कहानी- आंखें बोलती हैं 1 (Story Series- Aankhen Bolti Hain 1)

“क्यों इतना खून जला रही हो गुड़िया. ऐसा क्या ग़ज़ब हो गया? वो भी इंसान है, बाल-बच्चोंवाली है. क्या ...

कहानी- आंखें बोलती हैं 2 (Story Series- Aankhen Bolti Hain 2)

नौकर को नौकर न कहूं, तो क्या कहूं?” निर्मलाजी ने तुनककर कहा, तो रूबी ने उन्हें घूरा. “नौकर भी ...

कहानी- आंखें बोलती हैं 3 (Story Series- Aankhen Bolti Hain 3)

“हां गुड़िया, पर मुझे एक बात आज तक समझ नहीं आई कि बिन बताए उनकी परेशानी तुम कैसे समझ गई थी, कितनी ...