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भारत की बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

स्विट्जरलैंड के बसेल में रविवार को खेले गए फाइनल मुक़ाबले में सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-7, 21-7 से मात देकर इतिहास रच दिया. साथ ही ओलंपिक मेडलिस्ट 24 वर्षीय सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतनेवाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया. पीवी सिंधु ने यह जीत अपनी माँ को समर्पित करते हुए ‘हैप्पी बर्थडे मॉम’ कहकर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद भी दी. हम सभी की तरफ़ से बहुत-बहुत बधाई!

विश्व विजेता सिंधु की गोल्ड जर्नी…
* वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें पायदान पर काबिज पीवी सिंधु ने इस बार टूर्नामेंट के शुरुआत से ही हर मैच में अपना दबदबा बनाए रखा.
* जहां क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को हराया, वहीं सेमीफाइनल में चीन की खिलाड़ी शेन यू फेई को मात्र 40 मिनट में ही हराकर बाहर कर दिया.
* फाइनल में वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नोज़ोमी ओकुहारा के ख़िलाफ सिंधु ने टॉस जीतकर पहले सर्व करने का फ़ैसला किया.
* मात्र सोलह मिनट में 21-7 से उन्होंने पहला सेट जीत लिया.
* दूसरा सेट भी सिंधु ने 21-7 से अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी ओकुहारा को हराकर सीधे सेटों में एकतरफ़ा जीत हासिल की.
* फाइनल मुक़ाबला 37 मिनट तक चला. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधु ने नोज़ोमी के विरुद्ध अपना करियर रिकॉर्ड 9-7 का कर लिया है.
* पीवी सिंधु साल 2017 से लगातार तीसरे साल यानी 2019 में बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं.
* उन्होंने साल 2014 और 2015 में कांस्य पदक जीता था.
* दो साल से वे रजत पदक से ही संतोष कर रही थीं.
* आख़िरकार फाइनल में हार के क्रम को तोड़ते हुए पहली बार गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रच ही दिया.
* इस तरह सिंधु ने अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक और इस टूर्नामेंट का अब तक का अपना पांचवां पदक जीता.
* पिछले कई सालों से पीवी सिंधु बड़े मैचों में हारती आ रही थीं. ऐसे में यह यादगार जीत उन्हें साल 2020 में टोक्यो, जापान में होनेवाले ओलंपिक के लिए यक़ीनन बेहद प्रोत्साहित करेगा.

 

शानदार उपलब्धियां
*रियो ओलिंपिक में  एकल खिताब में सिल्वर मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी.

* साल 2016 में चीन ओपन जीती.
* पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न आदि पुरस्कारों से सम्मानित.
* साल 2018 के फोर्ब्स इंडिया सेलिब्रिटी १०० की सूची में १८ महिलाओं में से एक सिंधु रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
* विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेल, थाइलैंड ओपन व इंडिया ओपन में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं.
* दस सबसे अधिक कमाई करनेवाले स्पोर्ट्स खिलाड़ियों में से एक हैं पीवी सिंधु.
* १६ दिसंबर को वर्ल्ड टूर फाइनल्स जीतकर पहली भारतीय शटलर द्वारा यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

वर्ल्ड टूर फाइनल्स अपडेट
* वर्ल्ड टूर फाइनल्स इसके पहले सुपर सीरीज़ फाइनल के नाम से जाना जाता था.
* इस प्रतियोगिता में विश्व के आठ टॉप प्लेयर हिस्सा लेते हैं.
* अब तक भारतीय शाइनिंग स्टार साइना नेहवाल ने इसमें सात बार हिस्सा लिया है और साल २०११ में उपविजेता रही थीं.
* इसके अलावा साल 2009 में मिक्स डबल्स में ज्वाला गट्टा-वी दीजू की जोड़ी उपविजेता रही थी.
* पीवी सिंधु लगातार तीन बार से इस प्रतियोगिता में भाग लिया.

पीवी सिंधु- आपको पूर्ण भागीदारी व प्रतिबद्धता के साथ चीज़ें करनी चाहिए. जब भी मैं फाइनल में हारी थी, तो कुछ समय के लिए उदास ज़रूर हुई थी, लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि खेल मेरे लिए खत्म हो गया है, क्योंकि यह एक विकल्प नहीं है. याद रहे जीत के लिए ख़ुद पर विश्वास बेहद ज़रूरी है…

देशभर में बधाइयों की गूंज…
पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत ने भारतीयों को ख़ुशी व गर्व से भर दिया. हर तरफ़ बधाइयों का तांता सा लग गया. नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, तमाम हस्तियों ने उन्हें मुबारकबाद दी. आख़िर शान-अभिमान की बात जो थी, पहली भारतीय बैडमिंटन विश्‍व विजेता बनने की राह में उनकी कड़ी मेहनत, लगन, जीत के जज़्बे को सभी ने सलाम किया.

गौरवशाली पल…
* माँ पी. विजया की आँखों में तो ममता व गौरव से ख़ुशी के आंसू भर गए. क्यों ना हो, आज बेटी ने माँ को जन्मदिन पर स्वर्ण पदक जीतकर अनमोल तोहफ़ा जो दिया था. हैदराबाद में विजयाजी ने भी बेटी की कड़ी मेहनत का ज़िक्र करते हुए कहा- हम सभी बेहद ख़ुश हैं. हमें गोल्ड मेडल का इंतज़ार था.
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने विदेश से अपनी स्वदेश की इस होनहार चैंपियन को बधाई देते हुए कहा- प्रतिभाशाली पीवी सिंधु की शानदार जीत ने एक बार फिर भारत को गौरवान्वित किया है. बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के लिए उन्हें बधाई. बैडमिंटन के प्रति उनकी लगन और समर्पण प्रेरणादायक है. पीवी सिंधु की कामयाबी खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. बी. साई प्रणीत को भी ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के लिए बधाई.
(इसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के स्टार बैडमिंटन प्लेयर बी. साई प्रणीत ने भी कांस्य पदक जीता है. यह भी उल्लेखनीय इसलिए है कि 36 साल बाद इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग से किसी ने मेडल जीता है.)
* खेल मंत्री किरण रिजिजू ने फोन करके सिंधु के साथ-साथ कोच पी. गोपीचंद व साई प्रणीत को भी भारतवासियों की तरफ़ से बधाई दी. इसके अलावा उन्होंने पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण, चार रजत व पांच कांस्य पदक जीतनेवाले बैडमिंटन खिलाड़ियों मानसी जोशी, प्रमोद भगत, मनोज सरकार को भी मुबारकबाद दी.
* उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू– बेसल में आयोजित बैडमिंटन की वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने पर पी वी सिंधु को हार्दिक बधाई देता हूं. आपकी सफलता देश की नई प्रतिभाओं को भी प्रेरित करेंगी. भावी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं!
* भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, गौतम गंभीर तमाम राजनीतिक शख्सियतों ने पीवी सिंधु की भूरि-भूरि प्रशंसा की और ढेर सारी बधाइयां दीं.
* शुभकामनाएं देने में खिलाड़ी भी पीछे नहीं रहे. साइना नेहवाल से लेकर सचिन तेंदुलकर तक ने इस यादगार लम्हे को सिंधु को बधाई देते हुए साझा किया.
* फिल्मी सितारे भी पीवी सिंधु की इस विशेष उपलब्धी पर ख़ुद फख्र महसूस करते हुए तारीफों के पुल बांधे. महानायक अमिताभ बच्चन ने गर्वित होते हुए उनके साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति शो’ में कुछ वक़्त बिताने का भी ज़िक्र किया.

* पीवी सिंधु फिल्म स्टार रणवीर सिंह की ज़बर्दस्त फैन हैं. पिछले साल रणवीर से हुई अपनी मुलाक़ात को उन्होंने तब शेयर करते हुए उनकी ख़ूब तारीफ़ की थी. सिंधु के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर इसी को फिर से शेयर करते हुए रणवीर ने कहा- हां, आख़िरकार, यह सचमुच ख़ुशी का पल था और मेरे लिए भी एक फैन मूमेंट था. आपने हम सभी को गौरवान्वित किया है. चैंप, आपका उत्साह पसंद है. आप हमेशा चमकती रहें.

* साथ ही सुष्मिता सेन, अनुष्का शर्मा, तापसी पन्नू, कोईना मित्रा, रितिक रोशन, शाहरुख ख़ान, आमिर ख़ान आदि अनेक स्टार्स ने बधाइयां दीं.

– ऊषा गुप्ता

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PV Sindhu
पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने रचा इतिहास. जी हां, चीन के ग्वांग्झू में बी.डब्ल्यू.एफ. वर्ल्ड टूर फाइनल्स प्रतियोगिता के महिला सिंगल्स फाइनल में उन्होंने जापान की नोज़ोमी ओकुहारा को २१-१९, २१-१७ से हराकर बैडमिंटन वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया है. साथ ही इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतनेवाली वे पहली भारतीय बैडमिंटन महिला खिलाड़ी बन गई हैं. चैम्पियन सिंधु को बहुत-बहुत बधाई!

पुसरला वेंकट सिंधु ने जापान की नोज़ोमी ओकुहारा को हराकर अपने ३०० जीत हासिल की. इस साल पांच बार खिताबी फाइनल में हारने के बाद सिंधु की फाइनल में यह पहली खिताबी जीत है.
फाइनल में ६२ मिनट तक चले मुकाबले में शुरुआत से ही सिंधु ने गेम पर अपनी पकड़ बना ली थी. वे पहले गेम में १४-६ से आगे थीं, तब नोज़ोमी ने ज़बर्दस्त वापसी करते हुए १० अंक जीतकर १६-१६ पर स्कोर ला दिया. लेकिन सिंधु ने अपना पूरा दमख़म दिखाते हुए २१-१९ से पहला गेम जीत लिया और फिर २१-१७ से दूसरा गेम जीतकर अपने खिताबी जीत के सूखे को ख़त्म किया.
वैसे २०१८ साल उनके लिए यादगार रहा है, क्योंकि इस साल उन्होंने ४५ सिंगल जीते हैं. विश्व नंबर छह की सिंधु ने विश्व नंबर पांच की नोज़ोमी को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में हराकर गोल्ड मेडल जीतकर एक नया कीर्तिमान भी बनाया है. अब तक दोनों के बीच ११ मुकाबले हुए हैं, जिनमें महज तीन में सिंधु ने जीत हासिल की है. वैसे फाइनल तक पहुंचना और जीत हासिल करने का सफ़र सिंधु के लिए इतना आसान न था.
इस प्रतियोगिता के अपने पहले मैच में उन्होंने जापान की अकाने यामागुची को हराया, इसके बाद विश्व की नंबर वन खिलाड़ी चीनी ताइपे की ताई जू यिंग को हराकर अपने कई हिसाब बराबर किए, क्योंकि अब तक दोनों के बीच हुए सात मुकाबलों में सिंधु लगातार छह बार हारी थीं, अब जाकर इस टूर्नामेंट में जीत हासिल कर पाईं. इसके बाद अमेरिका की बेइवेन झेंग को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं और वहां पर थाइलैंड की रत्चानोक इंतेनान को हराया. इसके बाद फाइनल में नोज़ोमी को सीधे सेटों में हराकर इतिहास रच दिया.

शानदार उपलब्धियां
* रियो ओलिंपिक में एकल खिताब में सिल्वर मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी.
* साल २०१६ में चीन ओपन जीती.
* पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न आदि पुरस्कारों से सम्मानित.
* साल २०१८ के फोर्ब्स इंडिया सेलिब्रिटी १०० की सूची में १८ महिलाओं में से एक सिंधु रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है.

* विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेल, थाइलैंड ओपन व इंडिया ओपन में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं.
* दस सबसे अधिक कमाई करनेवाले स्पोर्ट्स खिलाड़ियों में से एक हैं पीवी सिंधु.
* उन्होंने आज १६ दिसंबर, रविवार को वर्ल्ड टूर फाइनल्स जीतकर पहली भारतीय शटलर द्वारा यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

अपडेट
* वर्ल्ड टूर फाइनल्स इसके पहले सुपर सीरीज़ फाइनल के नाम से जाना जाता था.
* इस प्रतियोगिता में विश्व के आठ टॉप प्लेयर हिस्सा लेते हैं.
* अब तक भारतीय शाइनिंग स्टार साइना नेहवाल ने इसमें सात बार हिस्सा लिया है और साल २०११ में उपविजेता रही थीं.
* इसके अलावा साल २००९ में मिक्स डबल्स में ज्वाला गट्टा-वी दीजू की जोड़ी उपविजेता रही थी.
* पीवी सिंधु लगातार तीन बार से इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं.

“आपको पूर्ण भागीदारी व प्रतिबद्धता के साथ चीज़ें करनी चाहिए. जब भी मैं फाइनल में हारी थी, तो कुछ समय के लिए उदास ज़रूर हुई थी, लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि खेल मेरे लिए खत्म हो गया है, क्योंकि यह एक विकल्प नहीं है. याद रहे जीत के लिए ख़ुद पर विश्वास बेहद ज़रूरी है…” – पी. वी. सिंधु

– ऊषा गुप्ता

Saina Nehwal And P Kashyap
शादी मुबारक साइना और पी कश्यप! (Congratulations To Saina Nehwal And P Kashyap On Their Marriage)

बैडमिंटन सुपरस्टार्स साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और पी कश्यप (P Kashyap) बंध चुके हैं शादी (Wedding) के बंधन में. साइना ने सोशल मीडिया पर तस्वीर (Pictures) शेयर करके यह ख़ुशख़बरी अपने फैंस को दी. हमारी तरफ़ से दोनों को शुभकामनाएं!

दोनों काफ़ी समय से रिलेशनशिप में थे और बैडमिंटन की दुनिया में दोनों ने ही अपना ख़ास मुकाम हासिल किया है. सोशल मीडिया पर भी दोनों की साथ-साथ की कई तस्वीरें देखी जाती थीं और फैंस इसी इंतज़ार में थे कि कब दोनों मिस्टर एंड मिसेज़ कश्यप बनें.

सिंपल से आउटफिट्स में दोनों ही बेहद प्यारे और शालीन लग रहे थे.

उड़ान

बधाई और शुभकामनाएं, नए उभरते बैडमिंटन चैंपियन बन गए है लक्ष्य सेन (Lakshya Sen). इंडोनेशिया के जर्काता में जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप (Junior Badminton Championship) जीतकर उन्होंने यह कीर्तिमान अपने नाम किया. लक्ष्य ने देश को 53 साल बाद एशियाई पुरुष जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. इस टूर्नामेंट में लक्ष्य को छठी वरीयता प्राप्त थी.
उन्होंने फाइनल में प्रथम वरीयता थाइलैंड के कुनलावुत वितिदसरन को सीधे सेटों में 21-19, 21-18 से मात दी. दोनों के बीच कड़ा मुक़ाबला हुआ, पर आख़िरकार जीत लक्ष्य की हुई. अंडर-19 के इस फाइनल में लक्ष्य ने 46 मिनटों के भीतर सीधे सेटों में कुनलावुत को हराया. दोनों के बीच यह पहली भिडंत थी.

Junior Badminton Championship

उन्होंने सेमीफाइनल में चौथी वरीयता के इंडोनेशिया के इखसान लियोनार्डो इमानुएल रुमबे को 21-7, 21-14 से हराया था.
बकौल लक्ष्य- वे यह टूर्नामेंट जीतकर बेहद ख़ुश हैं. इससे उनका आत्मविश्‍वास बढ़ा है. यह काफ़ी लंबा टूर्नामेंट रहा, क्योंकि मैं व्यक्तिगत व टीम स्पर्धा दोनों मेंं खेला. हर मैच के बाद मेरा पूरा ध्यान अपनी थकान से उबरना रहा. मुझे ख़ुशी है कि मैं अच्छा खेल सका और जीत हासिल कर सका.
लक्ष्य के स्वर्ण पदक जीतने व बेहतरीन परफॉर्मेंस पर बीएआई (भारतीय बैडमिंटन संघ) ने दस लाख रुपए की इनामी राशि देने की घोषणा की है.

Junior Badminton Championship

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डिफरेंट स्ट्रोक्स...
* लक्ष्य से पहले साल 1965 में गौतम ठक्कर ने यह जूनियर एशियाई बैडमिंटन का ख़िताब जीता था.
* और साल 2012 में पीवी सिंधु ने महिला वर्ग में इस ख़िताब का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था.
* लक्ष्य सेन यूं तो दुनिया के नंबर नाइन प्लेयर हैं, पर एक समय में वे नंबर वन पर काबिज़ थे.
* अभी फ़िलहाल थाइलैंड के कुनलावुत वितिदसरन दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी हैं.
* लक्ष्य एशिया जूनियर चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं.
* पिछले साल इस टूर्नामेंट में लक्ष्य ने कांस्य पदक हासिल किया था.
* प्रकाश पादुकोण व विमल कुमार से ट्रेनिंग हासिल करनेवाले लक्ष्य ने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में बैडमिंटन की बारीक़ियों को सिखा है.
* वैसे बैडमिंटन लक्ष्य के ख़ून में रहा है यानी उनके पिता डीके सेन व भाई चिराग़ भी बैडमिंटन खेलते रहे हैं. फ़िलहाल उनके पिता बैडमिंटन कोच हैं.
* लक्ष्य का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में 16 अगस्त, 2001 में हुआ था.
* उन्होंने एशिया जूनियर चैैंपियनशिप व बीडब्ल्यूएफ इंटरनेशनल चैलेंज सीरीज़ जीता है.
* लक्ष्य अब तक जूनियर सिंगल टाइटल में अंडर 13, अंडर 17 व अंडर 19 का ख़िताब अपने नाम कर चुके हैं. साथ ही कई इंटरनेशनल मेडल भी जीते हैं.

– ऊषा गुप्ता

 

Shrikant

कदम-दर-क़दम कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते हुए श्रीकांत किदांबी ने आख़िरकार इतिहास ही रच डाला. आस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज़ के फाइनल में चीन के मौजूदा ओलिंपिक व विश्‍व चैंपियन चेन लॉन्ग को सीधे सेटों में 22-20, 21-16 से हराकर. अब तक इनके बीच हुए पांच मुक़ाबलों में श्रीकांत को हार ही मिली थी, लेकिन रविवार का दिन श्रीकांत के नाम रहा.
आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहनेवाले श्रीकांत की कड़ी मेहनत और सतत आगे बढ़ते रहने के जज़्बे का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि चार साल पहले 2012 में वर्ल्ड रैंकिंग में वे 240 वें स्थान पर थे. सालभर में ही वे 13 वें स्थान पर पहुंचे. फिर उनकी बेस्ट रैंकिंग 2015 में तीसरी पोज़ीशन की रही थी. लेकिन फ़र्श से अर्श तक का उनका सफ़र शानदार रहा. आज शीर्ष पर पहुंचकर उन्होंने अपना और देश का नाम रोशन कर दिया.

श्रीकांत के खेल सफ़र पर एक नज़र डालते हैं-

* श्रीकांत ने हैदराबाद के गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी से प्रशिक्षण लिया है.
* साल 2011 के कॉमनवेल्थ यूथ गेम के मिक्स डबल्स में श्रीकांत ने सिल्वर मेडल जीता था.
* ऑल इंडिया जूनियर इंटरनेशनल बैंडमिंटन चैपिंयनशिप में सिंगल्स व डबल्स जीते.
* साल 2012 में मालदीव इंटरनेशनल चैलेंज में मलेशिया के जूनियर विश्‍व चैंपियन जुल्फदली को हराकर ख़िताब अपने नाम किया.
* 2013 में थाईलैंड ग्रा. प्री. गोल्ड में शानदार जीत हासिल की.
* 2014 में चाइना ओपर सुपर सीरीज़ प्रीमियर का ख़िताब जीते.
* श्रीकांत ने 2015 में स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड में गोल्ड जीतनेवाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनें. इसी साल उन्होंने इंडिया ओपन सुपर सीरीज़ भी जीता.
* हाल ही में जापान के काज़ुमास सैकई को फाइनल में हराकर उन्होंने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज़ अपने नाम किया.
* वे अवध वॉरियर्स टीम का हिस्सा भी रहे हैं.
* श्रीकांत के बड़े भाई नन्दा गोपाल भी बैडमिंटन प्लेयर हैं.
* वे अब चार सुपर सीरीज़ ख़िताब जीत चुके हैं.
* आस्ट्रेलियन ओपन जीतने के साथ-साथ लगातार दो सुपर सीरीज़ जीतनेवाले वे पहले भारतीय खिलाड़ी हैं.
* वे दुनिया के पांचवे ऐसे खिलाड़ी भी बन गए हैं, जिन्होंने लगातार तीन सुपर सीरीज़ के फाइनल में जगह बनाई.
* भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) ने श्रीकांत की बेहतरीन उपलब्धि पर उन्हें पांच लाख की राशि पुरस्कार के रूप में देने की घोषणा की है.
बकौल श्रीकांत, “मैंने पूरे टूर्नामेंट तक ख़ुद पर अधिक दबाव नहीं डाला. मेरी कोशिश ख़िताब को जीतने की बजाय मैच दर मैच आगे बढ़ने की रही. मेरा उद्देश्य अच्छा खेलना था.” देश को श्रीकांत पर गर्व है. उन्होंने कई बार देश को गौरवान्वित होने का मौक़ा दिया. वैल डन श्रीकांत! ऑल द बेस्ट!

– ऊषा गुप्ता

Shraddha Kapoor

बॉक्सर मैरी कॉम के बाद अब दूसरी महिला खिलाड़ी पर बायोपिक बनने जा रही है. ये खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि भारत की स्टार और पूर्व नंबर 1 बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल हैं. साइना नेहवाल की ज़िंदगी पर अमोल गुप्ते एक फिल्म बना रहे हैं. फिल्म की चर्चा तो बहुत पहले से थी, लेकिन इसके स्टारकास्ट को लेकर दुविधा थी. शुरुआत में एक बार ये हुआ था कि इस रोल को दीपिका पादुकोण निभाएंगी, लेकिन अब श्रद्धा कपूर के नाम की फाइनल मुहर लग गई है.

खेल प्रेमियों के लिए ये बेहद ख़ुशी की बात है कि उन्हें एक और बायोपिक देखने को मिलेगा. इस फिल्म पर निर्देशक अमोल गुप्ते की टीम रिसर्च में लग गई है. फिल्म को भूषण कुमार प्रोड्यूस करेंगे. साइना इन दिनों बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के लिए चीन में हैं. इस खबर पर प्रतिक्रिया जताते हुए साइना ने कहा, वाह! मुझे फिल्म के बारे में तो जानकारी थी, लेकिन कास्टिंग के बारे में पता नहीं था. यह शानदार रहेगा, यदि श्रद्धा मेरी भूमिका में हों, क्योंकि वह बेहद टैलंटेड और मेहनती ऐक्ट्रेस हैं. मुझे यक़ीन है कि वह इस रोल के साथ पूरा न्याय करेंगी.

श्रद्धा कपूर भी अपने इस रोल से काफ़ी ख़ुश हैं. उन्होंने कहा कि ज़्यादातर लड़कियां अपने स्कूल के दिनों में कभी न कभी बैडमिंटन खेलती ही हैं. मुझे लगता है कि मैं काफी लकी हूं कि मुझे साइना का किरदार निभाने का मौका मिल रहा है, जो केवल दुनिया की नंबर वन बैडमिंटन प्लेयर ही नहीं, बल्कि एक यूथ आइकन भी हैं. मुझे अपने इस रोल की शुरुआत का बेसब्री से इंतज़ार है. श्रद्धा नेे अपने सोशल मीडिया पेज पर इस फिल्म से रिलेटेड कई पोस्ट किए.

हम आपको बता दें कि साइना अपने आप पर बनने वाली फिल्म से बहुत एक्साइटेड हैं. साथ ही वो इस बात से भी ख़ुश हैं कि उनका रोल कोई और नहीं, बल्कि उनकी अच्छी दोस्त श्रद्धा कपूर निभा रही हैं. साइना कहती हैं कि काफ़ी लोग कहते हैं कि वो और श्रद्धा एक जैसी दिखती हैं. ऐसे में फिल्म में श्रद्धा का चुना जाना पूरी तरह से बेहतरीन लग रहा है.

अब सारा दारोमदार श्रद्धा पर है कि वो फिल्म में कैसा अभिनय करती हैं. दर्शकों ने प्रियंका चोपड़ा को मैरी कॉम के रोल में देखकर बहुत सराहा था. फैन्स से लेकर क्रिटिक तक ने प्रियंका के अभिनय को सराहा था. इतना ही नहीं, जब मिल्खा सिंह पर फिल्म बनी थी, तो उसमें फरहान अख़्तर ने भी ज़बर्दस्त अभिनय किया था. इन दोनों की परफॉर्मेंस को देखकर श्रद्धा से लोगों की उम्मीदें बढ़ना लाज़मी है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

PV sindhu

भारत की बैडमिंटन सनसनी पी वी सिंधु 5 नंबर से छलांग लगाकर नंबर 2 पर काबिज़ हो गई हैं. पी वी की ये रैंकिंग हाल में में कैरोलिन मारिन को हराने के बाद बढ़ी है. सायना नेहवाल के बाद सिंधु भारत की दूसरी खिलाड़ी हैं, जिन्हें ये रैंकिंग मिली है. अब दिन दूर नहीं, जब सिंधु दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बनकर देश का गौरव बढ़ाएंगी. मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से पी वी सिंधु को इस कामयाबी के लिए बहुत-बहुत बधाई.

PV sindhu

रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद हमसे बातचीत के दौरान सिंधु ने कहा था कि ये समय उनका है. इस समय उन्हें कोई पीछे नहीं कर सकता. पिछले साल के उस इंटरव्यू के बाद से सिंधु हमेशा रैंकिंग में आगे ही बढ़ती जा रही हैं. सिंधु से पहले ये गौरव सायना नेहवाल ने देश को दिलाया था. अब बारी सिंधु की है.

सिंधु के इस विजय अभियान और बढ़ते हुए हौसले से उनके विरोधी खिलाड़ी ज़रूर कोई रणनीति बनाने में जुट गए होंगे. पिछले सप्ताह कैरोलिन मारिन को हराते समय सिंधु नंबर 5 पर थीं, लेकिन मारिन को हराने के बाद ही यह साबित हो गया था कि अब सिंधु मारिन को रैंकिंग में पीछे छोड़ते हुए आगे निकल जाएंगी, लेकिन ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी था. अब मारिन नंबर 3 पर हैं और सिंधु लंबी छलांग लगाते हुए नंबर 2 पर काबिज़ हो गई हैं. नंबर 1 पर ताइवान की ताई ज़ू यिंग हैं.

 

 

साइना नेहवाल

भारत में बैडमिंटन की छवि सुधारने और पूरे विश्‍व में इस खेल में भारत का नाम रोशन करने वाली पहली खिलाड़ी साइना नेहवाल को ही है. बैडमिंटन की दुनिया में देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाली साइना नेहवाल देश के लिए गौरव बन चुकी हैं. हरियाणा की ये लड़की कब दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा कर गई पता ही नहीं चला. लगातार मेहनत करके साइना न केवल एक के बाद एक टूर्नांमेंट जीतती रहीं, बल्कि नंबर एक की पोज़ीशन पर काबिज़ होकर दुनिया में देश का गौरव बढ़ाया. साइना के बर्थडे के मौ़के पर आइए, जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें.

साइना नेहवाल के पैदा होने पर उनकी मां को उनकी दादी ने बहुत कुछ सुनाया.

◊ साइना की दादी को पोती नहीं, बल्कि पोता चाहिए था.

◊ पोता न होने पर दादी ने एक महीने तक साइना को गोद में नहीं लिया था.

साइना नेहवाल

◊ बचपन में साइना बैडमिंटन प्लेयर नहीं, बल्कि कराटे प्लेयर बनना चाहती थीं.

◊ 8 साल की उम्र तक साइना ने कराटे खेला, लेकिन उसके बाद उनकी बॉडी ने इस गेम को सपोर्ट नहीं किया.

◊ पापा के कहने पर साइना ने बैडमिंटन को अपना करियर गेम चुना.

◊ भारत की ओर से साइना पहली ऐसी खिलाड़ी हैं, जो विश्‍व में बैडमिंटन की नंबर 1 खिलाड़ी बनी हों.

◊ बैडमिंटन खेलने के लिए साइना ने बचपन से ही 16-16 घंटे कोर्ट पर मेहनत की.

◊ उनके पिता की आधे से ज़्यादा सैलरी साइना के कोचिंग और फिटनेस पर चली जाती थी.

साइना नेहवाल

◊  2009 में साइना को अर्जुन पुरस्कार से नावाज़ा गया.

◊  2010 में साइना नेहवाल को भारत सरकार ने पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया.

◊ 2014 लंदन ओलिंपिक में साइना ने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था.

p v sindhu

रियो ओलिंपिक 2016 में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले पी वी सिंधु रैंकिंग में टॉप 5 पर पहुंच चुकी हैं. सिंधू ने अपनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया है और उनके खाते में 69399 अंक हैं. ओलिंपिक के बाद से लगातार पीवी सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं.

सायना से आगे निकलीं पी. वी.
भारत की ही सायना नेहवाल अपने नौंवें स्थान पर बनी हुई हैं. सिंधू ने 2017 की शुरुआत छठे स्थान से की थी, लेकिन 26 जनवरी को वह नौंवे स्थान पर खिसक गई थीं. सिंधू उसके बाद फिर छठे स्थान पर लौटीं और अब 5 वें नंबर पर आ गई हैं. सिंधु और सायना दोनों वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में चल रही एशियाई मिश्रित चैंपियनशिप में भारतीय टीम से हट गई थीं.

महिला युगल में टॉप 25 में कोई भारतीय जोड़ी नहीं है. हालांकि ज्वाला गुट्टा और अश्‍विनी पोनप्पा दो स्थान के सुधार के साथ 27वें नंबर पर आ गई हैं. मिश्रित युगल में प्रणव चोपड़ा और एन सिक्की रेड्डी का 14वां स्थान कायम है. एकल में भारत की ओर से पी वी सिंधु ही सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर हैं. भारत के लिए यह गौरव की बात है.

 

श्वेता सिंह 

 

P V Sindhu

  • भारत की बैडमिंटन खिलाडी पीवी सिंधु (P V Sindhu) ऐसी दूसरी भारतीय खिलाडी बन गई जिन्होंने चाइना ओपन सीरीज अपने नाम की.
  • उन्होंने चीन की सुन यु को 21-11, 17 -21, 21-11 से हराकर टाइटल अपने नाम किया.
  • सिंधु ने कमाल का खेल दिखाया और उनकी फुर्ती के सामने सुन यु की एक न चली.
  • पहले हाफ में सिंधु खेल में पूरी तरह हावी रहीं, लेकिन दूसरे हाफ में सुन यु ने वापसी की और सिंधु को टफ फाइट दी, लेकिन आखिरी में सिंधु ने खेल को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया.
  • सिंधु से पहले चाइना ओपन का ख़िताब सायना नेहवाल भी वर्ष २०१४ में अपने नाम कर चुकी हैं.
  • सिंधु को इस जीत के लिए