पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम... (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum) प्रेम, प्यार, रोमांस, इश्क़, मुहब्बत... चाहत से लबरेज़ ये शब्द सुनते ही आंखों में अपने आप कई सपने पलने लगते हैं... गालों पर हया की एक लालिमा-सी छा जाती है... मुझे भी इस इश्क़ के रोग ने छू लिया था. 23 साल की थी मैं. नई-नई नौकरी लगी थी. मेरे साथ ही मेरे सहपाठी अभिनव ने भी जॉइन किया था. अभिनव के विभाग में ही उसका एक शर्मीला-सा दोस्त था पल्लव. अभिनव से मेरा काफ़ी दोस्ताना व्यवहार था, उसी बीच पल्लव का मुझे चुपचाप देखना, आंखें झुकाकर बातें करना और बहुत ही सली़के से व्यवहार करना बेहद भाने लगा था. पल्लव की यही बातें मुझे बार-बार अभिनव के विभाग की ओर जाने को मजबूर कर देती थीं. आख़िर मेरी क़िस्मत भी रंग लाई और पल्लव का ट्रांसफर मेरे ही विभाग में हो गया. बेहद ख़ुश थी मैं, हद तो तब हो गई, जब हम दोनों को एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने का मौक़ा मिला. अब धीरे-धीरे हमें क़रीब आने का मौक़ा मिला. दोस्ती गहरी हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल ही गई. पल्लव ने भी अपने प्यार का इज़हार इशारों-इशारों में कर ही दिया. हां, हमने आपस में कोई वादे नहीं किए थे, पर हमारे प्यार को मंज़िल मिलेगी, यह विश्‍वास हम दोनों को ही था. यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan) लेकिन नियति पर कब किसी का ज़ोर चला है. मैंने विभागीय परीक्षा दी…

पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

प्रेम, प्यार, रोमांस, इश्क़, मुहब्बत… चाहत से लबरेज़ ये शब्द सुनते ही आंखों में अपने आप कई सपने पलने लगते हैं… गालों पर हया की एक लालिमा-सी छा जाती है… मुझे भी इस इश्क़ के रोग ने छू लिया था. 23 साल की थी मैं. नई-नई नौकरी लगी थी. मेरे साथ ही मेरे सहपाठी अभिनव ने भी जॉइन किया था. अभिनव के विभाग में ही उसका एक

शर्मीला-सा दोस्त था पल्लव. अभिनव से मेरा काफ़ी दोस्ताना व्यवहार था, उसी बीच पल्लव का मुझे चुपचाप देखना, आंखें झुकाकर बातें करना और बहुत ही सली़के से व्यवहार करना बेहद भाने लगा था. पल्लव की यही बातें मुझे बार-बार अभिनव के विभाग की ओर जाने को मजबूर कर देती थीं.

आख़िर मेरी क़िस्मत भी रंग लाई और पल्लव का ट्रांसफर मेरे ही विभाग में हो गया. बेहद ख़ुश थी मैं, हद तो तब हो गई, जब हम दोनों को एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने का मौक़ा मिला. अब धीरे-धीरे हमें क़रीब आने का मौक़ा मिला. दोस्ती गहरी हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल ही गई. पल्लव ने भी अपने प्यार का इज़हार इशारों-इशारों में कर ही दिया. हां, हमने आपस में कोई वादे नहीं किए थे, पर हमारे प्यार को मंज़िल मिलेगी, यह विश्‍वास हम दोनों को ही था.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

लेकिन नियति पर कब किसी का ज़ोर चला है. मैंने विभागीय परीक्षा दी थी और उसके लिए भी पल्लव ने ही मुझे प्रोत्साहन दिया था. हमने साथ-साथ तैयारी की. दुर्भाग्यवश पल्लव परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया और मैं पास हो गई थी. विभाग में रिक्त पद होने के कारण मेरा अधिकारी पद पर चयन हो गया था. अगली विभागीय परीक्षा को अभी समय था, मैंने पल्लव का हौसला बढ़ाया, लेकिन अब कार्यक्षेत्र में हमारे बीच दूरी बढ़ गई थी और धीरे-धीरे ये दूरियां हमारे संबंधों में भी बढ़ने लगी थीं. मैंने कई कोशिशें कीं, लेकिन पल्लव के मन में हीनभावना ने घर कर लिया था. वो मुझसे नज़रें चुराने लगा था. दूरी बनाए रखने के प्रयास करने लगा था. कुछ पूछती तो यही कहता कि मैं तुम्हारे लायक ही नहीं.

शायद पल्लव जान-बूझकर मुझसे दूर जाना चाहता था. मेरे सामने दूसरी लड़कियों से बातें करता… मेरा सामना तक नहीं करता था अब वो. मैंने फिर कोशिश की, तो उसने कहा, “मैं चाहता हूं तुम मुझे भूल जाओ, मुझसे घृणा करो, क्योंकि मेरा-तुम्हारा कोई मुक़ाबला नहीं. तुम्हें मुझसे बेहतर जीवनसाथी मिलेगा.”

ख़ैर, घर पर भी मेरी शादी की बातें होने लगी थीं और फिर मैंने भी पल्लव के लिए कोशिशें करनी बंद कर दीं, क्योंकि उसने ख़ुद मुझसे दूर जाने का निर्णय कर लिया था. मेरी शादी हो गई. पति के रूप में बेहद शालीन और प्यार करनेवाला साथी ज़रूर मिला, लेकिन मेरा पहला प्यार तो पल्लव था. कुछ समय बाद पता चला कि पल्लव के पिताजी ने काफ़ी दहेज लेकर एक लड़की से उसकी शादी कर दी. मेरा पहला प्यार दम तोड़ चुका था.

कई वर्षों बाद किसी समारोह में अचानक हमारा आमना-सामना हुआ. साधारण-सी औपचारिक बात के बाद हम दोनों अपनी-अपनी राह
चल दिए…

यूं ही अपने-अपने सफ़र में गुम… कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… मेरा पहला प्यार स़िर्फ एक छोटे-से मेल ईगो की बलि चढ़ गया था, काश! पल्लव तुमने अपना वो झूठा ईगो छोड़ दिया होता… काश!… लेकिन अब कोई फ़ायदा नहीं यह सोचने का, क्योंकि नियति को यही मंज़ूर था!

– अलका कुलश्रेष्ठ

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: तुम्हारा मुजरिम! (Pahla Affair: Tumhara Mujrim)

Recent Posts

पक्की हो गई आलिया और रणबीर की शादी? दिसंबर में लेंगे सात फेरे? (Alia Bhatt And Ranbeer Kapoor To Tie The Knot In December?)

आलिया और रणबीर बॉलीवुड के फ़ेवरेट लव बर्ड्स हैं और जब से इनके लिंक अप की खबरें आने लगी थीं तभी से सबकोइंतज़ार था कि यह कपल कब शादी के बंधन में बंधेगा. इस बीच कई बार इनके ब्रेकअप की भी खबर आई, लेकिन अबइस तरह की ख़बर आ रही है कि दोनों December 2020 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं.  पहले सुना था कि डेस्टिनेशन वेडिंग होगी पर अब सुनने में आया है कि दोनों मुंबई में ही लेंगे सात फेरे. सूत्रों की मानें तोशादी के फ़ंक्शंस 21 दिसंबर से शुरू हो सकते है, हालाँकि अभी की परिस्थितियों को देखते हुए कुछ बदलाव भी होसकता है. दोनों के परिवार तैयारियों में जुटे हैं और क्योंकि ऋषि कपूर की भी सेहत अब बेहतर है तो इस से अच्छा मौक़ाअब नहीं मिलेगा. ग़ौरतलब है कि आलिया और रणवीर ब्रह्मास्त्र में साथ काम कर रहे हैं और जल्द ही ये रील लाइफ़ कपल रियल लाइफ़कपल भी बनने वाला है.

बॉयफ़्रेंड रोहमन शॉल के साथ सुष्मिता सेन का हॉटेस्ट वर्कआउट (Sushmita Sen’s Intense Workout With Her Boyfriend Rohman Shawl)

44 की उम्र और इतना हॉट अंदाज़. सुष्मिता हमेशा अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जीती हैं…

5 होममेड हेयर मास्क से घर पर करें हेयर स्पा (5 Homemade Hair Masks To Do Hair Spa At Home)

घर पर हेयर स्पा करना चाहती हैं, तो घर पर ही होममेड हेयर मास्क बनाकर…

5 अप्रैल रात 9 बजे कोरोना के ख़िलाफ़ प्रकाश पर्व, पीएम मोदी ने मांगे हैं 9 मिनट (#COVID 19: PM Modi Addresses The Nation)

कोरोना से जंग सारी दुनिया लड़ रही है लेकिन भारत के प्रयासों की सराहना who भी कर चुका है. इसी के मद्देनज़रप्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार 3 अप्रैल सुबह 9 बजे राष्ट्र के नाम संदेश में देशवासियों का हौसला बढ़ाया और लॉकडाउन मेंसाथ देने के लिए सबकी तारीफ़ की.  इस संदेश की ख़ास बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की एकजुटता पर ज़ोर दिया, लोगों को निराश ना होकरपॉज़िटिव रहने की प्रेरणा दी, कोरोना की निराशा को हावी ना होने देकर प्रकाश की ओर बढ़ने की सलाह दी.  मोदीजी ने देशवासियों का हौसला बढ़ने के लिए रविवार 5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घर की लाइट्स बंद करकेअपनी बाल्कनी या दरवाज़ों  पर दीया, मोमबत्ती या मोबाइल टॉर्च या फ़्लैश लाइट ऑन करने को कहा. साथ ही उन्होंनेयह भी चेताया कि कोई भी इस दौरान सड़कों, गलियों में उतरकर भीड़ ना जमा करे, क्योंकि कोरोना को हराने का एकमात्ररास्ता सोशल डिस्टन्सिंग ही है. दरअसल प्रधानमंत्री जानते हैं कि लॉकडाउन के दौरान घर में रह रहकर कहीं लोगों के मन में निराशा ना घर कर जाए, इसीलिए उन्होंने एक दिशा में लोगों को सोचने का एक मक़सद और लक्ष्य दे दिया जिससे उनका हौसला बढ़े

कोरोना लॉकडाउन में सर्दी, खांसी, जुकाम से बचने के लिए करें ये 10 घरेलू उपाय (10 Home Remedies To Prevent Cough And Cold In Corona Lockdown)

कोरोना वायरस से उन लोगों के लोगों को ज़्यादा ख़तरा रहता है, जिन्हें सर्दी-खांसी, जुकाम,…

© Merisaheli