‘ससुराल सिमर का’ (Sasural Simar Ka) में सिमर का किरदार निभाकर सबके दिलों में बसने वाली दीपिका कक्कड़ (Dipika Kakar) को 2025 स्टेज 2 लिवर कैंसर डिटेक्ट हुआ था. उनका कैंसर का ट्रीटमेंट (Dipika Kakar’s liver cancer treatment) अब भी चल रहा है. कैंसर ट्रीटमेंट के बीच दीपिका कक्कड़ फैंस के साथ सारी अपडेट (Dipika Kakar’s cancer treatment update) शेयर करती रहती हैं. दीपिका इन दिनों हर 20-21 दिनों में रूटीन इन्फ्यूजन और इम्यूनोथेरेपी सेशन ले रही हैं.

दीपिका कक्कड़ इन दिनों अपने वेट लॉस को लेकर चर्चा में हैं. दीपिका का काफी वज़न भी कम हो गया है ऐसे में सोशल मीडिया पर उनके बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन और स्लिम लुक पर काफी बातें की जाती हैं और कई तरह की डायट व फिटनेस रूटीन भी शेयर किए जाते हैं. ऐसे में अब उनके पति शोएब इब्राहिम (Shoaib Ibrahim) ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में इस पर बात की है और बताया है कि दीपिका का वजन इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स की वजह से काफी कम हो गया है और लोग इसे लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं. शोएब ने यूट्यूब चैनलों और कंटेंट क्रिएटर्स को चेतावनी दी है कि वे उनके डायट और वजन कम होने को लेकर (Dipika Kakar’s weight loss reality) कोई गलत जानकारी न फैलाएं.

शोएब ने वलॉग में बताया, “बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि दीपिका का वजन कैसे कम हुआ है. उनका वजन 12 किलो कम हो गया है, और हम प्रार्थना करते हैं कि किसी का भी वजन इस तरह से कम न हो. हालांकि उनकी डाइट पर कुछ पाबंदियां हैं, लेकिन वजन कम होने की असली वजह इम्यूनोथेरेपी है.”

शोएब ने आगे बताया, “वजन कम होना इम्यूनोथेरेपी का एक साइड इफेक्ट है. इस ट्रीटमेंट के दौरान दीपिका ठीक से खाना नहीं खा पाती हैं और उनका जी मिचलाता रहता है. हर दो दिन में दीपिका को उल्टी हो जाती है. जो लोग इम्यूनोथेरेपी या कीमोथेरेपी करवाते हैं, वे कमजोर हो जाते हैं. कुछ चैनल दीपिका की डाइट के बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं और लोग इन पर यकीन भी कर रहे हैं, जो कि गलत है. किसी की भी बताई गई डाइट को बिना सोचे-समझे फॉलो न करें. हमेशा डॉक्टर की सलाह लें. कार्ब्स कम करना और चीनी कम करना जैसी नॉर्मल बातें अपनाई जा सकती हैं, लेकिन बिना सोचे-समझे किसी की भी डाइट को फॉलो करना सही नहीं है.”

दीपिका ने भी बताया कि शुरुआत में उन्होंने 5-6 किलो वजन डाइट से कम किया था, लेकिन अब एक से डेढ़ महीने में घटने वाले वजन के पीछे का कारण इम्यूनोथेरेपी है.
