Baisakhi special

आज देशभर में बैसाखी का त्योहार मनाया जा रहा है. हालांकि इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. असम में बिहू, पश्चिम बंगाल में नबा वर्षा, केरल में पूरम  विशु के नाम इसे जाना जाता है. आज ही के दिन से पंजाबी नव वर्ष की शुरूआत होती है. बैसाखी का त्योहार ऐतिहासिक महत्व रखने के साथ-साथ कृषि से भी जुड़ा हुआ है.

बैसाखी को फसल पकने के प्रतीक के तौर पर भी मनाया जाता है. इस वक्त ख़रीफ़ की फसल पूरी तरह से पक जाती है और इसकी कटाई शुरू होती है. इसी के साथ अप्रैल के महीने में मौसम में भी परिवर्तन होता है. बॉलीवुड की फिल्मों में भी बैसाखी को खास अहमियत दी गई है. इसलिए इस खास मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं बैसाखी के 5 स्पेशल गाने…

Top Bollywood Baisakhi songs

1- फिल्म ‘मदर इंडिया’ का गाना ‘दुख भरे दिन बीते रे’… 

2- फिल्म ‘उपकार’ का गाना ‘मेरे देश की धरती’…

3- फिल्म ‘दो बीघा ज़मीन’ का गाना ‘धरती कहे पुकार’ के….

4- फिल्म ‘मेला’ का गाना ‘एक बार रख दे कदम ज़रा झूम के’…

5- फिल्म ‘गीत गाता चल’ का गाना ‘धरती मेरी माता’…

यह भी पढ़ें: बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ का रत्न प्रेम: क्या रत्न चमकाते हैं इनकी क़िस्मत?

 

बैसाखी

देश के अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामों से बौसाखी मनाई जाती है. लो आ गई बैसाखी, जिसका इंतज़ार हर किसान को बेसब्री से रहता है. बैसाखी, दरअसल सिख धर्म की स्थापना और फसल पकने के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है. इस महीने फसल पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है और पकी हुई फसल को काटने की शुरुआत भी हो जाती है. ऐसे में किसान खरीफ की फसल पकने की खुशी में यह त्यौहार मनाते हैं.

क्या है ऐतिहासिक कहानी?
सिखों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह ने बैसाखी के दिन ही आनंदपुर साहिब में वर्ष 1699 में खालसा पंथ की नींव रखी थी. गुरु गोविन्द सिंह ने इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी, इसलिए बैसाखी का पर्व सूर्य की तिथि के अनुसार मनाया जाने लगा. खालसा-पंथ की स्थापना के पीछे गुरु गोविन्द सिंह का मुख्य लक्ष्य लोगों को तत्कालीन मुगल शासकों के अत्याचारों से मुक्त कर उनके धार्मिक, नैतिक और व्यावहारिक जीवन को श्रेष्ठ बनाना था.

बैसाखी

किसानों की ख़ुशी ज़ाहिर करने का दिन
बैसाखी पंजाब के किसानों के मुख्य पर्व है. इस पर्व को वो बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं. इस समय गेंहू की फसल तैयार हो जाती है. किसानों के लिए गेंहू सोने के समान होता है. इस त्योहार से किसान अपने खेतों में गेंहू की कटाई शुरू कर देते हैं. फसल अच्छी हुई, तो किसानों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता. इस दिन किसान सुबह-सुबह मंदिरों और गुरुद्वारों में जाकर ईश्‍वर की आराधना करते हैं और फिर इसी दिन से फसलों की कटाई का काम शुरू करते हैं.

बैसाखी के त्योहार से बॉलीवुड की फिल्में भी अछूती नहीं रही हैं. कई फिल्मों में भी बैसाखी को भव्य अंदाज़ में दिखाया गया है. फिल्मों में गेंहू के खेतों में किसानों को नाचते-गाते दिखाया जाता है.