Tag Archives: BCCI

बेमिसाल… द्रविड़ जैसा कोई नहीं, बने सबके लिए मिसाल (BCCI Accepts Dravid’s Demand For Equal Pay In Cash Rewards)

BCCI, Dravid's Demand For Equal Pay In Cash Rewards

BCCI, Dravid's Demand For Equal Pay In Cash Rewards
राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) अपनी सादगी और टैलेंट के दम पर अपनी अलग पहचान तो कबके बना चुके हैं, पर हर बार वो एक नई मिसाल देकर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि उनका सम्मान और बढ़ जाता है. हाल ही में बीसीसीआई (BCCI) ने अंडर-19 विश्व कप (Under 19 World Cup) जीतने के बाद मुख्य कोच (Coach), सहायक कोच और टीम के खिलाड़ियों के लिए इनामी रकम की घोषणा की थी, जिसमें राहुल द्रविड़ को सबसे ज़्यादा 50 लाख दिए जाने का ऐलान हुआ था. लेकिन इनामी रकम की असमानता को लेकर द्रविड़ ने नाखुशी जाहिर की. राहुल का कहना है कि सबने उतनी ही मेहनत की है तो इनाम में असामनता क्यों? राहुल ने अपनी इनामी राशि कम करके सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी समान रकम की मांग की और बीसीसीआई ने इस मांग को स्वीकार करते हुए विश्व कप ही नहीं, बल्कि अंडर-19 टीम से एक साल पहले तक जुड़े स्टॉफ के हर सदस्य को इनामी रकम देने का फैसला किया है. सभी को समान राशि दी जाएगी. यहाँ तक कि उस ट्रेनर के परिवार को भी उतनी ही रकम मिलेगी, जिसका पिछले साल टीम के साथ ऑन ड्यूटी निधन हो गया था.

यह भी पढ़ें: विराट ने जीत का श्रेय अनुष्का को दिया

यह भी पढ़ें: ICC अंडर 19 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया को हरा, चौथी बार भारत बना चैम्पियन, बधाइयों और इनामों की बरसात!

राहुल द्रविड़ के इस क़दम ने उनके फैंस के बीच उनका सम्मान और बढ़ा दिया और सभी ने ट्वीट्स करके अपने मन की बात कही. आप भी पढ़ें ये ट्वीट्स

[amazon_link asins=’8129116502,B079P3H522,B07543DFZJ,0143417509′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’5f6a9cb0-1ac2-11e8-948d-6be7d6a2e3ce’]

ICC अंडर 19 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया को हरा, चौथी बार भारत बना चैम्पियन, बधाइयों और इनामों की बरसात! (India lifted their fourth Under-19 World Cup title)

India lifted their fourth Under-19 World Cup title

India lifted their fourth Under-19 World Cup title

ICC अंडर 19 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया को हरा, चौथी बार भारत बना चैम्पियन, बधाइयों और इनामों की बरसात! (India lifted their fourth Under-19 World Cup title)
जी हां, ये है कमाल हमारे यंगिस्तान का और उनके कोच रहे राहुल द्रविड़ का… भारत ने फ़ाइनल में आसानी से ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम को धूल चटा दी और वर्ल्ड कप ट्रोफ़ी पर क़ब्ज़ा किया. भारत ने चौथी बार ये टाइटल जीतकर रेकॉर्ड भी बना दिया है. टीम की performance को देखते हुए BCCI ने सभी खिलाड़ियों को 30-30 लाख और कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख का इनाम देने की घोषणा की.

यह भी पढ़ें: राहुल द्रविड़ को मिला बेटे समित से परफेक्ट बर्थडे गिफ्ट…

India lifted their fourth Under-19 World Cup title
सचिन से लेकर विरेंद्र सहवाग तक और यहाँ तक कि बॉलीवुड और पलिटिकल लीडर्स ने भी टीम को बधाई दी.
हमारी तरफ़ से टीम इंडिया को बधाई!

[amazon_link asins=’8193670108,B0737HT8M4,B071HSC9BC,1523895209,5512091875′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’e713b92a-08cc-11e8-9e94-c7c06ef773f9′]

ICC Women’s World Cup: भारत ने हराया पाकिस्तान को (ICC WWC: India beat Pakistan)

भारत ने हराया पाकिस्तान को

50B044E8-0324-4134-B5C8-F6EA3560F19C-1625-000001EE59B816C4

ICC women’s World Cup में एक बार फिर भारत की टीम ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को आसानी से हरा दिया.

भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान के सामने १७० रनों का लक्ष्य रखा, लेकिन पाकिस्तान की पारी शुरुआत में ही लड़खड़ा गई और उनके ६ विकेट महज़ २९ रनों पर ही गिर गए थे.

भारत के १६९ रनों के जवाब में पाकिस्तान की टीम सिर्फ़ ७४ रन ही बना पाई.

भारत की ओर से एकता बिष्ट ने ५ विकेट लिए और बाक़ी सभी ने भी बेहतरीन गेंदबाज़ी की.

इस बार भारत का कॉन्फ़िडेन्स और प्रदर्शन काफ़ी अच्छा है और उम्मीद की जा रही है कि ये world cup हमारा ही होगा.

हमारी तरफ़ से टीम इंडिया को बधाई और आगे के मैचेज़ के लिए शुभकामनाएँ!

वेस्ट इंडीज़ के दौरे पर नहीं जाएंगे कुंबले, टीम के हेड कोच से दिया इस्तीफा (Kumble Steps Down As Coach Of Indian Cricket Team)

Anil Kumble

anil-kumble-afp-875

  • विराट कोहली (Virat Kohli) और अनिल कुंबले (Anil Kumble) के मतभेद पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन शायद किसी ने सोचा नहीं था कि इसका परिणाम यह होगा कि अनिल कुंबले टीम (Team India) के हेड कोच (Heald Coach) से इस्तीफा दे देंगे.
  • मंगलवार को कुंबले ने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया और अपने रेज़िगनेशन लेटर (Resignation Letter) में उन्होंने काफ़ी इमोशनल बातें भी लिखीं.
  • उन्होंने लिखा कि विराट को मेरा स्टाइल पसंद नहीं था और मेरे हेड कोच के पद पर बने रहने पर भी उन्हें एतराज़ था. उन्होंने क्रिकेट एडवाइज़री कमेटी का उन पर भरोसा जताने के लिए शुक्रिया अदा किया और लिखा कि मैं बेहद सम्मानित महसूस करता हूं कि मुझ पर भरोसा जताया गया.
  • जहां तक प्रदर्शन की बात है, तो उन्होंने इसका श्रेय कप्तान, टीम, कोचिंग व सपोर्ट स्टाफ को दिया. कुंबले ने लिखा है कि मेरे और कप्तान के बीच मतभेद मिटाने के लिए बीसीसीआई (BCCI) ने भी प्रयास किए, लेकिन शायद हम दोनों की पार्टनरशिप टिकाऊ नहीं थी, सो मेरा आगे बढ़ जाना ही सही क़दम है.
  • हालांकि मैंने हमेशा कप्तान और कोच के बीच के दायरे का सम्मान किया और उसे पार करने का प्रयास नहीं किया. अंत में कुंबले ने सभी का शक्रिया अदा किया!

नहीं चली ठाकुरगिरी, SC ने हटाया अध्यक्ष पद से(Supreme Court removes Anurag Thakur as BCCI chief)

Anurag Thakur

Anurag Thakur

 

नए साल की शुरुआत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लिए अच्छी नहीं हुई. सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हटा दिया है. इसके साथ ही सचिव पद से अजय शिर्के को भी अपने पद से हटना पड़ा.

क्या था मामला?
बीसीसीआई में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा पैनल का गठन किया था, लेकिन बीसीसीआई इसके अनुसार चलने को राज़ी नहीं. दोनों में शुरुआत से ही तनाव देखने को मिला. लोढ़ा द्वारा ख़र्च का ब्योरा मांगने पर कई बार अनुराग ठाकुर ने इनकार किया और ये दलील दी कि इससे खेल पर बुरा असर पड़ेगा. इस तरह की कई दलीलें देने वाले अनुराग ठाकुर को शायद ही इस बात का अंदाज़ा था कि वो नए साल में इतनी बुरी स्थिति में आ जाएंगे. अनुराग ठाकुर पर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को नहीं मानने का आरोप है. इसके साथ ही उनपर ग़लत हलफनामा देने का भी आरोप है.

क्रिकेट की जीत पर ठाकुर की हार
इस फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जस्टिस लोढ़ा ने कोर्ट के ़फैसले को स्वीकारते हुए कहा कि यह क्रिकेट की जीत है. खेल प्रशासक आते-जाते रहते हैं, लेकिन खेल सबसे बड़ा है. आख़िरकार अनुराग ठाकुर अपने ऊपर लगे आरोपों को सच साबित करने में असफल रहे और इस खेल में क्लीन बोल्ड हो गए.

कौन देखेगा काम ?
मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि बीसीसीआई के कामकाज को प्रशासकों की एक समिति देखेगी.

 

संदीप पाटिल… क्या BCCI अपने इंटरनल मैच में हार गई? (BCCI lost his internal match?)

sandeep-patil-bcci

लगता है कि सच बोलकर फंस गए टीम इंडिया के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल. जी हां, वैसे तो हमारे देश में सभी को अपना मत रखने की आज़ादी है, लेकिन लगता है कि बात जब बीसीसीआई की आती है, तो वहां स़िर्फ कुछ लोगों की ही चलती है. हाल ही में टीम इंडिया ने अपना 500वां टेस्ट मैच न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ जीता, लेकिन लगता है कि बीसीसीआई अपने इंटरनल मैच में हार गई. अपने एक प्लेयर की ज़ुबां पर वो संयम नहीं बरत पाई. टीम से निकलते ही उस प्लेयर ने दुनिया के सामने कुछ ऐसी बातें रख दीं, जो भारतीय क्रिकेट बोर्ड को नागवार गुज़रीं. जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं पूर्व क्रिकेटर और हाल ही में चीफ सेलेक्टर का कार्यकाल ख़त्म करने वाले संदीप पाटिल की. कुछ दिनों से क्रिक्रेट जगत में 2 न्यूज़ ट्रेंड करती नज़र आयीं. पहला भारत का 500वां टेस्ट मैच और दूसरा संदीप पाटिल का बयान.

क्या कहा था संदीप पाटिल ने?
चीफ सेलेक्टर का कार्यकाल ख़त्म होते ही संदीप पाटिल ने मीडिया में एक ऐसा बयान दिया, जिससे क्रिकेट, ख़ासतौर पर भारतीय क्रिकेट में हड़कंप मच गया. संदीप ने कहा था कि 2012 में ही चयन समिति ने सचिन तेंदुलकर को बातों ही बातों में ये बता दिया था कि वो भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में बताएं… संदीप ने यह भी कहा कि अगर सचिन ख़ुद रिटायरमेंट लेने का मन नहीं बनाते, तो हम निश्चित ही उन्हें ड्रॉप करने वाले थे. संदीप पाटिल का इतना कहना था कि पूरे क्रिकेट जगत में ये बवाल मच गया कि आख़िर क्रिकेट के भगवान के बारे में इस तरह से संदीप कैसे टिप्प्णी कर सकते हैं. संदीप पाटिल की बातों को लोगों ने कुछ इस तरह से ले लिया कि जैसे उन्होंने देश विरोधी कोई बात कह दी हो. सचिन पर टिप्पणी करने के अलावा संदीप ने महेंद्र सिंह धोनी पर भी कमेंट किया. संदीप पाटिल ने इस दौरान यह भी खुलासा किया कि चयन समिति ने महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी से हटाने पर भी चर्चा की थी. उन्होंने कहा, “बेशक हमने इस पर (धोनी को कप्तानी से हटाने पर) संक्षिप्त चर्चा की थी, लेकिन हमने सोचा कि इसके लिए समय सही नहीं है, क्योंकि 2015 वर्ल्ड कप पास में है.” उन्होंने कहा, “हमें महसूस हुआ कि नए कप्तान को कुछ समय दिया जाना चाहिए. वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए हमने धोनी को कप्तान बनाए रखा.” अब अगर ये बातें बोर्ड के अंदर हुईं, तो संदीप को ये बातें आम नहीं करनी चाहिए थीं.

क्या सचिन पर टिप्प्णी करना संदीप को महंगा पड़ा?
क्रिकेट जानकारों और विशेषज्ञों की मानें, तो संदीप पाटिल ने ऐसा भी कुछ ग़लत नहीं कह दिया है, जिससे इतना बवाल मचे. तो क्या फिर सचिन तेंदुलकर के बारे में टिप्पणी करके फंस गए बेचारे संदीप. कुछ लोगों को कहना है कि अगर संदीप पाटिल सचिन तेंदुलकर के बारे में न कहकर बाकी बातें लीक करते, तो शायद आज उनको बीसीसीआई का ग़ुस्सा नहीं झेलना पड़ता.

Kapil-Sachin-580x395

जब सचिन पर भड़के थे कपिल देव
ऐसा नहीं है कि संदीप पाटिल दुनिया के पहले शख़्स हैं, जिन्होंने सचिन समेत कई क्रिकेटरों पर टिप्पणी की है. 2011 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान जब हर तरफ़ सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान बनाया जा रहा था, तब कपिल देव ने मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कोई भगवान नहीं है, गेम से ऊपर कोई नहीं हो सकता, सचिन तेंदुलकर को ही क्रिकेट का भगवान क्यों कहा जा रहा है…. कपिल देव के उस बयान से भी काफ़ी बवाल मचा था, लेकिन कपिल देव उस समय शायद इसलिए बच गए, क्योंकि वो किसी भी तरह से बीसीसीआई के पद पर नहीं थे.

बच्चे नहीं हैं संदीप पाटिल
संदीप पाटिल भले ही बहुत ज़्यादा क्रिकेट न खेले हों, लेकिन उनकी गिनती उन तमाम अच्छे लोगों में होती है, जो कुछ भी बोलने से पहले कई बार सोचते हैं या यूं कहें, आज तक किसी तरह की कंट्रोवर्सी में संदीप पाटिल नहीं फंसे, फिर इस बयान के बाद क्यों वो लपेटे में आ गए? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब हम सभी जानते हैं, लेकिन शायद देना नहीं चाहते.

क्या गुनहगार हैं संदीप पाटिल?
वैसे संदीप पाटिल ने ग़लती तो की है. किसी भी पद की एक गोपनीयता होती है. कार्यकाल के दौरान उस पद की गरिमा बनाए रखने की क़सम खिलाई जाती है. संदीप पाटिल जब तक अपनी पोस्ट पर थे, उस दौरान ऐसी कई बातें हुई होंगी, जो बोर्ड रूम के बाहर लीक करना किसी भी तरह से सही नहीं है. शायद यही ग़लती कर गए संदीप पाटिल. अच्छा व्यक्तित्व वही होता है, जो कार्यकाल में रहते हुए और उसे छोड़ने के बाद भी उसकी गोपनीयता को आम नहीं करता. ऐसे में संदीप पाटिल बीसीसीआई के गुनहगार तो हैं.

आख़िर इतना हो हल्ला क्यों?
यह लेख लिखने के पहले हमने कई प्रोफेशनल पर्सनैलिटीज़ और आम लोगों से ये जानना चाहा कि क्या संदीप पाटिल की बातें कुछ ऐसी हैं, जिसे लोग नहीं जानते थे? आपको ये जानकर हैरानी होगी कि लोगों ने क्या जवाव दिया. आम लोगों ने भी यह बात ज़ाहिर की कि ये बातें उसी व़क्त उन्हें पता थीं. जब आग लगती है, तो धुआं निकलता ही है. इतना ही नहीं मीडिया में भी इस तरह की ख़बरें तब आने लगी थीं. धोनी और सचिन की स्थिति आम हो चुकी थी. भले ही आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टी नहीं हुई थी, लेकिन लोगों को इसका अनुमान तभी लग गया था.

229479 n

क्या बढ़ सकती हैं संदीप की मुश्किलें?
बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर ने चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष संदीप पाटिल की खिंचाई करते हुए कहा कि इस महीने के शुरू में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और अन्य को लेकर कुछ गोपनीय तथ्यों का खुलासा करना अनैतिक था. ठाकुर ने सीधे शब्दों में नहीं बताया कि पाटिल के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की जाएगी, लेकिन उन्होंने कहा कि बीसीसीआई में उपयुक्त व्यक्ति उनसे जल्द ही इस मसले पर बात करेंगे, जिसके कारण बड़ा विवाद पैदा हो गया था.

एक बयान और हमेशा के लिए बेरोज़गार हो सकते हैं संदीप
संदीप पाटिल अभी नए-नए तो बीसीसीआई से जुड़े थे. लोगों का कहना था कि पहली बार बीसीसीआई कुछ सही और उचित लोगों को बोर्ड में ले रही है, लेकिन अपने हालिया बयान की वजह से संदीप पाटिल की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं. बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के रवैये से ये तो साफ़ हो गया है कि अब भविष्य में बोर्ड संदीप पर विश्‍वास नहीं करेगा. उन्हें किसी भी तरह के पद का कार्यभार नहीं सौंपेगा.

तो क्या फिर से विदेश का रुख़ करेंगे संदीप?
हम आपको बता दें कि संदीप पाटिल का नाम ऐसे कोच के रूप में है, जिन्होंने 2003 के वर्ल्ड कप में कीनिया जैसी टीम को सेमिफाइनल में पहुंचाया था. तो क्या एक बार फिर से संदीप को विदेशी सरज़मीं का रुख़ करना पड़ेगा. लाज़मी है कि स़िर्फ क्रिकेट बोर्ड ही नहीं, बल्कि प्लेयर भी संदीप की इस टिप्पणी से खासे नाराज़ हैं. ऐसे में लाज़मी है कि आनेवाले समय में संदीप को किसी बोर्ड की कार्यप्रणाली से दूर ही रखा जाएगा.

संदीप के नाम के आगे बड़ा-सा प्रश्‍नचिह्न तो लग ही चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि संदीप भारतीय क्रिकेट बोर्ड में अपनी विश्‍वसनीयता खो चुके हैं. भले ही संदीप पाटिल के विरोध में खुलकर कोई नहीं बोल रहा, लेकिन इतना तो तय है कि उनके पक्ष में कोई भी पर्सनैलिटी खुलकर समाने नहीं आना चाहेगी. बीसीसीआई ने तो कोच के लिए संदीप पाटिल के पास आवेदन न भेजकर ये जता दिया है कि आगे का रास्ता संदीप पाटिल के लिए आसान नहीं होगा. अब देखना यह होगा कि पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल किस तरह से आनेवाली परिस्थितियों का मुक़ाबला करेंगे?

– श्वेता सिंह