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क्या आप में है बैंक संबंधी अच्छी आदतें? (Do you have good habits of bank?)

बैंक संबंधी अच्छी आदतें

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बैंक एक ऐसी सुरक्षित जगह है, जहां से आप न केवल नक़द लेन-देन कर सकते हैं, बल्कि अपने बचत और निवेश को भी सुरक्षित रख सकते हैं. बैंकों ने आपके हितों की सुरक्षा के लिए कुछ ऐसे सख़्त नियम बनाए हैं, जिनकी वजह से आपको अपना अकाउंट नियमित रूप से मेंटेन करना ज़रूरी है. तो आइए जानते हैं, ऐसी ही कुछ बैंक संबंधी आदतों के बारे में, जिनके बारे में हमने विस्तार से बात की आईडीबीआई बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ज्योति गुप्ता से.

हाल ही में सरकार द्वारा जारी किए नोटबंदी के फैसले ने न केवल बैंकों पर लगाम कसी है, बल्कि आम नागरिक को भी बैंक के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास कराया है. उनकी बचत और निवेश की सुरक्षा के लिए बैंक ने कुछ ख़ास नियम बनाए हैं. यदि नागरिक इन नियमों की अवहेलना करते हैं, तो उन्हें बैंक को पेनाल्टी देनी पड़ेगी. बेहतर होगा कि पेनाल्टी देने की बजाय अपनी ़ग़लत आदतों को सुधारने की कोशिश करें.

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मिनिमम बैलेंस लिमिट तक विड्रॉवल करना

एक ओर जहां कुछ बैंकों में ज़ीरो बैलेंस अकाउंट का विकल्प होता है, वहीं कुछ निजी बैंक उपभोक्ताओं से अपने अकाउंट में तिमाही जमाराशि (न्यूनतम बैलेंस) दस हज़ार रुपए तक रखने की उम्मीद रखते हैं. अगर खाताधारक अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस को मेंटेन नहीं कर पाता है, तो बैंक उनसे चार्ज वसूल करता है, इसलिए यहां पर खाताधारक को यह सलाह दी जाती है कि वह शुल्क कटवाने/देने की बजाय कुछ दिनों तक अपना मिनिमम तिमाही बैलेंस मेंटेन करें, जो कि एक अच्छी आदत है.

नॉन बैंकिंग एटीएम मशीन का अधिक इस्तेमाल करना

आप हर महीने नॉन बैंकिंग एटीएम से अधिक से अधिक 5 बार ही ट्रांज़ैक्शन कर सकते हैं. अगर आप इससे अधिक बार ट्रांज़ैक्शन करते हैं, तो आपको शुल्क अदा करना पड़ेगा. यह ट्रांज़ैक्शन नक़दी निकालने, बैलेंस चेक करने और एटीएम पिन बदलने के भी हो सकते हैं. पहले यह नियम केवल कैश ट्रांज़ैक्शन के लिए लागू किया गया था. कैश ट्रांज़ैक्शन के लिए लगाया गया शुल्क 20 रुपए और नॉन कैश ट्रांज़ैक्शन के लिए 9 रुपए था, लेकिन हाल ही में रिज़र्व बैंक की नीतियों में कुछ परिवर्तन हुए हैं, इसलिए इस शुल्क राशि में आए बदलाव की अधिक जानकारी के लिए अपने नज़दीकी बैंक अधिकारी से संपर्क करें.

बैंक द्वारा भेजे गए नोटिस की अनदेखी करना

अधिकतर बैंक अपने उपभोक्ताओं को क्वाटर्ली बैलेंस स्टेटमेंट, ओवरड्राफ्ट्स नोटिस, अन्य सूचनाओं-योजनाओं-नोटिस की जानकारी मेल द्वारा भेजते हैं और अधिकतर उपभोक्ता बैंक द्वारा भेजे गए इन मेल्स को ज़्यादा महत्व न देते हुए उन्हें ट्रैश में डाल देते हैं या फिर उन मेल्स को पढ़ते हीं नहीं, जो एक बुरी आदत है. बैंक द्वारा भेजे गए स्टेटमेंट की ज़रूरत हाउसिंग लोन, ऐड्रेस प्रूफ आदि उद्देश्यों के लिए होती है और आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता बैंक जाकर इन स्टेटमेंट की डुप्लीकेट कॉपी लेते हैं, जिस पर बैंक अतिरिक्त चार्ज लेते हैं. ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करना एक अच्छी आदत है, जो उपभोक्ता ऑनलाइन बैकिंग यूज़ करते हैं, वे आसानी से स्टेटमेंट के प्रिंटआउट्स ले सकते हैं. इसी तरह कुछ उपभोक्ता बैंक द्वारा भेजे गए आकर्षक योजनाओं और नोटिस के मेल पढ़ने की बजाय उन्हें डिसकार्ड कर देते हैं, जिससे वे अनेक बचत व निवेश संबंधी फ़ायदों से वंचित रह जाते हैं.

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व्यक्तिगत विवरण में बदलाव करके बैंक को सूचित करना

व्यक्तिगत विवरण, जैसे- घर का पता और फोन नंबर में बदलाव करने की प्रक्रिया बहुत ही बोरिंग और थकानभरी होती है. इस प्रक्रिया से संबंधित नई डिटेल्स को पूरे प्रूफ और एक आवेदन पत्र के साथ बैंक की ब्रांच में जमा करना न केवल अच्छी आदत है, बल्कि आपकी ज़िम्मेदारी भी बनती है. कुछ निजी बैंक पर्सनल डिटेल्स में बदलाव करने की प्रक्रिया की ऑनलाइन सुविधा भी देते हैं. कुछ निजी बैंक एटीएम से भी फोन नंबर बदलने की सुविधा देते हैं. जबकि सार्वजनिक बैंक इस तरह की कोई सुविधा नहीं देते. बैंक को अपने नए ऐड्रेस की जानकारी न देने पर आपको अनेक समस्याओें का सामना करना पड़ सकता है, जैसे- बैंक ज़रूरी सूचनाओं के लिए आपसे संपर्क नहीं कर पाएगा, बैंक द्वारा पुराने पते पर भेजे गए महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स किसी अन्य व्यक्ति के हाथ लग सकते हैं और जिससे आपकी गोपनीयता भंग हो सकती है या फिर धोखाधड़ी भी हो सकती है.

चेक डिसऑनर/बाउंस होना

यदि आपका कोई चेक डिसऑनर/बाउंस हो जाता है, तब भी आपको बैंक द्वारा लगाई पेनाल्टी का भुगतान करना पड़ेगा. पेनाल्टी की यह रक़म बाउंस चेक के टाइप/प्रकृति पर निर्भर करती है. अगर आपका चेक इंसफिशिएंट बैलेंस (अपर्याप्त जमा राशि) के कारण डिसऑनर्ड हुआ है, तो पेनाल्टी की रक़म अधिक होगी. अलग-अलग केसेज़ में पेनाल्टी की रक़म 50-750 रुपए तक हो सकती है. ध्यान रखें, बैंक बैलेंस कंफर्म करने के बाद ही कोई चेक इश्यू करें.

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एटीएम पिन रिक्वेस्ट

अगर आपका एटीएम कार्ड खो गया है, अगर आप अपना पिन भूल गए हैं, आपका पिन एक्सपायर हो रहा है या फिर आपने निर्धारित समय के भीतर अपने एटीएम कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है, तो नया पिन देने के लिए कुछ बैंक आपसे उगाही वसूल (लेवी चार्ज) करेंगे. जबकि एटीएम का नया पिन देने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता. हालांकि नया पिन इश्यू करने में 4-5 दिन लगते हैं और यह नॉन चार्जेबल होता है. अगर आप थोड़ी-सी समझदारी के साथ अपना बैंक अकाउंट ऑपरेट करेंगे और नियमित रूप से अपने अकाउंट पर नज़र रखेंगे, तो बैंक द्वारा लगाए जानेवाले अनावश्यक चार्जेस से बच सकते हैं.

पोस्टपोन्ड भुगतान को बाय-बाय कहें

कुछ लोगों में अपने क्रेडिट बिल का भुगतान देरी से करने की बुरी आदत होती है, जिससे बैंक में उनका क्रेडिट स्कोर ख़राब होता है, लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग के द्वारा ऑटोमैटिक शेडयूल करके इस तरह के भुगतान किए जा सकते हैं. अगर हर महीने आपके बिल की राशि अलग होती है, तो आप एक पेमेंट अलर्ट प्रोग्राम बना सकते हैं, जिससे आप अपने बिल को अच्छी तरह से चेक करके उसमें मेलिंग टाइम लिखे बिना उसका ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं.

अकाउंट क्लोज़र

यदि आप अपना अकांउट खोलने के छह महीने से एक साल के भीतर ही उसे बंद कर देते हैं, तो भी बैंक आप से क्लोज़र चार्ज वसूल करेगा, इसलिए बिना वजह चार्ज देने की बजाय सोच-समझकर अपना बैंक अकाउंट खोलें.

नोट:

  • हर बैंक की अपनी अलग-अलग पॉलिसीज़ होती हैं. इसलिए बैंक संबंधी पॉलिसीज़ में होनेवाले बदलावों के बारे में अपने बैंक अधिकारी से जानकारी लेते रहें.

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                                                                                   – पूनम नागेंद्र शर्मा

 

पैन कार्ड जमा नहीं किया, तो फ्रीज़ होगा बैंक अकाउंट (Hurry! submit your PAN card in bank now)

PAN Card

PAN Card

पैन कार्ड यानी परमानेंट अकाउंट नंबर किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ही ज़रूरी आइडेंटिटी कार्ड है. इस पहचान पत्र का होना बहुत ज़रूरी है. आमतौर पर सबसे पहले लोग अपना पैन कार्ड ही बनवाते हैं. आपने अगर अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो अब बनवा लीजिए, क्योंकि अब इसके बिना आपका बैंक अकाउंट फ्रीज़ किया जा सकता है.

बैंक ने अपने सभी ग्राहकों को नोटिस के ज़रिए ये सूचना दी है कि अगर उनका पैन कार्ड नंबर बैंक के खाते के साथ नहीं दिया है, तो उनका अकाउंट फ्रीज़ किया जाएगा. इसके तहत अभी तक करीब एक लाख से अधिक लोगों को बैंक की तरफ़ से नोटिस भेजी जा चुकी है. यदि किसी खाताधारक के पास पैन नंबर नहीं है, तो वह फॉर्म-60 भरकर जमा करवा सकता है. पैन नंबर अब सभी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.

दरअसल नोटबंदी के बाद कई अकाउंट में लाखों रुपए जमा करवाए गए थे. इन खातों के पैन नंबर अपडेट नहीं थे. ऐसे में इन खातों को चेक करने के लिए सरकार ने सभी खातों को पैन नंबर से लिंक करने का निर्देश दिया है. इसकी पुष्टि एस.बी.आई. के रीजनल मैनेजर सुनील गोयल ने की है. उनका कहना है कि हमने अपनी सभी शाखाओं के बैंक मैनेजर्स को यह निर्देश जारी किया है कि सभी खाताधारक से पैन नंबर मांगा जाए. यदि किसी के पास पैन नंबर नहीं है उससे फॉर्म-60 भरवाया जाए.

कैसे बनवाएं पैन कार्ड?
अगर अभी तक आपने पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो अब बनवा लीजिए. इसे बनवाना बेहद आसान है. आप चाहें, तो इसे घर बैठे भी बनवा सकते हैं. इसके लिए स़िर्फ इस बेवसाइट पर जाएं और दिए गए निर्देश फॉलो करें.

www.incometaxindia.gov.in

 – श्वेता सिंह

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पेटीएम का ट्रिपल धमाल ऑफर: बंद नहीं, बल्कि लेकर आ रहा है पेमेंट बैंक, मिलेगा ब्याज भी! (Awesome News! paytm bank for common men)

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क्या आप भी इस ख़बर से परेशान हैं कि 15 जनवरी के बाद पेटीएम से भुगतान नहीं कर पाएंगे, पेटीएम बंद हो जाएगा? तो परेशान मत होइए, क्योंकि यह महज़ अफवाह है, जो सोशल साइट्स पर फैलाई जा रही है. हम आपको बताते दें कि नोट बंदी के बाद से पेटीएम के यूज़र्स में बढोतरी हुई. लोगों की लाइफ थोड़ी आसान हो गई. डिजिटल पेमेंट का इससे बेहतर सोर्स किसी को कोई और नहीं भाता.

पेटीएम वॉलेट बन जाएगा पेटीएम बैंक
पेटीएम की पहली बैंक शाखा फरवरी 2017 में नोएडा में खुलेगी. पेटीएम पेमेंट बैंक में ग्राहक का अकाउंट उसके पेटीएम वॉलेट से जुड़ा रहेगा. भारतीय रिज़र्व बैंक ने पेटीएम को पेटीएम बैंक की मंज़ूरी दे दी है.

ब्याज भी मिलेगा
पेटीएम बैंक में जमा पैसे पर आपको 14.5 फ़ीसदी का इंटरेस्ट भी मिलेगा. तो है न मज़े की बात.

पेटीएम देगा डेबिट कार्ड, चेक बुक!
जी हां, अब यह स़िर्फ आपका साधारण-सा ई वॉलेट नहीं रह गया. ऐसा सुनने में आ रहा है कि बहुत जल्द पेटीएम अपने ग्राहकों को बैंक अकाउंट, डेबिट कार्ड और चेक बुक की सुविधा भी देगा.

अगर आपने पिछले 6 महीने से अपना पेटीएम वॉलेट यूज़ नहीं किया है और बैलेंस भी ज़ीरो है, तो आपको अपने पेटीएम अकाउंट से लॉग इन करना होगा और एक कंफर्मेशन मेल आएगा. इस प्रक्रिया के बाद ही आप पेटीएम बैंक का लाभ उठा सकेंगे.

श्वेता सिंह

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मोबाइल पेमेंट ऐप ‘भीम’ में क्या है ख़ास? (Bhim app: Everything you want to know about the app)

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कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर एक और मज़बूत क़दम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भीम (Bhim) ऐप’ लॉन्च किया है. ‘भीम’ का पूरा नाम- भारत इंटरफेस फॉर मनी है. इस ऐप के ज़रिए डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा. इसे नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है.

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    क्या ख़ास है ‘भीम’ (Bhim) में?

  • इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि इसमें  आपको बार-बार अकाउंट नंबर डालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. बस, एक बार अकाउंट नंबर रजिस्टर करें और आसानी से डिजिटल पेमेंट करें.
  • इसकी दूसरी सबसे ख़ास बात है कि यह ऐप बिना इंटरनेट के भी काम करेगा.
  • इसमें टठ कोड भी दिया गया है, जिससे आप सामान ख़रीदने के बाद आसानी से पेमेंट कर सकते हैं. इसके लिए आपको स़िर्फ दुकानदार का टठ कोड स्कैन करके पेमेंट करना होगा.
  • पेमेंट्स करने के साथ-साथ आप अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस भी चेक कर सकते हैं.
  • इसमें कस्टम पेमेंट ऐड करने की सुविधा है.
  • इस ऐप में मिनिमम पेमेंट लिमिट 10 हज़ार और मैक्सिमम 20 हज़ार रुपए है.
    यह भी पढ़ें: सफल करियर के लिए चुनें बेस्ट करियर ऐप्स और वेबसाइट्स

    कैसे ऑपरेट करें ‘भीम’?

  • यह एक फ्री ऐप है, तो इसे बस डाउनलोड कर इंस्टॉल करें. 
  • इसके बाद स़िर्फ एक बार आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर रजिस्टर करना होगा और एक
    यूपीआई (UPI) पिनकोड जनरेट करना होगा.
  • इसके बाद आपका मोबाइल नंबर ही आपका पेमेंट ऐड्रेस होगा.
  • इंटरनेट कनेक्शन न होने पर आप अपने मोबाइल से USSD कोड +99# डालकर ऑपरेट कर सकते हैं.
  • फिलहाल यह ऐप हिंदी और अंगे़्रजी दो भाषाओं में है, पर जल्द ही अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी इसमें शामिल की जाएंगी.
  • यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के लिए उपलब्ध है.

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न बैंकों को करेगा सपोर्ट:

– Allahabad Bank
– Andhra Bank
– Axis Bank
– Bank of Baroda
– Bank of Maharashtra
– Canara Bank
– Catholic Syrian Bank
– Central Bank of India
– DCB Bank
– Dena Bank
– Federal Bank
– HDFC Bank
– ICICI Bank
– IDBI Bank
– IDFC Bank
– Indian Bank
– Indian Overseas Bank
– IndusInd Bank
– Karnataka Bank
– Karur Vysya Bank
– Kotak Mahindra Bank
– Oriental Bank of Commerce
– Punjab National Bank
– RBL Bank
– South Indian Bank
– Standard Chartered Bank
– State Bank of India
– Syndicate Bank
– Union Bank of India
– United Bank of India
– Vijaya Bank

– अनीता सिंह

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पेटीएम को पीछे छोड़ एयरटेल ने मारी बाज़ी, लॉन्च किया पहला पेमेंट बैंक (Airtel beats Paytm, launches first Payment Bank in India)

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देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने बैंकिंग सेक्टर में क़दम रखते हुए देश का पहला पेमेंट बैंक लॉन्च किया. पहला पेमेंट बैंक राजस्थान में शुरू किया गया है. हालांकि ये बैंक आपको लोन नहीं देगा, लेकिन पेमेंट्स लेकर मनी ट्रांसफर जैसी तमाम सुविधाएं मुहैया कराएगा. इतना ही नहीं, सेविंग अकाउंट पर 7.25 प्रतिशत ब्याज देगा, जो अन्य बैंकों से कहीं ज़्यादा है. आमतौर पर बैंक में सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी की दर से इंटरेस्ट दिया जाता है.

एयरटेल की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि एयरटेल पेमेंट्स बैंक भारती एयरटेल की सहायक कंपनी है. कंपनी ने बताया कि अब राजस्थान के गांवों, कस्बों और शहरों के उपभोक्ता एयरटेल के रिटेल आउटलेट्स पर जाकर अपना बैंक खाता खुलवा सकते हैं. यहां बुनियादी बैंकिंग सेवाएं भी मिलेंगी.

नहीं मिलेगा एटीएम कार्ड
पेमेंट बैंक के अकाउंट होल्डर्स को एटीएम या डेबिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा, लेकिन उनको निर्धारित एयरटेल रिटेल आउटलेट्स पर कैश निकालने की सुविधा मिलेगी. बैंक सभी सेविंग अकाउंट के साथ 1 लाख रुपये का मुफ्त निजी दुर्घटना बीमा भी कराएगा.

मोबाइल नंबर होगा अकाउंट नंबर
इस बैंक की ख़ासियत ये है कि एयरटेल कस्टमर्स के मोबाइल नंबर ही उनके अकाउंट नंबर होंगे. यह बैंक पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगा. इस बैंक सर्विसेज का इस्तेमाल मोबाइल ऐप की मदद से किया जा सकेगा. इसके अलावा मोबाइल से *400 डायल करके बैंक सर्विसेज हासिल की जा सकती हैं.

एयरटेल मनी
पेमेंट बैंक शुरू करने से पहले से ही कंपनी एयरटेल मनी के नाम से एक वॉलेट सर्विस ऑफर कर रही थी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अप्रैल महीने में ही एयरटेल और पेटीएम दोनों को पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिला था, लेकिन एयरटेल ने पेटीएम को पीछे छोड़ दिया.

कितने सुरक्षित हैं बैंक लॉकर? (How Bank locker is safe?)

Bank locker is safe

How Bank locker is safe?

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अपने क़ीमती गहनों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की हिफाज़त के लिए लोग अक्सर बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या ये लॉकर पूरी तरह सुरक्षित और किफ़ायती होते हैं? आइए, जानते हैं बैंक लॉकर से जुड़ी कुछ अहम बातें.

किसे मिल सकती है लॉकर सुविधा?
आमतौर पर बैंक अपने वर्तमान ग्राहकों को लॉकर सुविधा देता है लेकिन आप अगर सेविंग अकाउंट खोले बिना ही लॉकर सुविधा चाहते हैं, तो इसके लिए आपको उस बैंक में एक निश्‍चित राशि का फिक्सड डिपॉज़िट (एफडी) करना होगा. इसकी राशि लॉकर के साइज़ पर निर्भर करती है. साथ ही अलग-अलग बैंकों में भी एफडी की राशि अलग-अलग होती है.

इस सुविधा के लिए बैंक क्या लेते हैं?
सभी बैंक लॉकर सुविधा के लिए ग्राहक से हर महीने एक निश्‍चित किराया वसूलते हैं. हर बैंक की किराये की राशि अलग-अलग होती है. जैसे- मेट्रो सिटीज़ में एचडीएफसी बैंक लॉकर फैसिलिटी के लिए हर साल क़रीब 20,000 रुपए वसूलता है जबकि कोटक महिंद्रा बैंक तक़रीबन 12,000 रुपए लेता है. शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में लॉकर का किराया कम होता है. बैंक ये राशि वित्त वर्ष (फ़ायनेंशियल ईयर) की शुरुआत में ही एडवांस के रूप में ले लेता है. ऐसे में आप अगर बीच में ही ये सुविधा लौटाना चाहते हैं, तो बैंक आपको बाकी पैसे नहीं लौटाएगा. इसलिए जानकार पूरे साल के लिए लॉकर सुविधा लेने की सलाह देते हैं.

सुरक्षा का सवाल
वैसे तो लॉकर में रखा आपका सामान पूरी तरह सुरक्षित रहता है. बैंक अच्छी क्वालिटी के ताले, स्ट्रॉन्ग रूम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, अलार्म सिस्टम, पुलिस व्यवस्था और इंटर्नल सिक्योरिटी के ज़रिए लॉकर को पूरी तरह सेफ़ रखने की कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद चोरी-डकैती या प्राकृतिक आपदाओं से यदि किसी तरह का नुक़सान होता है, तो उसकी भरपाई के लिए बैंक ज़िम्मेदार नहीं होता. वैसे चोरी, आग, बाढ़, तूफ़ान या अन्य किसी कारण से होने वाले नुक़सान से बचने के लिए सामान का इंश्योरेंस करवाया जा सकता है.

सुरक्षा के लिए सतर्कता
बैंक के साथ ही आपको ख़ुद भी अपने लॉकर की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की ज़रूरत है. विशेषज्ञों की राय में पूरे सामान की डिटेल लिखकर उसकी एक कॉपी घर में और एक लॉकर में रखनी चाहिए. साथ ही लॉकर में रखे जाने वाले काग़ज़ातों को लैमिनेट कराकर रखें. लॉकर खोलते समय ये देख लें कि आपके आस-पास कोई न हो. आपने कितनी बार लॉकर खोला इसकी डिटेल भी रखें और वहां से निकलने से पहले ये सुनिश्‍चित कर लें कि आपने लॉकर ठीक से बंद किया है या नहीं. विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकर को साल में कम-से-कम एक बार अवश्य खोलना चाहिए. आरबीआई ने बैकों को ये अधिकार दे रखा है कि हाई-रिस्क वाले लॉकर को अगर एक साल तक नहीं खोला जाता है, तो बैंक ताला तोड़कर लॉकर खोल सकता है.

लॉकर से जुड़े कुछ सवाल-जवाब

क्या लॉकर सुविधा के लिए सेविंग अकाउंट खोलना या फिर बैंक में बड़ी राशि जमा करना आवश्यक है?
हालांकि आमतौर पर सभी बैंकों में ऐसा ही किया जाता है, लेकिन आरबीआई ने बैंकों को ऐसा न करने की सलाह दी है. ज़्यादा से ज़्यादा बैंक कस्टमर ये कह सकता है कि वो एक ऐसा सेविंग अकाउंट खोले जिसमें लॉकर के तीन साल के किराये और ब्रेकेज चार्ज के बराबर राशि हो. ऐसा तभी कहा जा सकता है जब कस्टमर से लंबे समय तक संपर्क करना संभव न हो.

क्या लॉकर सुविधा बहुत महंगी होती है?
नहीं, मेट्रो सिटीज़ में लॉकर का सालाना किराया 1000 रुपए तक हो सकता है. अगर आपको ज़्यादा सामान रखना है तो मध्यम लॉकार के लॉकर ले सकती हैं. इसका किराया 2000 से 4000 रुपए तक हो सकता है.

क्या लॉकर सौ फीसदी सुरक्षित होते हैं?
लॉकर उतना ही सेफ़ है जितना की बैंक. अगर बैंक में लूट, चोरी होती है या आग व बाढ़ आती है, तो आपका लॉकर सुरक्षित नहीं रह सकता. वैसे लॉकर घर की अपेक्षा ज़्यादा सुरक्षित होते हैं क्योंकि बैंक इसकी सेफ़्टी के लिए पुख्ता इंतज़ामात करता है. वैसे तो बैंक आपके लॉकर को अपनी मर्ज़ी से नहीं खोल सकता लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से उच्च-जोख़िम (हाई रिस्क) वाले लॉकर अगर एक साल तक नहीं खोले जाते, तो बैंक ग्राहक को नोटिस भेजकर ताला तोड़ सकता है और ग्राहक से लॉकर को हुए नुक़सान की भरपाई करने के लिए कह सकता है.

लॉकर की कैटेगरी

  • उच्च जोख़िम (हाई रिस्क)
  • मध्यम जोख़िम (मिडियम रिस्क)
  • निम्न जोख़िम (लो रिस्क)

– कंचन सिंह

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सफल होने के सक्सेस मंत्र (Success mantra)

मेरे पास गाड़ी है.. बंगला है.. बैंक बैलेंस है, तुम्हारे पास क्या है? अब अगर आप भी इस क्या का जवाब देना चाहते हैं और दूसरे लोगों की तरह जीवन में सफलता का परचम लहराना चाहते हैं, तो आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे मूल मंत्र, जिसे अपनाकर आप भी करियर में बुलंदियों को छू सकते हैं.(Success mantra)business-woman-clip-art-png-2PHDN0-clipart

जॉब बदलने से बचें
करियर काउंसलर मालिनी शाह के अनुसार, ङ्गङ्घआज की युवा पीढ़ी ज़्यादा सैलरी के चक्कर में एक साल भी किसी कंपनी में टिक नहीं पाती. ऐसे में कई बार वो अच्छे अवसर से चूक जाते हैं. सफलता पाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि बिना सही समय आए जॉब न छोड़ें. बार-बार जॉब बदलने से आपकी सैलरी तो बढ़ जाएगी, लेकिन आप अपने आप पर फोकस नहीं कर पाएंगे. करियर में ठहराव बहुत ज़रूरी है. जब तक अच्छे विकल्प ना मिलें एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जंप करना उचित नहीं है, स़िर्फ पैसों की ख़ातिर अच्छी कंपनी से जंप करना करियर के लिए नुक़सानदायक हो सकता है.फफ

काम में माहिर बनें
ङ्गजैक ऑफ ऑलफ बनने की बजाय ङ्गमास्टर ऑफ वनफ बनना आज की दुनिया में सफल होने का मूल मंत्र है. दो नाव की सवारी करने पर आप पानी में गिर सकते हैं. इसलिए जितना मुमक़िन हो अपने काम में महारत हासिल करें. आगे जिस क्षेत्र में आपको अपना करियर बनाना है, उसी पर पूरा ध्यान दें. दोस्तों या आसपास के लोगों के कहने में आकर हर क्षेत्र में क़िस्मत आज़माने की ग़लती न करें.

लक्ष्य से अवगत हों
करियर में सफल होने के लिए बहुत ज़रूरी है कि आप अपने लक्ष्य से भलीभांति अवगत हों. हवा में तीर मारने और बार-बार लक्ष्य बदलने की प्रक्रिया आपको सफलता से कोसों दूर कर देती है. ज़माना भले ही बदल गया हो, लेकिन आज भी सफलता पाने के लिए आपको अर्जुन की तरह लक्ष्यभेदी चिड़िया की आंख पर निशाना साधना होगा, तभी आप अपने जीवन में सफल हो पाएंगे.

डिक्शनरी से No शब्द मिटाएं
जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. कभी जॉब से बहुत ज़्यादा उम्मीद तो कभी निराशा झलकती है और जॉब छोड़ने का मन करता है, लेकिन इन बातों से निराश नहीं होना चाहिए. आप कमज़ोर हैं या फिर उस काम को आप नहीं कर सकते. इस तरह की बेवजह व नकारात्मक बातों को अपने अंदर से निकाल दें. अपने मन के शब्दकोश से ङ्गनफ शब्द को हमेशा-हमेशा के लिए ख़त्म कर दें.

बी प्रैक्टिकल
व्यक्तिगत जीवन में इमोशनल होना अच्छी बात है, लेकिन कार्यक्षेत्र में प्रैक्टिकल होना बहुत ज़रूरी है. सफलता उसी को मिलती है जो कार्यस्थल पर प्रैक्टिकल रहता है. उदाहरण के लिए अगर आपकी पहली कंपनी सैलरी नहीं बढ़ा रही है और आपको किसी दूसरी कंपनी से अच्छा ऑफर मिल रहा है, तो तुरंत उस ऑफर की तरफ़ हाथ बढ़ाएं, न कि पहली कंपनी से जुड़ी अपनी यादों के घेरे में बंधे रहें.

अपनी क्षमता को ख़ुद पहचानें
राजू डॉक्टर बन गया… रमेश अमेरिका से मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा है या फिर पारुल बड़े फर्म में अच्छे पे स्केल पर नौकरी कर रही है. इस तरह की बातें सोचकर ख़ुद भी उसी राह पर चलने से पहले ज़रा सोचिए कि क्या आप भी अपने उन्हीं दोस्तों की ही तरह शैक्षणिक, मानसिक और आर्थिक रूप से सक्षम हैं? जीवन में सफल होने के लिए बहुत ज़रूरी है कि आप अपनी क्षमता को ख़ुद परखें और जानें कि आप कितने पानी में हैं? दूसरों के कहने पर बिना सोचे-समझे उठाया गया आपका हर क़दम आपको पीछे की ओर ले जाएगा.

अच्छा नहीं, सबसे अच्छा करने की ज़िद्द
बीत गए वो दिन जब लोग एक जॉब पाकर उसी से संतुष्ट हो जाते थे और सारी ज़िंदगी एक ही कंपनी में बिता देते थे. आज अगर आपको सफल होना है तो करियर का बेस्ट देने की सोचें. किसी भी कंपनी में काम करते हुए स़िर्फ अच्छा करके संतुष्ट होने की बजाय सबसे अच्छा करने की सोचें. जब तक आप अपने सहकर्मियों से अच्छा नहीं करेंगे आप भी उन्हीं की श्रेणी में रह जाएंगे.

प्रेरणादायक है असफलता
जिस तरह से ठोकर लगने पर आप चलना सीखते हैं, ठीक उसी तरह सफलता का असली आनंद तभी आता है, जब आप अपनी असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने की सोचते हैं और सफलता के क़रीब पहुंचते हैं. पहले की गई अपनी ग़लतियों से प्रेरणा लेकर भविष्य में अच्छा करने की कोशिश करें.

ख़ुद का बिज़नेस
करियर काउंसलर मालिनी शाह के अनुसार, 8 से 9 घंटे किसी और के यहां काम करके महीने के अंत में सैलरी लेने की प्रक्रिया को जितनी जल्दी हो सके ख़त्म करें. जीवन की दौड़ में सबसे आगे निकलना है, तो जल्द ही अपना बिज़नेस शुरू करें. इससे न स़िर्फ आपका प्रॉफिट बढ़ेगा, बल्कि आपका स्किल और कॉन्फिडेंस भी

अपने मिशन में क़ामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित निष्ठावान होना पड़ेगा- अब्दुल कलाम

जीतने वाले अलग चीज़ें नहीं करते, वो चीज़ों को अलग तरह से करते हैं- शिव खेड़ा

– श्वेता सिंह

बिज़नेस वुमन के लिए स्मार्ट स्कीम्स ( Smart Business Woman Schemes)

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देश में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिछले कुछ समय से सरकार और बैंक कई योजनाएं लागू कर रहे हैं ताकि देश की आधी आबादी बिज़नेस में भी बराबरी का दर्जा पा सके.

सरकार की मुद्रा स्कीम
ये योजना किसी भी बैंक में मिल सकती है. सरकार ने ये योजना ख़ासकर अनऑर्गनाइज़्ड सेक्टर (असंगठित क्षेत्र) की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया है. इस स्कीम के तहत माइक्रो इंडस्ट्री चलाने वालों को बैंक 50 हज़ार से 10 लाख रुपए तक का लोन देती है. इस स्कीम के तहत लोन के लिए डिप्लोमा, डिग्री होल्डर होने की ज़रूरत नहीं होती, साथ ही लोन के लिए गारंटर भी ज़रूरी नहीं है.

स्टार्टअप इंडिया
युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हाल ही में सरकार द्वारा लॉन्च की गई स्टार्टअप स्कीम में भी महिलाओं के हितों का ध्यान रखा गया है. इसके तहत महिलाओं और अनुसूचित जाति को स्टार्टअप में मदद के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी.

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भारतीय महिला बैंक की स्पेशल लोन स्कीम

* बीएमबी शृंगार लोन- ब्यूटी पार्लर/सलून/स्पा के लिए लोन

* बीएमबी अन्नपूर्णा लोन- फूड कैटरिंग बिज़नेस के लिए लोन

* बीएमबी किचन मॉडर्नाइज़ेशन लोन

* बीएमबी परवरिश लोन- डे केयर सेंटर के लिए लोन

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वैभव लक्ष्मी
महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा वैभव लक्ष्मी स्कीम चला रहा है. इसके तहत लोन लेने के लिए महिलाओं को बैंक में अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करनी होगी, जिससे कि बैंक आसानी से लोन मुहैया करा सके. महिला को एक गारंटर देना होता है. इस स्कीम के तहत महिलाएं घर का सामान भी लोन से ख़रीद सकती हैं.

वी शक्ति
महिला कारोबारियों की मदद के लिए विजया बैंक वी शक्ति स्कीम चला रहा है. इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए इस बैंक में अकाउंट होना ज़रूरी है. इसके बाद 18 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाएं आसानी से लोन के लिए अप्लाई कर सकती हैं. इस स्कीम के तहत लोन लेकर महिलाएं टेलरिंग, कैटरिंग, कैंटीन, अचार व मसाला बनाने जैसे काम शुरू कर सकती हैं.

सिंड महिला शक्ति
सिंडिकेट बैंक की इस स्कीम के तहत हर साल हज़ारों महिला कारोबारियों को लोन दिया जाता है. इसके तहत बैंक 5 करोड़ का लोन कम ब्याज दर पर देती है. इतना ही नहीं, बैंक लोन के साथ ही क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा देती है. ये लोन 7-10 साल के लिए दिया जाता है.

विमेन सेविंग
महिला कारोबारियों की संख्या बढ़ाने के लिए एचडीएफसी भी अहम् भूमिका निभा रहा है. साथ ही ये बैंक महिला कस्टमर्स को ईज़ी शॉप एडवांटेज कार्ड की सुविधा भी दे रहा है.

स्त्री शक्ति पैकेज
देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) महिला कारोबारियों को स्त्री शक्ति पैकेज देता है. इस स्कीम के तहत महिलाओं को 2 लाख रुपए से अधिक लोन लेने पर 0.5 फ़ीसदी कम ब्याज देना होता है. 5 लाख रुपए तक के लोन के लिए कोई कोलैरटल सिक्योरिटी की ज़रूरत नहीं होती.

– कंचन सिंह