back pain

चाहे कमरदर्द, पीठदर्द या ज्वाइंट पेन- हमेशा पेनकिलर्स लेने से बेहतर है कि कुछ और तरीका ट्राई करें, इससे दर्द से तो राहत मिलेगी ही, इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा.

बैक पेन

  • बैक पेन होने पर सबसे ज़रूरी है कंप्लीट बेड रेस्ट. जितना कम मूवमेंट होगा, आराम उतना ही जल्दी होगा. तो बेहतर होगा कि बैक पेन होने पर दो-तीन दिन बेड रेस्ट करें. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि बेड थोड़ा फर्म हो.
  • न सीधे सोएं और ना ही पेट के बल. इससे आपके बैक पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ेगा,
  • सोने की बेस्ट पोज़ीशन है करवट लेकर घुटने मोड़कर सोना. अगर ज़रूरी लगे तो एक तकिया सिर के नीचे और एक दोनों घुटनों के बीच रखें.
  • बेड से उठते समय भी थोड़ा केयरफुल रहें. एकदम झटके से और सीधे न उठें. पहले करवट लेकर कुछ सेकंड इसी पोज़ीशन में रहें, फिर धीरे से उठें.
  • बार-बार झुकने से बचें. वज़न उठाने से भी बचें. सीटिंग पोश्‍चर का ख़ास ख़्याल रखें.
  • एक ही पोजीशन में ज्यादा समय तक खड़े होने या बैठने से भी बचें. अगर आप ऑफ़िस में काम करती हैं तो हर 45 मिनट पर ब्रेक लें.
  • दिनभर में दो-तीन बार बर्फ से सेंकें. गर्म पानी से सेंक भी फायदेमंद होता है.
  • किसी मसाज थेरेपिस्ट से मसाज करवाएं. इससे आप काफी रिलैक्स फील करेंगे.
  • फुटवेयर बदलें. कई बार ग़लत फुटवेयर भी बैक पेन की वजह बन जाता है.
  • दर्द ज़्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह पर पेनकिलर लें.
  • फिज़ियोथेरेपिस्ट से मिलकर कुछ एक्सरसाइज़ सीखें और नियमित रूप से ये एक्सरसाइज़ करें. एक्सरसाइज़ से आपको काफी राहत मिलेगी.
    ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें
  • नीम की नरम पत्तियों को तोड़कर उसका काढ़ा बना लें. फिर रुई या साफ़ कपड़ा हल्के गरम काढ़े में भिगोकर पीठ के दर्द वाले स्थान पर सेंक करें.
  • 100 ग्राम अजवायन का चूर्ण और 100 ग्राम गुड़ एक साथ मिलाकर रख लें. 5-5 ग्राम यह चुर्ण सुबह-शाम लेने से कमर दर्द दूर होता है.
  • सुबह उठकर खाली पेट लहसुन की दो कलियां खाएं. आप रोज़ लहुसन के तेल मालिश भी कर सकते हैं.

घुटने में दर्द

Pain Relief Technique
  • भोजन में दालचीनी, जीरा, अदरक और हल्दी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें. इससे घुटनों की सूजन और दर्द कम होता है.
  • मेथी दाना, सौंठ और हल्दी बराबर मात्रा में मिला कर तवे या कढ़ाई में भून कर पीस लें. रोजाना एक चम्मच चूर्ण सुबह-शाम भोजन करने के बाद गर्म पानी के साथ लें.
  • सुबह खाली पेट दही के साथ लहसुन की एक कली खाएं.
  • हल्दी चूर्ण, गुड़, मेथी दाना पाउडर और पानी सामान मात्रा में मिलाएं. थोड़ा गर्म करके इनका लेप रात को घुटनों पर लगाएं और पट्टी बांधकर सो जाएं.
  • अलसी के दानों के साथ दो अखरोट की गिरी सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.
  • गेहूं के दाने के आकार का चूना दही या दूध में घोलकर दिन में एक बार खाएं. इसे 90 दिन तक लेने से दर्द में आराम आ जाता है.
  • खाने के एक ग्रास को कम से कम 32 बार चबाकर खाएं. इससे कुछ ही दिनों में घुटनों में साइनोबियल फ्लूइड बनने लगता है, जिससे घुटनों की तकलीफ में आराम आता है.
  • पूरे दिन भर में कम से कम 12 गिलास तक पानी अवश्य पीएं. ध्यान रखें, कम पानी पीने से भी घुटनों में दर्द बढ़ जाता है.
  • भोजन के साथ अंकुरित मेथी का सेवन करें.
  • एक्यूप्रेशर-रिंग को दिन से तीन बार, तीन मिनट तक अनामिका एवं मध्यमा उंगली पर एक्यूप्रेशर करें.
  • सुबह-सुबह दौड़ने की आदत डालें. विशेषज्ञों का दावा है कि दिल की तरह ही हमारे पैरों की सेहत भी दौड़ने से बेहतर होती है. दौड़ने से जहां जोड़ों का दर्द खत्म होता है, वहीं सूजन की समस्या भी दूर होती है. घुटने मजबूत बनते हैं.
  • कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर घुटनों को सेकें. दर्द में आराम मिलेगा.

सिरदर्द हो तो

Pain Relief Technique
  • जैसे ही सिरदर्द महसूस हो तुरंत एक्शन लें. कुछ खा या पी लें. अगर लंबे समय से कंप्यूटर के सामने काम कर रहे हों तो छोटा-सा ब्रेक लेकर टहल आएं. इससे दर्द बढने नहीं पाएगा.
  • अगर स्ट्रेस संबंधी सिरदर्द हो तो 10 मिनट की क्विक नींद ले लें. इससे तुरंत आराम मिलता है.
  • एक गहरी सांस लें. थोड़ी देर रुकें. धीरे-धीरे सांस छोड़ें. अब जम्हाई लें. आप तुरंत रिलैक्स महसूस करेंगे.
  • या फिर ब्रिस्क वॉक करें. इससे आपका शरीर एंडॉर्फिन रिलीज़ करेगी, तो नेचुरल पेनकिलर का काम करता है.
  • बालों में अच्छी तरह कंघी करें. ये हेड मसाज का काम करेगा.
  • बर्फ से सेंकना भी फायदेमंद होगा. माथे पर आईब्रो के ऊपर के भा, कनपटी और सिर के टॉप सेंटर को आइस पैक से सेंकने पर इंस्टेंट रिलीफ मिलता है.
  • अगर माइग्रेन है तो थोड़ी देर लाइट्स ऑफ करके अंधेरे कमरे में आराम करें.
    ये होम रेमेडीज़ ट्राई करें
  • सर्दी-ज़ुकाम के कारण सिरदर्द हो तो साबूत धनिया और मिश्री का काढ़ा बनाकर पीने से आराम मिलेगा.
  • तुलसी के पत्तों को पीसकर लेप करने से सिरदर्द में राहत मिलती है.
  • सुबह-सुबह उठते ही खाली पेट सेब पर नमक लगाकर खाने से सिरदर्द में लाभ होता है.
  • सुबह खाली पेट जलेबियां दूध में डालकर खाने से भी सिरदर्द ठीक हो जाता है.

कान में दर्द हो तो

  • हाथों से कानों को कपिंग करें. इसके लिए हथेली से कप बनाकर कानों के पास कपिंग करें. इससे कानों को गर्माहट मिलेगी और दर्द से राहत मिलेगी.
  • डॉक्टर्स कानदर्द में फौरन राहत के लिए ब्लो ड्रायर से कानों को गर्माहट देने की सलाह भी देते हैं. हां कान के पर्दे में होल हो तो ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल न करें.
  • अगर तेज़ हवा से कान बंद हो गए हों, तो दोनों नथुनों को अंगूठे और तर्जनी से पकड़ें. मुंह में हवा भरकर मुंह बंद रखें. तेज़ी से हवा छोड़ें.
  • अगर फ्लाइट में टेकऑफ या लैंडिंग के समय कान में तकलीफ होती हो, तो सबसे आसान तरीका है च्युंगम चबाएं. इसके अलावा ध्यान रखें कि टेकऑफ या लैंडिंग के समय ईयरफोन का इस्तेमाल न करें.
  • सरसों का तेल हल्का गर्म करके डालने से कान का दर्द में आराम मिलता है.
  • प्याज़ का रस गुनगुना करके डालने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है.
  • अदरक का रस भी गुनगुना करके डालना काफ़ी कारगर होता है.
  • तुलसी के पत्तों को पीसकर रस निकाल लें. इस रस को हल्की आंच पर रखकर थोड़ा गरम करें और कान में डालें.

जॉइंट पेन

Pain Relief Technique
  • जोड़ों के दर्द के लिए वैसे कोई शॉर्टकट फार्मूला नहीं है. हां आप कुछ बातों को ख़्याल रखकर दर्द से राहत पा सकते हैं.
  • सुबह उठने पर जोड़ों में जकड़न ज़्यादा महसूस होती है. इसके लिए बेड से उठने से पहले ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें. हाथों-पैरों को स्ट्रेच करें. जोड़ों को स्ट्रेच करें. कमर के लिए भी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें. इससे जकड़न से राहत मिलेगी.
  • वो ज़माना गया जब जॉइंट पेन होने पर डॉक्टर्स रेस्ट करने की सलाह देते थे. अब डॉक्टर्स कहते हैं कि ज्वाइंट पेन को कम करने के लिए मूवमेंट बहुत ज़रूरी है. इसलिए एक्टिव रहें.
  • वॉकिंग. जॉगिंग और स्वीमिंग आपकी तकलीफ को कम करेगी.
  • वज़न को मेंटेन रखें. बहुत जल्दी बहुत ज़्यादा वज़न घटाने के चक्कर में क्रैश डायट न करें. इससे ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा बढ़ जाता है.
  • अपने पोश्‍चर पर ध्यान दें. बैठने-उठने का सही पोश्‍चर पता करें. इससे भी आपकी तकलीफ काफी कम होगी.
  • नमक का सेवन कम कर दें. रोज़ाना 6 ग्राम से ज़्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • अपने डायट में भरपूर मात्रा में कैल्शियम शामिल करें, जैसे दही, कॉटेज चीज़, लो फैट डेयरी प्रोटक्ट्स, बादाम, साल्मन आदि.
  • रिसर्च से पता चला है कि फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन करने से आर्थराइटिस की तकलीफ को 33% कम किया जा सकता है.

मसल क्रैम्प आ जाए तो

Pain Relief Technique
  • सबसे आसान तरीका है विपरीत दिशा में स्ट्रेच करें. पैरों के पंजों को स्ट्रेच करें. इससे दर्द में राहत मिलेगी.
  • जहां दर्द है. वहां मसाज करें. वहां हल्के-हल्के मूवमेंट करें.
  • एक हाथ के अंगूठे और तर्जनी से ऊपरी होंठ के एक कॉर्नर पर ज़ोर से चिकोटी काटें. स्किन को हल्का-सा खींचें. ये तरीका भी ज़रूर आजमाएं. दर्द में आराम मिलेगा.
  • नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और मसाज आपको मसल क्रैम्प से बचाएगा.
  • रात को सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखें. इससे आप रात में अचानक होनेवाले मसल क्रैम्प से बच सकते हैं.

आंखों में तकलीफ होने पर

  • अगर घंटों काम करके आंखें थक गई हों और आंखों में दर्द हो, तो हर आधे घंटे में आंखों को रेस्ट दें.
  • साथ ही कुछ आई एक्सरसाइज़ ट्राई करें. कुछ देर तक दूर डिस्टेंस पर रखी किसी चीज़ को देखें.
  • आंखों पर तीन-चार बार पानी के छींटें मारें. या कोई कूलिंग आई ड्रॉप यूज़ करें. इससे आंखों को तुरंत आराम मिलेगा.
  • साथ में सिरदर्द भी हो, तो एक बार चश्मे का नंबर भी चेक करा लें. चश्मे की फीटिंग सही न हो, तो भी कई बार आंखों को तकलीफ होती है.

एड़ियों में दर्द

Pain Relief Technique
  • सबसे पहले सही फूटवेयर का चुनाव करें. एड़ियों में दर्द का अर्थ है कि आपके चलने की स्टाइल में दोष है या फिर आपको फूटवेयर सही नहीं है. हाई हील या अकंफ़र्टेबल चप्पलों से बचें.
  • ये करें- किसी समतल जगह पर खड़े हो जाएं. एड़ियों पर प्रेशर दें. 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहें. दिन में पांच बार ये एक्सरसाइज़ करें.
  • पैरों को बारी-बारी से पहले गर्म और ठंडे पानी में डुबोएं.

अगर आंख में कुछ चला जाए

  • पलकों को जल्दी-जल्दी झपकाएं. इससे छोटा-मोटा कचरा निकल जाएगा.
  • साफ कॉटन या रूमाल का एक कॉर्नर को हल्का-सा गीला करके आंखें पोंछें.
  • अगर पलक झपकाने से कचरा नहीं निकलता है, तो ऊपरी पलकों को हल्का-सा खींचते हुए निचली पलकों के पास ले आएं. इससे आंसू आएगा, लेकिन कचरा निकल जाएगा.
  • एक छोटे बाउल में पानी लें, इसमें पलकों को झपकाने की कोशिश करें.
  • अगर कोई केमिकल या सोप आंखों में चला गया है, तो आंखों पर पानी के छींटें मारें.
  • अगर फिर भी तकलीफ कम न हो या आंखों का कचरा न निकल पाए, तो फौरन डॉक्टर के पास जाएं. इस दौरान आंखें बंद रखें, ताकि आंखों का मूवमेंट कम हो और आपकी आंखों को नुकसान न पहुंचे.
  • अगर आंख पर बॉल या किसी और चीज़ से चोट लग गई हो तो

पीठदर्द, घुटने का दर्द, गर्दन या फिर जोड़ों का दर्द, आजकल ज़्यादातर लोग किसी न किसी दर्द से परेशान ही रहते हैं. सही खान-पान और एक्सरसाइज़ की कमी के कारण शरीर में अकड़न व दर्द होना आम बात है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप नियमित रूप से कुछ एक्सरसाइज़ करते रहें. 

Easy exercises for back, joint, knee pain

ग़लत बॉडी पोश्‍चर, हड्डियों में कमज़ोरी व शरीर की अकड़न के कारण शरीर में दर्द होता है. इसके अलावा घंटों बैठे रहने या खड़े रहने के कारण भी शरीर के कई हिस्सों में दर्द होने लगता है. रोज़मर्रा के ऐसे दर्द से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीक़ा है
एक्सरसाइज़. यह शरीर की अकड़न को दूर कर शरीर को मज़बूत बनाता है. आइए जानें, ऐसी ही कुछ एक्सरसाइज़ के बारे में, जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके हर दर्द से दूर रह सकते हैं.

 

वॉर्म अप के लिए

 

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एक्सरसाइज़ से पहले शरीर को वॉर्म अप करना बहुत ज़रूरी होता है. इससे शरीर का तापमान व रक्तसंचार दोनों ही बढ़ जाते हैं. इसके लिए आप क़रीब 5 मिनट तक वॉक करें.

 

अपर व लोअर बैक के लिए भुजंगासन

 

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– मैट पर सीधे लेट जाएं. अपने दोनों हाथों को चित्रानुसार कंधों के समानांतर रखें.

– अब धीरे-धीरे अपने सिर व छाती को उठाएं. सारा ज़ोर हाथों पर न डालें, बल्कि अपनी पीठ का सहारा लें. अब नीचे आ जाएं.
– इस प्रक्रिया को 16 बार दोहराएं.

 

फ़ायदा: इससे एब्डॉमिनल मसल्स और रीढ़ की हड्डी मज़बूत होती है.

 

हिप्स के लिए एक्सरसाइज़

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– पीठ के बल लेटकर हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. घुटनों को मोड़ लें.
– हिप्स को चित्रानुसार उठाएं. इसी अवस्था में कुछ देर रहें. फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.
– इस एक्सरसाइज़ को रोज़ाना 16 बार करें.
फ़ायदा: इस एक्सरसाइज़ से पुट्ठे व पीठ मज़बूत होते हैं. शरीर की अकड़न दूर होती है और उन अंगों में लचीलापन भी आता है.

 

कंधों की कसरत

 

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– सीधे खड़े होकर दोनों हाथों में वेट्स पकड़ें. कोहनी को मोड़ते हुए वेट्स को कंधों के समानांतर रखें.
– हाथों को सीधा ऊपर उठाएं, फिर नीचे कंधों के समानांतर ले आएं.
– 16 बार इस एक्सरसाइज़ को करें.

 

फ़ायदा: इससे आपके कंधे व भुजाएं दोनों ही मज़बूत होते हैं.

 

घुटनों के लिए एक्सरसाइज़

 

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– सीधे खड़े हो जाएं. ख़ुद को बैलेंस करने के लिए किसी कुर्सी या दीवार का सहारा लें.

फ़ायदा: घुटनों व जांघों की मज़बूती के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद एक्सरसाइज़ है.

 

गर्दन के लिए एक्सरसाइज़

 

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– सीधे बैठ जाएं. दोनों हाथों की हथेलियों को घुटनों के ऊपर उल्टा रखें. अब चित्रानुसार दाईं तरफ़ देखें. कुछ देर कंधें को देखें, फिर सामने देखें.
– यही प्रक्रिया अब बाईं तरफ़ भी दोहराएं.
–  दोनों तरफ़ यह प्रकिया 16-16 बार करें.
फ़ायदा: गर्दन की मज़बूती व लचीलेपन के लिए यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज़ है.

कब करें एक्सरसाइज़?

वैसे तो माना जाता है कि सुबह-सुबह एक्सरसाइज़ करना बहुत फ़ायदेमंद होता है, लेकिन अगर सुबह आपके पास समय नहीं है, तो ये ईज़ी एक्सरसाइज़, आप अपनी सुविधानुसार कभी भी कर सकते हैं. उदाहरण के लिए लंच बे्रक के दौरान या किसी अपॉइन्टमेंट के लिए इंतज़ार करते समय आप ये एक्सरसाइज़ कर सकते हैं, या फिर सुबह-शाम किसी भी व़क्त कर सकते हैं.
फिटनेस फॉर्मूला
– डीप ब्रीदिंग करें. डीप ब्रीदिंग से शरीर में ऑक्सीजन की भरपूर पूर्ति होती है और कार्बन डाई ऑक्साइड व वेस्ट प्रोडक्ट्स शरीर से बाहर निकाल देती है. इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है.
– हमेशा पॉज़ीटिव रहें. मेडिटेशन व सकारात्मक सोच से शरीर व दिमाग़ दोनों रिचार्ज होते रहते हैं.
– पर्याप्त नींद लें. हर किसी के लिए पर्याप्त नींद की पूर्ति अलग-अलग होती है. किसी के लिए 6 घंटे काफ़ी होते हैं, तो किसी के लिए 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है.
– न्यूट्रीशन पर ध्यान दें. अपने डेली डायट में साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियां, बींस, स्प्राउट्स, सोया और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स ज़रूर शामिल करें.
– अपने वज़न को नियंत्रित रखें. यह न तो कम हो और न ही ज़्यादा. इसके लिए आपको लो फैट न्यूट्रीशियस डायट के साथ पर्याप्त फिज़िकल एक्टीविटी का भी ध्यान रखना होगा.
– शरीर को हाइड्रेटेड रखें. रोज़ाना 8-10 ग्लास पानी पीएं. आपके शरीर का लगभग 60-70% वज़न पानी के कारण होता है. डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, अपच जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं.
– रोज़ाना नियत समय पर ही खाना खाएं. अगर एक टाइम का भी खाना रह जाता है, तो आपको बहुत ज़्यादा भूख लगती है, जिससे आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना खा लेते हैं. यह शरीर के लिए नुक़सानदायक हो सकता है.
– कभी-कभार ख़ुद को रिलैक्स और पैम्पर करने के लिए स्पा ज़रूर जाएं.

 

सेक्स प्रॉब्लम्स- क्या जिम जाने से सेक्सुअल प्रॉब्लम होती है? (Sex Problems- Does going to the gym cause sexual problems?)

सोते समय पोश्‍चर का सही होना बेहद ज़रूरी है, ख़ासकर तब जब आप पीठ, गर्दन, कंधे के दर्द से परेशान हों. सही तरी़के से न सोने पर शरीर की मांसपेशियों में तनाव, खिंचाव आदि बढ़ जाता है और इससे आपकी नींद भी प्रभावित होती है. आइए जानें, ऐसे में आप किस पोज़ीशन (Sleeping positions) में सोएं, जिससे आपको आराम मिल सके व आप अच्छी नींद ले सकें.

Sleeping positions

जब हो पीठदर्द

– क़रीब 50% महिलाएं सुबह उठकर फ्रेश महसूस करने की बजाय सुस्ती महसूस करती हैं, जिससे शरीर व दिमाग़ पर तनाव बढ़ता है. इससे डायबिटीज़ व डिप्रेशन की संभावना भी बढ़ जाती है.
– यदि आप पीठ के बल सोती हैं, तो दोनों घुटनों के नीचे छोटा-सा तकिया रखें, इससे पीठ को आराम मिलेगा.
– यदि आप करवट लेकर सोना चाहती हैं, तो करवट लेकर घुटनों को थोड़ा-सा मोड़ लें. इससे स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) अपनी नेचुरल पोज़ीशन में आ जाएगी. अब एक सख़्त-सा छोटा तकिया दोनों घुटनों के बीच रखें. इससे रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर नहीं आएगा. हाथों को आप कमर पर या जैसा चाहें वैसा रख सकती हैं. इससे काफ़ी आराम मिलेगा और अच्छी नींद आएगी.

जब हो शोल्डर पेन

– शोल्डर पेन यानी कंधे के दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- पीठ झुकाकर चलना या बैठना, भारी हैंडबैग उठाना आदि. कई बार सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से भी शोल्डर पेन होता है.
– अक्सर महिलाएं सोते समय दोनों हथेलियां सिर के नीचे रखकर सोती हैं, जो सही नहीं है. इससे कंधों, बांहों व हाथों की नसों पर दबाव पड़ता है. इससे कंधे का दर्द और बढ़ जाता है.
– इसलिए सोते समय दर्दवाले कंधे की तरफ़ करवट करके न सोएं. इसकी बजाय दूसरी तरफ़ करवट लेकर सोएं और घुटनों को
थोड़ा-सा मोड़ लें. दोनों बांहों को अपने सामने सीधा रखकर, सीने के पास एक तकिया रखकर उसे बांहों में भरकर यानी भींचकर सोएं.
– यदि दोनों कंधों में दर्द है, तो पीठ के बल सोएं और दोनों बांहों को अपनी दोनों तरफ़ यानी साइड में रखें. इससे रिलैक्स महसूस करेंगे.

जब हो सीने में जलन

– जब हम पीठ के बल या दाहिनी ओर करवट लेकर सोते हैं, तब हमारी पाचन क्रिया की नली के ऊपरी सिरे पर दबाव पड़ता है. इससे पेट में भोजन को डायजेस्ट करने के लिए पाया जानेवाला एसिड पीछे की ओर आता है, जिससे गले व सीने में जलन होती है.
– इन सबसे बचने के लिए बायीं ओर करवट लेकर सोएं. दोनों घुटनों को ऊपर पेट की ओर मोड़कर रखें. हाथों को सामने की ओर मोड़ें. ऐसी पोज़ीशन होनी चाहिए, जैसे गर्भस्थ शिशु की होती है. आराम मिलेगा.
– यदि उपरोक्त पोज़ीशन से भी आराम न मिले और ज़्यादा जलन हो रही हो, तो पीठ के बल लेट जाएं. अपनी पीठके पीछे कुछ तकिए रखें या अपने पलंग का सिरहाना ऊंचा कर लें. इस तरह छाती का हिस्सा उठ जाने से जलन नहीं होगी.

जब हो सर्दी-साइनस

– सर्दी-साइनस की शिकायत होने पर पीठ के बल न सोएं. इससे नाक बंद हो जाती है और गला सूखने लगता है.
– आरामदायक नींद के लिए करवट लेकर सोएं. सिर के नीचे एक अतिरिक्त तकिया और लगा लें. नाक खुल जाएगी व सांस लेने में भी आसानी होगी.
– ध्यान रहे, सिर ऊंचा होने पर बांहों को एक्स्ट्रा सपोर्ट की ज़रूरत होती है, इसलिए बांहों में तकिया ले लें.
– इन सबके अलावा बेहतर होगा कि पैरों को हल्का मोड़कर सोएं.

जब हो गदर्र्न में दर्द

– यदि सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की वजह से गर्दन में दर्द है, तो सिर के नीचे तकिया लगाकर न सोएं. इससे गर्दन की मसल्स पर तनाव पड़ता है और दर्द बढ़
जाता है.
– गर्दन के लिए तकिए की बजाय एक तौलिया लें. उसे रोल करें और गर्दन के नीचे रखें. इससे मसल्स को सपोर्ट मिलेगा और दर्द कम हो जाएगा.
– यदि चाहें तो सिर के नीचे बिना कुछ रखे सोएं, इससे भी दर्द नहीं होता.

जब हो दांत या जबड़े में दर्द

– कई बार रात में ही दांत या जबड़े में दर्द होने लगता है. इसका संबंध तनाव, बेचैनी व स्लीपिंग डिसऑर्डर से होता है.
– पीठ के बल सीलिंग की ओर मुंह करके सोएं. इससे जबड़ा अपनी नेचुरल पोज़ीशन में रहेगा, जिससे चेहरे की मसल्स रिलैक्स हो जाएंगी. दोनों हाथों को साइड में रखें.
– ध्यान रहे, होंठ बंद हों, पर दांतों को भींचें नहीं. आरामदायक नींद आएगी.

जब हो हिप पेन

– हमारे देश में लगभग 15% महिलाएं हिप पेन से पीड़ित हैं.
– हिप पेन करवट लेकर सोने से बढ़ जाता है, इसलिए पीठ के बल सोएं.
– यदि ज़रूरत हो, तो घुटनों के नीचे तकिया रखें. सपोर्ट मिलेगा.

जब हो पीएमएस का दर्द

– इस अवस्था में महिलाएं चिड़चिड़ी और दर्द से परेशान होती हैं. ऐसे में पेट के बल सोने से यूटरस पर अतिरिक्त दबाव आता है, जिससे दर्द व क्रैम्प्स बढ़ जाते हैं.
– अक्सर इस अवस्था में ब्रेस्ट पेन भी होता है और करवट लेकर सोने से वो बढ़ जाता है.
– ऐसे में पीठ के बल सोना ही सही पोज़ीशन है. दोनों घुटनों के नीचे छोटा-सा तकिया रख लें, तो कमर को सपोर्ट मिलेगा. यदि चाहें तो एक एक्स्ट्रा तकिया भी रख सकती हैं. इससे कमरदर्द कम हो जाएगा. दोनों बांहों को साइड में रखें. दर्द कम हो जाएगा और आरामदायक
नींद आएगी.

– डॉ. सुषमा श्रीराव

सिरदर्द, पेटदर्द, जोड़ों का दर्द या फिर किसी भी तरह के दर्द से छुटकारा पाने के लिए पेनकिलर खाने की बजाय अपने घर में नज़र दौड़ाएं, आपको कई नेचुरल पेनकिलर्स नज़र आ जाएंगे. तो अब दर्द न सहें और नेचुरल पेनकिलर्स से अपने दर्द को करें छूमंतर.

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सिरदर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: लौंग का तेल, अदरक, ग्रीन टी, दालचीनी पाउडर, तरबूज़ का रस, शहद, नींबू, सेब, नीलगिरी का तेल.
– सिरदर्द मेें लौंग के तेल में थोड़ा-सा नमक मिलाकर माथे पर लगाएं, तुरंत आराम मिलेगा.
– थोड़ा-सा अदरक कूटकर पानी में उबालकर-छानकर पीएं, दर्द से राहत मिलेगी.
– गर्म पानी में ग्रीन टी के साथ आधे नींबू का रस मिलाकर पीएं.
– 2 टेबलस्पून दालचीनी पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और माथे व कनपटी पर लगाएं.
– अगर गर्मी के कारण सिरदर्द हो रहा हो, तो एक ग्लास तरबूज़ का रस आपको इससे राहत दिला सकता है.
– जिन्हें कई दिनों से सिरदर्द हो, वो रोज़ाना खाली पेट 1 ग्लास पानी में 1 टीस्पून शहद मिलाकर पीएं.
– कभी-कभी खाली पेट गैस होने के कारण भी सिरदर्द होने लगता है, ऐसे में तुरंत नींबू पानी पीएं.
– अगर सुबह उठते ही आपको सिरदर्द होने लगता है, तो खाली पेट एक सेब पर नमक लगाकर खाएं और ऊपर से गर्म पानी पीएं.
– गर्म पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी तेल की डालकर भाप लें.
कमरदर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: लहसुन, अदरक, कपूर, नारियल तेल.
– जब कमरदर्द सताए, तब नारियल या सरसों के तेल में 8-10 लहसुन की कलियां गरम करके मालिश करें.
– नारियल के तेल में अदरक का रस मिलाकर मालिश करें या देशी घी में सोंठ पाउडर मिलाकर इसका सेवन करें.
– नारियल के तेल में कपूर मिलाकर गर्म करें और एक कांच की बॉटल में भरकर रख लेेंं. रात को सोने से पहले मसाज करें.
– गर्म या ठंडी पट्टी की सेंक भी कर सकते हैं.

पेटदर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: अदरक, खानेवाला सोडा, हींग, नींबू, गर्म पानी, अजवायन, दही.
– पेटदर्द में 2-2 टीस्पून अदरक और तुलसी का रस गुनगुने पानी में मिलाकर पीएं. इसके अलावा पिसी हुई सोंठ में थोड़ा-थोड़ा सेंधा नमक और हींग मिलाकर पीने से भी पेटदर्द से तुरंत राहत मिलती है.
– अदरक के रस को पेट पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है.
– गुनगुने पानी में नींबू का रस, थोड़ी-सी अजवायन और काला नमक मिलाकर पीएं.
– अदरक के रस में कैस्टर ऑयल मिलाकर पीएं.
– 1 ग्लास गर्म पानी में 1 टीस्पून खानेवाला सोडा मिलाकर पीएं.
– पेटदर्द में हींग बहुत फ़ायदेमंद होता है. एक चुटकी हींग को गर्म करके दूध के साथ लें.
– पेट और सीने में जलन हो रही हो, तो 1 ग्लास गन्ने के रस में 2-2 टीस्पून अदरक का रस और पुदीने का रस मिलाकर लें.
– अगर पेट ख़राब है, तो दही बहुत फ़ायदेमंद है. यह पेटदर्द को ठीक करके आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.
– पेट में अचानक दर्द होने पर एक टीस्पून अजवायन फांक लें.

कान का दर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: लौंग का तेल, प्याज़, तुल सी, लहसुन, नमक, एप्पल साइडर विनेगर, मां का दूध, अदरक, सरसों का तेल.
– कान में दर्द हो, तो लौंग तेल में थोड़ा-सा तिल का तेल मिलाकर कान में डालें, तुरंत आराम मिलेगा.
– कान में दर्द हो, खुजली या त्वचा लाल हो गई हो, तो प्याज़ का रस कान में डालें.
– तुलसी केकुछ पत्तों को पीसकर उसका रस निकालें और 4-5 बूंदें कान में डालें.
– लहसुन की कुछ कलियां, सरसों, नारियल, जैतून या तिल के तेल में गर्म करें और उस तेल की 2 बूंदें कान में डालें. लहसुन की जगह आप अदरक भी ले सकते हैं.
– 1 कप नमक गर्म करके एक कपड़े में बांधकर जिस कान में दर्द हो रहा है, उसे 5-10 मिनट तक सेंकें, तुरंत आराम लगेगा.
– 1 टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर में 1 टीस्पून पानी मिलाकर रुई के फाहे में डुबोएं और 5 मिनट के लिए कान में डालें. 5 मिनट बाद रुई
निकालकर कान साफ़ कर लें.
– बड़े या बच्चों को अगर कान में इंफेक्शन के कारण दर्द हो रहा हो, तो मां के दूध की 2-3 बूंदें थोड़ी-थोड़ी देर में कान में डालें.

गले में दर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: कच्ची हल्दी, लौंग, नमक, खानेवाला सोडा, शहद.
– गले में दर्द हो, तो कच्ची हल्दी अदरक के साथ समान मात्रा में पीसकर गुड़ मिलाकर खाएं, तुरंत राहत मिलेगी.
– नमक-पानी का गरारा भी नेचुरल पेनकिलर है.
– शहद न स़िर्फ गले की सूजन को कम करता है, बल्कि दर्द का कारण बने टिश्यूज़ की जलन को भी कम करता है. एक कप गर्म पानी में 2-3 टीस्पून शहद मिलाकर पीएं. आप चाहें, तो नींबू का रस भी मिला सकते हैं.
– 1 कप गर्म पानी में 1-1 टेबलस्पून शहद और एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर पीएं.
– 1 ग्लास पानी में डेढ़ टीस्पून खानेवाला सोडा मिलाकर गरारे करें.
– गले में खराश के कारण होनेवाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए लौंग चबाकर खाएं.

जोड़ों में दर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: लहसुन, अदरक, शहद, दालचीनी पाउडर, हल्दी, मेथीदाना.
– 1 टीस्पून लहसुन के पेस्ट में शहद मिलाकर रोज़ाना दो बार खाने के साथ लें. इसके अलावा लहसुन के पेस्ट को किसी भी तेल में मिलाकर जोड़ों पर लगाने से दर्द
से तुरंत आराम मिलता है.
– जोड़ों में दर्द हो या सूजन या फिर शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो रहा हो, तो अदरक में 3-4 लहसुन की कलियां और थोड़ा-सा नमक मिलाकर कूट लें. प्रभावित हिस्से पर पेस्ट रखकर प्लास्टिक शीट से ढकें और पट्टी बांध लें. 5-6 घंटे तक
रहने दें.
– आर्थराइटिस के मरीज़ अगर रोज़ाना सुबह खाली पेट शहद में दालचीनी पाउडर मिलाकर चाटें, तो जल्द ही दर्द से छुटकारा मिलता है.
– गर्म दूध में 1-1 टीस्पून हल्दी और शहद मिलाकर पीने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है.
– मेथीदाना को भूनकर पीस लें. 2 टीस्पून पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और जोड़ों पर लगाएं. इसके अलावा मेथीदाना को रातभर भिगोकर रखें और सुबह पानी निथारकर दाने चबाकर खा लें.
– पर्याप्त पानी पीएं, यह आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और जोड़ों में किसी तरह का वेस्ट जमा नहीं होने देता.
– कच्चे प्याज़ में मौजूद सल्फर दर्द पैदा करनेवाले एन्ज़ाइम्स को रोक देता है. अपने खाने में कच्चे प्याज़ को ज़रूर शामिल करें.
दांत का दर्द
नेचुरल पेनकिलर्स:हसुन, लौंग का तेल, अदरक, एप्पल साइडर विनेगर, आलू, अमरूद के पत्ते.
– लहसुन के पेस्ट में नमक मिलाकर दांत पर लगाएं या फिर लहसुन की 1-2 कलियां खाएं, आराम मिलेगा.
– दांत में दर्द हो या मसूड़ों की समस्या या फिर मुंह में छाले हो गए हों, बस रूई में थोड़ा-सा लौंग का तेल लगाकर उस जगह पर लगाएं, फास्ट रिलीफ मिलेगा.
– अदरक के रस में सेंधा नमक मिलाकर प्रभावित दांत पर लगाएं, दर्द चला जाएगा या फिर दांतों में अचानक टीस उठ रही हो, तो अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े दांत के नीचे दबाकर रखें.
– रुई के फाहे में एप्पल साइडर विनेगर डुबोकर दांत में दबाकर रखें.
– ताज़े कटे कच्चे आलू के टुकड़े पर नमक लगाकर दांत पर रखें.
– अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ले करें.
पीरियड्स का दर्द
नेचुरल पेनकिलर्स: सोंठ, अदरक, शहद, दालचीनी पाउडर, तुलसी, लैवेंडर ऑयल, गर्म पानी.
– पीरियड्स के दौरान होेनेवाले दर्द से निजात पाने के लिए पुराने गुड़ में सोंठ पाउडर मिलाकर काढ़ा बनाकर पीएं.
– 1 ग्लास पानी में अदरक कूटकर डालें. इसे छानकर इसमें शहद और नींबू का रस मिलाएं और पीरियड्स के दौरान दिन में तीन बार यह चाय पीएं.
– पेट में हो रहे मरोड़ को दूर करने के लिए एक कप उबलते हुए पानी में 1 टेबलस्पून तुलसी के पत्ते डालें और ठंडा करके पी लें.
– पीरियड्स के पहले दिन 1 कप गर्म पानी में डेढ़ टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर पीएं. दिन में तीन बार ऐसा करें, दर्द में राहत मिलेगी.
– गर्म पानी शरीर में रक्तसंचार को बढ़ा देता है, जिससे दर्द कम हो जाता है, इसलिए इस दौरान गर्म पानी पीएं.

– अनीता सिंह

कमरदर्द (Yoga for Backpain) एक आम समस्या है, लेकिन अक्सर हम इसे नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, नतीजतन तकलीफ़ दिन-ब-दिन बढ़ती ही जाती है. लेकिन नियमित योग से आप कमरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं.

ताड़ासन

* सीधे खड़े हो जाएं. पैरों में ज़्यादा फासला न रखें.
* सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने हाथों को साइड से ऊपर उठाएं.
* धीरे-धीरे हथेली को, कलाई को, हाथों को, कंधे, सीने व पैरों को भी ऊपर की तरफ़ खींचें और अंत में पैरों के पंजों पर आ जाएं.
* सारा शरीर ऊपर की तरफ़ खिंचा हुआ लगे. कुछ क्षण इस स्थिति में रहें.
* धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं.
* यदि आंखें बंद करके करें, तो अधिक लाभ होगा.

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अन्य लाभः नियमित ये आसन करने से बच्चों की हाइट बढ़ती है. घुटनों और एंकल की हेल्थ के लिए भी फ़ायदेमंद.

बद्ध कोणासन

* दंडासन में बैठ जाएं. पीठ सीधी रखें और दोनों हाथ कूल्हे के पास ज़मीन पर.
* घुटने मोड़ें. दोनों पैरों के तलवों को नमस्ते की मुद्रा में लाएं.
* दोनों हाथों से पैरों के अंगूठों या पंजों को पकड़ें. इसी अवस्था में 1-2 मिनट तक रहें. घुटनों पर ज़्यादा दबाव न डालें.
* अगर सीधे बैठने में तकलीफ़ हो रही है, तो सपोर्ट के लिए कूल्हों के नीचे तकिया या चादर रख सकते हैं.
* आगे की ओर झुकें और फिर सीधे बैठ जाएं. पैरों को सीधा फैलाते हुए पूर्वावस्था में आ जाएं.

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अन्य लाभः हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, हार्मोनल प्रॉब्लम और इंफर्टिलिटी में लाभदायक. प्रेग्नेंसी के आख़िरी महीनों तक ये आसन करने से डिलीवरी आसानी से हो जाती है.

 

जाथरा परिवर्तासन

* पीठ के बल लेट जाएं.
* दोनों हाथ कंधे के समानांतर रखें.
* सांस लेते हुए दोनों पैरों को ऊपर उठाएं. सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे दाईं तरफ ले जाकर ज़मीन को टच करें.
* दोनों पैर आपस में मिले होेंं. सिर बाईं दिशा में हो.
* दाहिने हाथ से दोनों पैरों को पकड़ने की कोशिश करें. सांस सामान्य रहे. एक मिनट इस स्थिति में रहें. अब यही क्रिया दूसरी ओर से भी दोहराएं.
* अगर पैर उठाने में तकलीफ़ या असुविधा हो रही हो, तो घुटनों को मोड़कर यही क्रिया कर सकते हैं.

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अन्य लाभः पैरों, जोड़ों, पीठदर्द व डायबिटीज़ में लाभदायक.

 

सेतु बंधासन

* पीठ के बल लेट जाएं. दोनों हाथ साइड में हों. पैरों को मोड़कर एड़ियों को कूल्हे के पास रखें और
* धीरे-धीरे सांस लेते हुए कमर व कूल्हे को ऊपर उठाएं. जांघें और पंजे ज़मीन के समानांतर होने चाहिए.
* कुछ क्षण रुकिए. सांस सामान्य रहे. अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस पहलेवाली स्थिति में आ जाएं.
* 3-7 बार या क्षमतानुसार करें.
* चाहें तो कमर और पीठ को उठाते समय कमर को हाथों से सपोर्ट दें.
* पेट की सभी बीमारियों, एंज़ाइटी, थकान, सिरदर्द, अनिद्रा में लाभदायक. गले को स्ट्रॉन्ग बनाता है.
* अत्यधिक कमरदर्द, गर्दन दर्द या घुटनों में दर्द हो तो ये आसन न करें.
* गर्भवती महिलाएं छह महीने तक यह आसन कर सकती हैं.

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उत्तान वक्रासन

* पीठ के बल लेट जाएं. दोनों घुटनों को मोड़ें. पंजे ज़मीन पर टिके हों. दोनों हथेलियों को चित्रानुसार सिर के नीचे रखें.
* सांस छोड़ें और घुटनों को बाईं तरफ़ व सिर को दाईं तरफ़ ले आएं.
* कंधे से ज़मीन पर दबाव डालें.
* 1 मिनट तक इसी अवस्था में रहें. पूर्वावस्था में आ जाएं.
* दूसरी तरफ़ से भी यही क्रिया दोहराएं.
* पेट में अत्यधिक दर्द हो, स्पाइन की प्रॉब्लम हो या लिवर में सूजन हो, तो ये आसन न करें. गर्भवती महिलाएं भी ये आसन न करें.

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अन्य लाभः पेट, पीठ, पैर को सुडौल बनाता है.

 

ये आसन भी हैं फ़ायदेमंद
कमरदर्द के लिए शशांकासन, मारिच्य आसन और शलभासन भी फ़ायदेमंद हैं.

राहुल द्रविड़, क्रिकेटर

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बेहद शांत मिज़ाज राहुल द्रविड़ अपनी फिटनेस को लेकर काफ़ी सतर्क रहते हैं. लाइट एक्सरसाइज़, योग और मेडिटेशन उनकी फिटनेस रूटीन में शामिल हैं. कॉन्संट्रेशन और फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने के लिए राहुल द्रविड़ नियमित रूप से योग करते हैं.

अगर हों स्ट्रेस में
* जीवन के प्रति सकारात्मक सोच रखें. आपकी पॉज़िटिव सोच आपको सभी समस्याओं को देखने का सकारात्मक नज़रिया देती है.
* लाफ्टर थेरेपी अपनाएं. खुलकर हंसें और मुस्कुराएं. ये आपके तनाव, थकान व डिप्रेशन को तुरंत दूर कर देता है.
* सुबह-सुबह प्राणायाम आपके लिए बहुत हेल्दी साबित होगा. 15-20 मिनट जॉगिंग से शरीर और मन एकदम फ्रेश रहता है.
* रोज़ाना योग व प्राणायाम से शरीर में रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे तनाव व थकान दूर होती है.

स्ट्रेस फ्री रहने के लिए ट्राई करें ये आसन
सर्वांगासन, हलासन, शवासन, नाड़ीशोधन क्रिया और चंद्रभेदन प्राणायाम स्ट्रेस व थकान को दूर करने के लिए बेस्ट हैं.

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