Bandit Queen

Paan Singh Tomar Actor Sitaram Panchal Died Due To Lung Cancerपान सिंह तोमर, पीपली लाइव, स्लमडॉग मिलियनेर, जॉली एलएलबी जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके ऐक्टर सीताराम पांचाल नहीं रहे.54 साल की उम्र में किडनी और फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे सीताराम का निधन हो गया है. परिवार के मुताबिक़ उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

सीताराम लगभग साढ़े तीन साल से कैंसर से जूझ रहे थे. उन्हें कई कलाकारों ने आर्थिक मदद भी दी थी. हरियाणा के जींद ज़िले के रहने वाले सीताराम को हरियाणा सरकार ने भी 5 लाख रुपये की मदद की थी.

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साल 1994 में फिल्म ‘बैंडिट क्वीन से सीताराम पांचाल ने अपने करियर की शुरुआत की थी.

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साधारण से चेहरे वाले मनोज बाजपयी ने ये साबित कर दिया है कि ऐक्टर बनने के लिए केवल अच्छी ऐक्टिंग आनी ज़रूरी है. मनोज 48 साल के हो गए हैं. 23 अप्रैल 1969 को बिहार के छोटे से गांव बेलवा में जन्मे मनोज बॉलीवुड का एक बड़ा नाम है. उनकी आवाज़ और डायलॉग बोलने का अंदाज़ काबिले तारीफ़ है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में तीन कोशिशों के बाद भी एडमिशन नहीं मिला था. कभी हिम्मत न हारने वाले मनोज ने इसके बाद ड्रामा स्कूल से बैरी जॉन के साथ थिएटर करना शुरु कर दिया. उनके ऐक्टिंग करियर की शुरूआत हुई सीरियल स्वाभिमान से, लेकिन मनोज को कोई ख़ास पहचान इस सीरियल से नहीं मिली. शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से मनोज को फिल्मों में मौक़ा मिला. इस फिल्म में उनके किरदार को सराहा गया. इसके बाद भी मनोज ने कुछ फिल्में की, लेकिन सत्या फिल्म में उनके किरदार भीखू म्हात्रे ने मनोज को एक सशक्त अभिनेता के रूप में सबके सामने ला खड़ा किया. यहां से शुरू हुआ सफलता का दौर जो अब भी जारी है. फिल्म पिंजर और सत्या के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है.

मेरी सहेली की ओर से मनोज बाजपयी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

देखें उनके 5 दमदार डायलॉग्स.

फिल्म- राजनीति

फिल्म- तेवर

फिल्म- सत्या

फिल्म- शूल

फिल्म- आरक्षण

https://www.youtube.com/watch?v=CXZ4I6eO4wE

Seema_Biswas-1 (1)बैंडिट क्वीन, विवाह, खामोशी, वॉटर, एक हसीना थी, हजार चौरासी की मां जैसी फिल्मों में अपने सशक्त अभिनय से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सीमा बिस्वास की गिनती देश की प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में की जाती है. फूलन देवी के जीवन पर बनी शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन में फूलन के किरदार को जीवंत कर उन्होंने रातोंरात सुर्खियां बटोरीं. इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाज़ा गया.
सीमा बिस्वास का जन्म असम के नलबाड़ी ज़िले में 14 जनवरी 1965 को हुआ. पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई के बाद उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में प्रशिक्षण लिया. शेखर कपूर ने जब एनएसडी में उनका अभिनय देखा, तो उन्होंने अपनी फिल्म बैंडिट क्वीन का प्रस्ताव सीमा के सामने रखा. इस फिल्म की कामयाबी के बाद उन्होंने कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया. उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, मलयालम और तमिल फिल्मों में भी अपने अभिनय के जलवे बिखेरे हैं.

 मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.