कहानी- धुंधलका 1 (Story Series- Dhundhlka 1)

इन दो सालों में तुमने बहुत कुछ किया है मेरे लिए… तुम्हारी जगह कोई नहीं ले सकता. तुम समझ सकते हो ...

कहानी- धुंधलका 2 (Story Series- Dhundhlka 2)

ऑफ़िस में भी उसके बारे में कोई बहुत अच्छी राय नहीं थी. ख़ासतौर से मर्दों में. उन्हें झटक जो देती थी ...

कहानी- धुंधलका 3 (Story Series- Dhundhlka 3)

चाय पीकर वह मेरे एकदम पास बैठ गई. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे कंधे से सिर टिकाकर बैठ गयी. ...

कहानी- धुंधलका 4 (Story Series- Dhundhlka 4)

इस व़क़्त तो मुझे ख़ुश होना चाहिए था कि अपर्णा राज़दान की देह मेरी मुट्ठी में थी. उसके जिस्म की ...