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Benefits Of Cooking

कुकिंग थेरेपी: हेल्दी रहने का बेस्ट फॉर्मूला (Cooking Therapy: Benefits Of Cooking)

खाना बनाना और उसे दूसरों को खिलाना कई लोगों के शौक में शुमार होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि खाना बनाने का यह शौक आपको हेल्दी भी रखता है, इसीलिए इसे कुकिंग थेरेपी का नाम दिया गया है. साइंटिस्ट्स अब यह दावे के साथ कहते हैं कि कुकिंग दरअसल एक थेरेपी है, जो आपको हेल्दी रखती है और आपके रिश्तों को भी बेहतर बनाती है.

साइंस के अनुसार कुकिंग दरअसल मेडिटेशन सेशन की तरह है: क्या कभी आपने इस ओर ध्यान दिया है कि स्ट्रेस से भरा दिन और आपकी थकान घर पर आने के बाद कुछ अच्छा पकाने की सोच मात्र से ही कम हो जाती है. बहुत बार ऐसा होता है कि आप कुछ स्वादिष्ट या अपना मनपसंद खाना बनाने की तैयारी करने की सोचते हैं और उसे बनाने के बाद जो संतुष्टि आपको मिलती है, उससे आपके दिनभर की थकान व तनाव दूर होता है. आप भले ही नियमित रूप से खाना न भी बनाते हों, लेकिन यदि आप ऐसा करते हैं, तो पाएंगे कि कुकिंग सेशन एक तरह से आपके लिए मेडिटेशन का काम करता है.

थेरेपिस्ट कुकिंग को मानसिक समस्याओं के इलाज के लिए प्रयोग में लाते हैं: डिप्रेशन, घबराहट, तनाव आदि के इलाज में अब बहुत-से सायकोलॉजिस्ट व थेरेपिस्ट कुकिंग कोर्सेस को थेरेपी की तरह यूज़ करने लगे हैं, क्योंकि जो व़क्त आप कुकिंग में लगाते हो, उससे आपका ध्यान नकारात्मक स्थितियों व बातों से हट जाता है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं.

क्रिएटिव बनाती है आपको कुकिंग: एक्सपर्ट्स ने अपने शोधों में यह भी पाया है कि कुकिंग आपको क्रिएटिव बनाती है, क्योंकि आप अपने अनुसार रेसिपी को बनाने के नए-नए तरी़के सोचते हो, नया स्वाद क्रिएट करने की कोशिश करते हो, जिससे आपकी भी क्रिएटिविटी बढ़ती है. दूसरे, कुकिंग आपको पूरे माहौल में कंट्रोल का अनुभव महसूस कराती है. आपको लगता है कि अब आप अपने अनुसार स्वाद में बदलाव ला सकते हो और जब आपको तारी़फें मिलती हैं, तो आप पॉज़िटिव महसूस करते हो.

कुकिंग और मेंटल हेल्थ का सबसे बड़ा कनेक्शन है न्यूट्रिशन: जब आप कुकिंग करते हो, तो आप अपने पोषण, डायट व हेल्थ के प्रति अपने आप ही सचेत हो जाते हो. आपके हाथ में होता है कि कितना ऑयल डालना है, कितना नमक, कितने मसाले और आपका ब्रेन यही सोचने लगता है कि किस तरह से अपनी डिश को आप और हेल्दी बना सकते हो. इससे आपको संतुष्टि महसूस होती है कि आपका खाना हेल्दी है, क्योंकि आप अपने खाने की क्वालिटी को कंट्रोल करते हो.

कुकिंग जो ख़ुशी देती है, वो घर के अन्य काम नहीं देते: एक्सपर्ट्स कहते हैं कि भले ही आप कुकिंग का शौक न रखते हों, लेकिन आप जब कुकिंग करते हैं, तो यह फ़र्क़ ज़रूर महसूस करते हैं कि खाना बनाने से जो ख़ुशी व संतुष्टि का अनुभव होता है, वह बिस्तर ठीक करने, कपड़े धोने या अन्य कामों से नहीं होता. इसके पीछे की वजह यह है कि कुकिंग अपने आप में रिवॉर्डिंग एक्सपीरियंस होता है, क्योंकि कहीं-न-कहीं सबकॉन्शियस माइंड में भी यह बात रहती है कि खाना बनाने के बाद आपको इसका स्वाद भी मिलेगा. खाना बनाने के दौरान जो ख़ुशबू आती है, उसे बनता देखने का जो अनुभव होता है और यहां तक कि फल व सब्ज़ियों को काटने-छीलने के दौरान उनके रंग व आकार हमें आकर्षित करते हैं, वो मस्तिष्क में पॉज़िटिव वाइब्रेशन्स पैदा करते हैं.

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पार्टनर के साथ कुकिंग आपके रिश्ते को भी बेहतर बनाती है: जब आप साथ में खाना बनाते हो या फिर घर के कोई भी सदस्य मिल-जुलकर खाना बनाने में हाथ बंटाते हैं, तो अपने आप उनके मतभेद कम होने लगते हैं. वो नकारात्मक बातों को एक तरफ़ रखकर खाना बेहतर बनाने व उसे परोसने की तरफ़ ध्यान देने लगते हैं. ऐसे में यदि आप अपने पार्टनर के साथ किचन में काम करेंगे, तो आपके रिश्ते भी बेहतर बनेंगे. आप एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिता पाओगे, जिससे कम्यूनिकेशन बेहतर होगा. यदि खाने में आप दोनों की पसंद-नापसंद एक नहीं है, तब भी आपके विवाद को कम करने में कुकिंग एक थेरेपी की तरह काम करेगी, क्योंकि वहां आप एक-दूसरे के बारे में सोचोगे कि चलो आज तुम्हारी पसंद का खाना बनाते हैं या फिर आज तुम्हारी फेवरेट डिश तैयार करते हैं, पर कल तुम मेरी फेवरेट डिश बनाने में मेरी मदद करोगे… आदि.

कुकिंग से बढ़ते व बेहतर होते हैं आपके कनेक्शन्स: आपके जन्मदिन पर आपके पड़ोस में रहनेवाली दोस्त आपके लिए गिफ्ट लाती है और दूसरी ओर आपकी सास आपके लिए अपने हाथों से आपका मनपसंद खाना बनाती है, तो ज़ाहिर है आपके मन को सास का खाना बनाना ज़्यादा छुएगा, क्योंकि उन्होंने आपके बारे में सोचा और ख़ुद मेहनत करके आपके लिए खाना तैयार किया. इसी तरह आप देखेंगी कि अपनी बेस्ट फ्रेंड को यदि आप अपने हाथों से कुछ बनाकर देती हैं, तो उसकी ख़ुशी दोगुनी हो जाती है. इस तरह से कुकिंग आपके कनेक्शन्स को बेहतर बनाती है. इसलिए कुक करें और कनेक्टेड रहें.

मस्तिष्क को शांत करती है कुकिंग: साइंटिस्ट्स कहते हैं कि कुकिंग के समय आपको कभी भी अकेलापन महसूस नहीं होगा. उस व़क्त आपकी चिंताएं दूर हो जाती हैं और आपका मस्तिष्क शांति का अनुभव करता है, क्योंकि आपका पूरा ध्यान अपने टास्क पर लग जाता है, जिससे कई तरह की चिंताएं व दबाव की तरफ़ ध्यान नहीं जाता और आप बेहतर महसूस करते हैं. यही नहीं कुकिंग की प्रैक्टिस आपके शरीर को भी रिलैक्स करती है. कुकिंग के समय आप फ्लो में आ जाते हो, जिससे व्यर्थ के डर, चिंताओं व तनाव से उपजा दर्द, शरीर की ऐंठन व थकान भी दूर हो जाती है.

दूसरों के लिए कुछ करने का अनुभव बेहतर महसूस कराता है: ज़ाहिर-सी बात है कि आप खाना अपने लिए नहीं बनाते, बल्कि पूरे परिवार के लिए बनाते हैं. ऐसे में उनकी पसंद-नापसंद को ध्यान में रखकर उनके लिए कुछ अच्छा करने का अनुभव आपको कुकिंग से मिलता है. कुकिंग के ज़रिए आप अपनी भावनाएं व केयर भी सामनेवाले को ज़ाहिर कर सकते हैं. यह एक तरह से मूक प्रदर्शन है प्यार व देखभाल का.

भावनाओं का प्रभाव भी होता है कुकिंग में: आप जिस भाव से खाना बनाते हैं, उसका असर आपके खाने में नज़र आता है. लेकिन खाना बनाते समय हर कोई यही चाहता है कि उसके खाने को तारीफ़ ज़रूर मिले, इसलिए जब आप बच्चों के लिए कुछ ख़ास बनाते हो, तो उनके स्वाद व पोषण का ध्यान रखते हो, लेकिन जब आप बुज़ुर्गों के लिए कुछ बनाते हो, तो स्वाद के अलावा उनकी उम्र व सेहत का भी ख़्याल रखते हो. उन्हें क्या नहीं खाना चाहिए, इस तरफ़ भी आपका पूरा ध्यान रहता है.

कुकिंग से आप पैसे भी बचाते हो: होटल या बाहर से कुछ अनहेल्दी मंगाकर खाना आपको वो संतुष्टि नहीं देगा, जो अपने हाथों से कुछ हेल्दी बनाकर खाना देता है और इसके साथ ही आप अपने पैसे भी बचाते हो. हेल्थ और वेल्थ साथ-साथ सेव होने का एहसास आपके रिश्तों को भी बेहतर बनाता है और आपकी सेहत को भी.

– गीता शर्मा

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फ़ैशन की दुनिया में अगर आप चमकना चाहते हैं तो नेल आर्ट आपके लिए एक अच्छा करियर हो सकता है. आज के दौर में फ़ैशन के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और झुकाव के कारण नेल आर्ट एक अच्छा करियर ऑप्शन साबित हो सकता है. अगर आप सेलिब्रेटिज़ के बीच रहना चाहतें हैं, तो बिना किसी दबाव और झिझक के ये करियर चुन सकते हैं.

क्या है नेल आर्ट ?
तरह-तरह के नेल पेंट लगाना और उस पर अलग तरह की डिज़ाइन करना ही नेल आर्ट है. सितारों से लेकर आम लोगों तक नेल आर्ट का क्रेज़ देखा जा सकता है. आज मार्केट में थ्री डी के अलावा और कई तरह के नेल आर्ट की डिमांड है.
शैक्षणिक योग्यता
नेल आर्ट सीखने के लिए किसी भी तरह की पढ़ाई की ज़रूरत नहीं. स़िर्फ लगन और इसके प्रति झुकाव ही ज़रूरी होता है.

संस्थान
नेल आर्ट को सीखने की सबसे बेहतरीन जगह सलून और ब्यूटी पार्लर है. इसमें थीअरी की बजाय प्रैक्टिकल नॉलेज ज़्यादा फ़ायदेमंद है.

क्या सीखें?
नेल आर्ट को करियर बनानेे के लिए बहुत ज़रूरी है कि आपको इन चीज़ों में महारत हासिल हो.

  1. मेनीक्योर्स एंड पेडीक्योर्स.
  2. पराफ़िन ट्रीटमेंट्स.
  3. नेचुरल नेल ऐप्लीकेशन.
  4. जेल्स, रैप्स एंड एक्रिलिक ऐप्लीकेशंस.
  5. क्रिएटिव नेल आर्ट.

रोज़गार की संभावनाएं

  • नेल आर्ट को आप पार्ट टाइम की तरह ले सकती हैं.
  • बड़े सलून और ब्यूटी पार्लर में अच्छा स्कोप होता है.
  • पॉप्युलर होने के बाद आप ख़ुद का बिज़नेस शुरू कर सकती हैं.
  • स्पेशल ओकेज़न पर नेल आर्टिस्ट की काफ़ी पूछ होती है.
  • होटल्स, रिसॉर्ट और क्लब में भी नेल आर्टिस्ट की ज़रूरत होती है.
  • बड़े-बड़े मॉल्स में भी आप अपनी पकड़ मज़बूत कर सकती हैं.

फैशन में दिलचस्पी रखने वालों के लिए नेल आर्ट एक बेहतरीन करियर ऑप्शन है. नेल टेक्निशियन की डिमांड दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. हर वर्ग के लोगों में इसका क्रेज़ देखने को मिलता है. ग्रैजुएशन करने के बाद लड़कियां नेल आर्ट सीख रही हैं. दूसरे जॉब की अपेक्षा इसमें सैलरी भी अच्छी मिलती है. जो आसानी से युवाओं को अपनी ओर खींचने में क़ामयाब होती है. इस क्षेत्र की सबसे ख़ास बात ज़्यादा और रेग्युलर क्लाइंट बनाने की होती है. 450 से 1250 तक एक क्लाइंट का कम से कम आप कमा सकते हैं.
नादिया हयात, नेल स्टाइलिस्ट

– श्वेता सिंह 

परिवार चलाना जितना आसान नज़र आता है, उतना होता नहीं है और आज के दौर में, जब महिलाएं बाहर भी काम करती हैं, तो यह किसी चुनौती से कम नहीं. दरअसल, फैमिली मैनेजमेंट (Art of family management) भी एक कला है, जिसे आप जितना जल्दी समझ लेंगी, उतना ही आपके लिए आसान होगा.

Art of family management

फैमिली मैनेजमेंट के अंतर्गत क्या आता है: (Art of family management)

– फैमिली मेंबर्स को क़रीब लाना.
– आपसी सामंजस्य बैठाना.
– काम की सही प्लानिंग और स्ट्रेस कम करना.
– टाइम मैनेजमेंट.
– बजट प्लानिंग.
– बच्चों की सही परवरिश व उनके विकास की बेहतर संभावनाएं पैदा करना.
– अपनी व अन्य सदस्यों की सेहत पर नज़र रखना.

फैमिली मैनेजमेंट के बेसिक आइडियाज़ (Art of family management)

कम्यूनिकेशन: परिवार से संबंधित हर विषय पर हर सदस्य से बात ज़रूर करें, यहां तक कि बच्चों से भी. इससे आपको उनकी परेशानियों व उम्मीदों के बारे में ठीक से पता चल सकेगा और आप अपनी बात भी उनको बेहतर तरी़के से समझा सकेंगी.
अटेंशन और टाइम: परिवार को समय और अटेंशन देना सबसे ज़रूरी है. इससे उन्हें यह महसूस होगा कि वो आपकी ज़िंदगी का अहम् हिस्सा हैं. उन्हें प्रोत्साहित करना, बात करना और उनकी बात सुनना बेहद ज़रूरी है.

रूटीन और टाइमटेबल: टाइमटेबल बनाकर एक रूटीन सेट करने से काम आसान हो जाता है. न स़िर्फ आपके लिए, बल्कि घर के अन्य सदस्यों के लिए भी. उन्हें पता होता है कि किस समय पर क्या करना है और किस काम को कितना समय देना है. बच्चों से लेकर सभी सदस्यों के सोने, उठने, खाना खाने आदि का समय फिक्स कर दें, इससे सभी का स्ट्रेस कम होगा और काम आसान होगा.

काम व ज़िम्मेदारियों का बंटवारा: काम का बंटवारा करने से आपका भी काम हल्का हो जाएगा और सभी को अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास भी होगा. यहां तक कि बच्चों को भी इसमें शामिल करें. यह ज़रूर ध्यान रहे कि सभी को उनकी क्षमता व पसंद-नापसंद के अनुसार ही काम दें.

सोशल गैदरिंग, गेट-टुगेदर: भले ही आप सब साथ में रहते हों, लेकिन रूटीन लाइफ में बहुत कुछ खो जाता है. कभी-कभार पार्टी या कोई फंक्शन या फिर यूं ही गेट-टुगेदर करें, जिससे आप सब एक साथ एंजॉय कर सकें और हल्के-फुल्के लम्हों को जी सकें.

प्रॉब्लम एरिया को समझें: किस चीज़ को लेकर आजकल आप अधिक परेशान हैं, उस पर विचार करें- चाहे फाइनेंस हो या कोई घर की ज़िम्मेदारी. आपस में बात करें और मिलकर समाधान निकालें. सभी की राय लें, इससे हर चीज़ अच्छे से मैनेज होगी और स्ट्रेस भी कम होगा.

Art of family management

स्मार्ट टिप्स
  • बजट प्लान करें. अपने परिवार की फाइनेंशियल ज़रूरतों पर चर्चा करके सेविंग्स और ख़र्च का बजट तैयार करें.
  • किचन मैनेज करें. हेल्दी स्नैक्स स्टोर करें और हफ़्ते भर का मील भी संडे को ही प्लान कर लें.
  • घर की क्लीनिंग के लिए भी दिन व ड्यूटी तय करें.
  • अगर आप वर्किंग हैं, तो फैमिली और वर्क लाइफ में बैलेंस रखना ज़रूरी है.
  • अपनी क्षमताओं और अपेक्षाओं के प्रति सतर्क रहें. ऐसी अपेक्षाएं न पालें, जिन्हें पूरा करना आपके बस में नहीं या फिर जिसके लिए आपको बहुत कुछ दांव पर लगाना हो.
  • परिवार की भी इतनी उम्मीदें न बढ़ा दें, जिन्हें आप हमेशा पूरा न कर सकें, वरना बाद में आप पर ही बोझ बढ़ेगा.
  • फैमिली मैनेज करना स़िर्फ आपकी अकेली की ज़िम्मेदारी नहीं है, यह बात बाकी के सदस्यों तक सही तरी़के से पहुंचानी ज़रूरी है.
  • सभी अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे, तो फैमिली मैनेज करना भी आसान होगा.
  • लिस्ट, डायरी या एक कैलेंडर तैयार करें, जिसमें सभी काम का बंटवारा, प्राथमिकताएं, इमर्जेंसी फंड, बजट, शॉपिंग, फ्री टाइम, हॉलीडे प्लान आदि लिखें. इससे आपका काम बहुत आसान होगा और आप कुछ भूलेंगी भी नहीं.
  • सबकी एनीवर्सरी, डेट ऑफ बर्थ और स्पेशल ओकेज़न डायरी में नोट करके रखें, फोन पर रिमाइंडर भी लगा सकती हैं, इससे आप उनके लिए सरप्राइज़ प्लान कर सकती हैं.
  • आपका थोड़ा-सा एक्स्ट्रा एफर्ट और थोड़ी-सी एक्स्ट्रा केयर घरवालों को न स़िर्फ ख़ुशी देगी, बल्कि आप सबको और क़रीब लाएगी.
  • घर में अगर कोई बीमार है या कोई अन्य रिश्तेदार बीमार है, तो उनका हालचाल जानने के लिए भी व़क्त ज़रूर निकालें.
  • दूर रहनेवाले रिश्तेदारों से हफ़्ते या पंद्रह दिन में एक बार बात करने के लिए टाइम व दिन फिक्स कर लें.
  • हो सके तो उनके भी बर्थ डे और एनीवर्सरीज़ लिख कर रखें और समय पर विश करें. ये छोटी-छोटी बातें ब़ड़ी मायने रखती हैं.
–  मनजीत

 

 

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