काव्य- आईने के एहसास (Kavya- Aaine Ke Ehsaas)

मैं ख्वाब देखता थातुम ख्वाब हो गए उम्मीद के शहर में तुम प्यास हो गए उम्र मेरी एक दिन लौट कर के आई तुम आईने…

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कविता- हर बार मेरा आंचल तुम बनो… (Poetry- Har Baar Mera Aanchal Tum Bano…)

हूं बूंद या बदली या चाहे पतंग आसमान तुम बनो हूं ग़ज़ल या कविता या…

कहानी- जीवन की वर्तनी (Short Story- Jeevan Ki Vartani)

उस दिन देर रात जब मैं शादी से लौट रही थी, मुझे यही लग रहा…

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