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बेहतरीन गायक एस. पी. बालसुब्रमण्यम का आज जन्मदिन है. उन्होंने न जाने कितने सुमधुर कर्णप्रिय गीतों को गाया है. उनकी हर गीत में एक मस्ती, प्यार की खुमारी, कशिश सी रहती है.
श्रीपति पण्डितराध्युल बालसुब्रमण्यम यानी एस. पी. साहब ने गायकी के अलावा अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, एंकर जैसे तमाम फील्ड को भी छुआ है. बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं वे.
एस. पी. बालसुब्रमण्यम को उनके क़रीबी एसपीबी और बालु भी कहते हैं. उन्होंने तक़रीबन चालीस हज़ार से अधिक गाने गाए हैं, जो हिंदी, तेलुगू, मलयालम और तमिल के हैं. 16 भाषाओं में ख़ूबसूरत गीतों को अपनी आवाज़ दी है. उन्हें 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. 25 बार वे साउथ के नंदी अवार्ड्स से भी सम्मानित हो चुके हैं. तेलुगू फिल्म के तमाम पुरस्कार और सम्मान उन्हें अब तक मिले हैं.
74 वर्षीय बालसुब्रमण्यम ने हर दौर में अपने गाने से बच्चे, युवा और हर जनरेशन को प्रभावित किया. उन्हें लुभाया है. आज उनके जन्मदिन पर ख़ास अपने पाठकों के लिए उनकी चुनिंदा 10 गाने के गीतों की माला हम पेश कर रहे हैं. एस. पी. बालसुब्रमण्यम को मेरी सहेली की तरफ़ से जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! वे यूं ही अपनी आवाज़ की ख़ुशबू फ़िज़ा में बिखेरते रहें!..

. P. Balasubramaniam
ये हंसी वादियां.. ये खुला आस्मां…
(रोजा)
बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम…
(साजन)
मेरे जीवनसाथी प्यार किए जा…
(एक दूजे के लिए)
पहला पहला प्यार है…
(हम आपके है कौन)
साथिया तूने क्या किया…
(लव)
रूप सुहाना लगता है…
(द जेंटलमेन)
आ के तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी…
(वंश)
हम ना समझे थे बात इतनी सी…
(गर्दिश)
सच मेरे यार है…
(सागर)
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना…
(मैंने प्यार किया)