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Resignation Tips

ऑफिस के माहौल से दिल और दिमाग़ खराब हो रहा है, चाहकर भी काम करना मुश्किल हो रहा है, मैनेजमेंट से ठीक तरह से कोऑपरेशन नहीं मिल पा रहा है, ये सारी बातें स़िर्फ और स़िर्फ एक ही ओर इशारा करती हैं कि नौकरी छोड़ दिया जाए. इस माहौल में काम कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. ये बात हम सभी जानते हैं, लेकिन तैश में आकर नौकरी छोड़ते समय कुछ ऐसी ग़लतियां कर जाते हैं, जो उचित नहीं होतीं. आप भी अगर नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं, तो इन 5 ग़लतियों से बचें.

इंस्टेंट रेज़िग्नेशन
इंस्टेंट रेजिग्नेशन का मतलब है कि कई दिन से परेशान होकर आप एक दिन इतने ग़ुस्से में आए कि जॉब छोड़ने का मूड बना लिया और तुरंत ग़ुस्से में आकर रिज़ाइन लेटर टाइप न करें. दिमाग़ में जब भी रिज़ाइन करने की बात उठे, तो सबसे पहले अपने हेड ऑफ डिपार्टमेंट से बात करें. उससे अपनी सारी परेशानी शेयर करें और फिर उसे बताएं कि आप बहुत जल्द इस्तीफा देने वाले हैं. आप अपनी ओर से सारी फॉरमैलिटी पूरी करें. सही तरह से रिज़ाइन न करने पर कंपनी आपके साथ पंगा कर सकती है. हो सकता है कि वो आपको रीलिविंग लेटर देने में आनाकानी करे.

बुरी इमेज
नौकरीपेशा वालों के लिए इंप्रेसिव इमेज यानी अच्छी छवि बनाना बहुत ज़रूरी होता है. भले ही काम थोड़ा कम करें, लेकिन छवि अच्छी ज़रूर होनी चाहिए. नौकरी छोड़ने से पहले आप भी इस बात का ध्यान रखें. किसी से झगड़ा करने, ऑफिस में हंगामा करने की ग़लती न करें. रिज़ाइन करने के बाद नोटिस पीरियड में लोगों से अच्छी तरह से बात करें. इस बात का ध्यान रखिए कि किसी के लिए नहीं, लेकिन आपके लिए ये आगे बहुत काम देगा.

हैंडओवर न करना
अंग्रेज़ी का ये शब्द बहुत कुछ कहता है. जैसे आप किसी अपने कि शादी में जाते हैं, तो वो आपको अपना समझकर पैसे के लेन-देन का काम आपको सौंप देता है. आप पूरे फंक्शन के दौरान अच्छी तरह से उसे निभाते हैं और जब फंक्शन पूरा हो जाता है और वहां से चलने की बेला होती है, तो आप एक-एक हिसाब देते हैं. आपके पास जो पैसा बचा है, उसे आप उस व्यक्ति को हैंडओवर कर देते हैं. ठीक इसी तरह ऑफिस से जाने के पहले ऑफिस का जो भी काम, सामान आपके पास है, उसे हैंडओवर करें.

नो फ्यूचर प्लानिंग
नौकरी छोड़ने का कारण ही मायने नहीं रखता, बल्कि उसके आगे क्या है, वो भी मायने रखता है. इस नौकरी को छोड़ने के बाद आगे आप क्या करना चाहते हैं, किस फर्म में नौकरी करेंगे या नौकरी नहीं करेंगे जैसी बातें आपको पहले ही डिसाइड कर लेनी चाहिए. बिना फ्यूचर प्लानिंग के नौकरी छोड़ने का निर्णय आपके लिए उचित नहीं होगा. कभी भी ये क़दम न उठाएं. इससे आपको भविष्य. में परेशानी हो सकती है.

कंपनी के ख़िलाफ अफवाह
भले ही आप नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं, लोकिन इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि आप कंपनी के ख़िलाफ़ बातें करें. भले ही कंपनी ने आपके लिए अच्छा न किया हो, लेकिन आप अपने अनुसार काम करें. चुपचाप रिज़ाइन करें. बाहर कंपनी की बुराई करने से कुछ होगा नहीं.

श्वेता सिंह

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रियो ओलिंपिक 2016 में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले पी वी सिंधु रैंकिंग में टॉप 5 पर पहुंच चुकी हैं. सिंधू ने अपनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया है और उनके खाते में 69399 अंक हैं. ओलिंपिक के बाद से लगातार पीवी सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं.

सायना से आगे निकलीं पी. वी.
भारत की ही सायना नेहवाल अपने नौंवें स्थान पर बनी हुई हैं. सिंधू ने 2017 की शुरुआत छठे स्थान से की थी, लेकिन 26 जनवरी को वह नौंवे स्थान पर खिसक गई थीं. सिंधू उसके बाद फिर छठे स्थान पर लौटीं और अब 5 वें नंबर पर आ गई हैं. सिंधु और सायना दोनों वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में चल रही एशियाई मिश्रित चैंपियनशिप में भारतीय टीम से हट गई थीं.

महिला युगल में टॉप 25 में कोई भारतीय जोड़ी नहीं है. हालांकि ज्वाला गुट्टा और अश्‍विनी पोनप्पा दो स्थान के सुधार के साथ 27वें नंबर पर आ गई हैं. मिश्रित युगल में प्रणव चोपड़ा और एन सिक्की रेड्डी का 14वां स्थान कायम है. एकल में भारत की ओर से पी वी सिंधु ही सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर हैं. भारत के लिए यह गौरव की बात है.

 

श्वेता सिंह 

resume writing rules
नई नौकरी पाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि एक परफेक्ट बायोडाटा बनाया जाए. बायोडाटा सही न होने पर कई बार इंप्रेशन अच्छा नहीं पड़ता और नौकरी मिलते-मिलते रह जाती है. क्या आप भी नई जॉब के लिए ट्राई करनेवाले हैं. ऐसे में बायोडाटा अपडेट करना बहुत ज़रूरी है. रेज़्युमे अपडेट करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. क्या हैं वो रूल्स? आइए, जानते हैं.

1. शार्ट
सबसे पहली शर्त है कि बायोडाटा बहुत लंबा नहीं होना चाहिए. इससे आपका इंप्रेशन अच्छा नहीं पड़ता. हो सके तो एक ही पेज का बायोडाटा बनाएं. जानबूझकर स्पेस न रखें. फॉन्ट मीडियम रखें. पेज पर ज़्यादा गैपिंग न दिखे. एक पेज में ही सारी जानकारी लिख दें. इससे बायोडाटा पढ़नेवाला कम समय में आपके बारे में ज़्यादा जानकारी पा जाता है.

2. डिटेल में लिखें
बायोडाटा जब किसी के सामने जाता है, तो पेपर पर आपकी पूरी जानकारी होनी चाहिए. ऐसा न करें कि कुछ बातें लिखें और कुछ न लिखें. अपनी क़ाबिलियत की पूरी जानकारी उसमे ुंलिख दें, क्योंकि ये बायोडाटा ही आपकी छवि उपस्थित करता है. ऐसे में कुछ भी बाद के लिए न रखें.

3. लिखावट का रखें ध्यान
आमतौर पर रेज़्युमे अंग्रेज़ी में ही लिखा जाता है. ऐसे में अगर आपकी अंग्रेज़ी ठीक नहीं है, तो किसी एक्सपर्ट से बनवाएं. लिखते समय टेंस की ग़लती न करें. बहुत ज़्यादा क्रिएटिव बनने के चक्कर में ग़लती हो सकती है. एक बार बायोडाटा बनाने के बाद किसी ऐसे दोस्त को दिखाएं, जिसे अंग्रेज़ी आती हो सके, तो ऑनलाइन कुछ रेज़्युमे सैंपल देखें.

4. सेविंग का सही तरीक़ा
रेज़्युमे बनाने के बाद उसे जब सेव करें, तो सही नाम दें. कई बार सीवी सेव करते समय हम कुछ भी नाम दे देते हैं. ऐसे में जब वही बायोडाटा आप मेल में अटैच करते हैं, तो नाम अलग जाता है. इससे बता नहीं लग पाता कि रेज़्युमे किसका है. जब भी फाइल अटैच करें, उसका सही नाम दें. बेहतर होगा कि अपना फर्स्ट नेम और लास्ट नेम के नाम से फाइल सेव करें.

5. सिंपल इंग्लिश
रेज़्युमे बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि बहुत डिफिकल्ट इंग्लिश न लिखें. बहुत ज़्यादा फ्रेज़ का यूज़ न करें. जो भी लिखना चाहते हैं, उसे सिंपली ही लिखिए. जितनी सिंपल लिखावट होगी, उतनी ही इंप्रेशन लोगों पर पड़ेगा. ऐसा न लिखें कि पढ़नेवालों को डिक्शनरी लेकर बैठना पड़े.

स्मार्ट टिप्स
 वर्ड फाइल भेजने की बजाय पीडीएफ फाइल बनाकर भेजें.
  बुलेट्स और नंबर का यूज़ करें.
  बोल्ड, इटैलिक यूज़ करें.
  बायोडाटा में आई, मी, माई का कम यूज़ करें.

श्वेता सिंह 

Youth-unemployment

जब से नोटबंदी शुरू हुई है बहुत सी कंपनियों पर ताला लटक गया है. ये ताला कंपनियों के बदले लोगों के करियर पर स्टॉप का मुहर लगा गया. क्या आप भी आजकल बेरोज़गारी के दौर से गुज़र रहे हैं. आपको लगता है कि जीवन में अब कुछ बचा नहीं है, फ्रस्ट्रेट हो रहे हैं और दूसरी नौकरी न मिलने की वजह से ख़ुद को कोस रहे हैं, तो इन बातों का कोई फ़ायदा है नहीं है, इसलिए कैसे संभालें ख़ुद को जब चली जाए जॉब? आइए, जानते हैं.

ख़ुद पर भरोसा रखें
नौकरी आपकी वजह से नहीं गई है, बल्कि इसका कारण कुछ और है. ऐसे में ख़ुद को कोसने और आत्मविश्‍वास खोने की ग़लती न करें. अपने ऊपर विश्‍वास रखें और आगे बढ़ें. इस बात को अपने भीतर बिठा लें कि नई नौकरी आपको जल्द ही मिल जाएगी. ऐसे में आप किसी और के दबाव में न आएं. आसपास के लोग यदि आपका मनोबल गिराते हैं, तो उस पर ज़रा भी ध्यान न दें.

न्यू इंनिंग की तरह लें
इतने साल से एक ही जॉब में रहने की आदत सी हो गई थी आपको. इस कंपनी से जाने का मूड ही नहीं कर रहा था आपका. ऐसे में कारण चाहे जो हो कंपनी से निकलना आपके लिए नए मौ़के की तरह है. इसे इस तरह से ले जैसे की नौकरी की दुनिया में नई शुरुआत करने जा रहे हैं आप. ये बात आपको अंदर तक मज़बूती देगी और आप नए जोश के साथ नौकरी की तलाश कर सकते हैं.

कॉन्टैक्ट बढ़ाएं
नई नौकरी मिलना मुश्किल भी नहीं है और आसान भी नहीं. एक ही नौकरी में काम करते हुए आप दूसरे लोगों से दूरी बना लेते हैं. अपने एक्स एंप्लॉई और बॉस के संपर्क में नहीं रहते, जो आपके लिए ठीक नहीं. नौकरी जाने के बाद सबसे पहले अपने कॉन्टैक्ट बढ़ाएं. लोगों से बातचीत करना शुरू करें.

बी प्रैक्टिकल
अक्सर जॉब जाने के बाद लोग इमोशनल हो जाते हैं. इमोशन में बहकर कोई काम नहीं किया जा सकता. नौकरी चली गई है, तो नई नौकरी ढूंढ़नी पड़ेगी. दोस्तों से नौकरी जाने का रोना कब तक रोएंगे आप. ये आपके लिए सही नही हैं.

रहें अपडेट
नौकरी जाने के बाद कहीं ग़म में खोने की बजाय ख़ुद को अपडेट रखें मार्केट में. कहां क्या चल रहा है, किस तरह की ज़रूरत है, आपकी फील्ड में नया क्या करने से सैलरी अच्छी और नौकरी जल्दी मिल सकती है. न्यूज़ पेपर्स, वेबपोर्टल आदि से जुड़े रहें.

श्वेता सिंह 

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क्या आप भी अपने ऑफिस के माहौल से आजकल थोड़े अपसेट चल रहे हैं, आपको ये डर सताने लगा है कि कॉस्ट कटिंग की धार कहीं आपकी सैलरी स्लिप पर भी नहीं चल जाए, जॉब चली जाएगी, तो नई जॉब कब मिलेगी? इन सब बातों से परेशान होना लाज़मी है, लेकिन दिन-रात इसी के बारे में सोचकर दिमाग़ खपाना समझदारी नहीं है. नौकरी में उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है. इसका ये मतलब नहीं कि आप हार मान जाएं और डिप्रेशन के शिकार हो जाएं. इस क्रिटिकल समय में ख़ुद को कैसे करें मोटीवेट? आइए, जानते हैं.

बी पॉज़ीटिव
पॉज़ीटिव होने से किसी भी प्रॉब्लम का सोल्युशन आसानी से निकल जाता है. निगेटिव होने से काम नहीं चलेगा. आपके ऑफिस का माहौल अगर ठीक नहीं चल रहा है, तो इससे निराश होने की ज़रूरत नहीं है. इससे आप और हताश व परेशान होंगे. निराशा निराशा का अनुकरण करती है. इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा आपको. इस मुश्किल भरे समय को आप सकारात्मक होकर ही काट सकते हैं.

बॉस से कम्युनिकेट करें
ऑफिस में क्या माहौल चल रहा है, इससे आपको ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. आप बस इतना सोचिए कि आपके साथ ऑफिस का रवैया कैसा है. इसे जानने के लिए सबसे पहला काम करें कि अपने बॉस से बात करें. यही बेहतर तरीक़ा है. बॉस से अपनी स्थिति के बारे में पता करें. आपकी जगह ऑफिस में क्या है, ये जानने की कोशिश करें. बॉस की बात पर विश्‍वास करें और उसी के अनुरूप काम करें. बॉस से बात करने पर आपको बॉस के दिमाग़ और कंपनी में अपनी स्थिति के बारे में पता चलेगा. हर बार हवा के रुख के साथ बह जाना ठीक नहीं होता, इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप बॉस से बात करें.

डोन्ट टेक टेंशन
टेंशन लेकर कोई काम आज तक बना है, जो ये बन जाएगा. ऑफिस के बारे में दिन-रात सोचकर अपना हेल्थ ख़राब करने से कुछ मिलने वाला नहीं है. जो चीज़ आपकी नहीं, उसके बारे में चिंता करने फ़ायदा नहीं होगा. उल्टे आप पर इसका ग़लत असर पड़ेगा. बार-बार उसी बात को सोचकर आप अपने काम पर ध्यान नहीं लगा पाते. इससे काम पर असर होता है और आपको सीनियर्स की डांट सुननी पड़ती है. अच्छा यही होगा कि जब तक ऑफिस में काम करें, फ्री होकर करें.

एक्स्ट्रा एक्टिविटी
अगर करियर में उतार-चढ़ाव चल रहा है, तो बेहतर होगा कि आप ख़ुद को कहीं और इंगेज करें. इससे आपका समय भी कट जाएगा और वहां नए लोगों से मिलकर आप फ्रेश फील करेंगी. उदाहरण के लिए अगर आपको डांस का शौक़ है, तो डांस क्लास जॉइन करें. यक़ीन मानिए आपका समय कब कट जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा.

दूसरी जॉब ढूंढ़ें
अगर ऑफिस के माहौल में कोपअप नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर होगा कि न्यू जॉब की तलाश करना शुरू कर दें. अपने पुराने दोस्तों, कलीग्स, एक्स बॉस से बात करें और नई नौकरी की तलाश में जुट जाएं. ऑफिस से समय निकालकर दूसरों से मिले-जुलें. उनसे मार्केट का हाल जानें. नौकरी में किस तरह की रिक्वायरमेंट चल रही है, उसकी तैयारी करें.

स्मार्ट एक्सरसाइज़
ऑफिस के माहौल से परेशान होने और करियर में कुछ अच्छा न होने की बात से निराश होने की बजाय सुबह उठकर कुछ समय एक्सरसाइज़ में लगाएं. इससे आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फ़ायदा मिलेगा.

श्वेता सिंह

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साउथ से लेकर नार्थ तक को अपनी आवाज़ से जोड़नेवाले संगीत प्रेमियों के चितचोर यसुदास को मेरी सहेली की ओर से जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! आवाज़ के इस जादूगर ने अपनी आवाज़ से न केवल दक्षिण भारत, बल्कि पूरे देश को अपना दीवाना बना दिया. आमतौर पर ऐसा होता नहीं. फिल्म इंडस्ट्री बंटी हुई है. भले ही एक-दो फिल्म इधर-उधर लोग कर लें, लेकिन साउथ के लोग वहां और बॉलीवुड के लोग यहां अपनी सफलता कमाते हैं. यसुदास ने इस लाइन को पूरी तरह से क्रॉस करते हुए दोनों जगह के लोगों को अपना दीवाना बनाया और ख़ूब सफलता प्राप्त की.

आवाज़ के जादूगर
यसुदास की आवाज़ में ग़ज़ब की खनक है. उनके गाने को बिना संगीत के भी पिरोया जा सकता था. इसका मुख्य कारण है, उनकी खनकती आवाज़. लोग उन्हें आवाज़ का जादूगर कहते हैं. 10 जनवरी 1940 में केरल के कोच्चि शहर में जन्में यसुदास नेे मलयालम, तमिल, कन्नड़, हिंदी सहित कई भाषाओं में गीत गाए हैं. तभी तो केवल साउथ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उनके दीवाने हैं.

जब देश के लिए जुटाए फंड
आज की तरह के गायकों से एकदम अलग यसुदास स़िर्फ अपने लिए नहीं गाते. ऐसे कई मौ़के आए हैं, जब उन्होंने देश को अपनी तरफ़ से आर्थिक मदद की है. साल 1965 में जब भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ, तो यसुदास रिकॉर्डिग रूम से बाहर निकले और कई जगह गाना गाकर युद्ध के लिए फंड जुटाने लगे. इसी तरह 1971 में भी जब बांग्लादेश को पाकिस्तान से आज़ाद कराने के लिए भारत ने युद्ध शुरू किया, तो यसुदास सड़कों पर उतर आए और खुले ट्रक में गाने गाते हुए राष्ट्र के लिए एक बार फिर फंड जुटाया.

एक नज़र यसुदास के माइल स्टोन गानों पर
चांद जैसे मुखड़े पे बिंदिया सितारा… गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा… जैसी कई रोमांटिक गाने आज भी पॉप्युलर हैं. यसुदास की खनकती आवाज़ में गाए इन गानों को एक बार फिर सुनिए आप.

 

https://youtu.be/VvM2un5faSg

https://youtu.be/2dr6EMtPQGY

श्वेता सिंह

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नोट बंदी  ने कइयों की स्थिति बिगाड़कर रख दी है. जहां आम लोग इससे परेशान दिख रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ बड़े लोग बैंको की मदद से अपना काला धन स़फेद करने में जुट गए हैं. कई बैंक इसमें उनका साथ भी दे रहे हैं. ऐसे ही कुछ विदेशी बैंकों पर आरबीआई की गाज गिरी है. फेमा यानी विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के तहत आरबीआई ने बैंक ऑफ अमेरिका, बैंक ऑफ टोक्यो मितसबिशी, द रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड, स्टैंडर्ड चार्टड बैंक और ड्यूश बैंक पर जुर्माना ठोका है.

जर्मनी की ड्यूश बैंक पर 20 हज़ार रुपए और बाकी 4 बैंकों पर दस-दस हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही इन सभी बैंकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

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यंग, एनर्जेटिक विराट कोहली दिन ब दिन क्रिकेट जगत के एक ऐसे खिलाड़ी बनते जा रहे हैं, जिनकी काबिलियत की दुनिया दीवानी होती जा रही है. आपने अभी तक कोहली को स़िर्फ फील्ड पर बैटिंग, फील्डिंग, बॉलिंग और कप्तानी करते हुए देखा होगा, लेकिन आज हम आपको उनके कुछ ऐसे पल की फोटोज़ शेयर करते हैं, जो एक अलग विराट को शो करता है.

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गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा को मैच के दौरान फ्लाइंग किस देते हुए.

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सेक्सी पैक्स दिखाते और सेल्फी लेते हुए.

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विराट बेहद जॉली किस्म के इंसान हैं. इस फोटो में आप उन्हें तरह-तरह के मुंह बनाते हुए देख सकते हैं. 

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साउथ अफ्रिका से मैच के दौरान डेल स्टेन के ग़ुस्से का जवाब देते हुए.

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मैच जीतने के बाद साथी खिलाड़ियों के साथ विनिंग मोमेंट एंजॉय करते हुए.

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