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बात जब क्रिकेट से जुड़ी हो, तो हर शख़्स रोमांचित हो उठता है. अचानक से रगों में उत्साह भर जाता है. कुछ ऐसा ही उत्साह दिखा भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में जब सात समंदर पार दक्षिण अफ्रिका में क्रिकेट टीम के कैप्टन एबी डिविलियर्स ने अपनी ऑटोबायोग्राफी लॉन्च की. भले ही अपनी आत्मकथा एबी ने अभी अपने देश में ही लॉन्च की, लेकिन भारतीय प्रशंसक कई ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर बुक ख़रीदने के लिए जानकारी जुटाने में लग गए हैं. जिस तरह से यहां एबी के फैंस उनकी आत्मकथा पढ़ने को उत्सुक हैं, उतने ही उत्सुक एबी भी थे लॉन्च में. एबी ने लॉन्चिंग में अपने इंडियन फैंस की जमकर तारीफ़ की. एबी कहते हैं कि जब भी वो भारत में खेलते हैं, उन्हें इसका एहसास नहीं होता कि वो किसी दूसरे देश में खेल रहे हैं. प्रशंसकों का एबी-एबी कहकर पुकाराना उन्हें अपनत्व देता है. एबी बहुत जल्द ही भारत समेत दुनिया के दूसरे देशों में अपनी आत्मकथा लॉन्च करेंगे.

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क्या है एबी-द ऑटोबायोग्राफी में?
एबी- द आटोबॉयोग्राफी में डिविलियर्स के बचपन, स्कूल के दिनों, क्रिकेट में पदार्पण, कैरियर के उतार-चढ़ाव और बतौर कप्तान अनुभव तथा विवादों का ज़िक्र है. इसमें डिविलियर्स के शौक़ और व्यवसाय में उनकी रुचि के बारे में भी बताया गया है.

हम आपको बता दें कि एबी बचपन से ही प्रतिभावान खिलाड़ी थे. वो न स़िर्फ क्रिकेट, बल्कि टेनिस और रग्बी खेलने में भी निपुण हैं. महज़ 20 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में क़दम रखने वाले एबी को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा.एबी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं.

इन खिलाड़ियों ने भी लिखी अपनी आत्मकथा 

  • सचिन तेंदुलकर- प्लेइंग इट माय वे
  • रिकी पॉन्टिंग- पॉन्टिंग: एट द क्लोज़ ऑफ प्ले
  • केविन पिटर्सन- केपी: द ऑटोबायोग्राफी
  • युवराज सिंह- द टेस्ट ऑफ माय लाइफ: फ्रॉम क्रिकेट टु कैंसर एंड बैक
  • शोएब अख़्तर- कंट्रोवर्सीअली योर्स

– श्वेता सिंह

ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए आप जिस तरह पर्सनैलिटी के अनुसार आउटफिट और एक्सेसरीज़ का चुनाव करते हैं. ठीक उसी तरह ब्लड ग्रुप के अनुसार डायट प्लान फॉलो करके भी आप हेल्दी और फिट रह सकते हैं. सेहतमंद ज़िंदगी के लिए ब्लड ग्रुप के अनुसार कैसा हो डायट प्लान (Blood Group Type Diet)? आइए, जानते हैं.
Blood Group Type Diet

ब्लड ग्रुप के अनुसार शरीर की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती हैं. ऐसे में यदि अपने ब्लड ग्रुप को ध्यान में रखते हुए कोई डायट प्लान फॉलो करते हैं, तो आप न स़िर्फ फिट एंड हेल्दी रह सकते हैं, बल्कि एसिडिटी, कॉन्सटिपेशन जैसी कई समस्याओं से मुक्ति भी पा सकते हैं. साथ ही वज़न भी आसानी से घटा सकते हैं.Type-A-blood-drop

ए ब्लड ग्रुप

ए ब्लड ग्रुपवालों का शाकाहारी होना सेहत की दृष्टि से फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि ए ब्लड ग्रुपवालों की पाचन शक्ति बाक़ी ब्लड ग्रुपवालों की अपेक्षा कमज़ोर होती है. ऐसे में वे नॉन-वेज या कोई भी हैवी फूड पचा नहीं पाते, जिससे इन्हें पेट संबंधी समस्या, जैसे एसिडिटी का सामना करना पड़ता है.

क्या खाएं?
– ए ब्लड ग्रुपवालों का ख़ून अन्य ब्लड ग्रुप से अधिक गाढ़ा होता है. इसलिए सब्ज़ी और फलों का सेवन इनके लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद है.
– प्रोटीन की आपूर्ति के लिए सोया रोटी, सोया ब्रेड, बीन्स आदि का सेवन इन्हें तंदुरुस्त रखता है.
किससे करें परहेज़?
– चूंकि आपका पाचन तंत्र कमज़ोर है, इसलिए मीट की बजाय मछली का सेवन करें.
– पपीता, आम और संतरा जैसे फलों का सेवन कम से कम करने की कोशिश करें.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कम करना चाहते हैं, तो अपने डायट रूटीन में ज़्यादा से ज़्यादा हरी सब्ज़ियां और सोया से बनी चीज़ें शामिल करें. मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स, राजमा जैसे फैट वाले आहार से परहेज़ करें, वरना आपका वज़न बढ़ सकता है.blood-type-diet-for-blood-group-b

बी ब्लड ग्रुप

बी ब्लड ग्रुपवाले बेहद लकी होते हैं, क्योंकि इन्हें स्वादिष्ट चीज़ों से परहेज़ की ज़रूरत नहीं होती. साथ ही ये खाने में वेरायटी का मज़ा भी ले सकते हैं. बी ब्लड ग्रुपवालों को संतुलित आहार स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखता है.
क्या खाएं?
– फलों का सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
– आप डेयरी प्रोडक्ट्स और फिश खा सकती हैं, मगर इनका सेवन संतुलित मात्रा में करें.
किससे करें परहेज़?
– कॉर्न, चना, मसूर और अरहर की दाल का सेवन कम करें. ये आपके लिए नुक़सानदायक हो सकते हैं.
– गेहूं या टमाटर का अधिक सेवन भी आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करने के लिए कॉर्न, मूंगफली, चिकन, गेंहू और तिल का सेवन करने से बचें और अपने डायट प्लान में अंडा, ग्रीन टी, मीट और हरी सब्ज़ियां सबसे ऊपर रखें.

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एबी ब्लड ग्रुप

एबी ब्लड ग्रुपवालों में ए और बी दोनों ब्लड ग्रुपवालों के लक्षण होते हैं. मगर इनका ब्लड ग्रुप ए की तरह शाकाहारी होना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. ब्लड ग्रुप बी की तरह ये नॉन-वेज का अधिक सेवन नहीं कर सकते, क्योंकि मीट खाने से इन्हें अपच की शिकायत हो सकती है.
क्या खाएं?
– शाकाहारी खाना खाएं.
– फलों का सेवन भी कर सकते हैं.
– आप फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– चिकन से परहेज़ करें, पेट में एसिड की मात्रा कम होने से ये अच्छी तरह पच नहीं पाता, जिससे अपच की शिकायत हो सकती है.
– कॉर्न भी न खाएं. ये भी आपके लिए तकलीफ़देह हो सकता है.
वेट लॉस टिप
अगर आप वज़न कंट्रोल में रखना चाहती हैं, तो सोया पनीर, सीफूड, अनन्नास आदि खाएं. रेड मीट और राजमा से परहेज़ करें.

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ओ ब्लड ग्रुप

ओ ब्लड ग्रुपवालों के पेट में एसिड की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण ये आसानी से नॉन-वेज फूड पचा लेते हैं. चूंकि ओ ब्लड ग्रुपवालों में थायरॉइड हार्मोन की मात्रा कम होती है, इसलिए इन्हें ऐसी चीज़ें नहीं खानी चाहिए, जिससे थायरॉइड का स्राव कम हो, जैसे- पत्तागोभी, फूलगोभी आदि.
क्या खाएं?
– आप ख़ूब सारे फल और सब्ज़ियों का सेवन कर सकते हैं.
– अगर आप नॉन-वेज खाने के शौक़ीन हैं, तो रेड मीट से लेकर चिकन और फिश भी खा सकते हैं.
किससे करें परहेज़?
– दूध या दूध से बने कोई भी पदार्थ खाने से बचें.
– ड्रायफ्रूट्स का अधिक सेवन आपके लिए फ़ायदेमंद नहीं है.
वेट लॉस टिप
वज़न कम करना हो, तो ब्रेड, चावल और फली यानी बीजवाली सब्ज़ियां न खाएं. पालक और ब्रोकोली वज़न घटाने में सहायक हो सकते हैं.