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ब्यूटी प्रॉब्लमः घर पर कैसे करें ब्लीच?(Beauty Problems: How To apply Bleach At Home)

How To apply Bleach At Home

पार्लर में ब्लीच कराने में बहुत पैसे ख़र्च हो जाते हैं. कृपया मुझे घर पर ब्लीच करने का तरीक़ा बताएं.
नेहा अग्रवाल, जयपुर

How To apply Bleach At Home

आप घर पर आराम से ब्लीच कर सकती हैं. ब्लीच करने से न सिर्फ चेहरा सुंदर दिखता है, बल्कि दाग़-धब्बे भी हल्के हो जाते है और मिनटों में चेहरे पर चमक आ जाती है. यदि आप पैसे और समय बचाना चाहती  हैं तो घर पर ब्लीच कर सकती हैं. इसके लिए निम्न स्टेप्स का पालन करें.

स्टेप 1
सबसे पहले बालों को पीछे अच्छी तरह बांध लें. रबड़ बैंड या क्लचर से आप बालों को पीछे बांध सकती हैं. एक भी बाल चेहरे पर नहीं आना चाहिए, नहीं तो वो ब्लीच हो जाएगा.
स्टेप 2
ब्लीचिंग करके से पहले चेहरे की सफ़ाई करना बहुत ज़रूरी है. इसके लिए चेहरे पर क्लींज़िंग मिल्क लगाकर थोड़ी देर सर्कुलर मोशन में मसाज करें. फिर कॉटन बॉल से चेहरा पोंछ लें. चेहरे की धूल-मिट्टी साफ़ हो जाएगी.
स्टेप 3
अब एक बाउल में 1 चम्मच ब्लीच और एक चौथाई एक्टीवेटर पाउडर मिलाएं. कभी-कभी ब्लीच में ही एक्टीवेटर पाउडर मिला होता है.
स्टेप 4
ब्लीच को ब्रश या उंगली की सहायता से अच्छी तरह मिलाएं.
स्टेप 5
अब ब्रश या उंगली की मदद से चेहरे, गले और गले के थोड़ा नीचे ब्लीच लगाएं.
स्टेप 6
आंखों पर कॉटन बॉल्स रखकर ऊपर से थोड़ा-सा गुलाबजल डालें.
स्टेप 7
15 मिनट तक आंखों को बंद करके रिलैक्स करें. आप चाहें तो इस दौरान अपनी पसंद का म्यूज़िक सुन सकती हैं.
स्टेप 8
अब एक बाउल में पानी लें और कॉटन को पानी में डुबोकर चेहरे से ब्लीच को अच्छी तरह साफ़ कर लें.
स्टेप 9
फिर चेहरे पर पानी स्प्रे करें और साफ़ कपड़े से पोछें.
स्टेप 10
अब चेहरे पर फ्रूट फेस पैक लगाएं और 10 मिनट बाद चेहरा धो लें. फेस पैक के अलावा आप क्रीम से भी चेहरे का मसाज कर सकती हैं.

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ध्यान रखें
. त्वचा में जलन होने पर ब्लीच के मिश्रण में क्रीम की मात्रा बढ़ाएं. बहुत ज़्यादा जलन होने पर ठंडे पानी से धोएं.
. आंखों के आसपास ब्लीच ग़लती से भी न लगाएं.
. अच्छे ब्रांड का ही ब्लीच ख़रीदें.
. अगर चेहरे पर ताज़ा चोट लगी हो, कटा या जला हो तो ब्लीच न करें.

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मेडिटेशन इन 5 मिनट्स (Health Benefits of Meditation)

Stress relief_meditation_Relaxation

भागदौड़ और तनाव से भरी ज़िंदगी में मस्तिष्क और मन को शांत बनाए रखना बेहद ज़रूरी है. इसका एक आसान और कारगर तरीक़ा है मेडिटेशन यानी ध्यान. कुछ लोगों को लगता है कि ध्यान करने के लिए किसी ट्रेनर की आवश्यकता होती है या इसमें काफ़ी समय लगता है, पर ऐसा कुछ भी नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप घर पर ही आसानी से 5 मिनट मेडिटेट करके ख़ुद को स्वस्थ रख सकते हैं.

Health Benefits of Meditation

टाइम सेट कर लें

ध्यान लगाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप अपने मन को शांत बनाए रखें. मोबाइल में टाइमर सेट कर दें, जिससे आपको ध्यान लगाते समय ये चिंता न रहे कि कहीं आप लेट तो नहीं हो रहे. टाइमर आपका ध्यान भटकने नहीं देगा.

आराम से बैठ जाएं

– घर में किसी एकांत और हवादार जगह पर आराम से बैठ जाएं.
– मेडिटेशन के दौरान ढीले-ढाले आरामदायक कपड़े पहनें.
– शरीर को तनावमुक्त रखें.
– ज़रूरी नहीं कि आप ध्यान लगाने के लिए सुखासन में ही बैठें. अगर पालथी मारकर बैठना आपके लिए असुविधाजनक है, तो आप उस अवस्था में बैठें, जिसमें आप सहज महसूस कर रहे हों. मेडिटेशन तभी पूरी तरह प्रभावकारी होगा जब आप कंफर्टेबल होंगे.
– आप बेड, कुर्सी या ज़मीन पर चादर या कालीन बिछा कर भी मेडिटेट कर सकते हैं.

ब्रीदिंग पर ध्यान दें

– ध्यान लगाने के लिए ज़रूरी है कि आप अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें.
– टाइमर स्टार्ट करें और आंखें बंद करके मेडिटेशन शुरू करें.
– आराम से सांस लें और छोड़ें. इस प्रक्रिया की ओर ध्यान लगाएं.
– ब्रीदिंग पैटर्न न बदलें और न ही कोई और हलचल करें. जैसे सांस लेते हैं, वैसे ही लेते रहें.
– अगर आप आराम से गहरी सांस ले सकते हैं, तो और भी बेहतर होगा. धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें.

ध्यान केंद्रित करें

– मेडिटेशन के व़क्त मस्तिष्क में कई ख़्याल आते हैं, जो इस प्रक्रिया में बाधक बनते हैं.
– इन ख़्यालों को आने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि आप उनसे अपना ध्यान हटाकर ब्रीदिंग पर लगाएं.
– हर एक सांस पर ध्यान दें. आपका पूरा ध्यान तब तक केवल सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पर होना चाहिए, जब तक टाइमर का अलार्म समय समाप्ति की घोषणा न कर दे.

फ़ायदे

– रोज़ाना ध्यान लगाने से शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रहा जा सकता है.
– तनाव और थकान दूर होता है.
– मस्तिष्क शांत रहता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है.
– काम में ध्यान लगता है और कार्यक्षमता भी बढ़ती है.
– भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाता है.
– हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रण में रहता है.
– सिरदर्द से आराम मिलता है.
– जिन्हें ग़ुस्सा अधिक आता है, उन्हें ग़ुस्से पर कंट्रोल रखने के लिए मेडिटेशन करना चाहिए.
– 2011 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक़, गठिया से ग्रसित लोग अगर नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, तो उन्हें आराम मिलता है.
– गर्भावस्था के दौरान अक्सर पांच में से एक महिला डिप्रेशन की शिकार होती है. इस समस्या से बचने के लिए मेडिटेशन एकमात्र आसान उपाय है.
– मेडिटेशन आत्मबल को बढ़ाता है, जो एक स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी है.

अगर आपके पास व़क्त है, तो 20 मिनट तक ध्यान करें. 20 मिनट तक मेडिटेशन करने से 4 घंटे तक सोने जितनी ऊर्जा मिलती है.

सावधानियां

अगर आप किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हों, तो ज़्यादा देर तक मेडिटेट न करें. आपके लिए मेडिटेशन का सही तरीक़ा कौन-सा है? ये जानने के लिए किसी प्रोफेशनल की मदद लें.