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इन 10 तरीक़ों से अपने स्लो मोबाइल को बनाएं फास्ट (10 Smart Tricks To Speed Up Your Android Phone)

क्या आपका स्मार्टफोन (SmartPhone) बार-बार हैंग (Hang) होता है? एक ऐप यूज़ करने के बाद दूसरे ऐप में जाने में क्या अधिक समय लगता है? या होम स्क्रीन पर लौटने में ज़्यादा व़क्त लगता है, तो इसका मतलब है कि आपका स्मार्टफोन स्लो हो गया है. यदि आप अपने स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाना चाहते हैं, तो यहां पर बताए गए ट्रिक्स (Tricks) को अपनाकर अपने स्लो मोबाइल को फास्ट बना सकते हैं.

Tricks To Speed Up Phone

क्यों होता है मोबाइल स्लो?

मोबाइल की स्पीड बढ़ाने में अहम् भूमिका प्रोसेसर और रैम की होती है. ऐसा माना जाता है कि जिन मोबाइल की रैम 2जीबी होती है, उनकी स्पीड तेज़ होती है और जिन मोबाइल की रैम 1जीबी होती है, वे धीमे चलते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. 1जीबी रैम या उससे कम रैमवाले मोबाइल की स्पीड भी तेज़ हो सकती है, अगर उसकी सेेटिंग और कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो जैसे:

1. लॉन्चर से छुटकारा पाएं

अगर आपने अपने मोबाइल पर कोई कस्टम लॉन्चर इंस्टॉल किया है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें. मोबाइल पर बहुत अधिक लॉन्चर्स इंस्टॉल करने से वह स्लो हो जाता है. लॉन्चर्स (होम ऐप) वे ऐप्स होते हैं, जो आपके फोन की होम स्क्रीन पर दिखाई देते हैं. इन लॉन्चर्स की मदद से आप दूसरे काम करते हैं. अगर आपके मोबाइल पर इंस्टॉल लॉन्चर्स अच्छे नहीं हैं, तो भी फोन की स्पीड धीमी हो जाती है. अगर आपको ऐसा महसूस हो कि मोबाइल में मौजूद लॉन्चर्स से उसकी स्पीड धीमी हो रही है, तो आप उन्हें डिलीट करके थर्ड पार्टी लॉन्चर यूज़ कर सकते हैं.

2. सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें

यदि आप चाहते हैं कि आपके मोबाइल की स्पीड हमेशा फास्ट बनी रहे, तो समय-समय पर अपना सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें. वैसे तो मोबाइल और ऐप्स कंपनियां समय-समय पर अपडेटेड वर्ज़न भेजती रहती हैं. कंपनी द्वारा भेजे गए अपडेटेड वर्ज़न को इंस्टॉल करें. हो सकता है अपडेटेड वर्ज़न से मोबाइल की स्पीड पर भी असर पड़े.

3. अनयूज़्ड ऐप्स को डिसेबल करें

अगर आपने अपने फोन में ऐसे ग़ैरज़रूरी ऐप्स इंस्टॉल किए हैं, जिनका प्रयोग आप न के बराबर करते हैं, तो उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें. ऐसे ऐप्स मोबाइल पर केवल स्पेस घेरते हैं, इसलिए इन ऐप्स को सेटिंग में जाकर ‘ऐप्स मेन्यू’ पर क्लिक करें. फिर जिस ऐप को अनइंस्टॉल करना चाहते हैं, उसे सिलेक्ट करके अनइंस्टॉल कर दें. फोन में पहले से ही कंपनी के अपने ख़ुद के ऐप्स होते हैं, जिन्हें अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता है. इन ऐप्स को डिसेबल करके फोन को धीमा होने से बचा सकते हैं.

4. महत्वपूर्ण ऐप्स को एक्सटर्नल मेमोरी में सेव करें

आप अपने मोबाइल को हैंग या स्लो होने से बचाना चाहते हैं, तो फोन में मौजूद महत्वपूर्ण ऐप्स को आप एक्सटर्नल मेमोरी में सेव कर सकते हैं. ऐसा करके आपकी इंटरनल मेमोरी खाली हो जाएगी और आपका फोन भी स्लो नहीं होगा.

5. अनवॉन्टेड ऐप्स को टर्न ऑफ करें

हर फोन में इंटरनल मेमोरी सीमित होती है. इंटरनल मेमोरी में जितना स्पेस होगा, फोन की स्पीड उतनी फास्ट होगी. फोन में बहुत सारे ऐप्स, वीडियोज़, फोटोज़, म्यूज़िक और डेटा ऐसे होते हैं, जिनके कारण फोन की स्पीड कम हो जाती है. इन ऐप्स, वीडियोज़ और डेटा को मोबाइल से डिलीट करके आप ड्रॉप बॉक्स या गुगल ड्राइव क्लाउड स्टोरेज सर्विस में सेव कर सकते हैं. इसके अलावा एक अन्य विकल्प यह भी है कि जिन वीडियोज़ और ऐप्स की आपको ज़रूरत नहीं है, उन्हें आप अनइंस्टॉल कर सकते हैं.

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Tricks To Speed Up Phone
6. फोन की होम स्क्रीन को क्लीन करें

अगर आप अपने मोबाइल की होम स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए फोन की होम स्क्रीन से ऐसे ऐप्स को डिलीट करें, जिनका आप न तो इस्तेमाल करते हैं और न ही जिनकी आपको ज़रूरत है. ऐसे अवांछित व ग़ैरज़रूरी ऐप्स को डिलीट करने से फोन की स्पीड ज़रूर बढ़ेगी.

7. कैश (Cache) ऐप डाटा को क्लीयर करें

क्या आप जानते हैं कि जब भी आप मोबाइल पर इंटरनेट या ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो फोन की मेमोरी में ऐप, ब्राउज़र टेक्स्ट और वेबसाइट का पूरा ब्योरा आ जाता है. ऐसा इसलिए होता है, ताकि अगली बार जब आप उसी ऐप या वेबसाइट को खोलें, तो पहले से सेव ऐप या वेबसाइट की मदद से अपना काम जल्द से जल्द कर सकें. लेकिन यह एक समस्या भी है, क्योंकि अधिक टेक्स्ट डेटा सेव होने के बाद फोन स्लो हो जाता है. अगर आप इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो नियमित रूप से कैश को क्लीयर करें. कैश क्लीयर करने के लिए सेटिंग में ‘ऐप्स मेन्यू’ में जाएं. फिर एक-एक ऐप को सिलेक्ट करके कैश क्लीयर करें. यह थोड़ा बोरियतवाला काम है. इस बोरियत से बचने के लिए आप ‘ऐप कैश क्लीयर’ और ‘क्लीन मास्टर’ आदि जैसे फ्री ऐप्स भी डाउनलोड कर सकते हैं. इन फ्री ऐप्स की मदद से बस एक क्लिक से सारा कैश क्लीयर हो जाएगा.

8. मोबाइल स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर न लगाएं

फोन की स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर से उसकी स्पीड धीमी हो जाती है और बैटरी बैकअप पर इसका असर पड़ता है. एनिमेशन को टर्न ऑफ करें. फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए उसमें मौज़ूद एनिमेशन को टर्न ऑफ करें. टर्न ऑफ करने के लिए आपको अपने मोबाइल के सेटिंग ऑप्शन में जाकर एनिमेशन को ऑफ करना होगा.

9. स्क्रीन पर कम विगेट (आइकन) का इस्तेमाल करें

स्क्रीन पर मौजूद विगेट (आइकन) से काम जल्दी होता है, क्योंकि ऐप पर जाकर उसे खोलने की बजाय होम स्क्रीन पर मौजूद आइकन से काम तुरंत हो जाता है. लेकिन इससे फोन की स्पीड धीमी हो जाती है और बैटरी बैकअप पर इसका बुरा असर पड़ता है. बेहतर होगा कि स्क्रीन पर विगेट का इस्तेमाल कम से कम करें. जिन आइकन की आपको ज़रूरत नहीं हैं, उन्हें डिलीट कर दें.

10. फैक्ट्री रिसेट करें

यदि उपरोक्त बताए गए ट्रिक्स से आपके मोबाइल की स्पीड नहीं बढ़ रही है, तो एक अंतिम प्रयास और कर सकते हैं यानी मोबाइल के फैक्ट्री रिसेट ऑप्शन पर क्लिक करें. फैक्ट्री रिसेट जंक फाइलों से छुटकारा पाने का शॉर्टकट तरीक़ा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुक़सान यह है कि फैक्ट्री रिसेट करने से मोबाइल के सारे डेटा और सेटिंग्स डिलीट हो जाते हैं. इसलिए सोच-समझकर इस ऑप्शन पर क्लिक करें. वरना आपका सारा डेटा और सेटिंग्स डिलीट होने में समय नहीं लगेगा. इस ऑप्शन पर क्लिक करने से पहले बैकअप लेना न भूलें.

– देवांश शर्मा

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2017 में किन मोबाइल्स को सपोर्ट नहीं करेगा व्हाट्सऐप? (WhatsApp Update: List of Smartphones That Will Not Be Supported in 2017)

Whatsapp
पुराने वर्ज़न के मोबाइल इस्तेमाल करनेवाले 2017 से फ्री मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप (WhatsApp) का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. जी हां, हाल ही में वीडियो कॉलिंग और जिफ जैसे नए फीचर्स लॉन्च करनेवाला व्हाट्सऐप अब एक नया क़दम उठानेवाला है, जिसके तहत व्हाट्सऐप 2017 से पुराने मोबाइल्स पर अपनी सर्विस बंद करने जा रहा है यानी पुराने वर्ज़न के मोबाइल्स वाले अब व्हाट्सऐप का लुत्फ़ नहीं उठा पाएंगे.

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मोबाइल्स जिनमें बंद हो जाएगा व्हाट्सऐप (WhatsApp)

एंड्रॉयड, आईफोन, ब्लैकबेरी और विंडोज़ फोन के पुराने वर्ज़न्स को व्हाट्सऐप (WhatsApp) अब सपोर्ट नहीं करेगा. कौन-कौन-से हैं वो मोबाइल्स, आइए जानते हैं-

ब्लैकबेरी ओएस और ब्लैकबेरी 10

व्हाट्सऐप (WhatsApp) ब्लैकबेरी के ज़्यादातर डिवाइसेस से अपना सपोर्ट हटानेवाला है. इसमें ब्लैकबेरी ज़ेड 10, ब्लैकबेरी पासपोर्ट और ब्लैकबेरी क्लासिक शामिल हैं. इनकी सर्विसेज़ 30 जून, 2017 तक बंद हो जाएंगी.

नोकिया एस 40 और सिंबियन एस 60

इसमें नोकिया एस 40 के अलावा नोकिया प्योरव्यू 808 भी शामिल हैं.

एंड्रॉयड 2.1 और एंड्रॉयड 2.2

एंड्रॉयड के ये वर्ज़न 5 साल पहले लॉन्च हुए थे, इसलिए बहुत ही कम लोग इनका इस्तेमाल करते होंगे, जिससे प्रभावित लोगों की संख्या कम ही रहेगी.

विंडोज़ फोन 7

माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज़ 7 बहुत बड़े पैमाने पर लॉन्च किया गया था, पर इसके फीचर्स के कारण यह कुछ ख़ास नहीं चला. इसके अलावा लूमिया 510, 710 और 810 स्मार्टफोन्स भी हैं.

आईफोन 3 जीएस/आईओएस 6

एप्पल ने 2012 में आईओएस 6 लॉन्च किया था. पर आजकल जो भी आईफोन्स लोग इस्तेमाल करते हैं, वो आईफोन 4 के बाद के वर्ज़न हैं, इसलिए आईफोन यूज़र्स को घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.

– दिनेश सिंह

मंत्रों का हेल्थ कनेक्शन (Healing Power Of Mantras)

कभी भी आपके ज़ेहन में यह बात आई  है कि मंत्रों का क्या और कितना महत्व है? मंत्रों की शक्ति और उनके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में अक्सर हम सुनते रहते हैं, लेकिन शायद ही कभी हमने हेल्थ और मंत्र के साइंटिफिक कनेक्शन को जानने की कोशिश की हो. अगर हम मंत्रों के हेल्थ कनेक्शन को जान जाएंगे, तो ज़ाहिर है उन्हें बेहतर तरी़के से अपने जीवन में अपनाकर हेल्दी और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे.
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साउंड इज़ पावर
–    मंत्र दरअसल साउंड यानी ध्वनि होते हैं और विज्ञान कहता है, ध्वनि ऊर्जा के सिवा कुछ नहीं है. यानी मंत्र का सीधा मतलब है- एनर्जी. मंत्र जप करने का अर्थ है शक्ति के विभिन्न स्तर को महसूस करना.
–   एक ही ध्वनि अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग परिणाम देती है. विज्ञान यह भी कहता है कि मनुष्य शरीर ऊर्जा का एक घना रूप है. जब किसी ख़ास मंत्र का ख़ास उद्देश्य के लिए जाप किया जाए, तो शरीर की एनर्जी को बेहतर व पूर्ण रूप से महसूस किया जा सकता है.
विज्ञान और मंत्र
–    मंत्र किस तरह से हमारे जीवन व हेल्थ को प्रभावित करते हैं, इसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व ही किया गया है. लेकिन इसके वैज्ञानिक आधार की खोज अब तक जारी थी. मंत्र और साइंस में बहुत ही गहरा कनेक्शन है.
–   मंत्रों की एक निश्‍चित फ्रिक्वेंसी होती है. मंत्रों के नियमित जाप से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम में एक रिदम में दबाव यानी प्रेशर पैदा होता है, जिससे हमारे चक्र जाग जाते हैं और शरीर एवं मस्तिष्क में एनर्जी पैदा होती है.
–   मंत्रों के उच्चारण से जो फ्रिक्वेंसी पैदा होती है, उसका सकारात्मक असर हमारे शरीर व मन पर पड़ता है, साथ ही मंत्रों को लगातार पढ़ने से जीभ व तालु में जो संपर्क होता है, ॐ के उच्चारण के व़क्त जो ध्वनि नाभि से आती है, उन सबका असर शरीर के प्रेशर पॉइंट्स पर पड़ता है, जिससे हम हेल्दी और एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
–    मंत्रों का साइंटिफिक कनेक्शन इसी बात से साबित होता है कि हाल ही में नासा ने सूर्य की ध्वनि को यूनिवर्स में रिकॉर्ड करके उसे कंप्रेस किया, ताकि हम उसे सुन सकें. सुनने पर यह पूरी तरह से साबित हो गया कि यह ध्वनि ठीक वही मंत्र है, जिसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व किया गया है और यह मंत्र है- ॐ जिसे लगातार सुनने पर एक विशेष प्रकार का कंपन महसूस होता है यानी नासा ने अब इस मान्यता की पुष्टि कर दी है कि मंत्रों का हमारे मन-मस्तिष्क पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है.
–    ओहायो यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक भी यह साबित हुआ है कि ध्यान यानी डीप मेडिटेशन से लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यही नहीं, जो लोग रोज़ाना ध्यान करते हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है, साथ ही मांसपेशियों के दर्द से भी राहत मिलती है.
–    शोधों में भी यह पाया गया कि कई मरीज़ों पर मंत्र के काफ़ी सकारात्मक नतीजे देखने को मिलते हैं. साउंड व मंत्रों पर किए गए रिसर्च से यह पता चलता है कि निश्‍चित साउंड फ्रिक्वेंसी हमारे माइंड को विशेष प्रकार की आरामदायक परिस्थिति में पहुंचा देती हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में अल्फा स्टेट कहा जाता है.
–    ध्वनि की शक्ति अपार है. ध्वनि से बड़ी-बड़ी इमारतें, पुल और यहां तक कि इंसान का तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम तक प्रभावित हो सकता है. जैसेकि राग दीपक के सही जाप से दीप जलाए जा सकते हैं, राग मल्हार से बारिश करवाई जा
सकती है.
–    आज विज्ञान की बदौलत हम सभी जानते हैं कि विशेष तरंगों को इंसानी कान नहीं सुन सकते, लेकिन सोनोग्राफी एवं अल्ट्रासाउंड के द्वारा आज हम विभिन्न प्रकार के असाध्य रोगों से निजात पा सकते हैं. कई प्रकार के प्रयोगों से पता चलता है कि एक विशेष प्रकार की ध्वनि सुनाने पर मुर्गियों ने अपने पंख गिरा दिए व पेड़-पौधे एवं फसलें सूख गईं.
–    शब्दों की ताक़त अपार है. अगर कुछ उत्साहवर्द्धक शब्द सैनिकों में नई जान डालकर एक हारे हुए युद्ध को जिता सकते हैं, तो कुछ अपशब्द बड़े से बड़े और गहरे रिश्ते-नाते तोड़ भी देते हैं.
धर्म या अंधविश्‍वास नहीं, ये है विज्ञान
–    अक्सर लोग आज भी इसी ग़लतफ़हमी में हैं कि मंत्रों का संबंध किसी विशेष धर्म से है, जबकि तमाम साइंटिफिक रिसर्च और शोधों से यह साफ़ हो चुका है कि मंत्रों का आधार विज्ञान है. धर्म से इनका कोई संबंध नहीं, इसीलिए हर धर्म व समुदाय के लोग इनका प्रयोग करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं.
–    मंत्र का यदि गूढ़ अर्थ जानें, तो मन का मतलब है- माइंड और त्र का अर्थ है तरंग या कंपन. मंत्रों के जप से जो कंपन होता है, वह न स़िर्फ हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करता है, बल्कि मंत्रोच्चारण के समय श्‍वास-प्रश्‍वास की क्रिया व रिदम हमारे ग्लांड्स पर असर डालते हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारी हेल्थ पर होता है.
–    मंत्र जप के व़क्त हम ध्यानावस्था में पहुंच जाते हैं और हमारा मस्तिष्क अल्फा स्टेट में, जिससे नर्वस सिस्टम बैलेंस होता है और तनाव दूर होता है.
–   मंत्रों के नियमित जप से इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि इनका प्रभाव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर इस तरह से होता है, जिससे हमारे
हार्मोंस प्रभावित होते हैं. सेरोटोनिन और डोपामाइन को हैप्पीनेस हार्मोंस कहा जाता है, मंत्रों के सकारात्मक प्रभाव से हैप्पी
हार्मोंस रिलीज़ होकर मस्तिष्क को सुखद अवस्था में पहुंचाते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, हमारे मूड से लेकर भूख और नींद तक से जुड़े मस्तिष्क के केंद्रों को यह प्रभावित करके हार्मोंस के स्तर को बैलेंस करते हैं, जिससे हमारी इम्यूनिटी बेहतर होती है.
हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने बताए मेडिटेशन के फ़ायदे
–    हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने अपने रिसर्च में पाया कि जो लोग नियमित रूप से ध्यान करते हैं, उनके ‘डिसीज़ फाइटिंग जींस’ यानी बीमारियों से लड़नेवाले जींस अधिक एक्टिव रहते हैं.
–    दरअसल, ध्यान की अवस्था में मस्तिष्क शांत हो जाता है और तनावरहित होने पर बीमारियों से लड़नेवाले हार्मोंस क्रियाशील होते हैं और बीमारी उत्पन्न करनेवाले हार्मोंस कम होते हैं.
–    शोधकर्ताओं के अनुसार मेडिटेशन का पूरा लाभ पाने के लिए ॐ का उच्चारण भी करना चाहिए.
ॐ के जप के फ़ायदे
–    शरीर के टॉक्सिन्स निकल जाते हैं.
–    वोकल कॉर्ड और गले की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है. ख़ासतौर से बढ़ती उम्र में यह और भी फ़ायदेमंद है.
–    ॐ के नियमित उच्चारण से जो कंपन पैदा होता है, उसका असर वोकल कॉर्ड और साइनस पर भी पड़ता है.
–   यह रक्तचाप व थायरॉइड को नियंत्रित करता है.
–    कुछ लोगों के निजी अनुभव तो यह भी कहते हैं कि ॐ के जप से उनका वज़न भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसके वाइब्रेशन्स पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं और बढ़ते वज़न को कम करते हैं.
‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट!
मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.
For Android– https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pioneer.mantra.firstscreentab&hl=en
For IOS– https://itunes.apple.com/us/app/vedic-healing-mantras/id1075803563?mt=8