कहानी- पतंग 1 (Story Series- Patang 1)

दहलीज़ पर क़दम रखते ही गुलाबों की पंखुड़ियों की वर्षा के साथ जन्मदिन मुबारक का संगीत सुनाई दिया ...

कहानी- पतंग 2 (Story Series- Patang 2)

निवेदन दिन-रात अपने प्यार का इज़हार करता रहता और वो उसे ऐसे डांट देती, “मेरा-तेरा मानसिक स्तर ...

कहानी- पतंग 3 (Story Series- Patang 3)

“मैं जानता था कि तुम बैंगलुरू आकाश के साथ के लिए जाना चाहती थी. देख नहीं रहा हूं कि जब से वो ...

कहानी- पतंग 4 (Story Series- Patang 4)

“… मैं तुझे रोते हुए नहीं देख सकता. दिल की दुनिया में कुछ भी सही-ग़लत, नैतिक-अनैतिक नहीं होता. ...