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ब्यूटी प्रॉब्लम्स: मेरा चेहरा ज़्यादा मैच्योर लगने लगा है… (Beauty Problems: I Look Older Than My Age)

I Look Older Than My Age
मेरे बालों की चमक पूरी तरह से ख़त्म हो गई है. मैं अच्छे ब्रान्ड का शैंपू और कंडीशनर यूज़ करती हूं, लेकिन बालों में कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा. क्या करूं?

– रमा सिंह, पुणे.

कहीं आप बहुत ज़्यादा गर्म पानी से तो बाल नहीं धोती हैं? अगर ऐसा है, तो यही वजह है कि आपके बालों की चमक खो गई है. आप ठंडे पानी से बालों को धोना शुरू कर दीजिए, क्योंकि ठंडा पानी बालों के क्युटिकल लेयर को सील कर देता है और इससे कंडीशनर भी अच्छा रिज़ल्ट देते हैं.

मैं 28 साल की वर्किंग वुमन हूं. बिज़ी रूटीन की वजह से न तो मैं अपने लुक्स को बेहतर करने के लिए कुछ कर पाती हूं, न ही पार्लर जा पाती हूं. पिछले कुछ समय से मुझे लग रहा है कि मैं बहुत मैच्योर दिखने लगी हूं. ख़ासकर मेरा चेहरा ज़्यादा मैच्योर लगने लगा है. प्लीज़, मार्गदर्शन करें.

– विभा दोशी, सहारनपुर.

आप स्किन को 2-3 बार मॉइश्‍चराइज़ करने की कोशिश करें. जब ऑफिस जाने के लिए तैयार होती हैं, तभी स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करें और ऑफिस से आने के बाद भी मॉइश्‍चराइज़र अप्लाई करें. आप बाज़ार में उपलब्ध फेस पैक, ख़ासकर मड पैक बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें, इससे आपके चेहरे का नेचुरल मॉइश्‍चर ख़त्म हो जाएगा. उसकी जगह आप यह होममेड मास्क यूज़ करें- एक केले को मैश करके उसमें गुलाब की पत्तियां और थोड़ा-सा ऑरेंज जूस मिला लें. शाम को घर आकर रोज़ 10 मिनट तक इसे लगाएं.  यह त्वचा को पोषण देकर रिफ्रेश कर देगा. इस मास्क को ज़्यादा मात्रा में बनाकर फ्रिज में स्टोर भी कर सकती हैं.

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घबराएं नहीं, जानें क्यों बंद हुए 500 व 1000 के नोट (Do not Panic- 500 and 1000 notes were down, Learn why?)

Do not Panic

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सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने का फैसला किसी आनन-फानन योजना के तहत नहीं है. इसकी तैयारी तो कई महीने पहले से हो रही थी. सरकार के इस फैसले से आम जनता के बीच घबराहट-सी फैल गई है. अगर आप भी इस फैसले से घबरा गए हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं इससे जुड़ी कुछ अहम् बातें.

1- क्या है यह स्कीम?
सरकार ने 500 व 1000 के नोटों को 8 नवंबर 2016 की आधी रात से बंद कर दिया. अब किसी भी दुकान, हॉस्पिटल, शॉपिंग मॉल आदि जगहों पर आप इसे यूज़ नहीं कर सकते. यह पूरी तरह से बैन हो चुका है.

2- क्यों लॉन्च की यह स्कीम?
मार्केट में पड़े काले धन की बढ़ते ढेर को कम करने के लिए इस योजना को लागू किया गया है. इससे आम जनता को काफ़ी फ़ायदा मिलेगा.

3- क्या करें आप?
अगर आपने कल रात ही बैंक से अपनी सैलरी निकाली है और आपको 500 व हज़ार के नोट मिले हैं या घर पर पहले से कुछ पैसे रखें हैं, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है. बस आप अपने बैंक में इसे जमा करवा दें. आप पोस्ट ऑफिस में भी इन नोटों को जमा करके उसके बदले 100-100 के नोट ले सकते हैं.

4- कितने दिन का समय है?
पैनिक होने की ज़रूरत नहीं है. आपके पास अभी बहुत समय है. अपने पास पड़े पुराने नोटों को बैंक या पोस्ट ऑफिस में बदलने या जमा करने के लिए अभी आपके पास 50 दिन हैं.

5- क्या नोट जमा करने के बदले कम पैसे मिलेंग?
अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि आपको अपने पुराने नोट जमा करने के बदले में कम पैसा मिलेगा, तो बिल्कुल ग़लत सोच रहे हैं. ऐसा नहीं है. आपको आपके द्वारा दिए गए अमाउंट का पूरा मूल्य मिलेगा.

6- क्या एक-साथ पूरा कैश मिलेगा?
नहीं, एक दिन में पूरा कैश नहीं मिलेगा. एक दिन में केवल 4000 रुपए आपको मिलेंगे.

7- बैंक में अकाउंट नहीं है, तो?
वैसे तो आजकल सभी का बैंक अकाउंट होता है. कुछ लोग पोस्ट ऑफिस में पैसे जमा करते हैं, लेकिन किसी कारणवश अगर आपका बैंक/पोस्ट ऑफिस अकाउंट नहीं है, तो निराश मत होइए. ज़रूरी काग़ज़ात लेकर आप बैंक/पोस्ट ऑफिस जाएं और अपना खाता खुलवाएं. उसके बाद पुराने नोट जमा करवाएं.

8- क्या किसी भी बैंक में पुराने नोट जमा हो सकते हैं?
हां, आप किसी भी बैंक में जाकर पुराने नोटों को देकर उसके बदले पैसा ले सकते हैं.

9- क्या इसका असर इंटरनेट बैंकिंग पर भी है?
जी नहीं, आप किसी को भी इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं. कार्ड पेमेंट में भी कोई बदलाव नहीं है.

10- कैसे करें ज़रूरी चीज़ों का भुगतान?
ये सच है कि सरकार की ये योजना कुछ पल के लिए आपको मुसीबत भरी लगे, लेकिन आगे के लिए बड़ी फ़ायदेमंद है. अगर आपके पास अभी कैश नहीं है और आपको हॉस्पिटल, लैब आदि जगह भुगतान करना है, तो कार्ड से पे करें.

11- क्या है 72 घंटे की स्कीम?
शुरुआती 72 घंटों के लिए सरकारी कंपनियों के अधिकृत पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी स्टेशनों, दूध के बूथों, सरकारी को-ऑपरेटिव स्टोर्स पर पुराने नोट चलेंगे.

12- क्या चेक से पैसे निकाले जा सकेंगे?
हां, आप कैश निकाल सकते हैं. लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 10,000 और ओवर ऑल लिमिट 20,000 एक हफ़्ते में (एटीएम से भी इसी तरह निकाल सकते हैं) ये पहले दो हफ्तों तक है यानी 24 नवंबर 2016 तक लागू है.

13- क्या करें टूरिस्ट?
अगर आप भारत घूमने आए हैं और आपके पास बड़ी नोट है, तो चिंता की बात नहीं. एयरपोर्ट एक्सचेंज काउंटर से नोटों को बदल सकते हैं.

14- कहां करें संपर्क?
ज़्यादा जानकारी के लिए आप आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in पर जाएं. इन नंबर्स पर फोन करके भी आप अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं. ये इस प्रकार हैं- 022- 22602201/ 22602944

15- कब आएंगे नए नोट?
10 नवंबर से आएंगे नए नोट.

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मनी मैनेजमेंट से जुड़े सवाल-जवाब (Questions & answers related to money managment)

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आमतौर पर आप कोई प्रोफेशनल मनी मैनजर नहीं है. ऐसे में लाज़मी है कि फायनांस से जुड़े कई सवाल-जवाब आपके भीतर उठते होंगे. तो चलिए, हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब. हो सकता है कि इसमें से आपकी कोई परेशानी हल हो जाए.

मैं 32 वर्षीया वर्किंग वूमन हूं. मैं होम बजट प्लान तो करती हूं, पर प्लान को अमल में नहीं ला पाती. क्या वाक़ई होम बजट प्लानिंग की आवश्यकता होती है? अगर हां, तो बजट प्लान पर स्टिक (अडिग) रहने के लिए कुछ सुझाव दें.

– स्मृति पाठक

हां, बेहतर मनी मैनेजमेंट के लिए होम बजट प्लान करना बेहद ज़रूरी है. जहां तक बात प्लान पर स्टिक यानी अडिग न रह पाने की है तो ऐसा अनरियलिस्टिक प्लान (अव्यावहारिक योजना) बनाने के कारण होता है. अतः ज़रूरी है कि ऐसा प्लान बनाएं जो वास्तविक हो, अमल में लाने जैसा हो. सबसे अहम बात वीकली (साप्ताहिक) बजट प्लान करें.

  • बजट प्लानिंग के दौरान ख़र्च निर्धारित करते समय यह ध्यान दें कि कौन-से ख़र्च अनिवार्य हैं और कौन-से इच्छित?
  • ज़्यादातर अनिवार्य भुगतान पहले ह़फ़्ते में कर देना चाहिए. चौथे ह़फ़्ते कम से कम ख़र्च करें.
  • हर ह़फ़्ते के अंत में यह देखें कि अभी क्या-क्या करना है और उसके लिए आपके पास कितने पैसे बचे हैं? नए ह़फ़्ते की शुरुआत में पिछले ह़फ़्ते के छूटे हुए कामों को प्राथमिकता दें.
  • होम बजट परिवार की ज़रूरत और आय (इनकम) के अनुसार बनाएं.
  • बीच-बीच में बजट प्लान की समीक्षा करें. ज़रूरी हो तो बजट प्लान पर रीवर्क करें.

मैं 32 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. मैं और मेरे पति अपने पैसे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट तो करना चाहते हैं, लेकिन हमें मार्केट और उसके उतार-चढ़ाव के बारे में ़ज़्यादा जानकारी नहीं है. साथ ही हम अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई के साथ कोई रिस्क भी नहीं लेना चाहते. क्या शेयर मार्केट में निवेश करने का कोई सुरक्षित तरीक़ा है? कृपया गाइड करें.

– लीना शुक्ला, भिलाई

यदि शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहती हैं तो ये मान कर चलें कि थोड़ा रिस्क तो आपको लेना ही होगा. यहां आपका पैसा बैंक की एफ़डी की तरह पूरी सुरक्षा की गारंटी तो नहीं दे सकता, लेकिन कम समय में ही बैंक से अच्छे रिटर्न ज़रूर दे सकता है. यदि आपको शेयर मार्केट से संबंधित जानकारी नहीं है तो सीधे बाज़ार में निवेश करना ठीक नहीं होगा. फिर भी यदि आप बाज़ार में निवेश करना चाहती हैं तो, इसके लिए सबसे अच्छा विकल्प है म्युचुअल ़फंड. यदि मार्केट के बारे में ़ज़्यादा जानकारी न हो तो म्युचुअल ़फंड में निवेश करना बाज़ार में सीधे निवेश करने से बेहतर व अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है. इसमें निवेश करने पर आप पैसा ऐसी कंपनी को सौंप देती हैं, जिसके पास बाज़ार के बेहतरीन विशेषज्ञ और जानकार होते हैं. ये विशेषज्ञ आपके पैसों को ऐसी जगह निवेश करते हैं जहां निवेश की गई रकम बढ़ती रहे. फिर भी यह ध्यान रखें कि म्युचुअल ़फंड में निवेश भी बाज़ार के जोखिमों के अधीन ही होता है यानी मार्केट कंडीशन के हिसाब से इसमें भी रिस्क होता है. इनमें कई ऑप्शन्स भी होते हैं, जैसे- ओपन एंडेड या क्लोज़ एंडेड म्युचुअल ़फंड, डिविडेंड या ग्रोथ. इन सब के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और इसके बाद ही निवेश करें. साथ ही सारा पैसा किसी एक ़फंड में लगाने के बजाए अपने पोर्टफ़ोलियो को डाइवर्सिफ़ाई भी करें. कुछ पैसे लॉन्ग टर्म (लंबे समय) तो कुछ शॉर्ट टर्म (कम समय) के लिए इन्वेस्ट करें. इससे आप रिस्क को कवर सकती हैं. मार्केट का आकलन ख़ुद भी करती रहें और इस बात का निर्णय स्व-विवेक से लें कि कौन-से क्षेत्र में विकास हो रहा है. इससे आपको पता चलेगा कि म्युचुअल फंड में भी आपको कहां पैसे निवेश करने चाहिए?

मैं 57 वर्षीय डॉक्टर हूं. मैं पिछले 25 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहा हूं और अगले 5 वर्षों तक प्रैक्टिस करना चाहता हूं. मेरी बेटी विवाह योग्य है, पत्नी हाउस वाइफ़ है. इन सबको ध्यान में रखते हुए मुझे कहां-कहां इनवेस्ट करना चाहिए? कृपया, मार्गदर्शन करें.

– अनुराग कुमार, चेन्नई

आपने अपनी प्राथमिकताओं और बैक ग्राउंड के बारे में बताकर अच्छा किया, किंतु आपने अपने मौजूदा इनवेस्टमेंट पोर्टफ़ोलियो के बारे में नहीं बताया. फिर भी आपकी उम्र, प्राथमिकता और बैकग्राउंड को ध्यान में रखते हुए आपको नीचे बताए गए इनवेस्टमेंट्स ज़रूर करने चाहिए.

– आप ख़ुद के और अपनी पत्नी के लिए लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी ज़रूर ले लें.
– मेडिकल एमर्जन्सीज़ के लिए मेडिक्लेम प्लान का होना आवश्यक है.
– बेटी की शादी को ध्यान में रखते हुए कुछ लिक्विड इनवेेस्टमेंट ज़रूर करें.
– चूंकि आप 5 वर्ष के बाद रिटायर होना चाहते हैं, अतः ऐसी ग्रोथ स्कीम्स में निवेश करें, जिनका मैच्योरिटी पीरियड 5 वर्ष हो. ऐसा करने से आपके पास रिटायरमेंट के बाद एक अच्छी-ख़ासी रकम होगी.
– म्यूचुअल फंड्स और ब्ल्यू चिप सिक्योरिटीज़ में इनवेस्ट करें, क्योंकि इनमें रिटर्न अच्छा मिलता है. साथ ही ये लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के अच्छे विकल्प साबित होते हैं.

मैं इसी साल एक मल्टी-नेशनल कंपनी से रिटायर हुआ हूं. मुंबई की प्राइम लोकेशन में मेरा एक ़फ़्लैट है. रिटायरमेंट के बाद मुझे मेरे ड्यूज़ के रूप में कुछ पैसे भी मिले हैं. मेरे तीन बेटे हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है. उन्हें यह घर छोटा लगता है और वे चाहते हैं कि मैं यह घर बेच कर व रिटायरमेंट के बाद मिली राशि को मिला कर दूसरा फ़्लैट ख़रीदूं. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या किया जाए. क्या इस  फ़्लैट को बेचना सही निर्णय होगा? गाइड करें.

-अमित कुमार, मुंबई

सबसे पहली बात तो यह है कि आपका ़फ़्लैट और रिटायरमेंट मनी आपकी पर्सनल संपत्ति है और इसे किस तरह इस्तेमाल किया जाए, इसका निर्णय लेने का अधिकार स़िर्फ और स़िर्फ आपको ही है. यदि रिटायरमेंट के बाद आप इस प्राइम लोकेशन पर रहना चाहते हैं तो बेशक़ रहें, लेकिन यदि शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं तो इसे बेच कर उपनगरीय क्षेत्र में ़फ़्लैट ख़रीदा जा सकता है. अपनी इस प्रॉपर्टी को बेचने से पहले पूरी तहक़ीक़ात करें, ताकि आपको इसका सही दाम मिल सके. ़फ़्लैट को बेचने के बाद मिले पैसों से सबसे पहले अपने रहने के लिए एक ़फ़्लैट ख़रीदें. उसकी मेंटेनेंस में लगने वाली राशि बैंक में जमा करा दें. इसके बाद अपने जीवनयापन के लिए लगने वाली राशि को भी अलग निकाल लें. फिर यदि पैसे बचें तो इससे अपने दोनों पुत्रों को उनका घर ख़रीदने में मदद करें.

मैं 35 वर्षीया वकिर्र्ंग वुमन हूं. मैं अपने बेटे और बेटी की शिक्षा के लिए इन्वेस्ट करना चाहती हूं. कृपया बताएं कि बच्चों की शिक्षा के लिए इन्वेस्ट करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

– अनुपमा गुप्ता, मेरठ

बच्चों की शिक्षा के लिए इन्वेस्टमेंट एक मॉडर्न कॉन्सेप्ट है. आजकल लगभग सभी पैरेंट्स इस कॉन्सेप्ट को फ़ॉलो करते हैं. आप अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए इन्वेस्ट करना चाहती हैं यह अच्छी बात है, पर आपने अपने बच्चों की उम्र, उनकी रुचि का क्षेत्र, ़फैमिली इनकम जैसी महत्वपूर्ण बातों के बारे में नहीं बताया. फिर भी बच्चों की शिक्षा के लिए इन्वेस्ट करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए,

  • बच्चे की उम्र.
  • माता-पिता की उम्र.
  • बच्चा किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है या पैरेंट्स उसे किस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं.
  • पैरेंट्स की आय और उनके रिटायरमेंट की संभावित उम्र.
  • कोई पुश्तैनी संपत्ति जो बच्चे को मिलने वाली हो.
  • परिवार का मौजूदा इन्वेस्टमेंट स्टेटस यानी परिवार द्वारा किए गए निवेश की जानकारी.
    एक बार ये सारी बातें आप पेपर पर लिख लेंगी तो आपको इस बात का अंदाज़ा हो जाएगा कि बच्चों की शिक्षा के लिए कितने पैसों की ज़रूरत होगी. उस ज़रूरत को पूरा कर पाने में आप कितनी सक्षम हैं. यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद किसी फ़ायनेंशियल प्लानर या एक्सपर्ट से मिलें और उसकी सलाह से सही जगह निवेश करें, ताकि बच्चे की शिक्षा के साथ समझौता न करना पड़े.
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करियर से जुड़े सवाल-जवाब

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क्या आप भी अपने करियर को लेकर बहुत परेशान हैं? कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि किस क्षेत्र में आगे बढ़ें कि लाइफ सेट हो जाए? तो चलिए हम आपके ऐसे बहुत से सवालों का जवाब मिनटों में देते हैं. आपकी उलझन को सुलझाने के लिए हमने बात की करियर काउंसलर मालिनी शाह से.

मैं अभी बारहवीं में हूं. मुझे होम साइंस पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन मेरी सहेलियां कहती हैं कि इसमें बहुत ज़्यादा स्कोप नहीं है. घर वाले भी डांटते हैं. कहते हैं, यही बचा है करियर बनाने के लिए? कृपया, बताएं मैं क्या करूं?

                                                                                     – सिंधु उपाध्याय, गया

होम साइंस बहुत अच्छा विषय है और इसमें स्कोप भी बहुत है, इसलिए पहले तो आप अपनी सहेलियों की बात सुनना बंद कर दीजिए, नहीं तो वो आपको आपके लक्ष्य से भटकाएंगी. आज के ज़माने में होम साइंस का स्कोप बहुत बढ़ा है. मॉडर्न हाउस कीपिंग के लिए होम साइंस आज की महिलाओं के लिए अच्छा विषय है. होम साइंस से आप आगे 5 स्ट्रीम में अपना करियर बना सकती हैंः

– फूड एंड न्यूट्रिशन

– रिसोर्स मैनेजमेंट

– ह्यूमन डेवेलपमेंट

– फैब्रिक एंड अपैरल साइंस

– कम्युनिकेशन एंड एक्सटेंशन

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए भी बहुत अवसर हैं. आप इन जगहों पर काम करके अपना भविष्य सुरक्षित कर सकती हैंः

– प्रोडक्शन इंडस्ट्री

– टूरिज़्म एंड सर्विस इंडस्ट्री

– रिसर्च एंड टेक्निकल जॉब

– सेल्स, टेक्निकल आदि.

होम साइंस की पढ़ाई के लिए आप इन संस्थान का रुख़ कर सकती हैंः

– लेडी इर्विन कॉलेज, नई दिल्ली.

– आई सी कॉलेज ऑफ होम साइंस, हिसार.

– हलीना स्कूल ऑफ होम साइंस, इलाहाबाद.

– एम एस यूनिवर्सिटी ऑफ बरोडा, वड़ोदरा.

– कॉलेज ऑफ होम साइंस, जोरहट, असम.

मैं अभी बारहवीं में पढ़ती हूं और आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हूं. मेकैनिकल इंजीनियरिंग करना चाहती हूं, लेकिन पापा कहते हैं कि इसमें लड़कियों के लिए बहुत ज़्यादा स्कोप नहीं है. कृपया, बताएं कि मैं अपने करियर को कैसे आगे बढ़ाऊं?

                                                                                  – ख़ुशबू चावला, हरिद्वार

ये तो बहुत अच्छी बात है कि आप इंजीनियर बनना चाहती हैं. मेकैनिकल इंजीनियरिंग सबसे पुराने इंजीनियरिंग में से एक है. इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सबसे ज़रूरी बात है कि आपको इसके बारे में पहले से पता होना चाहिए. ये थोड़ा अलग है. ऐसा नहीं है कि इसमें लड़कियों के लिए कम स्कोप है, लेकिन ये भी सच है कि इसमें लड़कियां कम आती हैं. आप अपनी इच्छानुसार किसी भी क्षेत्र में करियर बना सकती हैं, इसलिए बेफिक्र होकर आप अपनी आगे की पढ़ाई के लिए तैयार हो जाएं. मेकैनिकल इंजीनियर बनने के लिए आप डिप्लोमा या डिग्री कोर्स कर सकती हैं. इसके अलावा आप निम्न क्षेत्र में भी करियर बना सकती हैंः

– इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

– बायोटेक्नोलॉजी

– फूड टेक्नोलॉजी

– टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग

– केमिकल इंजीनियरिंग

मुझे कंप्यूटर के बारे में जानना और पढ़ना अच्छा लगता है. मैं आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता हूं, लेकिन मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. मैंने इसी साल अपना ग्रैज्युएशन किया है. मैं आर्ट्स का छात्र हूं. क्या किसी सरकारी संस्थान से मैं अपनी पढ़ाई कर सकता हूं, जहां फीस कम लगे?

                                                                                   – राहुल गुप्ता, धनबाद

आप जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उसकी ज़रूरत हर फील्ड में पड़ती है. कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की उपयोगिता आज हर क्षेत्र में है. बिना इसके कोई काम पूरा नहीं होता, इसलिए आपने इस फील्ड में करियर बनाने का जो निर्णय लिया है, वो बिल्कुल सही है. ग्रैज्युएशन के बाद ऑल इंडिया कंप्यूटर साक्षरता मिशन के तहत आप अपनी पढ़ाई कर सकते हैं. इसके लिए आप http://aicsn.com पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं. आप निम्न कोेर्स कर सकते हैंः

– सर्टिफिकेट इन माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस

– सर्टिफिकेट इन डीटीपी

– सर्टिफिकेट इन टैली

– डिप्लोमा इन डीटीपी एंड टैली

– कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट

– डिप्लोमा इन प्रोग्रामिंग एंड वेब डिज़ाइनिंग

– डिप्लोमा इन ऑफिस ऑटोमेशन एंड मैनेजमेंट

– डिप्लोमा इन कंप्यूटर प्रोफेशनल अकाउंटेंट

– डिप्लोमा इन कंप्यूटर ऑफिस मैनेजमेंट

– एडवांस डिप्लोमा इन फायनांस एंड अकाउंट्स आदि.

मैंने इसी साल ग्रैज्युएशन फाइनल ईयर का एग्ज़ाम दिया है. आगे की पढ़ाई को लेकर मैं बहुत कन्फ्यूज़ हूं. समझ नहीं आ रहा है कि कौन-सा कोर्स आगे मेरे लिए फ़ायदेमंद होगा. मैं जल्दी से कोई नौकरी करके अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती हूं. कृपया, मुझे बताएं कि मैं क्या कर सकती हूं?

                                                                                          – ज्योति, लखनऊ

परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाने की आपकी सोच बहुत अच्छी है. ग्रैज्युएशन के बाद आप पार्ट टाइम जॉब कर सकती हैं. इस तरह आप अपनी फैमिली को सपोर्ट करने के साथ ही शॉर्ट टाइम कोर्स करते हुए अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सकती हैं. पार्ट टाइम जॉब के साथ आप करस्पॉन्डेंस कोर्स कर सकती हैं. ट्रैवल एंड टूरिज़्म, अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एज्युकेशन, न्यूट्रिशन, नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेशन में आप करियर बना सकती हैं. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से आप निम्न कोर्स कर सकती हैं:

– डिप्लोमा इन अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एज्युकेशन

– डिप्लोमा इन मैनेजमेंट

– डिप्लोमा इन नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेशन

– डिप्लोमा इन न्यूट्रिशन एंड हेल्थ एज्युकेशन

– डिप्लोमा इन टूरिज़्म स्टडीज़

– सर्टिफिकेट इन विज़ुअल आर्ट्स

– डिप्लोमा इन वैल्यू ऐडेड प्रॉडक्ट्स फ्रॉम फ्रूट्स एंड वेजीटेबल

करियर बनाने के लिए पैरेंट्स और अपनों की राय लेना बहुत ज़रूरी है, लेकिन उनकी राय को ही अंतिम ़फैसला बनाकर उसी राह पर बिना अपनी मर्ज़ी के आगे बढ़ना आपके लिए कभी भी फ़ायदेमंद नहीं रहेगा. दसवीं, बारहवीं और ग्रैज्युएशन के बाद करियर को लेकर कन्फ्यूज़ होना लाज़मी है, लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी क्षमता को भूलकर स़िर्फ पैरेंट्स के सपनों को साकार करने निकल पड़ें. आप किस विषय में कितने अच्छे हैं और कौन-सा विषय हमेशा आपके लिए सिरदर्द बना रहता है, ये आपसे बेहतर और कोई नहीं जान सकता. अतः ख़ुद को थोड़ा समय दें और अपने बारे में सोचें. अपने करियर के बारे में सोचें. आपके वर्तमान पर ही आपका भविष्य टिका होता है, इसलिए कभी किसी के दवाब में फैसला न लें.