Acidity Home Remedies

यूं तो पेट में मौजूद अतिरिक्त गैस को बाहर निकालने के लिए डकार आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा डकार आना, ख़ासकर खट्टी डकारें परेशान कर देती हैं. कई बार इसके कारण हमें लोगों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ता है. अब से जब भी आपको खट्टी डकारें आएं, तो उनसे छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये 10 घरेलू उपाय.

Gas And Acidity Home Remedies

1) इलायची खाने से पेट में डाइजेस्टिव जूस जल्दी बनता है, जिसकी वजह से पेट में कम गैस बनती है. साथ ही इलायची के सेवन से पेट का फूलना भी कम होता है. पेट की गैस तथा डकार से राहत पाने के लिए रोज़ाना दिन में 3 बार कुछ इलायची दाने चबाएं.

2) खाना खाने के बाद आधा चम्मच भुनी हुई सौंफ चबाएं, इससे बार-बार आने वाली डकार से राहत मिलती है. सौंफ खाने से भी पेट की गैस और डकारों में राहत मिलती है. सौंफ पाचन तंत्र को आराम देने के साथ-साथ पेट फूलना, ख़राब हाजमा, गले में जलन जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है.

3) पेट में गैस होने पर हींग पाउडर को रूई के फाहे पर रखकर नाभि पर रखें. इससे पेट की गैस निकल जाएगी और पेट दर्द की तकलीफ़ भी ठीक हो जाएगी.

4) पेट में गैस, एसिडिटी, खट्टी डकारें आदि समस्या हो, तो संतरे के रस में थोड़ा भुना हुआ जीरा और पिसा हुआ सेंधा नमक मिलाकर पीएं. इससे आपको जल्दी ही आराम मिलेगा.

5) रोज़ाना खाने में दही या छाछ शामिल करें, इससे पेट में गैस और खट्टी डकार से राहत मिलती है.

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Gas And Acidity Home Remedies

6) कैमोमाइल टी पीने से पेट में गैस नहीं बनती. साथ ही इसके सेवन से डकार, पेटदर्द जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है. यदि ज़्यादा डकारें आ रही हैं, तो आप दिन में 2-3 कप कैमोमाइल टी पी सकते हैं.

7) पेट में गैस होने पर एक चम्मच अजवायन में चौथाई चम्मच नींबू का रस मिलाकर चाटें. इससे गैस तुरंत शांत होगी और डकार से भी राहत मिलेगी.

8) यदि एसिडिटी से परेशान हैं, तो सुबह दो केले खाकर एक कप दूध पीएं. ऐसा नियमित रूप से करने से कुछ ही दिनों मेें एसिडिटी से राहत मिल जाएगी.

9) एसिडिटी तथा गैस की तकलीफ़ में चोकर सहित आटे की रोटी खाने से फायदा होता है.

10) खाना खाने के बाद दूध के साथ दो बड़े चम्मच ईसबगोल लेने से एसिडिटी में लाभ होता है.

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Home Remedies for Indigestion

आवश्यकता से अधिक और नियम के विरुद्ध भोजन करने, अधिक पानी पीने, वेगों को रोकने, पहले किया हुआ आहार पचने से पहले दोबारा खाने, दिन में अधिक सोने और रात में अधिक जागने से समय पर खाया हुआ हल्का आहार भी नहीं पचता और अजीर्ण यानी बदहज़मी (Home Remedies for Indigestion) हो जाती है. बदहज़मी, जिसे अजीर्ण भी कहते हैं, अनेक रोगों का मूल कारण है. प्रायः आहार-विहार में विषमता होने से बदहज़मी होती है. जब खाया हुआ आहार जीर्ण (पचता) नहीं होता, तो उसे अजीर्ण कहते हैं.

* एक ग्लास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच अदरक का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से बदहज़मी में लाभ होता है.

* तुलसी के ताज़े पत्ते तोड़कर रस निकालकर पीएं, बदहज़मी व डकारों से राहत मिलेगी.

* सोंठ, कालीमिर्च, पीपरि और सेंधा नमक समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं. एक टीस्पून यह चूर्ण छाछ में डालकर पीने से अजीर्ण दूर होता है.

* तुलसीदल को एक ग्राम काले नमक में पीसकर शहद की तरह चाटें.

* बदहज़मी होने पर अगर पेट में दर्द की टीस उठती है, तो तुलसी और अदरक का रस मिलाकर एक-एक चम्मच दो-तीन घंटे के अंतर से तीन बार लें. यदि इस रस को गुनगुने पानी के साथ लें, तो तुरंत लाभ होगा.

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* छाछ में मिलाकर या भोजन से पहले चुटकीभर हींग का चूर्ण सेवन करने से बदहज़मी से छुटकारा मिलता है.

* मीठे अनार का रस निकालकर उसमें भुना हुआ जीरा और गुड़ मिलाकर दिन में 2 या 3 बार सेवन करें.

* पीठी की बनी चीज़ें पचाने के लिए गर्म पानी पीना चाहिए.

* फेनी और पापड़ पचाने के लिए सहिजन का बीज अति उत्तम है.

* खिचड़ी अधिक खा लेने पर दो चुटकी सेंधा नमक का सेवन उसे पचा देता है.

* लड्डू, मालपुआ, पूरी आदि अधिक खा लेने पर पीपरामूल का चूर्ण उसे शीघ्र पचा देता है.

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* नारियल व ताड़ का फल खाने से हुए अजीर्ण में चावल खाने से पेट हल्का हो जाता है.

* फालसा या बेल अधिक खा लेने पर नीम की निंबोली खाने से वो आसानी से पच जाता है.

* कटहल का फल खाने से हुए अपच में केला खाएं.

* अधिक केले खाने पर हुए अजीर्ण से राहत पाने के लिए एक या दो चम्मच घी पीएं.

* आम अधिक खा लेने पर उन्हें पचाने के लिए ऊपर से दूध पीने से आराम मिलता है.

* खजूर या सिंघाड़े अधिक खा लेने पर सोंठ या नागरमोथे खाएं.

* चावल पचाने के लिए गुनगुना पानी पीएं.

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* ककड़ी पचाने के लिए गेहूं के कुछ दाने खाएं.

* अधिक पानी पी लिया हो, तो थोड़ी-सी अजवाइन खा लें.

पथ्यः बदहज़मी होने पर शुरू में दो-तीन दिन तक कुछ नहीं खाना चाहिए. इसके बाद मसूर या मेथी का सूप जीरा, सेंधा नमक, हींग, लहसुन आदि डालकर सेवन करना चाहिए. इसके बाद मूंग के दाल की पतली खिचड़ी का सेवन करें. मट्ठा, पतली छाछ आदि पथ्य हैं. गरिष्ठ, मिर्च-मसाले वाले व देर से पचनेवाले आहारों से परहेज़ रखना ज़रूरी है.

सुपर टिप
10-15 तुलसी के पत्ते और 5-10 काली मिर्च को बारीक़ पीसकर चाट लें. इससे बदहज़मी के सारे विकार दूर हो जाएंगे.

– विशाल गुप्ता

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