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Bans on Movies After #MeToo

जब से तुनश्री दत्ता ने ख़ुद पर हुए उत्पीड़न का मामला उठाया है, तब से हर दिन एक नया शख़्स और एक नई कहानी सामने आती जा रही है. धीरे-धीरे हर तरफ़ इसे लेकर विरोध की लहर उठ रही है. अब मामी (मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज) ने मामी फिल्म महोत्सव (Mami Film Festival) में रजत कपूर की कड़क और एआईबी की चिंटू का बर्थडे नहीं दिखाना का फैसला किया है. दरअसल, रजत कपूर और एआईबी से जुड़े उत्सव चक्रवर्ती पर भी दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं. इस पर दोनों ही शख़्स ने माफ़ी भी मांग ली है. फिर भी ग़लत तो ग़लत होता है, उसकी भरपाई सॉरी तो बिल्कुल भी नहीं.

मामी के अनुसार, वे मीटू का समर्थन करते हैं और महिलाओं व कलाकारों पर हो रहे अत्याचार का विरोध करते हैं. इस कारण ही वे दोषी कलाकारों की फिल्में अपने फिल्म फेस्टिवल में नहीं दिखा रहे.

तनुश्री दत्ता, कंगना रनौत के बाद विंटा नंदा ने भी ख़ुद के साथ 19 साल पहले हुए हादसे को खुलकर बयां किया. इसमें सीनियर कलाकार आलोकनाथ की इमेज भी सवालों के घेरे में आ गई है. नवनीत निशान, रिचा चड्ढा, स्वरा भास्कर, मिनी माथुर, पंजाबी एक्ट्रेस सिमरन कौर मुंडी ने विंटा नंदा का साथ देते हुए उनके लिए न्याय की बात कही है.

रितिक रोशन ने भी निर्देशक विकास बहल के बदसलूकी से जुड़े परत-दर-परत रोज़ एक से एक नए क़िस्से को सुनते हुए सुपर 30 के निर्माता से इस पर कठोर क़दम उठाने के लिए कहा है. रितिक इन दिनों अपनी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में इटली में हैं, उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए ही काफ़ी बातें पता चल रही है. उसी के आधार पर उन्होंने अपना पक्ष रखा और दोषी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रितिक रोशन की फिल्म सुपर 30 के निर्देशक हैं विकास बहल. उन पर कंगना रनौट, उनके यूनिट से जुड़े अन्य लोगों ने भी उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य पर भी एक पूर्व एयरहोस्टेस ने यौन उत्पीड़न का इल्ज़ाम व ग़लत भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. बकौल उनके इस कारण उन्हें होटल ने एक महीने के लिए बैन भी कर दिया था.

यूं लग रहा है कि आरोप-प्रत्यारोप, उत्पीड़न का सिलसिला-सा चल पड़ा है, पर अब व़क्त आ गया है कि हम सभी को इस पर अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी. अब बात मीटू या यूटू की नहीं असटू की है यानी हम सभी को एक होकर महिलाओं पर हो रहे अन्याय, दुर्व्यवहार, बदसलूकी के ख़िलाफ़ मज़बूत क़दम उठाना होगा. इस पर आप भी अपनी बात और राय शेयर कर सकते हैं.

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ब्यूटी विद ब्रेन रूसी टेनिस प्लेयर मारिया शारापोवा के फैंस के लिए ख़ुशखबरी है. मारिया के फैंस बहुत जल्द अपनी इस खिलाड़ी को कोर्ट पर खेलते हुए देख सकेंगे. जी हां, द कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (उअड) ने शारापोवा पर लगे प्रतिबंध की समयसीमा को कम कर दिया है. शारापोवा के डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाए जाने के बाद उन पर दो साल का बैन लगाया गया था, जो अब कम करके 15 महीने कर दिया गया है. इससे मारिया शारापोवा और उनके प्रशंसकों को काफ़ी राहत मिली होगी. (Maria Sharapova)

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कब लगा था बैन?
29 वर्षीया शारापोवा पर इसी साल जनवरी में डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाए जाने के बाद 2 साल का बैन लगाया गया था. हालांकि शारापोवा अपने ऊपर लगे बैन को कई दिनों तक मानने की स्थिति में नहीं थीं. उनका कहना था कि ये दवाएं वो पहले से खाती आ रही हैं और इस बारे में उन्हें पता नहीं था कि इस पर अब बैन लग गया है, जबकि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ने पहले ही मारिया को एक मेल के ज़रिए प्रतिबंधित दवाओं की लिस्ट भेज दी थी, लेकिन शारापोवा का कहना था कि उन्होंने मेल चेक नहीं किया था, जिससे उन्हें पता नहीं चला. उल्लेखनीय है कि शारापोवा को डोप टेस्ट से पहले पांच बार प्रतिबंधित दवा के प्रयोग को लेकर चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद वह डोप टेस्ट में पॉज़ीटिव पाई गईं.

विनिंग ग्रैंड स्लैम
मारिया शारापोवा सिंगल्स में कुल 5 ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं. मारिया ने ग्रैंड स्लैम के चारों टाइटल जीता है.

डोपिंग में आगे है रूस!
हाल ही में संपन्न हुए रियो ओलिंपिक से पहले भी रूस के सभी खिलाड़ियों पर बैन लगने की बात सामने आयी थी. ख़बरों की मानें, तो रूस के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कई ऐसी दवाइयों का प्रयोग करते हैं, जो प्रतिबंधित होती हैं. किसी समय तो हाल ऐसा था कि रूस में प्रैक्टिस करने से भी खिलाड़ी कतराते थे. इसका मुख्य कारण था डोपिंग. एक ख़बर के मुताबिक़ 2016 रियो ओलिंपिक में कुल 68 खिलाड़ियों पर बैन लगाया गया था, जिन्हें रियो ओलिंपिक में हिस्सा नहीं लेने दिया गया. पिछले कुछ सालों से रूस डोपिंग स्कैंडल में फंस रहा है.

बैन ख़त्म होते ही ख़त्म हो जाएगा मारिया का करियर?
जानकारों की मानें तो लंबे समय तक बैन का ठप्पा लग जाने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस पर असर होने के साथ ही सबसे ज़्यादा चोट उनके मन पर पड़ती है. मानसिक रूप से वो कमज़ोर हो जाते हैं और पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाते. तो क्या बैन ख़त्म होने के बाद जब मारिया कोर्ट पर उतरेंगी, तो उनका पहले वाला दम-खम ख़त्म हो जाएगा, क्या वो फिर से दर्शकों द्वारा मारिया…मारिया की गूंज क्रिएट नहीं कर पाएंगी, क्या टेनिस जगत का एक चमचमाता सितारा यूं ही अंधेरे में ग़ुम हो जाएगा? ऐसे बहुत से सवाल हैं, जो प्रशंसकों के मन में कौंध रहे हैं. अब तो आनेवाला समय ही तय करेगा कि मारिया शारापोवा का फ्यूचर क्या होगा.

भारत भी नहीं रहा अछूता
ऐसा नहीं है कि स़िर्फ रूस या दुनिया के बाकी देशों पर ही डोप में पॉज़ीटिव पाए जाने पर बैन लगता है और भारत इससे अछूता है. समय-समय पर भारतीय खिलाड़ी भी डोप के शिकार होते रहे हैं. रियो ओलिंपिक के दौरान रेसलर नरसिंह यादव पर बैन लग गया था. हालांकि नाडा ने नरसिंह यादव को ये कहते हुए बरी कर दिया था कि उन्हें किसी साज़िश के तहत फंसाया गया है, लेकिन उअड ने नाडा के फैसले को मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है और रियो में जाने के बाद भी उन्हें खेलने की अनुमति नहीं मिली.

टॉप 5 प्लेयर, जो हुए बैन

  • आंद्रे अगासी
  • मार्टिना हिंगिस
  • शेन वॉर्न
  • लांस आर्मस्ट्रॉन्ग
  • टायसन गे

नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 2009 से अब तक कुल 687 भारतीय
एथलीट के ऊपर किसी न किसी तरह का बैन लग चुका है.

 – श्वेता सिंह