Bank Locker

Renting A Locker

बैंक (Bank) द्वारा लोगों को प्रदान की जानेवाली महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक सेफ व सुरक्षित लॉकर की सुविधा देना. लॉकर (Locker) अलग-अलग साइज़ में मिलते हैं, जिसमें लोग अपनी ज़रूरत के अनुसार अपने कीमती सामान को रखकर उसे संचालित (ऑपरेट) कर सकते हैं. बैंक में लॉकर किराए पर लेने की प्रक्रिया वैसे तो बहुत आसान है, पर अधिकतर लोगों को इसकी पूरी व सही जानकारी नहीं होती है. आइए हम आपको बताते है क्या है कि लॉकर किराए पर लेने के लिए किन-किन बातों की जानकारी होना आवश्यक है.

1. कोई भी व्यक्ति बैंक में लॉकर खोल सकता है. वह अकेला, ज्वाइंट, कंपनी या ट्रस्ट के साथ मिलकर लॉकर रेंट पर ले सकता है.

2. लॉकर रेंट पर लेने के लिए व्यक्ति को बैंक में अकाउंट खोलना ज़रूरी है.

3. लॉकर रेंट पर लेने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि नाबालिग के लिए लॉकर रेंट पर नहीं लिया जा सकता है.

4. लॉकर रेंट पर लेने से पहले आवेदक को आवेदन फॉर्म भरना पड़ता है.

5. अगर लॉकर ज्वाइंट नाम पर ले रहे हैं, तो आवेदन फॉर्म में दोनों आवेदकों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है.

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6. फॉर्म के साथ-साथ आवेदक का फोटो और उसका केवाईसी दस्तावेज बैंक भी समिट करना अनिवार्य है.

7. सिक्योरिटी के तौर पर बैंक आवेदक को फिक्स्ड डिपोज़िट खुलवाने के लिए भी बोल सकत है, ताकि इस पर एफडी पर मिलनेवाले ब्याज़ को लॉकर रेंट के तौर पर वसूल किया जा सके.

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8. किसी अप्रत्याशित घटना के घटित होने पर बैंक लॉकर को तोड़ने का चार्ज़ भी वसूल कर सकता है.

9. लॉकर रेंट पर लेने के बाद यदि कोई आवेदक उसे एक साल तक उसे ऑपरेट नहीं करता है, लेकिन समय पर उसका पेमेंट करता है या तीन साल तक उसे नहीं खोलता है, तो बैंक आवेदक को लॉकर सरेंडर करने को कह सकता है.

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10. बैंक के लॉकर की चाबी संभालकर रखें. भूल से यह चाबी खो जाती है, तो दोबारा बनवाने के लिए फिर से कागज़ी कारर्वाही करनी पड़ती है.

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– देवांश शर्मा

 

Things Every Bank Locker Holder Should Know

  • लॉकर लेने के लिए आपका उस बैंक में खाता होना ज़रूरी है, ताकि समय-समय पर बैंक आपके खाते में से चार्ज लेता रहे.
  • अगर लॉकर खाली नहीं है, तो बैंक लॉकर के अलॉटमेंट के लिए वेटिंग लिस्ट तैयार करता है और आपको वेटिंग नंबर जारी करता है.

Things Every Bank Locker Holder Should Know

  • बैंक में उपलब्ध कुल लॉकर्स में से 80 फ़ीसदी को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर अलॉट किया जाता है. बाकी को बैंक मैनेजर अपने विशेषाधिकार से कुछ विशेष खाता धारकों को उनके खाते की परफॉर्मेंस के आधार पर अलॉट कर सकता है.
  • लॉकर अलॉट करने के नाम पर बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट की मांग नहीं कर सकता है, लेकिन वे लॉकर के तीन साल के किराए और लॉकर तोड़ने के चार्ज के बराबर डिपॉज़िट करा सकता है.
  • लॉकर की सुविधा देते समय बैंक ग्राहक के साथ एक एग्रीमेंट करता है. इस एग्रीमेंट की अटेस्ट कॉपी आप बैंक से ज़रूर हासिल करें. भविष्य में बैंक के साथ कोई भी विवाद होने पर यह आपके काम आ सकती है.
  • अलॉट किए गए लॉकर्स की सुरक्षा का ज़िम्मा बैंक का होता है.

Things Every Bank Locker Holder Should Know

  • लॉकर्स की सभी चाबियों पर बैंक या ब्रांच का कोड नंबर छपा होना चाहिए. अगर बैंक का प्रतिनिधि आपसे लॉकर की चाबी मांगे, तो भी उसे कभी चाबी न दें. अपनी उपस्थिति में ही चाबी पर बैंक या ब्रांच का कोड डलवाएं.
  • बैंक हर साल लॉकर का किराया एडवांस में वसूलता है.
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  • अगर आपने एक साल तक अपना लॉकर ऑपरेट नहीं किया है, तो बैंक आपसे इसका कारण जान सकता है. अगर बैंक आपके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो उसे आपके लॉकर का अलॉटमेंट रद्द करने व लॉकर खोलने का अधिकार है. भले ही आप लॉकर का किराया समय पर दे रहे हों.
  • सभी खाताधारकों के लिए ज़रूरी है कि वे लॉकर की सुविधा लेते वक़्त नॉमिनेशन ज़रूर करें. एक बार नॉमिनी बनाए जाने के बाद भी आप अपना नॉमिनी बदल सकते हैं. खाताधारक की मौत हो जाने पर नॉमिनी को खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र व अपना पहचान पत्र उपलब्ध कराने पर लॉकर ऑपरेट करने का अधिकार मिल जाता है.
  • संयुक्त रूप से लॉकर लिए जाने की स्थिति में अगर एक खाता धारक की मृत्यु हो जाती है, तो बैंक उसके नॉमिनी व दूसरे लॉकर धारक को संयुक्त रूप से लॉकर ऑपरेट करने का अधिकार दे सकता है.
  • लॉकर धारक की मौत हो जाने पर उसके उत्तराधिकारी को लॉकर का सामान सौंपते वक़्त अगर लॉकर से कोई बंद लिफ़ाफ़ा मिलता है, तो बैंक अधिकारी को उसे खोलकर देखने का अधिकार नहीं है.

Things Every Bank Locker Holder Should Know

  • जब आप लॉकर ऑपरेट कर रहे हों, उस वक़्त लॉकर रूम में कोई दूसरा शख़्स नहीं होना चाहिए. चाहे वह बैंक अधिकारी या कोई और लॉकर धारक ही क्यों न हो.
  • सभी बैंकों में शिकायत पुस्तिका होती है. किसी तरह की शिकायत होने पर इसमें एंट्री ज़रूर करें.

यह भी जानें

  • लॉकर व्यक्तिगत, संयुक्त, कंपनी या संगठन के नाम पर लिया जा सकता है. लॉकर कम से कम एक साल के लिए दिया जाता है. बैंक लॉकर के लिए अप्लाई करते वक़्त बैंक की गाइडलाइंस ज़रूर पढ़ें.
  • बैंक की ज़िम्मेदारी है कि वह आवेदन करनेवाले को नॉमिनेशन सुविधा के फ़ायदे ज़रूर बताए.
  • किसी बच्चे को भी नॉमिनी बनाया जा सकता है, लेकिन क्लेम के समय नॉमिनी के बच्चा (माइनर) होने की स्थिति में क्लेम उसके पैरेंट्स को दिया जाता है.
  • अगर आपने लॉकर का किराया नहीं दिया है और आप बैंक द्वारा नोटिस दिए जाने पर भी बैंक से संपर्क नहीं करते हैं, तो बैंक को आपके लॉकर को तोड़ने का अधिकार है. इसका सर्विस चार्ज भी आपसे ही लिया जाएगा.
  • लॉकर को बैंक अधिकारी व ग्राहक दोनों के पास मौजूद चाबी से खोला जा सकता है, जबकि बंद स़िर्फ ग्राहक की चाबी से ही किया जा सकता है.
  • लॉकर ऑपरेट करने के बाद बैंक अधिकारी को लॉक चेक करने को कहें. बैंक अधिकारी की ड्यूटी होती है कि लॉकर ऑपरेट किए जाने के बाद वह लॉकर के लॉक को चेक करें.
  • अतिरिक्त सुरक्षा के लिए आप अपने बैंक लॉकर पर एक और लॉक लगा सकते हैं.
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