Short Stories

मेरी सहेली की कहानी (Kahani) भावनाप्रधान, रोमांटिक (Romantic) व मर्मस्पर्शी होती हैं. ये ऐसी हिंदी कहानियां (Hindi Kahaniya) हैं, जो जीने की प्रेरणा देने के साथ-साथ हमें आत्मनिर्भर व आत्मविश्‍वासी भी बनाती हैं

 

 

RETURN GIFT (1)

कहानी- रिटर्न गिफ्ट (Short Story- Return Gift)

    उसे मन ही मन हंसी आ गई- बर्फ को भला किसी ने पकड़ा है. अपनी सोच है, अपना जीने का ढंग, पर वरुण तो ख़ूब रंगने लगे हैं इस रंग में. उसे कभी-कभी थोड़ा डर लगने लगता है. वह अपने वरुण, जुगनू और तितली को इंसानियत से क़दम मिलाकर चलते देखना चाहती है. … Continue reading कहानी- रिटर्न गिफ्ट (Short Story- Return Gift) »

Outdeted1

कहानी- आउटडेटेड (Short Story- Outdated)

क्या इतिहास एक बार फिर से अपने को दोहरा रहा है? नहीं, वह कभी ऐसा नहीं होने देगी. वह अपने आपको बुआ अम्मा नहीं बनने देगी. वह लड़ेगी अपनी पहचान कायम रखने के लिए… वह रास्ता नहीं भटकेगी. उसका एक वजूद है, सोच है. वह हर चुनौती का सामना करेगी. “ओह माई गॉड, कितना कचरा … Continue reading कहानी- आउटडेटेड (Short Story- Outdated) »

Ka-Surname

कहानी- सरनेम (Short Story- Surname)

‘भले ही सरनेम लगाऊं या नहीं, पर छिपा थोड़ी ही सकती हूं अपनी पहचान. हम स्कूल में, समाज में अपना सरनेम छिपाना चाहते हैं, पर जब सरकार पिछड़ेपन के नाम पर सुविधाएं देती है तो झट से झोली फैलाकर खड़े हो जाते हैं. तब हमें परवाह नहीं होती अपनी पिछड़ी जाति के पता लगने की.’ … Continue reading कहानी- सरनेम (Short Story- Surname) »

Ka- Emotional hatyachar final

कहानी- इमोशनल अत्याचार (Short Story- Emotional Atyachar)

  वह सोचने लगी, ‘ये क्या हो गया? मेरे हाड-मांस के शरीर से ऐसी मशीनों का जन्म कैसे हो गया? नमन, मैंने तो तुम्हें तब भी प्यार किया, तुम पर अपनी ममता लुटाई, जब तुम्हें मैंने देखा भी नहीं था, जब तुम मेरे पेट में थे. आज मेरे बच्चे मेरे प्यार, मेरी भावनाओं को अत्याचार … Continue reading कहानी- इमोशनल अत्याचार (Short Story- Emotional Atyachar) »

ka-prashansha final

कहानी- प्रशंसक (Short Story- Prashansak)

परची पढ़कर आज गौतमी सदमे में नहीं आई, बल्कि उसकी धड़कनें बढ़ गईं. कौन है यह प्रशंसक-आशिक़, जो संचार क्रांति के इस दौर में परची भेजने जैसा पुराना फॉर्मूला आज़मा रहा है? ऐसी परची तो तब न नसीब हुई, जब परची भेजने का बड़ा चलन था. परची मिलने जैसी घटना उसकी ज़िंदगी में पहली बार … Continue reading कहानी- प्रशंसक (Short Story- Prashansak) »

Boyfriend final

कहानी- बॉयफ्रेंड (Short Stories- Boyfriend)

“आई फील सॉरी फॉर यू शिखा, पर तुझे बताना भी ज़रूरी था. मैं समझ सकती हूं अपने बॉयफ्रेंड को लेकर तू कितनी परेशान हो रही होगी. मैं कुछ मदद करूं?” “अं… नहीं, मैं देख लूंगी. तुम जाओ.” “बॉयफ्रेंड! उंह भाड़ में जाए बॉयफ्रेंड. मैं तो पापा की गर्लफ्रेंड को लेकर परेशान हूं.” शिखा बुदबुदाई. ‘अब तो … Continue reading कहानी- बॉयफ्रेंड (Short Stories- Boyfriend) »

कहानी

पंचतंत्र की कहानी: बोलती गुफा (Panchtantra ki kahani: Bolti Gufa)

पंचतंत्र की कहानी: बोलती गुफा (Panchtantra ki kahani: Bolti Gufa) जंगल में एक बूढ़ा शेर मारा-मारा फिर रहा था. बुढ़ापे के कारण उसका शरीर कमज़ोर हो चूका था और यही वजह थी कि कई दिनों से उसे खाना भी नसीब नहीं हुआ था. बुढ़ापे के कारण वह शिकार नहीं कर पाता था. कोई भी जानवर … Continue reading पंचतंत्र की कहानी: बोलती गुफा (Panchtantra ki kahani: Bolti Gufa) »

Ek prem ki pariniti final

कहानी- एक प्रेम की परिणति (Short Story- Ek Prem Ki Pariniti)

  उसे देख कुछ अचरज हुआ, वो चेहरा कुछ परिचित-सा लगा. कहां देखा है उसे? कुछ याद नहीं आ रहा, तभी मुझे उसमें अपने स्वप्नलोक की नायिका रश्मि की झलक-सी दिखाई दी. मैंने ख़ुद को संभाला. कहां वो तीखे नैन-नक्श, कोमल काया और कहां ये स्थूल देह? मगर चेहरा तो… कभी-कभी दो अलग-अलग व्यक्तियों के … Continue reading कहानी- एक प्रेम की परिणति (Short Story- Ek Prem Ki Pariniti) »

thelema Resize

कहानी- थेलेमा (Short Story- Thelema)

  ‘‘यदि आप मुझ पर गंगाजल छिड़क देंगी, तो मैं आपको छू सकूंगी न?’’ उसने पूछा. मंजरी चकित-सी उसे देख रही थी, निश्छल आंखोंवाली इस लड़की के चेहरे पर मासूमियत थी और इस प्रश्‍न में छुपी थी बच्चों-सी अबोधता. ‘‘क्यों?’’ मंजरी ने पूछा. ‘‘मैं आपकी कुछ मदद करना चाहती हूं.’’ ‘‘किसी के छूने से कोई … Continue reading कहानी- थेलेमा (Short Story- Thelema) »

Panchtantra ki kahani

पंचतंत्र की कहानी: व्यापारी का पतन और उदय! (Panchtantra ki kahani: Fall And Rise Of The Merchant)

पंचतंत्र की कहानी: व्यापारी का पतन और उदय! (Panchtantra ki kahani: Fall And Rise Of The Merchant) एक शहर में कुशल व्यापारी रहता था. शहर के राजा को उसके गुणों के बारे में पता था और इसलिए उसने उसे राज्य का प्रशासक बना दिया. कुछ दिनों बाद व्यापारी ने अपनी लड़की का विवाह तय किया. … Continue reading पंचतंत्र की कहानी: व्यापारी का पतन और उदय! (Panchtantra ki kahani: Fall And Rise Of The Merchant) »

mooze nahi bulaya

कहानी- मुझे नहीं बुलाया (Short Story- Mujhe Nahi Bulaya)

  बाल हृदय चोट खाकर तिलमिलाता हुआ घर पहुंचा था, ‘‘मम्मा, पापा को कहो कितनी भी देर हो जाए, वह मुझे कार से ही स्कूल पहुंचाएं. लड़के मेरा मज़ाक उड़ा रहे थे. वैभव कह रहा था, ‘मेरे घर तो 3 कारें हैं… मेरे पापा 200 रु. कमाते हैं.’’ स्मिता को 200 रु. सुनकर हंसी आ … Continue reading कहानी- मुझे नहीं बुलाया (Short Story- Mujhe Nahi Bulaya) »

Copy of sabak2

कहानी- कबीरा यह घर प्रेम का (Short Story- Kabira Yah Ghar Prem Ka)

    “जब हमारा अस्तित्व बिखरता है, तो उसकी ज़िम्मेदारी दूसरों से कहीं ज़्यादा हमारी होती है. जो लोग आपसे उम्मीद करते हैं कि आपका दृष्टिकोण उन्हीं जैसा हो, वे स्वयं बहुत असुरक्षित होते हैं. दूसरों पर चाहे वह पति हो, पिता हो या कोई और, दोषारोपण करने से कहीं बेहतर है कि हम स्वयं … Continue reading कहानी- कबीरा यह घर प्रेम का (Short Story- Kabira Yah Ghar Prem Ka) »

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