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मां को हिंदू-मुसलमान में न बांटिए.. मां अपने आप में एक मजहब है… सन्नी देओल का ज़बर्दस्त अंदाज़ दिखा ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर में (Maa ko hindu-muslman mein na baantiye.. Maa apne aap mein ek majhab hai… Sunny Deol’s powerful persona shines through in the trailer of ‘Batwara 1947’)

जब भी मां की बात होती है तो हर कोई भावुक और संवेदनशील हो जाता है. उस पर बात भारत मां की हो तो रग-रग देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाता है. कुछ ऐसा ही अंदाज़ देखने मिला सन्नी देओल की स्वतंत्रता दिवस पर आनेवाली मूवी ‘बंटवारा 1947’ में. आज इस फिल्म का ट्रेलर आते ही इस कदर वायरल हो गया कि हर जगह इसकी ही चर्चा हो रही है. पहली बार सन्नी पाजी कुछ अलग ही तेवर में दिखे. उस पर उनके दिल को छू लेने वाले संवाद झकझोर कर रख देते हैं. वे कहते हैं-
आग लगा दूंगा पूरे शहर को. वो हिंदू नारी नहीं एक मां है, मां को हिंदू-मुसलमान में न बांटिए. मां अपने आप में एक मजहब है. हर इंसान का पहला मजहब मां है. हर बच्चे के मुंह से निकला पहला शब्द मां है...
इसके अलावा उनका एक और प्रभावशाली डायलॉग- मंदिर तोड़ना इस्लाम नहीं है... बहुत सारी अनकही कहानी भी बयां कर जाता है.

सच ही तो कहा है उन्होंनेे. मां हर मजहब से परे होती है. वो धर्म, जात-पात, ऊंच-नीच से परे केवल मां होती है जो ममता-त्याग की मूरत होती है.

https://www.instagram.com/reel/DbVHAUOIt07/?igsh=MTBwejF6b25ycDd6aw==

‘भारत माता की जय’ नारे से शुरू होता ट्रेलर थोड़े में बहुत बड़ी कहानी कह जाता है. हर तरफ़ स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है, परंतु मजहब को लेकर बंटे दो धर्मों के कारण रंग में भंग पड़ते देर नहीं लगती और ख़ुशी मातम में बदलता चला जाता है.

हर तरफ़ लड़ाई, दंगे, मारकाट का तांडव होने लगता है. ऐसे में सन्नी अपने परिवार के साथ पाकिस्तान आते हैं. उनके घर में एक बुज़ुर्ग महिला पहले से छिपकर रह रही है, जो घर छोड़ने को राज़ी नहीं है. हालात कुछ ऐसे बनते चले जाते हैं कि उस महिला की रक्षा के लिए सन्नी बगावत कर बैठते हैं. यहां तक कि लोगों के उकसाने के बावजूद घर के अंदर बनाई गई मंदिर को तोड़ने के भी वे ख़िलाफ़ हो जाते हैं. इसी पर वे कहते हैं कि मंदिर तोड़ना इस्लाम नहीं हैं...

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इस फिल्म के ज़रिए बरसों बाद राजकुमार संतोषी और सन्नी देओल एक साथ आ रहे हैं. दोनों की जोड़ी ने घायल, घातक व दामिनी जैसी कामयाब फिल्में दी थीं. एक बार फिर उनका कमाल इस फिल्म में देखने मिलेगा.

आमिर खान व अपर्णा पुरोहित निर्मित यह फिल्म असगर वजाहत के मशहूर नाटक ‘जिस लाहौर नहीं वेख्या ओ जम्याई नई’ पर आधारित है यानी ख़ासतौर पर साल 1947 में हुए हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बंटवारे को लेकर है. सन्नी देओल के साथ-साथ प्रीति जिंटा, शबाना आज़मी, करण देओल, अभिमन्यु, अली फजल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आएंगे. ए. आर. रहमान का संगीत अलग समां बांधेगा.

सन्नी देओल की ‘गदर 2’ ने सफलता का ऐसा परचम लहराया था कि हर दिल प्रभावित हुआ था. अब ‘बंटवारा 1947’ सिनेमाघरों में 14 अगस्त, 2026 को रिलीज़ होने वाली है. देखते है इस बार सन्नी पाजी कितना गदर मचाते हैं. 

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Courtesy: Social Media

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