतरा और अनन्नास.
डेयरी उत्पाद- दूध व दूध से बनी चीज़ों को कैल्शियम का प्रमुख स्रोत माना जाता है. हर रोज़ दूध का सेवन शरीर में कैल्शियम की मात्रा बनाए रखने में मददगार होता है.
– मां का दूध नवजात शिशु के लिए कैल्शियम का सर्वोत्तम स्रोत है, जो उनमें कैल्शियम की पूर्ति करता है और स्वस्थ रखता है.
– ये सभी प्राकृतिक रूप से कैल्शियम प्रदान करनेवाले तत्व हैं. ये पदार्थ तुरंत शरीर के द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं, इन्हें अपनी रोज़मर्रा की डायट में शामिल कर हम कैल्शियम की कमी से होनेवाले नुक़सानों से बच सकते हैं.

एंटी एजिंग डायट प्लान (Anti Aging Diet Plan)

Aging Diet Plan

अक्सर देखा गया है कि एक उम्र के बाद महिलाएं पुरुषों से ज़्यादा उम्रदराज़ दिखने लगती हैं. घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों में फंसकर कहीं आप भी ख़ुद को पूरी तरह भूल तो नहीं गईं. अब भी व़क्त है ख़ुद को संभालें और एंटी एजिंग डायट प्लान को अपनाकर दिखें जवां.

 

कैसा हो नाश्ता?

अधिकतर महिलाओं में सुबह का नाश्ता स्किप करने की आदत होती है या फिर वो नाश्ते के नाम पर कुछ भी खा लेती हैं. आप भी अगर अब तक इसी तरह की दिनचर्या का पालन करती रही हैं, तो अब इसे बदल दें. रोज़ाना सुबह अपने नाश्ते में इन चीज़ों को शामिल करें.

बाजरे का पोहा या दलिया

  • ब्राउन राइस पोहा
  • ब्राउन राइस दलिया
  • ब्राउन राइस इडली

लंच में क्या खाएं?

दोपहर के खाने में कुछ भी खाने से बचें और अपने लंच में इन फूड्स को करें शामिल.

  • जौ की रोटी, ब्राउन राइस, हरी मूंग का सलाद, कद्दू के बीज की ग्रेवी में गाजर, क्विक पिकल.
  •  सब्ज़ियों के साथ बाजरा, हरी सब्ज़ी के साथ काबुली चने, सरसों या पालक का साग, प्रेस्ड सलाद.
  •  ब्राउन राइस, राजमा करी, लाल कद्दू किसी भी तरह से बना हुआ.
  •  मसूर की दाल, चुकंदर का सलाद.

डिनर में क्या खाएं?

  •  पालक और चुकंदर का सूप, ब्राउन राइस, मेथी गाजर की सब्ज़ी, मसाले वाली दाल या मछली, रोटी.
  •  टमाटर का शोरबा, दाल, टोफू के साथ हरी शिमला मिर्च, ब्राउन राइस या रोटी.
  •  गाजर और मटर की सब्ज़ी, राजगीरा और ज्वार की रोटी.
  • फूलगोभी का सूप, मसालों के साथ पालक, दाल, रोटियां या ब्राउन राइस.
  •  ब्रोकोली का सूप, फूलगोभी किसी भी तरह से बनाई हुई या स्टीम्ड फिश, दाल.
  •  लौकी का सूप, मसालेदार मेथी, ब्राउन राइस.

जैसा ब्लड ग्रुप, वैसा डायट प्लान (Blood Group Type Diet: Eating for Types O, A, B, & AB)

Blood Group Type Diet

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए आप जिस तरह पर्सनैलिटी के अनुसार आउटफिट और एक्सेसरीज़ का चुनाव करते हैं. ठीक उसी तरह ब्लड ग्रुप के अनुसार डायट प्लान फॉलो करके भी आप हेल्दी और फिट रह सकते हैं. सेहतमंद ज़िंदगी के लिए ब्लड ग्रुप के अनुसार कैसा हो डायट प्लान (Blood Group Type Diet)? आइए, जानते हैं.
Blood Group Type Diet

ब्लड ग्रुप के अनुसार शरीर की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती हैं. ऐसे में यदि अपने ब्लड ग्रुप को ध्यान में रखते हुए कोई डायट प्लान फॉलो करते हैं, तो आप न स़िर्फ फिट एंड हेल्दी रह सकते हैं, बल्कि एसिडिटी, कॉन्सटिपेशन जैसी कई समस्याओं से मुक्ति भी पा सकते हैं. साथ ही वज़न भी आसानी से घटा सकते हैं.Type-A-blood-drop

ए ब्लड ग्रुप

ए ब्लड ग्रुपवालों का शाकाहारी होना सेहत की दृष्टि से फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि ए ब्लड ग्रुपवालों की पाचन शक्ति बाक़ी ब्लड ग्रुपवालों की अपेक्षा कमज़ोर होती है. ऐसे में वे नॉन-वेज या कोई भी हैवी फूड पचा नहीं पाते, जिससे इन्हें पेट संबंधी समस्या, जैसे एसिडिटी का सामना करना पड़ता है.

क्या खाएं?
– ए ब्लड ग्रुपवालों का ख़ून अन्य ब्लड ग्रुप से अधिक गाढ़ा होता है. इसलिए सब्ज़ी और फलों का सेवन इनके लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है.
– प्रोटीन की आपूर्ति के लिए सोया रोटी, सोया ब्रेड, बीन्स आदि का सेवन इन्हें तंदुरुस्त रखता है.
किससे करें परहेज़?
– चूंकि आपका पाचन तंत्र कमज़ोर है, इसलिए मीट की बजाय मछली का सेवन करें.
– पपीता, आम और संतरा जैसे फलों का सेवन कम से कम करने की कोशिश करें.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कम करना चाहते हैं, तो अपने डायट रूटीन में ज़्यादा से ज़्यादा हरी सब्ज़ियां और सोया से बनी चीज़ें शामिल करें. मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स, राजमा जैसे फैट वाले आहार से परहेज़ करें, वरना आपका वज़न बढ़ सकता है.blood-type-diet-for-blood-group-b

बी ब्लड ग्रुप

बी ब्लड ग्रुपवाले बेहद लकी होते हैं, क्योंकि इन्हें स्वादिष्ट चीज़ों से परहेज़ की ज़रूरत नहीं होती. साथ ही ये खाने में वेरायटी का मज़ा भी ले सकते हैं. बी ब्लड ग्रुपवालों को संतुलित आहार स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखता है.
क्या खाएं?
– फलों का सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
– आप डेयरी प्रोडक्ट्स और फिश खा सकती हैं, मगर इनका सेवन संतुलित मात्रा में करें.
किससे करें परहेज़?
– कॉर्न, चना, मसूर और अरहर की दाल का सेवन कम करें. ये आपके लिए नुक़सानदायक हो सकते हैं.
– गेहूं या टमाटर का अधिक सेवन भी आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करने के लिए कॉर्न, मूंगफली, चिकन, गेंहू और तिल का सेवन करने से बचें और अपने डायट प्लान में अंडा, ग्रीन टी, मीट और हरी सब्ज़ियां सबसे ऊपर रखें.

images

एबी ब्लड ग्रुप

एबी ब्लड ग्रुपवालों में ए और बी दोनों ब्लड ग्रुपवालों के लक्षण होते हैं. मगर इनका ब्लड ग्रुप ए की तरह शाकाहारी होना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. ब्लड ग्रुप बी की तरह ये नॉन-वेज का अधिक सेवन नहीं कर सकते, क्योंकि मीट खाने से इन्हें अपच की शिकायत हो सकती है.
क्या खाएं?
– शाकाहारी खाना खाएं.
– फलों का सेवन भी कर सकते हैं.
– आप फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– चिकन से परहेज़ करें, पेट में एसिड की मात्रा कम होने से ये अच्छी तरह पच नहीं पाता, जिससे अपच की शिकायत हो सकती है.
– कॉर्न भी न खाएं. ये भी आपके लिए तकलीफ़देह हो सकता है.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कंट्रोल में रखना चाहती हैं, तो सोया पनीर, सीफूड, अनन्नास आदि खाएं. रेड मीट और राजमा से परहेज़ करें.

Type-O-blood-drop

ओ ब्लड ग्रुप

ओ ब्लड ग्रुपवालों के पेट में एसिड की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण ये आसानी से नॉन-वेज फूड पचा लेते हैं. चूंकि ओ ब्लड ग्रुपवालों में थायरॉइड हार्मोन की मात्रा कम होती है, इसलिए इन्हें ऐसी चीज़ें नहीं खानी चाहिए, जिससे थायरॉइड का स्राव कम हो, जैसे- पत्तागोभी, फूलगोभी आदि.
क्या खाएं?
– आप ख़ूब सारे फल और सब्ज़ियों का सेवन कर सकते हैं.
– अगर आप नॉन-वेज खाने के शौक़ीन हैं, तो रेड मीट से लेकर चिकन और फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– दूध या दूध से बने कोई भी पदार्थ खाने से बचें.
– ड्रायफ्रूट्स का अधिक सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद नहीं है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करना हो, तो ब्रेड, चावल और फली यानी बीजवाली सब्ज़ियां न खाएं. पालक और ब्रोकोली वज़न घटाने में सहायक हो सकते हैं.

बहाने छोड़िए, फिट रहिए ( Workout, Exercise )

Workout, Exercise

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में महिलाओं को फिट रहने के लिए जितना ज़रूरी हेल्दी डायट लेना है, उतना ही ज़रूरी एक्सरसाइज़ करना भी है, पर जब एक्सरसाइज़ करने की बात आती है, तो महिलाएं अपनी व्यस्त दिनचर्या का बहाना बनाकर बचने की कोशिश करती हैं. ऐसा नहीं है कि वे एक्सरसाइज़ से होनेवाले फ़ायदों से वाक़िफ़ नहीं हैं, लेकिन सब कुछ जानकर भी अंजान बने रहना चाहती हैं. आइए, जानें महिलाओं के ऐसे कुछ फिटनेस संबंधी बहानों के बारे में.

 

Workout, Exercise

फिटनेस बहाना: आज मैं बहुत व्यस्त हूं. मेरे पास एक्सरसाइज़ करने का समय नहीं है.

क्या करें: आप जैसे घर और ऑफिस के ज़रूरी कामों को निपटाने के लिए समय निकालती हैं, वैसे ही एक्सरसाइज़ के लिए भी थोड़ा समय ज़रूर निकालें. अपनी व्यस्त दिनचर्या के ज़रूरी कामों की लिस्ट में एक्सरसाइज़ को भी शामिल करें, न कि उसे अनावश्यक समझकर नज़रअंदाज़ करें.

– वर्क लोड चाहे कितना भी अधिक क्यों न हो, फिर भी कुछ समय ज़रूर निकालें.

– जिम जाने की बजाय घर पर ही हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें.

– यदि एक्सरसाइज़ करने का मूड नहीं है, तो सुबह आधे घंटे जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक के लिए जाएं.

फिटनेस बहाना: आज मैं बहुत थकी हुई हूं/ आज मेरा मूड नहीं है.

क्या करें: एक्सरसाइज़ करने की बजाय वॉक करें. वॉक करने से भी शरीर में ताज़गी और ऊर्जा का संचार होता है और थकान भी कम महसूस होती है.

– अपने आप को याद दिलाती रहें कि एक्सरसाइज़ करने से शरीर में चुस्ती-फुर्ती आती है.

pavanmuktasan -fitness mantra- Excercise

फिटनेस बहाना: अकेले एक्सरसाइज़ करना बोरिंग लगता है.

क्या करें: एक्सरसाइज़ को दिलचस्प बनाने के तरी़के ढूंढ़ें. इसके अलावा आप अपने किसी फ्रेंड के साथ मिलकर भी एक्सरसाइज़ कर सकती हैं.

– एक्सरसाइज़ को दिलचस्प बनानेवाली एक्सेसरीज़ ख़रीदें, जैसे- योगा पैंट व टी-शर्ट्स, ट्रैक सूट आदि. इन्हें पहनकर एक्सरसाइज़ करने से आपको अच्छी फीलिंग आएगी और कंफर्टेबल महसूस होगा.

– एक्सरसाइज़ करते समय म्यूज़िक ज़रूर लगाएं.

– रोज़ाना एक ही तरह के योगासन, प्राणायाम करते हुए बोरियत महसूस हो रही हो, तो किसी दिन जॉगिंग या ब्रिस्क वॉक के लिए जाएं.

– इसके अलावा स्विमिंग, साइक्लिंग या डांस क्लास भी जा सकती हैं.

– अकेले एक्सरसाइज़ करना बोर लगता है, तो फ्रेंड्स के साथ मिलकर योगा क्लास, डांस क्लास या एरोबिक्स क्लास आदि भी जॉइन कर सकती हैं.

Viparit-Karni-fitness mantra- Yogasana

फिटनेस बहाना: इतनी एक्सरसाइज़ करने पर भी कोई ऱिज़ल्ट नहीं मिलता.

क्या करें: एक्सरसाइज़ को एक चैलेंज की तरह देखें. याद रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से आप फिट और स्लिम-ट्रिम रहेंगी.

– एक्सरसाइज़ करने के लिए प्रोफेशनल फिटनेस ट्रेनर की सलाह लें. ट्रेनर आपको यह बताएगा कि कौन-सी एक्सरसाइज़ आपके लिए फ़ायदेमंद है.

– ख़ुद को चैलेंज देने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं,  जैसे- सुबह-सुबह एक्सरसाइज़ करने की जगह शाम को साइक्लिंग या एरोबिक्स भी कर सकती हैं. एक्सरसाइज़ में बदलाव लाने से आपको रिज़ल्ट जल्दी दिखाई देंगे.

fitness mantra- Yogasana-Health Tips

 

फिटनेस बहाना: जिम जाना बहुत ख़र्चीला है. मैं जिम की मेम्बरशिप अफोर्ड नहीं कर सकती.

क्या करें: जिम जाने की बजाय घर पर ही पुशअप, क्रंचेज़ या एरोबिक्स करें.

– जिम की मेम्बरशिप लेने से बचने के लिए अपनी लोकल लाइब्रेरी से फिटनेस बुक पढ़कर या डीवीडी देखकर घर पर एक्सरसाइज़ कर सकती हैं.

– घर पर ही छोटा-सा जिम बनाएं, एक्सरसाइज़ से जुड़े इक्विपमेंट, जैसे- ट्रेडमिल, एक्सरसाइज़ बॉल्स आदि रखें. एक बार ये सब ख़रीद लेंगी, तो बार-बार के जिम जाने के ख़र्च से भी बच जाएंगी.

– यदि जिम जाकर एक्सरसाइज़ करने का समय नहीं है, तो वॉकिंग या रनिंग जैसी एक्सरसाइज़ करके भी आप अपने को फिट रख सकती हैं.

– मधु शर्मा

वज़न घटाने के 25 ईज़ी टिप्स (25 Easy Tips For Weight Loss)

Weight Loss Tips, weight loss guide

1. पानी पीएं: अगर आपको भूख लग रही है, तो पहले पानी पीजिए. इससे आपका पेट भरा हुआ लगेगा और आप कम खाएंगे.
2. किसी चीज़ से परहेज़ ना करें: यदि आप ख़ुद से कहेंगे, “मुझे चॉकलेट को हाथ भी नहीं लगाना है!” तो आपके दिलो-दिमाग़ में चॉकलेट का ही ख़्याल आता रहेगा और आप ज़रूरत से भी ज़्यादा खा बैठेंगे. इससे बेहतर है कि एक छोटा-सा टुकड़ा खाकर अपने टेस्ट बड्स को शांत करें.
3. पैकेज्ड फूड का लेबल ज़रूर पढ़ें: जब भी आप पैकेज्ड फूड ख़रीदें, तो पहले उसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को लेबल में पढ़ लें और यह सुनिश्‍चित कर लें कि उनकी फैट और कार्बोहाइड्रेट्स आदि की मात्रा आपकी ज़रूरत के अनुसार हो.
4. तल्लीनता के साथ भोजन करें: भोजन हमेशा धीरे-धीरे चबाकर पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए, जबकि बहुत से लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जिससे उनका ध्यान भोजन पर नहीं रहता और बेख़्याली में वो ज़्यादा खा लेते हैं.
5. भूखे पेट न सोएं: देर रात की भूख को शांत करने के लिए कुछ भी फैटी या ऑयली खाने की बजाय बादाम, अखरोट जैसे हाई प्रोटीन नट्स लें.
6. व्यायाम करें: व्यायाम आपके शरीर के मेटाबॉलिक रेट को दुगुना कर सकता है. हफ़्ते में कम-से-कम तीन दिन आधे घंटे तक व्यायाम करना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
7. अधिक फैटयुक्त भोजन से परहेज़ करें: बाहर का खाना या फास्टफूड देखकर ख़ुद को रोकना मुश्किल हो जाता है, पर याद रहे कि ये फैटयुक्त होते हैं, इसलिए आपको स्वयं पर नियंत्रण रखना होगा. खाने में अधिक व बैड फैट को पहचानें और उससे बचने की पूरी कोशिश करें.
8. ग्रीन टी का प्रयोग करें: रोज़ाना ग्रीन टी के सेवन से आप हर रोज़ लगभग 40 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं. तो फिर देर किस बात की, आज ही ग्रीन टी को अपने डेली रूटीन में शामिल करें.
9. फाइबर से भरपूर पदार्थ लें: भोजन में मसूर, मटर, पत्तागोभी, ब्रोकोली, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, मशरूम, ब्राउन ब्रेड आदि को शामिल करें. यह चबाने तथा हज़म होने में अधिक समय लेते हैं, जिससे आपका पेट अधिक समय तक भरा हुआ महसूस होता है.
10. भोजन का समय सुनिश्‍चित रखें: प्रतिदिन भोजन करने का समय सुनिश्‍चित कर लें. इससे आपके शरीर को उस निश्‍चित समय पर भोजन की आदत पड़ जाएगी और आप असमय कुछ भी खाने से बच जाएंगे.

Weight Loss Tips, weight loss guide

Weightloss

11. खाने के नए नियम बनाएं: खाने का अपना वर्तमान नियम नोट करें, जैसे कि चाय के साथ बिस्किट लेना, नाश्ते में परांठे खाना आदि और फिर उसमें हेल्दी बदलाव करें. आप चाहें, तो नाश्ते में दलिया, ओट्स, नट्स जैसी पोषक चीज़ों को शामिल कर सकते हैं.
12. एक्टिव बने रहें: रोज़ाना थोड़ी देर टहलने या एक्सरसाइज़ करने से शरीर में एंडॉर्फिन्स नामक हार्मोंस विसर्जित होते हैं, जिससे आप अधिक शांत व प्रफुल्लित महसूस करते हैं और आप हेल्दी खाते हैं.
13. घर के कामों से बनें फिट: घर के काम आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं. इससे आप कई गुना कैलोरीज़ बर्न करते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होती है.
14. अच्छी नींद का आनंद लें: थका हुआ शरीर अधिक ऊर्जा के लिए बार-बार भूख का सिग्नल देता है, जिससे आप ओवरईटिंग करने लगते हैं. यही वजह है कि रोज़ाना 6-8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज़रूरी है.
15. अधिक टहलें: दिन में स़िर्फ आधा घंटा अधिक तेज़ टहलने से आपकी 320 कैलोरीज़ तक बर्न हो सकती हैं.
16. छोटी प्लेट में भोजन करें: हमेशा भोजन के लिए छोटी प्लेट लें, क्योंकि बड़ी प्लेट में सामान्य मात्रा में लिया हुआ भोजन कम नज़र आता है, जबकि छोटी प्लेट में वही मात्रा पर्याप्त नज़र आती है.
17. लिफ्ट को नज़रअंदाज़ करें: सप्ताह में पांच दिन केवल दो मिनट तक सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी एक अच्छा व्यायाम है. यह 30 मिनट तक टहलने जितना लाभदायक होता है, तो कभी-कभी लिफ्ट को ज़रूर नज़रअंदाज़ करें.
18. दोस्तों का ग्रुप बनाएं: अपना वज़न घटाने, व्यायाम के विषय में चर्चा करने, डायट फॉलो करने आदि के लिए दोस्तों का एक ग्रुप बनाएं. ग्रुप मेंबर्स के रहने से इन चीज़ों को लेकर उत्सुकता बनी रहती है और एक-दूसरे को देखकर प्रोत्साहन भी मिलता है.
19. डायट जर्नल मेंटेन करें: अपने पास एक डायट जर्नल रखें और उसमें अपनी प्रेरणा के लिए लिखकर रखें कि आप कैसा दिखना चाहते हैं, जैसे- मैं स्लिम-फिट बॉडी में सुंदर दिखना चाहता/चाहती हूं. यह एक शक्तिशाली रिमाइंडर की तरह मानसिक रूप से आप पर असर डालेगा कि आप क्यों वज़न कम करना चाहते हैं.
20. अपेक्षित साइज़ की ड्रेस ख़रीद लें: आप जैसा दिखना चाहते हैं, उस साइज़ की जींस या ड्रेस ख़रीद लें. इससे आपको वज़न कम करने की प्रेरणा मिलेगी, परंतु अपने आप पर अधिक दबाव डाले बिना संभावित परिणाम को ही अपना लक्ष्य बनाएं.
21. सब्ज़ियों को प्राथमिकता दें: यदि आप अपना भोजन ख़ुद परोस रहे हैं, तो पूरे भोजन की मात्रा में चावल या रोटी की मात्रा कम लें और सलाद व उबली सब्ज़ियों की मात्रा अधिक लें. इस तरह आप एक बार के भोजन में लगभग 200 कैलोरीज़ बचा सकते हैं.
22. शांत रहें: जब भी आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर शिथिल पड़ जाता है, जिससे आपको बहुत भूख लगती है. तनाव में अक्सर लोग फैटी चीज़ें ज़्यादा खाते हैं, जबकि तनावरहित और शांत रहने से आपका मेटाबॉलिज़्म बेहतर रहता है.
23. जंक फूड से दूर रहें: जंक फूड न केवल वसा से भरपूर होता है, बल्कि मस्तिष्क की उन कोशिकाओं को भी नष्ट कर देता है, जो वज़न पर नियंत्रण रखती हैं.
24. मन पर नियंत्रण रखें: यदि आपके किचन में स्नैक्स के हेल्दी ऑप्शन्स मौजूद हों, तो बाहर से ऑर्डर न करें. आप घर में ही लो-फैट माइक्रोवेव पॉपकार्न, चना-कुरमुरा और स्प्राउट्स खा सकते हैं.
25. कल्पना में भी स्वयं को छरहरा देखें: आप अपने दिमाग़ में अपनी एक छरहरी आकृति बसा लें, जो या तो आपके अतीत की हो या फिर ऐसी हो, जिसमें आप ख़ुद को जैसा देखना चाहते हैं, वैसी हो. ऐसी कल्पना आपको वज़न कम करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा प्रेरित करेगी.

– अनिल निगम