परमानेंट अकाउंट नंबर

pan card

सरकारी कामकाज का तरीक़ा बदल रहा है. हर जगह अब आपको ज़रूरी कागज़ात दिखाने पड़ते हैं. इसमें सबसे ज़रूरी है पैन कार्ड. आपने अगर अभी तक अफना पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो बनवा लीजिए और क्यों ज़रूरी है पैन कार्ड? आइए, हम बताते हैं.

पैन यानी परमानेंट अकाउंट नंबर
ये 10 डिजिट का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है, जो आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है. पैन कार्ड सभी वित्तीय लेन-देन के लिए आवश्यक है. पैन कार्ड कितना ज़रूरी डॉक्यूमेंट है और इसकी आवश्यकता कब पड़ती है? आइए, जानते हैं.

  • 5 लाख रुपए या इससे अधिक की कोई स्थायी संपत्ति ख़रीदते या बेचते समय.
  • ऐसा कोई वाहन ख़रीदते या बेचते समय, जिसमें रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो (दोपहिया वाहन सम्मिलित नहीं).
  • 50 हज़ार रुपए या अधिक का बैंक ड्राफ्ट या पे आर्डर बनवाते समय.
  • विदेशी मुद्रा का लेन-देन करते समय.
  • टेलिफ़ोन के लिए आवेदन करते समय.
  • बैंक अकाउंट ओपन करवाते समय.
  • के्रडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय.
  • बैंक में 50 हज़ार रुपए या उससे अधिक राशि जमा करते समय.
  • 50 हज़ार रुपए या उससे अधिक राशि का फ़िक्स्ड डिपॉज़िट, म्यूचुअल फंड, सरकारी बॉन्ड, शेयर, पोस्टल डिपॉज़िट लेते समय.

कैसे बनवाएं?
1. पैन कार्ड बनवाने के लिए आयकर कार्यालय से फ़ॉर्म 49 ए प्राप्त करें.
2. फॉर्म  को निर्देशानुसार भरें और उस पर अपना एक नया रंगीन फ़ोटो लगाएं.
3. फॉर्म  में बने बॉक्स में निर्देशानुसार हस्ताक्षर करें, क्योंकि इसी हस्ताक्षर की स्कैन इमेज कार्ड पर प्रिंट होती है. हस्ताक्षर पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि वित्तीय संस्थाएं लेन-देन के समय यही हस्ताक्षर मिलाकर देखती हैं.
4. फॉर्म के साथ आइडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ़ लगाएं.
5. फॉर्म  में संबंधित ऑफ़िसर का कोड अवश्य लिखें. यह कोड आयकर कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है या आई.टी. पैन सर्विस सेंटर से भी सहायता ली जा सकती है.
6. आयकर विभाग द्वारा पैन कार्ड बनवाने के लिए फ़ीस निर्धारित होती है, अतः फ़ॉर्म के साथ फ़ीस की राशि भी आयकर कार्यालय में जमा कराएं.
7. सामान्यतः एक माह के अंदर पैन कार्ड फ़ॉर्म में उल्लेखित पते पर आ जाता है.

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आइडेंटिटी प्रूफ़ के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
1. स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट.
2. दसवीं की मार्कशीट.
3. मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान की डिग्री.
4. बैंक की पासबुक.
5. पानी का बिल, जो आपके नाम पर हो.
6. संपत्ति कर का निर्धारण ऑर्डर.
7. पासपोर्ट.
8. वोटर आई.डी. कार्ड.
9. ड्राइविंग लाइसेंस.
10. सांसद, विधायक या राजपत्रित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ पहचान पत्र.
11. राशन कार्ड.
(ये सभी आइडेंटिटी प्रूफ़ अलग-अलग संस्थानों में समान रूप से मान्य नहीं हैं.)
एड्रेस प्रूफ़ के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
1. बिजली या टेलीफ़ोन का बिल.
2. नियोक्ता द्वारा प्रदत्त सर्टिफ़िकेट.
3. बैंक अकाउंट स्टेटमेंट.
4. राशन कार्ड.
5. पासपोर्ट, वोटर आई.डी. कार्ड.
6. प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट ऑर्डर.
7. ड्राइविंग लाइसेंस.
8. रेन्ट रिसीप्ट.
9. सांसद, विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष या राजपत्रित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ एड्रेस सर्टिफिकेट.

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