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वेजाइनल लुब्रिकेंट्स के बारे में कितना जानती हैं आप? (How Much You Know About Vaginal Lubricants?)

Vaginal Lubricants

वेजाइनल लुब्रिकेंट्स के बारे में कितना जानती हैं आप? (How Much You Know About Vaginal Lubricants?)

पहले के मुकाबले अब लोग सेक्स और सेक्स से जुड़ी बातों पर खुलकर अपने विचार रखने लगे हैं. चाहे बात सेक्सुअल प्रॉब्लम्स की हो या फिर प्राइवेट पार्ट्स की क्लीनिंग और हाइजीन. और यह अच्छा भी है, क्योंकि पहले इन सब बातों को छुपाने के कारण ही महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से गुज़रना पड़ता था. ऐसे में अब सेक्सुअल हाइजीन और सेक्स लाइफ को और बेहतर बनाने को लेकर महिलाएं जागरूक हो रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए हम वेजाइनल लुब्रिकेंट्स के बारे में आपको बता रहे हैं, क्योंकि आज भी बहुत-सी महिलाएं वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या से जूझती हैं, पर इस बारे में अधिक जानकारी के अभाव में कुछ ख़ास नहीं कर पातीं.

वेजाइनल हेल्थ
हालांकि महिलाओं को वेजाइनल हेल्थ के बहुत ज़्यादा एफर्ट नहीं लेने पड़ते, क्योंकि इसका सेल्फ क्लीनिंग सिस्टम इसे हेल्दी बनाए रखता है. इसके अलावा यह अपना पीएच बैलेंस भी स्वयं बनाए रखती है, पर बात जब लुब्रिकेशन की आती है, तो इसे आपकी मदद की ज़रूरत पड़ती है.

वेजाइनल लुब्रिकेंट्स की ज़रूरत किसे पड़ती है?

वेजाइनल ड्राईनेस की समस्या हर उम्र की महिला को परेशान करती है. इसके कई कारण हैं, जैसे-
– कामोत्तेजना की कमी
– केमिकलयुक्त प्रोडक्ट्स, जैसे- हार्श सोप आदि का अधिक इस्तेमाल
– दवाइयों का साइड इफेक्ट
– नियमित टैम्पोन का इस्तेमाल
– हिस्टेरेक्टॉमी
– कीमोथेरेपी
– मेनोपॉज़
– वेजाइना के जिस अंदरूनी भाग से उसका प्रोडक्शन होता है, वहां ड्राइनेस आ जाना.

वेजाइना का नेचुरल लुब्रिकेशन किस तरह काम करता है?
महिलाओं के शरीर से दो तरह के लुब्रिकेशन निकलते हैं-
1. रेग्युलर वेजाइनल मेंटेनेंस के लिए
2. कामोत्तेजना के दौरान सेक्सुअल एक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए

लुब्रिकेंट्स के प्रकार
लुब्रिकेंट्स तीन तरह के होते हैं-
1. वॉटर बेस्ड
2. ऑयल बेस्ड
3. सिलिकॉन बेस्ड
अगर आपको किसी एक लुब्रिकेशन से एलर्जी की शिकायत हो, तो आप दूसरा ऑप्शन ट्राई कर सकती हैं या फिर डॉक्टर की सलाह लें.

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सेक्स लाइफ का राशि कनेक्शन (What Does Your Zodiac Sign Say About Your Sex Life?)

आपकी राशि (Zodiac) आपका स्वभाव, पर्सनैलिटी, करियर और भविष्य ही नहीं बताती, बल्कि यह आपकी सेक्स लाइफ (Sex Life) के बारे में भी बहुत कुछ बताती है. जी हां, यकीन नहीं होता, तो अपनी राशि के बारे में पढ़कर देख लें, अपने आप यकीन हो जाएगा.

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मेष (20 मार्च-19 अप्रैल)

–     मेष राशिवाले स्वभाव से ऐडवेंचरस होते हैं और यह ऐडवेंचर इन्हें अपनी सेक्स लाइफ में भी पसंद है.

–     किसी का हो जाने की बजाय किसी को अपना बनाने में इन्हें ज़्यादा मज़ा आता है.

–     आमतौर पर सभी मेष राशिवाले थोड़े एग्रेसिव भी होते हैं, इसलिए इन्हें बहुत ज़्यादा ड्रामा और इमोशनल होना पसंद नहीं. सेक्स में भी ये यही पसंद करते हैं.

–     ये बहुत ही पैशनेट लवर्स होते हैं और एक बार जिसके साथ कमिटमेंट कर लेते हैं, तो पूरी ज़िंदगी के लिए उसके हो जाते हैं.

–     अपने पार्टनर को सेक्सी फील कराना इनके बाएं हाथ का काम है.

आइडियल पार्टनर: मेष, सिंह, कुंभ, तुला, मिथुन और धनु राशिवाले.

वृष (20 अप्रैल-20 मई)

–     सभी राशियों में से वृष राशिवाले सबसे सेंसुअल माने जाते हैं.

–     कमरे में मनमोहक ख़ुशबू हो, मदहोश कर देनेवाला संगीत और प्यार से छूकर दिल में उतर जानेवाला पार्टनर- ये इस राशिवालों का ड्रीम होता है.

–     स्वभाव से आलसी होने के कारण ये प्यार को पाने के लिए बहुत ज़्यादा मेहनत करने में विश्‍वास नहीं करते, बल्कि इन्हें यक़ीन होता है कि जब सही व़क्त आएगा, तो इनका पार्टनर इन्हें ख़ुद मिल जाएगा.

–     हालांकि रिश्तों को लेकर इनकी सोच काफ़ी प्रैक्टिकल होती है, पर अपने पार्टनर के लिए बहुत ज़्यादा पज़ेसिव होते हैं.

–     सेंसुअल होने के कारण इनकी लव लाइफ काफ़ी रोमांटिक होती है.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

मिथुन (21 मई-21 जून)   

–     मिथुन राशिवाले काफ़ी क्रिएटिव और ज़िंदादिल होते हैं, जो उनकी सेक्स लाइफ में भी साफ़ नज़र आता है.

–     ये अपनी सेक्स लाइफ को कभी बोरिंग नहीं होने देते. रूटीन से हटकर कुछ अलग करते रहना इन्हें बेहद प्रिय है.

–     सेक्सुअल लाइफ में एक्सपेरिमेंट करना इनका पैशन है.

–     सेक्सुअल रिलेशन के दौरान शरारतें और शरारती बातें इनकी पहचान है. यूं कहें तो इन्हें सेक्स के दौरान फनमेकिंग बहुत पसंद है.

–     वैसे तो ये स्वभाव से ही फ्लर्ट होते हैं, पर अपने पार्टनर को लेकर पज़ेसिव होते हैं.

–     सेक्स के दौरान इन्हें एनर्जी से भरपूर लवमेकिंग पसंद है. अपने पार्टनर से भी उसी उत्साह और उमंग की चाह रखते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

कर्क (22 जून-22 जुलाई)  

–     स्वभाव से इमोशनल होने के कारण कर्क राशिवाले सेक्स लाइफ में भी इमोशंस पसंद करते हैं.

–     इनके लिए सेक्स एक प्राइवेट, इमोशनल और पैशनेट अफेयर है, जो दो लोगों को दिल से जोड़ता है और जहां दिखावे की कोई ज़रूरत नहीं.

–     ये काफ़ी सेंसुअल और क्रिएटिव लवर्स माने जाते हैं.

–     रंग-बिरंगे फ्लावर्स, एक ख़ूबसूरत-सा गिफ्ट या फिर प्यार से बनाया हुआ खाना इनके मूड को सेट करने के लिए परफेक्ट चॉइस है, क्योंकि जब ये रोमांटिक मूड में होते हैं, तो अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देते हैं.

–    अपनी सेक्स लाइफ में भी कंफर्ट और सेफ्टी को ये बहुत महत्व देते हैं. जिसके साथ ये सेफ महसूस करते हैं, उसी के साथ अपने सेक्सुअल रिलेशनशिप को आगे बढ़ाते हैं.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

सिंह (23 जुलाई-22 अगस्त)    

–     सिंह राशिवाले अपने चार्म से किसी को भी अपना दीवाना बना सकते हैं. इनकी पर्सनैलिटी में वो चुंबकीय आकर्षण होता है, जिससे बिरले ही बच पाते हैं.

–     इनकी सेक्स ड्राइव काफ़ी स्ट्रॉन्ग होती है. बस, इन्हें पार्टनर में रोमांटिक केमिस्ट्री नज़र आनी चाहिए, फिर देखिए इनका कमाल.

–     अपने पार्टनर को रिझाना-सताना, फोरप्ले इन्हें बेहद पसंद होता है. उन पर अपना जादू चलाने के लिए ये उन्हें हर तरह से उत्तेजित करते हैं.

–     बेड में इन्हें फनमेकिंग और शरारतें पसंद हैं.

–     इन्हें सेक्सुअल फैंटसीज़ को जीना अच्छा लगता है, इसीलिए इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी फिल्मी होती है.

आइडियल पार्टनर: सिंह, मेष, धनु, तुला और कुंभ राशिवाले.

कन्या (23 अगस्त-22 सितंबर)    

–     कन्या राशिवालों का एनर्जी लेवल काफ़ी हाई होता है. यही वजह है कि इनकी सेक्स लाइफ हमेशा हॉट और स्पाइसी बनी रहती है.

–     इन्हें रिश्ते में ईमानदारी बेहद पसंद है, इसलिए पार्टनर से उम्मीद करते हैं कि वो सेक्स लाइफ में धोखा बिल्कुल न करे.

–     इस राशिवालों की ख़ासियत है कि ये सामने से भोले-भाले दिखाई देते हैं, पर बेड में ऐसे बिल्कुल नहीं हैं. इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी रोमांचक होती है.

–     स्वभाव से परफेक्शनिस्ट होने के कारण सेक्स लाइफ में भी इन्हें परफेक्शन पसंद है. सेक्सुअल रिलेशन से पहले शावर लेना, साफ़-सुथरा माहौल और हाइजीन का ये बेहद ध्यान रखते हैं.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

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 Zodiac Sex Life
तुला (23 सितंबर-22 अक्टूबर)      

–     तुला राशिवालों को हर ख़ूबसूरत चीज़ पसंद आती है और यह इनकी रोमांटिक सेक्स लाइफ में भी नज़र आता है.

–     ख़ूबसूरत और सेक्सी इनरवेयर, रोमांटिक म्यूज़िक और चॉकलेट्स इन्हें उत्तेजित करने के लिए परफेक्ट चॉइस हैं.

–     सेक्स लाइफ में रोमांस इनकी प्राथमिकता है. नॉटी बातें, छेड़छाड़ और फोरप्ले इनकी सेक्स लाइफ को बूस्ट करते हैं.

–     सेक्सुअल रिलेशन में ये अपने पार्टनर की इच्छाओं का पूरा ध्यान रखते हैं. पार्टनर को ख़ुश करने के लिए कुछ नया और क्रिएटिव भी करते रहते हैं.

–     इनकी सेक्स ड्राइव इतनी स्ट्रॉन्ग होती है कि एक दिन में ये तीन बार भी रिलेशन बना सकते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

वृश्‍चिक (23 अक्टूबर-21 नवंबर)   

–     सभी राशियों में वृश्‍चिक राशिवाले सबसे सेक्सी माने जाते हैं. इतना ही नहीं, इस राशि की महिलाओं को ‘सेक्स गॉडेस’ भी कहा जाता है.

–     ये उम्मीद करते हैं कि सेक्सुअल रिलेशन के दौरान इन्हें संतुष्ट करने के लिए इनका पार्टनर सब कुछ ट्राई करे.

–     अपने स्वभाव के कारण बेड में भी ये काफ़ी डॉमिनेटिंग होते हैं.

–     अगर आपका पार्टनर वृश्‍चिक राशिवाला है, तो आप नकली ऑर्गैज़्म से उन्हें संतुष्ट नहीं कर सकते, क्योंकि इस मामले में ये काफ़ी स्मार्ट होते हैं.

–     इनके लिए शारीरिक संबंध से पहले स्ट्रॉन्ग इमोशनल कनेक्शन बेहद ज़रूरी है.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

धनु (22 नवंबर-21 दिसंबर)

–     इस राशिवालों के लिए रोमांस का मतलब अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना है. इस टाइम को ये मस्ती से भरपूर बनाने की पूरी कोशिश करते हैं.

–     इमोशनल रिलेशन की बजाय ये क्वालिटी टाइम में विश्‍वास रखते हैं, इसलिए इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी प्रैक्टिकल होती है.

–     सेक्सुअल लाइफ में इन्हें फ्रीडम और ऐडवेंचर बेहद पसंद है. घर की चार दीवारों के अलावा पब्लिक प्लेसेस पर रोमांस करना इनका शग़ल है.

–     ये फनलविंग होते हैं, इसलिए सेक्सुअल रिलेशन को काफ़ी मज़ेदार बनाते हैं.

–     अगर आपका पार्टनर इस राशि का है, तो आपकी सक्सेसफुल सेक्स लाइफ का एक ही मंत्र होगा कि आप पज़ेसिव होने से बचें.

आइडियल पार्टनर: मेष, सिंह, धनु, मिथुन, तुला और कुंभ राशिवाले.

मकर (22 दिसंबर-19 जनवरी)

–    वृश्‍चिक राशिवालों की ही तरह मकर राशिवाले भी काफ़ी सेंसुअल और रोमांटिक माने जाते हैं.

–     इनके मुताबिक़ पैर और घुटने इनके शरीर के सबसे कामोत्तेजक अंग हैं और इन्हें उत्तेजित करना काफ़ी आसान है.

–     सभी को लगता है कि इस राशिवाले शर्मीले होते हैं, पर ऐसा है नहीं. एक बार अपने पार्टनर से दिल से जुड़ जाएं, फिर देखिए इनका कमाल.

–     ये काफ़ी प्रोटेक्टिव स्वभाव के होते हैं, इसलिए पब्लिक प्लेस की बजाय बेडरूम में रोमांस फरमाना पसंद करते हैं.

–     इनका सेक्सुअल स्टैमिना बेहतरीन होता है, तभी तो अपने साथ-साथ अपने पार्टनर को भी संतुष्ट करना अच्छी तरह जानते हैं.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

कुंभ (20 जनवरी-18 फरवरी) 

–     कुंभ राशिवाले बुद्धिमान और आदर्शवादी माने जाते हैं और बात जब सेक्स लाइफ की हो, तो यहां भी वफ़ादारी के मामले में ये सभी राशियों से बाज़ी मार ले जाते हैं.

–     लव लाइफ में इनकी कल्पनाशक्ति कमाल की होती है. इनके पार्टनर इनकी इमैजिनेशन की दाद देते हैं.

–     सेक्स लाइफ में कुछ नया और एक्साइटिंग करना इन्हें अच्छा लगता है, इसलिए अगर आपका पार्टनर इस राशि का है, तो आप भी कई सरप्राइज़ेस के लिए तैयार रहें.

–     इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी रोमांचक होती है, क्योंकि ये बेड में कुछ न कुछ नया ट्राई करना पसंद करते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

मीन (19 फरवरी-19 मार्च)

–    इस राशिवालों के लिए सेक्स का मतलब प्यार है, तभी तो इनकी सेक्स लाइफ रोमांस से भरपूर होती है.

–     ये काफ़ी पैशनेट लवर्स माने जाते हैं और अपनी ख़ुशी से ज़्यादा अपने पार्टनर की ख़ुशी का ख़्याल रहते हैं.

–     मीन राशिवालों में एक ग़ज़ब का चुंबकीय आकर्षण होता है, जिसके कारण बहुत से लोग इनकी मनमोहक छवि के आकर्षण में बंध जाते हैं.

–    इनके लिए किसिंग और हगिंग सेक्सुअल रिलेशन से भी ज़्यादा मायने रखती है.

–     पार्टनर की सेक्सुअल फैंटसीज़ को पूरा करने के लिए कुछ न कुछ नया करते हैं.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

– संतारा सिंह

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रोमांटिक लाइफ के लिए अपनाएं ये १२ सेक्स टिप्स (12 Sex Tips For Romantic Life)

Sex Tips

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स्मार्ट सेक्स टिप्स (Sex Tips)

1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.

2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.

3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.

5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.

6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.

7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.

8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.

9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.

10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.

11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.

12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.

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ट्राई करें ये सेक्स बूस्टर फूड्स 

स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.

बादाम

ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.

तरबूज़

इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.

शकरकंद

पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.

सफेद तिल

ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.

– सुनीता सिंह

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मानसिक स्वास्थ्य का सेक्स लाइफ पर असर (How Mental Health Affects Your Sex Life?)

भागदौड़ और व्यस्तता भरी ज़िंदगी में वैवाहिक दंपतियों की सेक्स लाइफ (Sex Life) में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. ऐसे में कई बार पति-पत्नी के अंतरंग रिश्तों में रोमांस की जगह बोरियत पैदा हो जाती है. अगर पति या पत्नी में से कोई एक दिमाग़ी तौर पर तनावग्रस्त होता है तो उसका सीधा असर उनके बेडरूम में दिखाई देता है, जहां पति-पत्नी के मन में सेक्स के लिए पैशन व प्लेज़र की जगह बोरियत और नीरसता के भाव जागने लगते हैं. अधिकांश लोगों ने यह अनुभव भी किया होगा कि जब वो टेंशन फ्री होते हैं तब सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, लेकिन जब वो किसी तरह की मानसिक परेशानी में होते हैं तो इसका दुष्प्रभाव उनकी सेक्स लाइफ पर भी दिखाई देता है. आख़िर मानसिक स्वास्थ्य और सेक्स लाइफ के बीच क्या कनेक्शन है? चलिए जानते हैं.

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दिमाग़ का सेक्स से कनेक्शन

सेक्स का दिमाग़ से सीधा कनेक्शन है, क्योंकि जब हम सेक्स के बारे में सोचते हैं तब हमारा दिमाग़ मूड बनाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का स्राव करता है. इस हार्मोन के स्राव से हमारे यौन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, लेकिन जब कोई मानसिक तौर पर अस्वस्थ या परेशान होता है या फिर दवाइयों का सेवन कर रहा है तो इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ पर दिखाई देता है. ऐसे में व्यक्ति को सेक्सुअल डिसफंक्शन या कामेच्छा में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए स़िर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है.

1- पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर

कई अध्ययनों में यह ख़ुलासा किया गया है कि जो महिला या पुरुष पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के शिकार होते हैं उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह से प्रभावित होती है. इससे पीड़ित लोगों को अपने अंतरंग रिश्तों में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. हालांकि यह ट्रॉमा बीते समय में हुए यौन हिंसा या किसी गंभीर दुर्घटना के कारण भी हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पीड़ित व्यक्ति यौन क्रिया के दौरान उत्तेजना की कमी महसूस करता है और सेक्स में उसकी सक्रियता नहीं रहती है.

2- डिप्रेशन

डिप्रेशन यानी अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर शारीरिक ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं, जिसके कारण सेक्स में उनकी रुचि कम होने लगती है या फिर उनकी कामेच्छा में कमी आ जाती है. ऐसे लोग सेक्सुअल डिसफंक्शन के शिकार हो जाते हैं, जिसके चलते उनमें इरेक्शन या ऑर्गेज्म की कमी जैसी समस्याएं हो जाती हैं. कई मामलों में एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों के सेवन से भी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता दिखाई देता है.

3- एंज़ायटी

कई अध्ययनों से यह पता चला है कि एंज़ायटी से पीड़ित क़रीब 75 फ़ीसदी लोगों में यौन समस्याएं होती हैं. इससे पीड़ित पुरुषों में जहां इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या देखी जाती है, वहीं महिलाओं में सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर हो सकता है, जिसमें सेक्स से डर और उससे बचने जैसी चीज़ें शामिल हैं. यह समस्या उन लोगों को भी हो सकती है जिनके साथ यौन शोषण हुआ हो, इसके अलावा सोशल एंज़ायटी से पीड़ित लोगों की कामेच्छा में भी कमी आ सकती है.

4- ईटिंग डिसऑर्डर

जब कोई व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में या बहुत कम मात्रा में खाना शुरू कर देता है तो इसे ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. यह एक तरह की मानसिक बीमारी है. इस डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में सेक्सुअल एंज़ायटी, सेक्स से बचना, सेक्स के प्रति उदासीनता और सेक्सुअल डिसफंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एक रिसर्च के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार है तो इससे उसके शरीर में कामोत्तेजना बढ़ाने वाले हार्मोन्स का उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है.

5- बाइपोलर डिसऑर्डर

बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसा मानसिक विकार है जिसमें पीड़ित व्यक्ति का मूड बार-बार बदलता है. कभी उसका आत्मविश्‍वास चरम पर होता है तो कभी उसका आत्मविश्‍वास एकदम निचले स्तर पर चला जाता है. इससे पीड़ित व्यक्ति एक पल ख़ुश तो अगले ही पल दुखी और अवसादग्रस्त हो जाता है, जिसके चलते उसकी सेक्सुअल लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में उनका बार-बार बदलता मूड और व्यवहार अंतरंग रिश्तों के लिए घातक बन जाता है.

6- बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर

अनुचित या अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देना, अत्यधिक आवेगपूर्ण व्यवहार करना और अस्थिर संबंधों का इतिहास इत्यादि बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं. इससे पीड़ित लोग न तो नौकरी में स्थिर रह पाते हैं और न ही अपने निजी रिश्तों में. यही वजह है कि इनकी सेक्सुअल लाइफ बदतर होती है, क्योंकि इससे पीड़ित व्यक्ति या तो सेक्स से बचने की कोशिश करता है या फिर वो सेक्स के दौरान अत्यधिक आवेग में आ जाता है.

7- स्किज़ोफ्रेनिया

आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में विभिन्न डिग्री के स्किज़ोफ्रेनिया से लगभग 40 लाख लोग पीड़ित हैं. यह बीमारी एक हज़ार वयस्कों में से क़रीब 10 लोगों को अपना शिकार बनाती है और यह सबसे ज़्यादा 16 से 45 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है. रोग की गंभीरता के आधार पर इससे पीड़ित व्यक्ति की सेक्स क्षमता कम या सीमित हो सकती है, जिसके चलते इरेक्शन सही तरी़के से नहीं हो पाता है और ऑर्गेज्म पाने की क्रिया बिगड़ सकती है.

8- ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर (ओसीडी)

ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति एक ही चीज़ को बार-बार करता है, जैसे- बार-बार हाथ धोना, दरवाज़े का लॉक चेक करना, साफ़-सफ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देना इत्यादि. ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर का असर पीड़ित व्यक्ति की सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है. इससे पीड़ित व्यक्ति अति कामुक, यौन कल्पना यानी सेक्सुअल फेंटसी और मास्टरबेशन का आदी हो सकता है. हालांकि इसके लक्षणों को कम करने के लिए उपचार और दवाइयों की मदद ली जा सकती है.

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क्या करें?

अगर किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण आपकी सेक्स लाइफ बाधित हो रही है तो इलाज के अलावा आपको कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए.

दवाइयों में बदलाव- आप जिस मनोरोग विशेषज्ञ से अपना इलाज करा रहे हैं उससे अपनी सेक्स लाइफ पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में खुलकर बात करें और उससे दवाइयों में कुछ बदलाव करने की अपील करें, ताकि आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकें.

पार्टनर से कुछ न छुपाएं- अगर आप किसी मानसिक परेशानी से गुज़र रहे हैं तो इस बारे में अपने पार्टनर से खुलकर बात करें. उससे अपनी मानसिक स्थिति और सेक्स लाइफ में आ रही परेशानियों के बारे में बात करें. इससे पार्टनर आपकी मन:स्थिति को अच्छी तरह से समझेगा और आपके रिश्ते में मज़बूती बनी रहेगी.

थेरेपिस्ट की मदद लें- हो सकता है कि इलाज के दौरान थेरेपिस्ट या विशेषज्ञ आपकी सेक्स लाइफ के बारे में न पूछें, ऐसे में आपकी मानसिक स्थिति के कारण आपकी सेक्स लाइफ किस तरह से बाधित हो रही है इसके बारे में उन्हें आपको ख़ुद बताना होगा. इसलिए अपनी हिम्मत बढ़ाएं और थेरेपिस्ट के साथ-साथ अपने पार्टनर को भी इस समस्या के बारे में बताएं.

ये चीज़ें भी हैं ज़रूरी- मानसिक बीमारी के कारण सेक्स लाइफ पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के बारे में हरदम सोचने की बजाय अपने पार्टनर से खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखें, पार्टनर के साथ हंसी-मज़ाक करें, अपनी जीवनशैली में शामिल अन्य अच्छी चीज़ों पर भी ध्यान दें. इससे पार्टनर के साथ आपका भावनात्मक रिश्ता मज़बूत होगा और आपके अंतरंग रिश्तों में भी सुधार आने लगेगा.

– अनिता राम

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सेक्सुअल समस्या कहीं आपके रिश्ते को प्रभावित तो नहीं कर रही? (Are Sexual Problems Affecting Your Relationship?)

पति-पत्नी का रिश्ता (Relationship) आपसी सामंजस्य, सहयोग और प्यार (Love) का होता है, लेकिन इन सबके बीच इस रिश्ते में सेक्स (Sex) की भी अलग अहमियत होती ही है, क्योंकि सेक्स प्यार के इज़हार का सबसे ख़ूबसूरत ज़रिया माना जाता है. ऐसे में आपसी रिश्ता अच्छा बना रहे, इसके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपकी सेक्स लाइफ भी अच्छी हो, वरना रिश्तों में दूरियां पैदा होने में देर नहीं लगती. अक्सर ऐसा होता है कि कभी शर्म, संकोच या फिर डर व झिझक के चलते कपल्स सेक्सुअल क्रिया या उससे जुड़ी समस्याओं (Problems) के बारे में बात नहीं करते, जिससे समस्याएं वहीं की वहीं बनी रहती हैं और रिश्ता प्रभावित होने लगता है. यहां हम ऐसी ही समस्याओं पर बात करेंगे, जो आपके रिश्ते पर असर डाल सकती हैं.

Sexual Problems

प्री-मैच्योर इजैकुलेशन (स्खलन)

काफ़ी पुरुषों में यह समस्या होती है, लेकिन अच्छी ख़बर यह है कि यह इतनी बड़ी समस्या भी नहीं कि ठीक न हो सके. प्री-मैच्योर इजैकुलेशन किसे कहते हैं? क्या आपके पार्टनर को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में एक मिनट से अधिक का समय लगता है या फिर उससे कम? अगर वो एक मिनट से भी कम समय में स्खलित हो जाता है, तो उसे यह समस्या है. ऐसे पुरुष अक्सर सेक्स को लेकर काफ़ी आशंकित रहते हैं. उनका प्रयास रहता है कि वो ऐसी महिला के साथ रिश्ता बनाएं, जिसे सेक्स का अनुभव न हो, ताकि उनकी समस्या के बारे में वो जान न सके. लेकिन कुछ समय बाद ही सही, समस्या तो सामने आ ही जाती है, इसलिए बेहतर होगा कि समस्या को छिपाने की बजाय उसका इलाज करवाया जाए.

पेनफुल सेक्स (सेक्स के दौरान दर्द)

काफ़ी महिलाएं इसे महसूस करती हैं और जब सेक्स एक सुखद अनुभव की बजाय दर्दनाक एहसास बनने लगता है, तो सेक्स से वो कतराने लगती हैं. सेक्स के दौरान दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- फोरप्ले की कमी, भावनात्मक लगाव की कमी, हार्मोनल बदलाव, मानसिक उलझन, डर, संकोच आदि. कारण जो भी हों, उन्हें नज़रअंदाज़ करना सही नहीं, क्योंकि ये आपके रिश्ते को बुरी तरह प्रभावित करने लगते हैं.

ऑर्गैज़्म का अनुभव न होना

अक्सर महिलाओं को ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं होता. इसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे- हार्ड सेक्स, फोरप्ले की कमी, मानसिक रूप से सेक्स के लिए तैयार न होना आदि… पर कभी-कभी बढ़ती उम्र व हार्मोनल बदलाव की वजह से भी ऐसा होता है. ऐसे में सेक्स के प्रति अनिच्छा बढ़ती जाती है और जब आप संतुष्टि व आनंद प्राप्त नहीं करते, तो उसका सीधा असर आपके रिश्ते पर पड़ता है.

सेक्सुअल इच्छा में कमी

पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी के चलते सेक्सुअल इच्छा की कमी आ जाती है और न स़िर्फ कमी, बल्कि इरेक्शन वगैरह पर भी इसका असर पड़ता है. महिलाओं में हार्मोनल बदलाव या सेक्स को लेकर बुरा अनुभव उनकी सेक्सुअल डिज़ायर पर असर डालता है. रिश्तों पर इसका सीधा-सीधा असर यह पड़ता है कि आप सेक्स करने से कतराने लगते हैं, ज़ाहिर है कि जब सेक्स लाइफ नहीं होगी, तो रिश्ते पर बुरा असर होगा.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

इरेक्शन होने में परेशानी यानी पेनिस का हार्ड न हो पाना, जिससे सेक्सुअल क्रिया नहीं हो पाती, उसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं. कभी दवाओं के साइड इफेक्ट्स की वजह से, कभी मानसिक परेशानी के चलते, तो कभी किन्हीं अन्य वजहों से यह समस्या हो सकती है. इसमें सबसे बड़ी द़िक्क़त यह है कि आसानी से ठीक होने के बावजूद अधिकांश पुरुष अपनी समस्या छुपाते हैं. न वो अपने पार्टनर से, न ही एक्सपर्ट्स से इस बारे में सलाह लेने की पहल करते हैं. इस वजह से रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ता है.

सेक्सुअल डिस्फंक्शन

रिसर्च बताते हैं कि 30% पुरुष और 40% महिलाएं सेक्सुअल क्रिया के दौरान सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अनुभव करती हैं. सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अर्थ है सेक्सुअल क्रिया में सुख या संतुष्टि न मिलना. यह किसी भी स्तर पर हो सकता है, जैसे- उत्तेजना महसूस न होना, सेक्स के लिए तैयार न हो पाना, ऑर्गैज़्म न मिलना, दर्द होना या फिर सेक्स के बाद कोई समस्या होना. सेक्स से जुड़ी कोई भी समस्या इसके अंतर्गत आती है और ये आपके रिश्ते को काफ़ी प्रभावित करती है.

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Relationship Problems
क्या करें?

–     छिपाएं नहीं. समस्या को छिपाना कोई समाधान नहीं है, इससे वो और बढ़ेगी.

–     कम्यूनिकेट करें. अपने पार्टनर से बात करें और अपने डर, झिझक व संकोच के बारे में बताएं.

–     एक्सपर्ट की सलाह लें. यह बेहद ज़रूरी है, क्योंकि ये तमाम समस्याएं इलाज के दायरे में आती हैं. इनका आसानी से इलाज संभव है, पर लोग संकोच के चलते डॉक्टर के पास जाते ही नहीं.

–     अपनी समस्या को स्वीकार करें और उसको सामान्य मानें. अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी समस्याओं को सामान्य नहीं मानते. उनको लगता है कि किसी के सामने यह बात आ गई, तो उनकी बेइज़्ज़ती हो जाएगी, इसी चक्कर में वो इलाज भी नहीं करवा पाते.

–     अधिकतर सेक्सुअल समस्याएं वैसे भी मानसिक होती हैं और आसानी से ठीक हो सकती हैं, बेहतर होगा कि उन्हें छुपाएं नहीं. उनके कारणों को जानकर उचित इलाज करवाएं, वरना समय के साथ-साथ आपका रिश्ता प्रभावित होता चला जाएगा.

ईज़ी होम रेमेडीज़

–    तरबूज़ इरेक्शन की समस्या से निजात दिलाता है, क्योंकि इसमें मौजूद सिट्रूलाइन एक तरह का अमीनो एसिड है, जो इरेक्शन को बेहतर बनाता है और पेनिस की तरफ़ ब्लड फ्लो को तेज़ करता है.

–     प्याज़ न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है.

–     लहसुन का सेवन करें. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.

–     सेब का सेवन करें. यह सेक्सुअल स्टैमिना को बढ़ाता है.

–     बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, किशमिश आदि में भी सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. मूंगफली, अखरोट और पिस्ता में मौजूद अमीनो एसिड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करता है.

–     बादाम में ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई होता है, जो बेहतर सेक्स के लिए ज़रूरी होते हैं. सेलेनियम इंफर्टिलिटी से भी बचाता है और ज़िंक पुरुषों में सेक्स हार्मोंस के निर्माण को बेहतर बनाता है.

–     हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व भी होते हैं. ये इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है.

–     तिल में मौजूद ज़िंक सेक्स की इच्छा बढ़ाने में कारगर है.

–     अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है.

–     गाजर सेक्सुअल एनर्जी के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है.

–     छुहारा सेक्स के लिए आपको ऊर्जा प्रदान करता है.

–     डार्क चॉकलेट्स भी सेक्स बूस्टर फूड है. इसमें मौजूद कोको में मूड बूस्टिंग हार्मोंस को बढ़ाने की क्षमता होती है.

– विजयलक्ष्मी

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बचें इन टॉप 10 सेक्स ड्राइव किलर्स से (10 Things That Can Kill Your Sex Drive)

सेक्स (Sex) सफल दांपत्य जीवन का आधार माना जाता है, तभी तो इसकी कमी रिश्ते (Relationships) को बुरी तरह प्रभावित करती है. एक-दूसरे के प्रति ख़त्म होती चाहत, लगाव और आकर्षण के कई कारण होते हैं. कभी ये कारण शारीरिक, कभी मानसिक, तो कभी लाइफस्टाइल से संबंधित होते हैं. सेक्स ड्राइव (Sex Drive) को कमज़ोर बनानेवाली कुछ ऐसी ही सेक्स ड्राइव किलर्स की हमने यहां जानकारी दी है.

Sex Drive

1. मोटापा

जिन लोगों का वज़न ज़्यादा होता है, उनके फैट सेल्स एस्ट्रोजेन (फीमेल हार्मोन) प्रोड्यूस करते हैं, जिससे उनकी सेक्स ड्राइव में कमी आ जाती है. रोज़ाना एक्सरसाइज़ करनेवालों की सेक्स ड्राइव काफ़ी मज़बूत होती है. इसलिए एक्सरसाइज़ को अपने डेली रूटीन में शामिल करें और अपनी सेक्स लाइफ को दिलचस्प बनाएं.

2. तनाव

सुबह से लेकर शाम तक की भागदौड़, ऑफिस का बढ़ता वर्कलोड, आर्थिक समस्याएं, असमय खानपान का सीधा असर तनाव के रूप में दिखाई देता है. सेहत के साथ-साथ यह हमारी सेक्स ड्राइव को भी बुरी तरह प्रभावित करता है. इसलिए तनावमुक्त रहने की कोशिश करें.

3. नींद की कमी

सबसे बड़े सेक्स ड्राइव किलर्स में से यह एक है. महज़ 4 से 5 घंटे की नींद से आप फ्रेश फील नहीं करते और स्टैमिना भी कम होने लगता है, जिससे सेक्स की इच्छा भी धीरे-धीरे कम होने लगती है. रोज़ाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें. अगर अनिद्रा की समस्या है, तो डॉक्टर से संपर्क करें.

4. अल्कोहल

नियमित रूप से अल्कोहल का सेवन आपकी कामेच्छा में कमी का कारण बनता है. इतना ही नहीं, अल्कोहल के कारण आप अपने पार्टनर की भावनाओं को भी समझने की कोशिश नहीं करते. सेक्स ड्राइव को यह प्रभावित न करे, इसका एक ही इलाज है अल्कोहल कम कर दें. अगर बंद कर देंगे, तो और भी अच्छा होगा. आपकी सेहत के साथ-साथ आपका दांपत्य जीवन भी हेल्दी बन जाएगा.

5. दवाइयां

डिप्रेशन की दवाइयां कामोत्तेजना को प्रभावित करती हैं. इसमें मौजूद केमिकल्स मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे सेक्स ड्राइव कमज़ोर होती है. इसी तरह अन्य दवाइयां भी आपकी कामेक्छा को कम करती हैं, इसलिए जितनी ज़रूरी हों, उतनी ही दवाइयां खाएं, बेवजह दवाइयों के सेवन से दूर रहें. अगर आपको भी लग रहा है कि दवाइयों के कारण आपकी सेक्स ड्राइव कमज़ोर हो गई है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

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Couple Sex Tips
6. डिप्रेशन

डिप्रेशन आपके सेक्स ड्राइव पर दोहरा वार करता है. एक तो डिप्रेशन के कारण वैसे ही सेक्स की इच्छा में कमी आ जाती है, दूसरे उसकी दवाइयां बची-खुली कामेक्छा को ख़त्म करने लगती हैं. अपनी सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि ख़ुद को ख़ुश रखें और डिप्रेशन आपके आस-पास भी न फटके.

7. ग़लत खानपान

व़क्त-बेव़क्त खाना और व़क्त-बेव़क्त का आपका डेली रूटीन आपकी सेक्स ड्राइव को कमज़ोर बनाता है. वो मशहूर कहावत है न कि जो हम जो भी हैं, हमारे खानपान के कारण हैं. जंकफूड व प्रोसेस्ड फूड का नतीजा कामेक्छा में कमी के रूप में नज़र आता है. रोज़ान नियमित समय पर खाएं और संतुलित व पोषक आहार लें.

8. हाई ब्लड प्रेशर

बेहतर सेक्स के लिए जननांगो में रक्त संचार का सुचारू होना बहुत ज़रूरी है, जो हाई ब्लड प्रेशर में नहीं होता. इसके कारण जननांगों में रक्त संचार कम हो जाता है, जिसके कारण जहां पुरुषों में सेक्स इच्छा में कमी हो जाती है, वहीं महिलाओं के योनि में ड्राईनेस की समस्या होने लगती है. अगर इसे कंट्रोल में न रखा गया, तो यह इरेक्टाइल डायस्फंक्शन का कारण बन सकता है. पेनिस में लो ब्लड के कारण लगभग 30% पुरुष इस समस्या से जूझते हैं.

9. कैफीन

कहते हैं अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है. कैफीन के साथ भी यही है. माना कि आप चाय/कॉफी या चॉकलेट के शौक़ीन हैं, पर कैफीन का सेवन उतना ही करें, जितना ज़रूरी हो, क्योंकि हर रोज़ कैफीन की अधिकता आपके ऐडर्नल ग्लैंड को अत्यधिक उत्तेजित करता है, जिससे सेक्स ड्राइव में कमी आती है. इसलिए कैफीन के सेवन पर ध्यान दें, क्योंकि आपका शौक़ आपकी सेक्स लाइफ पर भारी न पड़े.

10. बर्थ कंट्रोल पिल्स

कुछ स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स महिलाओं में टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को कम करता है, जिससे महिलाओं में सेक्स की इच्छा कमज़ोर होने लगती है. बर्थ कंट्रोल पिल्स एस्ट्रोजेन से बनी होती हैं, जिसका लंबे समय तक सेवन सेक्स ड्राइव को कमज़ोर बनाता है.

– सुनीता सिंह

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बेहतर सेक्स लाइफ के 10 सीक्रेट्स (10 Secrets For Better Sex Life)

क्या आपकी सेक्स लाइफ़ (Sex Life) बोरिंग और नीरस होती जा रही है? अगर हां, तो उसमें प्यार के नए रंग भरने के लिए पार्टनर के मूड बनने का इंतज़ार करने की बजाय ख़ुद ही शुरुआत करें, फिर देखिए आपका ये बदला-बदला-सा अंदाज़ पार्टनर को कैसे दीवाना बना देता है.

Sex Life

  1. ख़ुद ही पहल करें

दिनभर की थकान के बाद आपका पार्टनर आराम के मूड में है, लेकिन आपका दिल कुछ और चाहता है, तो ऐसे में चुपचाप बैठकर उनका मूड बनने का इंतज़ार करने की बजाय ख़ुद ही पहल करें. अचानक आपका बदला-बदला-सा सेक्सी अंदाज़ देखकर पार्टनर अपनी सारी थकान भूल जाएगा.

  1. ख़ुद को अच्छी तरह प्ऱेजेन्ट करें

बिखरे बाल, पसीने से भीगा बदन और थकान भरा चेहरा पुरुषों का मूड ऑफ कर देता है. ख़ासतौर से पसीने की बदबू रोमांस का माहौल बनने से पहले ही उसे   ख़त्म कर देती है. हो सकता है ख़ुद की अनदेखी की आपकी आदत ही उन्हें आपके पास आने से रोक रही हो. इसलिए ज़रा ख़ुद पर भी ध्यान दें. बेड पर जाने से पहले चेहरा धोने और कपड़े बदलने जैसी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप उन्हें अपनी ओर आकर्षित कर सकती हैं.

  1. आफ्टर प्ले का कॉन्सेप्ट

अक्सर देखा गया है कि महिलाएं सेक्स के बाद आफ्टर प्ले की कमी महसूस करती हैं. सेक्स के बाद किस करना, एक-दूसरे को बांहों में भरना और जो भी आप करना चाहती हैं, वो अच्छा तो लगता है, लेकिन पुरुषों को ये कॉन्सेप्ट आमतौर पर कम ही भाता है. वैसे भी जब नींद आने लगती है तब किसी की बांहों में ख़ुद को कसा हुआ पाना, नींद उड़ाने जैसा ख़्याल लगता है. इसलिए फोरप्ले का लुत्फ़ उठाइए और लंबे आफ्टर-प्ले के प्रति कूल हो जाइए.

  1. न डालें गिफ्ट्सका प्रेशर

रोमांस के नाम पर आप समय-समय पर पतिदेव से चॉकलेट्स, डॉल्स या टेडी बियर जैसे गिफ़्ट्स की डिमांड तो नहीं करतीं? माना शादी के शुरुआती दिनों में गिफ्ट्स के लेन-देन का ये आइडिया काफ़ी रोमांटिक लगता है, लेकिन ये  तभी तक अच्छा लगता है जब तक ये सरप्राइज़ की तरह रहे. याद रहे, बार-बार गिफ्ट मांगने की आपकी आदत पार्टनर को इरिटेट भी कर सकती है. इसके अलावा हमेशा आपकी डिमांड पूरी करने के चक्कर में उनका फोकस आप से हटकर गिफ्ट पर ज़्यादा रहेगा. अगर आप अपने रिश्ते में रूमानियत का एहसास बरक़रार रखना चाहते हैं तो उन्हें प्यार का इज़हार वैसे ही करने दें जैसा वो चाहते हैं.

  1. रोक-टोक न करें

आपने शायद कई जगह पढ़ा होगा कि सेक्स की शुरुआत धीरे-धीरे होनी चाहिए. आप भी चाहती हैं कि उनकी नज़र आप पर ऐसे पड़े कि आप ख़ुद को धीरे-धीरे पिघलता हुआ महसूस करें, लेकिन घर लौटते हुए गर्मी, लोकल ट्रेन या मेट्रो की भीड़ या फिर हैवी ट्रैफिक में फंसने के बाद पार्टनर से इतने पेशेन्स की उम्मीद न रखें. तो क्या हुआ कि वो सॉक्स खोलने तक का भी इंतज़ार न करें, ऐसे में उन्हें रोकने की बजाय आप भी उनका साथ दें और उन ख़ास पलों को एन्जॉय करें.

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  1. डालें वैक्सिंग की आदत

आप अपनी बॉडी के अनचाहे बालों को हटाना ज़रूरी नहीं समझतीं और आपके पार्टनर ने भी आपसे इस बारे में कुछ नहीं कहा, तो समझ लें कि वो पऱफेक्ट जेन्टलमेन हैं और उन्हें ऐसी बातें कहना पसंद नहीं, लेकिन इस बात की गुंजाइश बहुत ़ज़्यादा है कि वैक्सिंग के प्रति आपकी लापरवाही आपके पार्टनर को कुछ नया ट्राई करने से रोक रही हो. क्लीन, ब्यूटीफुल बॉडी  पार्टनर को नए एक्सपेरिमेंट्स करने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन आप अगर हाइजीन का ख़्याल नहीं रखेंगी तो आपका पार्टनर कुछ नया सोच ही नहीं पाएगा. तो अब वैक्सिंग व हेयर रिमूविंग क्रीम्स से दोस्ती बढ़ाइए और सेक्स लाइफ का लुत्फ़ उठाइए.

  1. आवाज़ का खेल

सेक्स के दौरान कई महिलाएं आवाज़ें निकालती हैं. दरअसल, ऐसा करके वो अपने पार्टनर को ये समझाना चाहती हैं कि उन्हें उनका साथ पसंद है, लेकिन अधिकतर पुरुषों के लिए इन चीज़ों को बारीक़ी से समझना मुश्किल होता है. तो ऐसे में अगर आपके पार्टनर भी आवाज़ों की ज़ुबान नहीं समझते तो दुखी मत होइए, उनका नेचर समझिए और उनका साथ दीजिए.

  1. ख़ुद रहें हमेशा तैयार

आप दोनों सेफ सेक्स को प्रमोट करते हैं, लेकिन किसी कारणवश अगर आपके पार्टनर के पास कंडोम नहीं हैं या वे ख़रीदना भूल गए हैं, तो इसे दूरी का कारण न बनने दें. ख़ुद हमेशा तैयार रहें यानी अपने पास हमेशा कंडोम का पैकेट संभाल कर रखें और पार्टनर को अपनी स्मार्ट अदाओं से सरप्राइज़ करें. फिर देखिए वे कैसे खुलकर इस पल का आनंद उठाते हैं.

  1. दिल से बने रहें जवां

शादी के कुछ सालों बाद अक्सर महिलाएं सेक्स के प्रति उदासीन हो जाती हैं. आमतौर पर इसकी वजह परिवार की बढ़ती ज़िम्मेदारियां होती हैं, लेकिन ये बहुत हद तक महिलाओं पर निर्भर करता है कि वो अपनी सेक्स लाइफ को कितना ख़ुशनुमा बनाना चाहती हैं. तो क्या हुआ अगर आपकी दिनचर्या बहुत व्यस्त है, आप चाहें तो उसमें से थोड़ा वक़्त निकालकर अपनी सेक्स लाइफ को रिचार्ज करने के लिए नए आइडियाज़ और मौ़के तलाश सकती है. जैसे- ज़रूरी नहीं कि सेक्स की शुरुआत स़िर्फ बेडरूम में हो, मूड बनाने के लिए बालकनी से लेकर टीवी देखते हुए लिविंग रूम, किचन या डायनिंग टेबल तक कोई भी जगह चुन सकती हैं.

  1. समय का इंतज़ार न करती रहें

ऐसे मौ़के कई बार आते हैं जब दोनों पार्टनर चाहते हुए भी साथ नहीं आ पाते. कभी ऑफ़िस जाने की जल्दी होती है, तो कभी बच्चों के घर लौटने का वक़्त हो जाता है, लेकिन ये किसने कहा है कि आप एक-दूसरे के साथ 10 मिनट रहें और कुछ न करें. हमेशा सेक्स की शुरुआत स्लो हो ये ज़रूरी नहीं, कभी-कभी झटपट किया काम भी दिल को ख़ुश करने के लिए काफ़ी होता है. सच मानिए, कभी-कभार अपने स्टाइल से हटकर कुछ अलग करने का मज़ा ही कुछ और होता है और इसकी झलक आपके चेहरे पर दिनभर मंद-मंद मुस्कान के रूप में दिखती रहती है.

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क्या करें जब सेक्स के लिए दिल कहे ना? (What Is Sexual Aversion Disorder?)

आमतौर पर कपल्स (Couples) सेक्सुअल एक्टिविटी (Sexual Activity) को एन्जॉय करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें सेक्सुअल  एक्टिविटी से नफ़रत होती है. सेक्स तो दूर, ऐसे लोगों को पार्टनर का छूना भी पसंद नहीं होता. ये स्थिति सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर (Sexual Aversion Disorder) कहलाती है, यानी सेक्स के प्रति अरुचि.

Sexual Aversion Disorder

अगर कभी-कभार आपकी सेक्स में रुचि नहीं होती, तो ये आम बात है, लेकिन रोज़ाना अगर सेक्स का ज़िक्र होते ही आप असहज हो जाएं, इंटरकोर्स के दौरान डर या घबराहट होने लगे, पार्टनर का स्पर्श और किस करना भी आपको नहीं भाता, तो अलर्ट हो जाइए, क्योंकि इसका कारण स़िर्फसेक्सुअल डिज़ायर (कामेच्छा) की कमी नहीं, बल्कि इसकी वजह है सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर यानी सेक्स से अरुचि. आइए, इसके कारण, इलाज और रिश्तों पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं.

क्या है सेक्सुअल अवर्शन?

साइकोलॉजिस्ट डॉ. प्रमिला श्रीमंगलम के मुताबिक़, यह एक साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति हमेशा सेक्सुअल एक्टिविटी से दूर भागता है या सेक्स से घृणा करने लगता है. ऐसा कभी-कभार नहीं, बल्कि हमेशा होता है. इस डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति को इंटरकोर्स के दौरान डर व घबराहट महसूस होती है. वो सेक्स से दूर रहने की हर संभव कोशिश करता है और अगर पार्टनर की इच्छा का ख़्याल रखकर वह सेक्स के लिए राज़ी हो भी जाएं, तो काम क्रिया को जल्द से जल्द ख़त्म करना चाहता है. आमतौर पर महिलाओं को पार्टनर का स्पर्श उत्तेजित करता है, लेकिन सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर की शिकार महिलाओं को पार्टनर का किस करना और छूना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता. पार्टनर के प्राइवेट पार्ट्स को देखकर ही ये असजह हो जाती हैं और प्यार के ख़ुशनुमा पल इनकी ज़िदंगी का पीड़ादायक अनुभव बन जाते हैं.

लक्षण

–     सेक्सुअल एक्टिविटी संबंधी बातों को अवॉइड करना.

–     शारीरिक लक्षण, जैसे- चक्कर आना, दिल की धड़कन का तेज़ होना, पैनिक अटैक, सांस रुकने लगना आदि.

–     सेक्सुअल एक्टिविटीज़, जैसे-किसिंग, टीवी पर सेक्स सीन देखने और पार्टनर के कामोत्तेजक स्पर्श से बहुत ़ज़्यादा  घृणा होना.

–     हमेशा सेक्सुअल एक्ट को जल्द से जल्द ख़त्म करने की कोशिश करना.

–     यौन क्रिया के दौरान बॉडी का अलग तरह से रिएक्ट करना.

–     हमेशा सेक्स से दूर रहने के लिए बहाना बनाना, यहां तक कि इस बात पर पार्टनर से झगड़ा हो जाना.

–     सेक्स के पहले बीमार और बाद में डिप्रेस फ़ील करना.

–     पार्टनर के या अपने प्राइवेट पार्ट्स देखकर घृणा करना.

क्यों होता है सेक्सुअल अवर्शन?

किसी भी शख्स को जन्म से सेक्स से घृणा या अरुचि नहीं होती. व़क़्त और हालात उसे ऐसा बना देते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, सेक्सुअल अवर्शन यानी सेक्स से डर या सेक्स के प्रति निगेटिव अप्रोच के कई कारण हो सकते हैं.

–     इंटरकोर्स के दौरान दर्द.

–     पार्टनर द्वारा हाइजिन का ख़्याल न रखना.

–     सेक्स के बारे में अधूरी जानकारी के कारण डर या गिल्ट फ़ील करना.

–     सेक्स के बारे में नकारात्मक बातें या कहानी सुनना.

–     पार्टनर से मनमुटाव या कम्यूनिकेशन गैप.

–     अल्कोहल, ड्रग का सेवन और प्रेग्नेंसी का डर भी सेक्सुअल अवर्शन की वजह हो सकती है.

–     मेनोपॉज़ या थाइरॉइड प्रॉब्लम के कारण हार्मोन का संतुलन बिगड़ना.

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Sexual Aversion Disorder

साइकोलॉजिस्ट डॉ. प्रमिला श्रीमंगलम कहती हैं, ”हार्मोनल असंतुलन के अलावा रेप या यौन शोषण भी सेक्स से दूरी की वजह हो सकती है. अगर कोई व्यक्ति बचपन में ही किसी सगे-संबंधी या बाहरी शख़्स द्वारा यौन शोषण का शिकार हुआ हो, तो उसे सेक्स से घृणा हो जाती है.”

सेक्स से दूरी के लिए बहाने बनाना

बहुत से केसेस में सेक्सुअल अवर्शन का शिकार पार्टनर सेक्स से दूर रहने के लिए नए-नए तरी़के ढूंढ़ते रहते हैं, जैसे-वे पार्टनर के सो जाने के बाद बेड पर जाते हैं या फिर पार्टनर को अवॉइड करने के लिए ज़्यादा देर तक काम में व्यस्त रहने का दिखावा करते हैं.

रिश्तों पर असर

सेक्सुअल अवर्शन के शिकार व्यक्ति के मन में सामाजिक असुरक्षा की भावना आ जाती है. साथ ही वे बहुत अकेला महसूस करते हैं और ये नकारात्मक़ भावनाएं उन्हें निराशावादी बना देती है. सेक्सुअल अवर्शन के शिकार कुछ लोग इस कदर तनावग्रस्त और डरे रहते हैं कि इंटरकोर्स के ख़्याल से ही उन्हें पैनिक अटैक आ जाता है. ज़ाहिर है सेक्स के प्रति इस डर का कपल्स की सेक्स लाइफ़ और रिश्ते पर भी नकारात्मक़ असर होगा ही. ऐसे लोग अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाते और न ही उन्हें चरमानंद की प्राप्ति होती है. कई केसेस में कपल्स के बीच लंबे समय तक सेक्सुअल रिलेशन नहीं बनता. इससे उनके बीच दूरियां आना स्वाभाविक ही है. साइकोलॉजिस्ट डॉ. प्रमिला श्रीमंगलमकहती हैं,ङ्गसमझदार और सपोर्टिव पार्टनर न स़िर्फ अपने पति/पत्नी को साइकोथेरेपी की सलाह देते हैं, बल्कि इस डिसऑर्डर से बाहर निकलने में उनकी पूरी मदद भी करते हैं. ऐसा करके वे अपने रिश्ते को बिखरने से बचा सकते हैं, लेकिन पार्टनर अगर सपोर्टिव नहीं है और वो अपने पति/पत्नी के इलाज पर कोई ध्यान नहीं देता है, तो सेक्सुअल अवर्शन का शिकार पार्टनर डिप्रेशन में जा सकता है, जिससे न स़िर्फ रिश्ते में दूरिया बढ़ती हैं, बल्कि शादी भी टूट सकती है.फफ

कैसे करें डील?

विशेषज्ञों के मुताबिक़, सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर की वजह का पता लगाने के बाद ही इसका इलाज हो सकता है. अगर सेक्स से दूरी की वजह रिश्तों में आई कड़वाहट और आपसी मनमुटाव है तो मैरिज काउंसलर की सलाह, कम्यूनिकेशन ट्रेनिंग, बातचीत का सही तरीक़ा, एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश, प्यार, सम्मान और ग़ुस्से पर काबू रखकर समस्या का हल निकाला जा सकता है, लेकिन अगर डर या कोई हादसा सेक्स से नफ़रत की वजह है तो साइकोलॉजिस्ट की मदद ली जा सकती है. आपकी समस्या कितनी गंभीर है, ये देखने के बाद ही साइकोलॉजिस्ट मेडिकेशन, थेरेपी या दोनों की सलाह दे सकते हैं.

 

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बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस के लिए अपनाएं ये नॉटी बातें (Must Do Naughty Things For Best Ever Sex Experience)

Naughty Things

बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस के लिए अपनाएं ये नॉटी बातें (Must Do Naughty Things For Best Ever Sex Experience)

उसकी आंखों में शरारतें नज़र आती हैं मुझे, उसकी हर छुअन एक नया रोमांच जगाती है… उंगलियों से कह देती है वो अपने दिल की बातें, सांसों से महकाती मेरी चाहत का जहां… उसके हर क़दम से मेरी दुनिया में नए गुल खिलते हैं… उसकी हर अदा मेरे घर को बनाती है चाहत का आशियाना…  अपनी सेक्स लाइफ में रोमांच लाना चाहते हैं, कुछ शरारतें, कुछ नॉटीनेस और कुछ अदायदी ऐड करें, यकीनन आपको मिलेगा अपनी लाइफ का बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस.

सेक्सी बातें बढ़ाएंगी प्यार का ख़ुमार

बेहतरीन सेक्स के लिए पार्टनर का मूड बनाना बहुत ज़रूरी है और उसके लिए सेक्सी टॉक से अच्छा भला क्या हो सकता है. उनकी ख़ूबसूरती की तो हमेशा तारीफ़ करते रहे हैं जनाब आज तो उनके नूर से चेहरे को हूर कहें, उनकी ज़ुल्फ़ों को सुनहरी छांव, उनकी बाहों को घनघोर घटा और आंखों को नशीले जाम. तारीफ़ स़िर्फ औरतों को नहीं, पुरुषों को भी पसंद है. उनकी तारीफ़ करने बिल्कुल भी कंजूसी न करें. दिल खोलकर उनके केयरिंग और लविंग नेचर की तारीफ़ करें. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पार्टनर्स को वैसे भी एक-दूसरे की तारीफ़ करते रहना चाहिए, इसके उनकी लाइफ में रोमांस बना रहता है.

रोमांटिक मूवीज़ से शुरू हो रोमांस

हम जानते हैं कि लड़कियों को रोमांटिक मूवीज़ जितनी पसंद होती है, लड़कों को वो उतनी ही नापसंद. पर लड़कों ये रोमांटिक मूवीज़ ही तुम्हें, तुम्हारी पार्टनर के दिल के क़रीब ले जाएगी. रोमांटिक मूवीज़ में कई ऐसे गाने और सीन होते हैं, जहां आप उन्हें अपना प्यार जता सकते हैं. सोचिए ज़रा स़िर्फ आप हैं, आपकी पार्टनर और रोमांटिक मूवी, समा अपनेआप रोमांटिक बन जाएगा. वैसे आपको बता दें कि लड़कियां मूवी देखते व़क्त काफ़ी रोमांटिक महसूस करती हैं. आपकी हल्की-फुल्की शरारतें रोमांस की बेहतरीन शुरुआत करेंगी.

सेक्सी फील करें लिंगरी से

सेक्स एक्सपर्ट की मानें, तो लड़कियां ख़ुद को जितना ज़्यादा कान्फिडेंट फील करेंगी, उनकी सेक्सुअल एक्टिविटीज़ उतनी ही रोमांचक होंगी और उन्हें ऑर्गैज़्म भी जल्दी मिलेगा. अगर आप लिंगरी में रहेंगी, तो ख़ुद को ज़्यादा सेक्सी फील करेंगी, तो आज ही एक सेक्सी लिंगरी ख़रीदिए और अपने पार्टनर को सरप्राइज़ दीजिए. आपका सेक्सी अंदाज़ आपके पार्टनर को यकीनन मदहोश कर देगा.

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Naughty Things
चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी को लाएं बेडरूम में

सेक्स लाइफ के लिए आपको सेक्स बूस्टर फूड्स हमेशा ट्राई करने चाहिए. जब भी लगे कि सेक्स लाइफ में थोड़ी बोरियत आ रही है, तो चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी को अपने बेडरूम में लाएं. ये दोनों ही सेक्स बूस्टर माने जाते हैं. ख़ुद खाने की बजाय एक-दूसरे को खिलाएं. पार्टनर को इससे रिझाएं और ललचाएं. ये तुरंत रोमांटिक मूड बनाने में आपकी मदद करेगा.

शावर लें एक साथ

सभी रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये सबसे बेस्ट सेक्स टिप है. जो पार्टनर्स एक साथ शावर लेते हैं, उनकी सेक्स लाइफ में बोरियत नहीं आती, बल्कि हमेशा रोमांच बना रहता है. कोशिश करें कि एक साथ शावर लेने के बाद टॉवल से एक-दूसरे को सुखवाएं. अपने पार्टनर को सिर से पांव तक देखना काफ़ी रोमांटिक होता है, जो सभी नहीं कर पाते. क्या आपने ट्राई किया है ये सेक्स टिप?

कैंडल्स की रोशनी में हो रोमांस

ज़्यादातर कपल्स लाइट ऑन होने पर सेक्सुअल एक्टिविटी करना कंफर्टेबल फील नहीं करते, पर यही तो असली रोमांच है. अगर आप लाइट्स ऑन रखना चाहते, तो अरोमा कैंडल्स जलाएं. इनकी मद्धम रोशनी और मदहोश करनेवाली ख़ुशबू आप दोनों को रोमांचित कर देगी. अपने बेस्ट ऐबर सेक्स एक्सपीरियंस के लिए एक बार इसे ज़रूर ट्राई करें.

पार्टनर को दें ऑयल मसाज

मसाज से आप रिलैक्स महसूस करते हैं, पर मसाज अगर पार्टनर कर रहा हो, तो रिलैक्स के साथ-साथ आप रोमांच का भी अनुभव करेंगे. पार्टनर्स एक-दूसरे को ऑयल मसाज दें. इसके लिए आप अरोमा ऑयल्स का इस्तेमाल करें. उसकी ख़ुशबू और मसाज आपकी सेक्स लाइफ को इंस्टेंट बूस्ट करेगा.

– अनीता सिंह

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कंडोम से जुड़े 10 Interesting मिथ्स और फैक्ट्स (10 Interesting Myths And Facts Related To Condoms)

यह सच है कि आज भी समाज में सेक्स और सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर ज़्यादा बात नहीं होती और न ही इसे अधिक तवज्जो दी जाती है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं और होते भी हैं. दरअसल, लोगों में आज भी कंडोम को लेकर बहुत-सी भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, जिन्हें दूर करना ज़रूरी है, ताकि आप सुरक्षित यौन संबंध बना सकें और कई तरह के यौन रोगों से बचे रहें.

Myths And Facts Related To Condoms

1. दो कंडोम एक साथ यूज़ करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है.

ये सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है. एक साथ दो कंडोम का इस्तेमाल करने से आपको किसी भी तरह से अधिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, बल्कि उससे असुविधा अधिक होगी. बेहतर होगा एक ही कंडोम यूज़ करें.

2. अगर मेरी पार्टनर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही है, तो कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आपको अनचाहे गर्भ से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान तो करती हैं, लेकिन सेक्सुअली ट्रान्समिटेड डिसीज़ से नहीं. बेहतर होगा कि सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम भी यूज़ करें.

3. कंडोम से मेरी सेंसिटिविटी कम हो जाती है और सेक्स सुख उतना अधिक नहीं मिल पाता.

यह महज़ एक ग़लत धारणा है. कंडोम से आपकी सेक्सुअल क्रिया अपेक्षाकृत लंबी चल सकती है. आजकल अलग-अलग फ्लेवर्स और प्रकार के कंडोम उपलब्ध हैं, आपको अपनी सुविधानुसार सही कंडोम सिलेक्ट करना है.

4. कंडोम आसानी से फट जाते हैं.

नहीं, आपको स़िर्फ उन्हें सही ढंग से पहनने की ज़रूरत है. पहनते व़क्त यह ध्यान रहे कि टिप पर कोई एयर बबल न हो.

5. कंडोम्स की एक्सपायरी डेट नहीं होती.

जी नहीं, उनकी भी एक्सपायरी डेट होती है. आप पैकेट पर तारीख़ चेक करें और एक्सपायर्ड कंडोम यूज़ न करें, क्योंकि उससे खुजली, जलन, रैशेज़ जैसी समस्या हो सकती है. वो फट सकता है, क्योंकि उसकी फ्लैक्सीबिलिटी और इलास्टिसिटी ख़त्म हो चुकी होती है.

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6. एक्स्ट्रा लुब्रिकेशन की ज़रूरत होती है कंडोम के साथ.

कंडोम्स लुब्रिकेटेड ही होते हैं, लेकिन यदि आप और लुब्रिकेशन चाहते हैं, तो वॉटर या सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट्स ही यूज़ करें, क्योंकि ऑयल बेस्ड लुब्रिकेंट्स से कंडोम फट सकता है. दरअसल ऑयल में कंडोम का रबर घुलने लगता है, जिससे वो फट सकता है.

7. लैटेक्स एलर्जी आपको कंडोम के इस्तेमाल से रोकती है.

लैटेक्स एलर्जी आपको अनप्रोटेक्टेड सेक्स करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती. नॉन लैटेक्स कंडोम भी बाज़ार में मिलते हैं. आप इनके बारे में पता करें और यूज़ करें.

8. ओरल या ऐनल सेक्स के लिए कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

बहुत-सी सेक्सुअल बीमारियां और इंफेक्शन्स ओरल व ऐनल सेक्स से भी फैलते हैं, इसलिए कंडोम को नज़रअंदाज़ न करें.

9. कंडोम ख़रीदने के लिए आपको 18 साल का होना ज़रूरी है.

आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. इसके लिए उम्र की बंदिश नहीं है.

10. मैं स़िर्फ अच्छे और डीसेंट पार्टनर के साथ ही सेक्स करता/करती हूं, जिसमें कंडोम यूज़ करने की ज़रूरत नहीं.

आप किसी को देखकर या महज़ अनुमान लगाकर यह पता नहीं लगा सकते कि उसकी सेक्स लाइफ कैसी है और वो किन-किन लोगों के साथ सेक्स कर चुका है. बेहतर होगा यौन रोगों से सुरक्षित रहने के लिए कंडोम यूज़ करें और महिलाएं भी अपने पार्टनर से बेझिझक कंडोम यूज़ करने को कहें.

– योगिनी भारद्वाज

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महिलाओं के 10 कामोत्तेजक अंग (Top 10 Sexiest Erogenous Parts Of A Women’s Body)

Top Sexiest Erogenous Parts Of A Women's Body

सेक्स के दौरान महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए अधिकांश पुरुष उनके एक या दो बॉडी पार्ट्स पर ही फोकस करते हैं, जबकि महिलाओं के शरीर में कई ऐसे अंग हैं जहां स्पर्श करने से उनमें कामेच्छा जागृत होती है. कौन से हैं वे सीक्रेट बॉडी पार्ट्स? पार्टनर को उत्तेजित किए बिना आप सेक्स लाइफ़ का भरपूर आनंद नहीं उठा सकते. महिला पार्टनर को कामोत्तेजित करने के लिए उनके ख़ूबसूरत शरीर के संवेदनशील अंगों से छेड़छाड़ करना ज़रूरी है, लेकिन ज़्यादातर पुरुष महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए स़िर्फ ब्रेस्ट का ही सहारा लेते हैं. उन्हें लगता है स़िर्फ इसके साथ छेड़छाड़ से ही महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ती है, लेकिन ऐसा नहीं है. सिर से लेकर पैर तक महिलओं के शरीर में कई ऐसे संवेदनशील अंग हैं जिन्हें छूने भर से उनमें कामवासना जागृत हो जाती है. अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ सेक्स का पूरा लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो जानिए उनके कामोत्तेजक अंगों को.

Top Sexiest Erogenous Parts Of A Women's Body

1. जांघ का अंदरूनी हिस्सा

जांघों का अंदरूनी हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है. यहां प्यार से छूने, सहलाने या किस करने से महिलाओं की उत्तेजना बढ़ जाती है और वो सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करती हैं. घुटनों के भीतरी भाग की ही तरह जांघ के अंदरूनी हिस्से में भी कई नर्व एंडिंग्स होती हैं, जो इसे सेंसिटिव बनाती हैं.

2. कलाइयों का भीतरी भाग

कलाई की त्वचा बहुत पतली होती है, साथ ही इसके भीतरी हिस्से में कई नर्व एंडिंग्स होने की वजह से ये बहुत सेंसिटिव होता है. इस जगह पर पार्टनर का स्पर्श महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए काफ़ी है.

3. कान

क्या आपको पता है कि कान भी प्रमुख कामोत्तेजक अंग हैं. ये शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से उत्तेजित करते है. तो अगर आप काम क्रिया के चरमानंद को महसूस करना चाहते हैं तो अपने पार्टनर के कान के निचले हिस्से या पीछे के भाग पर किस करें. इसके अलावा सेक्सी बातों के ज़रिए पार्टनर को मानसिक रूप से सेक्स के लिए उकसाया जा सकता है.

4. गर्दन का पिछला हिस्सा

पार्टनर द्वारा गर्दन के पिछले हिस्से पर किया गया स्पर्श या चुंबन महिलाओं को बेहद उत्तेजित कर देता है और वो सेक्स की गहराई में उतर जाती हैं. दरअसल, गर्दन का पिछला हिस्सा बहुत सेंसिटिव होता है. अगर आप भी अब तक अपने पार्टनर के इस सीक्रेट सेक्सी अंग से अंजान थे, तो अब  आप भी अपने पार्टनर की गर्दन को टारगेट करिए और बनाइये अपनी सेक्स लाइफ़ को एन्जॉयफुल.

5. पैर और अंगूठा

पैर हमारे शरीर का सबसे उपेक्षित भाग हैं, लेकिन यहां नर्व्स एंडिंग की भरमार होती है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पैर और अंगूठा भी बेहद कामोत्तेजक अंग हैं. ख़ासकर तलवा और अंगूठा ज़्यादा सेंसिटिव होता है, इसलिए यहां की गई हरकत कुछ महिलाओं को  बहुत भाती है और पार्टनर का प्यार भरा स्पर्श पाकर वो तुरंत कामुक हो जाती हैं.

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Top Sexiest Erogenous Parts Of A Women's Body

6. पलकें

जब आप अपने पार्टनर की हसीन पलकों को प्यार से चूमेंगे तो उसके शरीर में एक सिहरन पैदा होगी, जो उसे आपके करीब लाकर  काम क्रिया के आनंद को और भी बढ़ा देगी. दरअसल, पलकों की त्वचा बेहद पतली होती है और कई नर्व्स की मौज़ूदगी इसे संवेदनशील बना देती है, इसलिए इसकी गिनती कामोत्तेजक अंगों में होती है. लेकिन आपकी पार्टनर अगर लेंस का इस्तेमाल करती है तो प्यार जताते समय ज़रा सावधानी बरतें.

7. हाथ

हथेलियों में भी कई प्रेशर पॉइंट्स होते हैं, इसलिए इसे दबाने से आनंद बढ़ता है. हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील अंग है जीभ और उसके बाद नंबर आता है फिंगरटिप्स का, लेकिन इस सेक्सी पार्ट की जानकारी के अभाव में अधिकांश कपल्स सेक्स के असली आनंद से वंचित रह जाते हैं. आप ऐसी ग़लती न करें और अपनी लव लाइफ़ को रोमांचक बनाने के लिए प्यार से अपने पार्टनर का हाथ अपने हाथों में थामें. इससे उत्तेजना तो बढ़ेगी ही, साथ ही पार्टनर को आपके प्यार की गहराई का भी एहसास होगा.

8. घुटनों के पीछे का हिस्सा

इस अहम् कामोत्तेजक अंग की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है. दरअसल, घुटने के पिछले हिस्से की स्किन शरीर के अन्य भागों  से ज्यादा पतली होती है, इसलिए यहां कुछ भी हरकत करने पर तुरंत दिमाग़ तक संदेश पहुंचता है. इस हिस्से पर चेहरे या हाथों से रगड़ने पर कामोत्तेजना पैदा होती है. अगर आपको यक़ीन नहीं हो रहा, तो ज़रा ख़ुद ही ट्राई करके देखिए.

9. पीठ

हम लोअर बैक के बीच के हिस्से की बात कर रहे हैं, यह एरिया बहुत संवेदनशील होता है. यहां चुंबन करने से महिलाएं न स़िर्फ उत्तेजित होती है, बल्कि उनका तनाव भी कम होता है. अगर आप भी सेक्स का पूरा आनंद लेना चाहते हैं तो पार्टनर के पीठ पर चेहरा रखकर ज़ोर से रगड़ें और फिर देखें कैसे वो आपकी बाहों में आने के लिए बेकरार होेती है.

10. कमर

आपको शायद इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होगा कि महिलाओं के शरीर का ये हिस्सा कितना सेंसिटिव होता है. पार्टनर की ख़ूबसूरत पतली कमर पर हल्के हाथों से मसाज़ या थोड़ी-सी गुदगुदी उन्हें कामोत्तेजित करने के लिए काफी है. इतना महत्वपूर्ण होते हुए भी महिलाएं अपने शरीर के इस  हिस्से पर खास ध्यान नहीं देतीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पार्टनर इस हिस्से पर ध्यान नहीं देगा. तो अब आप अपने पार्टनर को उसकी बॉडी के इस अहम् हिस्से की अहमियत समझाएं.

 

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हर कपल को जानने चाहिए सेक्स से जुड़े ये 10 सवाल-जवाब (10 Sex Q&A’s Every Couple Must Know)

Sex Q 7 A, Every Couple Must Know

कहने को तो हर कोई सेक्स के ख़ूबसूरत एहसास में हर समय डूबा रहना चाहता है, लेकिन जिस तरह हर चीज़ के नियम बनाए गए हैं, उसी तरह सेक्स को लेकर भी कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं. सेक्स किस समय करना चाहिए, किस स्थिति में करना चाहिए और किस दिन करना चाहिए आदि को ध्यान में रख कर जो सेक्स करता है वह चरम आनंद प्राप्त करता है और उसकी सेहत अच्छी बनी रहती है. सेक्स जहां हर इंसान की एक ज़रूरत है, वहीं एक सुंदर एहसास भी है और उसे अच्छी भावना के साथ करना भी ज़रूरी है. आनंददायक सेक्स के लिए सेक्स के प्रति समर्पण के साथ-साथ आपके साथी का सहयोग और सहमति भी ज़रूरी है. अगर वह अनिच्छा दिखाए तो उस दिन सेक्स न करें. याद रखें, सेक्स का मतलब आपसी प्यार दर्शाना होता है, न कि ज़बर्दस्ती करना.

1. किन परिस्थितियों में सेक्स करने से बचना चाहिए और क्यों?

बहुत से दंपत्ति इन बातों को प्रायः नहीं जानते कि कब सेक्स किया जाए और कब नहीं. कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जब सेक्स से परहेज़ करना ज़रूरी हो जाता है. अगर ऐसे में सेक्स किया जाता है तो सेक्स का पूरा सुख नहीं मिलता, साथ ही स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है. अत: जहां तक संभव हो, शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में सेक्स करने से बचना चाहिए-

2. शारीरिक तकलीफ़, विशेषकर दिल के दौरे के बाद सेक्स करना क्यों वर्जित है?

जब आपको या आपके साथी को कोई भी शारीरिक या मानसिक तकलीफ़ या परेशानी हो तो उस दौरान सेक्स न करें, विशेषकर तब जब डॉक्टर ने बेड रेस्ट की सलाह दी हो. दिल के दौरे जैसी किसी भी तकलीफ़ के समय जब सचमुच आराम की ज़रूरत होती है, ऐसे में कोई भी सेक्स क्रिया दिल पर दबाव डालकर आपको परेशानी में डाल सकती है.

3. मानसिक बीमारी की स्थिति में सेक्स क्यों नहीं करना चाहिए?

सेक्स न सिर्फ शरीर का, बल्कि मन का भी मिलन है. कोई भी मानसिक रोग आप या आपके साथी के लिए सेक्स का आनंद उठाने में बाधा बन सकता है. आप में से किसी एक को मानसिक रोग- डिप्रेशन, तनाव, नर्वस ब्रेक डाउन जैसी कोई भी शिकायत हो, तो सेक्स की इच्छा ख़ुद-ब-ख़ुद मर जाती है. ऐसे में बोझिल मन से सेक्स करना ठीक नहीं होगा और न ही ऐसे में आप सेक्स का सुख उठा पाएंगे.

4. सर्जरी के कितने दिनों बाद सेक्स करना चाहिए?

किसी भी सर्जरी के बाद यह बेहतर होता है कि आप सेक्स से परहेज़ करें. जब तक डॉक्टर सही तरह से आपका परीक्षण कर आपके पूरी तरह से ठीक होने का आश्‍वासन न दे दे. ताज़ा सर्जरी के बाद सेक्स करने से आपके टांके खुलने या खून बहने से लेकर गंभीर दर्द जैसी कोई भी घटना हो सकती है जो आपको मुसीबत में डाल सकती है.

5. एस टी डी (सेक्सुअल ट्रांसमीटेड डिसीज़) होने की स्थिति में सेक्स करने पर क्या पार्टनर को भी यह रोग हो सकता है?

एस टी डी जैसे किसी भी संसर्गजन्य रोग के होने पर इसे फैलने से रोकने का एकमात्र उपाय है सेक्स को टालना. एचआईवी, एड्स जैसी गंभीर बीमारी भी सेक्स के ज़रिए एक साथी से दूसरे साथी को मिल सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में सेक्स करने से बचें. डॉक्टर तो इस तरह के रोग की आशंका होने पर जब तक सच्चाई की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक शारीरिक संबंधों से दूर रहने की सलाह देते हैं.

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6. कभी-कभी इंटरकोर्स के समय साथी को दर्द की शिकायत होती है ऐसी स्थिति में सेक्स से बचना क्यों ज़रूरी है?

जब इंटरकोर्स के समय साथी (पत्नी) को दर्द महसूस हो रहा हो तो समझ लीजिए कि ये खतरे की घंटी है. ऐसे में सेक्स करने से बचें. अगर दर्द लगातार हो तो तुरंत पत्नी के साथ अपने डॉक्टर से संपर्क करें. दर्द भरा सेक्स शारीरिक तकलीफ़ के साथ-साथ मानसिक तकलीफ़ में भी डाल सकता है. आपके लिए यही सही होगा कि आप अपने साथी के दर्द का ख़याल रखें और दर्द के बग़ैर सेक्स का आनंद उठाएं.

7. कुछ लोगों का कहना है कि गर्भावस्था में सेक्स नहीं करना चाहिए, जबकि कुछ लोगों की मान्यता है कि गर्भावस्था में सेक्स किया जा सकता है. वास्तविकता क्या है?

गर्भावस्था में सेक्स को लेकर अक्सर उलझन रहती है कि गर्भावस्था के दौरान सेक्स किया जाए या नहीं. विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भावस्था के छठे हफ्ते से लेकर बारहवें हफ्ते तक सेक्स नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान गर्भपात की संभावना बनी रहती है. यही नहीं, गर्भधारण के आखिरी दो महीनों में भी सेक्स करना ख़तरनाक हो सकता है. गर्भधारण के चौथे और सातवें महीने में ही सेक्स किया जा सकता है.

8. ऐसा कहा जाता है कि सेक्स करने से पति-पत्नी के आपसी झगड़े सुलझ जाते हैं, लेकिन जब मानसिक स्थिति ठीक न हो तो क्या सेक्स का आनंद उठाया जा सकता है?

अधिकतर लोग समझते हैं कि सेक्स पति-पत्नी के आपसी झगड़ों को निपटाने का एक कारगर तरीक़ा है. तुरंत सेक्स कर लेने से आपसी टकराहट दूर हो जाती है लेकिन यह सही नहीं है, क्योंकि सेक्स के लिए तन और मन का एक होना ज़रूरी है. ऐसी किसी भी टकराहट की स्थिति में सेक्स न करें. अगर मन में कड़ुवाहट हो और तन से आप सेक्स कर रहे हों तो यह सिर्फ एक काम होगा, जिसे जबरन निपटाया जाएगा. इसमें कोई भावना नहीं होगी तो चरम आनंद कैसे प्राप्त होगा. याद रखें, सेक्स के लिए आपको शरीर और मन से एक होना पड़ेगा तभी आप सही अर्थों में सेक्स का आनंद उठा पाएंगे.

9. क्या पुरुषों की तरह महिलाएं सेक्स के बारे में कभी नहीं सोचतीं?

हम ये कह सकते हैं कि पुरुषों के मुक़ाबले महिलाएं सेक्स के बारे में कम सोचती हैं, मगर ये कतई नहीं कह सकते कि महिलाएं सेक्स के विषय में सोचती ही नहीं हैं. रिसर्च की मानें तो न स़िर्फ पुरुष, बल्कि महिलाएं भी सेक्स के बारे में सोचती हैं, लेकिन ऐसा उस वक़्त होता है, जब वो हार्मोनल बदलाव के दौर से गुज़रती हैं.

10. अगर पहली बार आप सेक्स में असफल हो जाते हैं, तो क्या इसका मतलब आपमें कमी है?

ये एक ग़लत धारणा है. जिस तरह हर चीज़ की प्रैक्टिस ज़रूरी होती है, उसी तरह बेहतर सेक्स का आनंद भी कई बार प्रैक्टिस करने के बाद मिलता है. हो सकता है, शुरुआती दौर में आप सेक्स को उस तरह एंजॉय न कर पाएं, जिस तरह कई बार प्रैक्टिस के बाद.

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