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लघु उद्योग- इको फ्रेंडली बैग मेकिंग: फ़ायदे का बिज़नेस (Small Scale Industries- Profitable Business: Eco-Friendly Bags)

बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी ने बहुतों को सोचने पर मजबूर किया है कि वो कोई लघु उद्योग (Small Business) करें, पर जानकारी न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ख़ास ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) लेकर आई है लघु उद्योग सीरीज़ (Small Industry Series), जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, कपड़े के कैरी बैग्स का लघु उद्योग (Small Business Of Carry Bags Of Clothes).

 Eco-Friendly Bags

देश के कई राज्यों में प्लास्टिक बैन के कारण कपड़े के कैरी बैग्स की डिमांड अचानक बढ़ गई है. रोज़मर्रा के कामों के लिए हमें कैरी बैग्स की ज़रूरत पड़ती ही है, ऐसे में जिस तेज़ी से मार्केट में कपड़े के कैरी बैग्स की डिमांड बढ़ी है, ऐसे में यह बिज़नेस आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. इस बिज़नेस के लिए आपको क्या करना होगा और कैसे कम बजट में शुरू कर सकते हैं यह बिज़नेस, आइए जानें.

साधन

यह बिज़नेस ऐसा है, जिसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं और इसके लिए बहुत ज़्यादा साधनों की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए आपको स़िर्फ सिलाई मशीन, मेज़रिंग टेप और कैंची जैसी चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी.

* मार्केट में एक सिलाई मशीन की क़ीमत लगभग 7 हज़ार रुपए है और आपको 2 सिलाई मशीन की ज़रूरत पड़ेगी, तो 7000×2=

14000 रुपए.

* सिलाई मशीन के बाद आपको ज़रूरत है मेज़रिंग टेप की और 1 मेज़रिंग टेप की क़ीमत होती है लगभग 50 रुपए, तो 50×2=100 रुपए.

* कपड़े काटने के लिए आपको कैंची चाहिए. मार्केट में 1 कैंची की क़ीमत लगभग 100 रुपए, तो 100×2= 200 रुपए.

* कुल ख़र्च होगा= 14,300 रुपए

कुछ समय बाद जब आपका बिज़नेस बढ़ेगा या फिर मार्केट में कैरी बैग्स की डिमांड और बढ़ेगी, तो आप इसे बड़े लेवल पर शुरू कर सकते हैं. रोज़ाना कपड़े के 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए आपको क्या-क्या करना होगा?

यंत्र सामग्री

* एक ऑटोमैटिक कॉटन बैग मेकिंग मशीन की शुरुआती क़ीमत लगभग 5 लाख रुपए है.

* ऑटोमैटिक मशीन नहीं लेना चाहते, तो सिलाई मशीन से भी काम चला सकते हैं, पर तब समय और कर्मचारी दोनों ही ज़्यादा लगेंगे.

* सिलाई मशीन, मेज़रिंग टेप और कैंची की क़ीमत ब्रांड और कंपनी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.

स्थान और कर्मचारी ख़र्च
स्थान 

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको 250 से 300 स्न्वैर फुट की जगह की ज़रूरत होती है.

किराया: हर शहर का किराया अलग-अलग होता है, इसलिए वह जगह के अनुसार होगा.

* बिजली का बिल- लगभग 2 हज़ार रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

कर्मचारी

रोज़ाना 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए आपको 2 कर्मचारियों की ज़रूरत होगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार एक महीने यानी 25 वर्किंग डे का वेतन 400×25= 10,000 रुपए होगा.

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

* कपड़ा: 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए लगभग 22 मीटर कपड़े की ज़रूरत होगी. अगर एक मीटर कपड़े की क़ीमत लगभग 50 रुपए पकड़ें, तो अ 50×22= 1100 रुपए होगा.

* धागा: 50 रुपए.

* सजावट का सामान: लेस, झालर, चेन आदि- 100 रुपए.

* मार्केट से रंग-बिरंगे कपड़े ख़रीदने की बजाय आप पुरानी ख़ूबसूरत साड़ियों, रंग-बिरंगे दुपट्टों जैसे कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

* इस प्रकार कच्चे माल का कुल ख़र्च 1250 रुपए होगा.

Eco-Friendly Bags

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- पोटैटो वेफर मेकिंग क्रंची बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Potato Wafer-Making Business)  
कैरी बैग तैयार करने की प्रक्रिया

* कैरी बैग्स बनाने से पहले यह डिसाइड कर लें कि आपको किस डिज़ाइन के कैरी बैग्स बनाने हैं.

* उसके बाद डिज़ाइन के अनुसार कपड़े को काट लें.

* कपड़े को सिलाई मशीन की सहायता से सिल लें. सिलाई ठीक से हुई है या नहीं, दोबारा चेक करें.

* अब कैरी बैग में झालर और चेन लगाकर सजा लें.

ये बातें याद रखें

* अच्छी क्वालिटी का कपड़ा इस्तेमाल करें,  जिसका रंग वगैरह न निकले.

* कैरी बैग इतना मज़बूत होना चाहिए कि रोज़मर्रा के सामान का वज़न उठा सके.

उत्पादन की पैकेजिंग

कपड़े के कैरी बैग्स काफ़ी टिकाऊ होते हैं, इसलिए इसमें ख़ास पैकेजिंग की ज़रूरत नहीं पड़ती. बस, इस बात का ध्यान रखें कि सिलाई करते समय बैग में दाग़-धब्बे न लगें और न ही वो कहीं से फटे.

उत्पादन की बिक्री

* शहर की बड़ी-बड़ी दुकानों, किराना दुकान व स्टेशनरी की दुकान पर आप कैरी बैग्स को बेचने के लिए रख सकते हैं.

* बड़े-बड़े कार्यक्रमों में गिफ्ट देने के लिए, बर्थडे, एनीवर्सरी, गोद भराई जैसे कार्यक्रमों में भी गिफ्ट देने के लिए आप अपने कैरी बैग्स को प्रमोट कर सकते हैं.

* ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक प्रोडक्ट पहुंचे, उसके लिए विज़िटिंग कार्ड, बैनर्स आदि छपवा सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

लघु उद्योग लाइसेंस

प लघु उद्योग की शुरुआत के लिए उसका रजिस्ट्रेशन करना बहुत ज़रूरी है. इससे कई सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिल सकता है.

संपर्क

कपड़े के कैरी बैग्स का लघु उद्योग शुरू करने के लिए लगनेवाला कच्चा माल, मशीनें और इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए स्थानों पर संपर्क करें-

हैंडक्राफ्ट वर्ल्डवाइड कंपनी

सिंधुदुर्ग भवन, 2री मंज़िल, लोखंडवाला रोड, डी एन नगर मेट्रो स्टेशन के पास, अंधेरी (प.), मुंबई- 400053

संपर्क: 9588773344/ 8898980506

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट:www.handcraft.co.in
www.ehandcraft.co.in

 

स्वयंसिद्धा फाउंडेशन

402, रेले स्मृति, एस.वी. रोड,

मालाड (प.), मुंबई- 400064

संपर्क: 9920987512/ 9930147179

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट:www.swayamsiddhafoundation.org

एस जी इंजीनियर

68, बालजाती वेल, बालजाती स्कूल के पास, नवादा शेख़न, ओल्ड सिटी, बरेली, उत्तर प्रदेश-243005

संपर्क: 9259220333/ 9219533381

वेबसाइट: www.sgengineer.info

प्राइमरी इंफॉर्मेशन सर्विसेज़

21, मुरुगप्पन स्ट्रीट, स्वामी नगर एक्सटेंशन 2, उल्लागरम, मडिपक्कम, चेन्नई,

तमिलनाडु- 600091

संपर्क: 9422202772

ईमेल: [email protected]

एंबॉस

306, अनुराधा, अमृत कुंभ सोसाइटी, बी.एस. रोड, दादर (प.), मुंबई- 400028

संपर्क: 9152181880/ 9870881895

ईमेल: [email protected]

आर्क क्रिएशन

बी-17, प्रीतेश कॉ., दापोड़ा रोड, अंजुर फाटा, ओवड़ी गांव, भिवंडी, ठाणे- 421302

संपर्क: 09820218190

ईमेल: [email protected],
[email protected]

वेबसाइट: www.arccreation.co.in

श्री दुर्गालक्ष्मी इंपेक्स

2/29, साकिमंगलम रोड, अंदरकोट्टाराम, अय्यानगर, मदुरै, तमिलनाडु- 625020

संपर्क: 8071284802/ 7708860001

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट: www.sridurgalakakshmitrading.com

Bags Making

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

कपड़े की कैरी बैग्स बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

– सायली शिर्के

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