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खेल-खेल में बच्चों से करवाएं एक्सरसाइज़ और ख़ुद भी रहें फिट (Indulge In Fitness With Your Children And Get In Shape)

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यदि एक्सरसाइज़ को खेल के साथ जोड़ दिया जाए यानी खेल-खेल में एक्सरसाइज़ की जाए, तो यह मज़ेदार हो जाता है. इसके अलावा बच्चों के साथ पैरेंट्स भी इस बहाने ख़ुद को फिट रख पाते हैं.

इन दिनों बच्चे मोबाइल फोन, वीडियो गेम, इंटरनेट आदि में इस कदर उलझे रहते हैं कि आउटडोर एक्टिविटीज़ व एक्सरसाइज़ से दूर होते जा रहे हैं. ऐसे में यदि पैरेंट्स बच्चों को खेल-खेल में एक्सरसाइज़ सिखाएं और करवाएं, तो इससे दुगुना फ़ायदा होगा. जहां बच्चे दिमाग़ी और शारीरिक रूप से मज़बूत होंगे, वहीं पैरेंट्स भी फिट रहेंगे.

खेल भी, सेहत भी

* जब बच्चा दो साल का होता है, तभी से उसे हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ खेल-खेल में करवा सकते हैं.
* बच्चे के साथ बॉल से कैच-कैच खेलें. इससे आंखों की एक्सरसाइज़ होगी.
* इस उम्र में सबसे अधिक फोकस मूवमेंट स्किल और बॉडी कंट्रोल पर होना चाहिए.
* बच्चे को फ्री रनिंग, बॉल कैच करना, दौड़ना, एरोबिक्स जैसे खेल खिलाएं. इस तरह के खेल से बच्चों की हड्डी मज़बूत होती है.
* बच्चे के साथ हर रोज़ टहलें, पैदल चलें और घूमें. इससे ब्लड सर्क्युलेशन ठीक रहता है.
* यदि बच्चे की उम्र 12 साल से अधिक है, तो उसे साइकिलिंग, टेनिस, स्विमिंग, स्केटिंग जैसे खेल खेलने के लिए प्रेरित करें.
* क्लाइम्बिंग वाले गेम से बच्चे की पीठ, हाथ मज़ूबत होते हैं, साथ ही उनकी हाइट बढ़ने में भी मदद मिलती है.
* सी सॉ अधिकतर बच्चों का पसंदीदा गेम है. इसमें दो बच्चे आमने-सामने झूले पर बैठकर उठक-बैठक करते हैं, जिससे जहां उनके हाथ-पैर की एक्सरसाइज़ होती है, वहीं उनके साथ बड़ों की भी अच्छी-ख़ासी कसरत हो जाती है.
* बच्चे की याददाश्त बढ़ाने के लिए उनके साथ मेमरी गेम्स खेलें.
* बच्चों के साथ कूदें-फांदें. ऐसा करने से बॉडी स्ट्रेच होती है और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है.
* रस्सी कूदना- दस मिनट रस्सी कूदना, आठ मिनट के दौड़ने के बराबर होता है.
* एक मिनट रस्सी कूदने से 10 से 15 कैलोरीज़ बर्न होती हैं.
* रस्सी कूदने से शरीर का बैलेंसिंग पावर इम्प्रूव होता है और पैरों के मूवमेंट से फुर्ती और कंट्रोल बढ़ता है, इसलिए बच्चों के साथ रस्सी कूदनेवाला गेम ज़रूर खेलें.
* इन सबके अलावा डांस, योग, वर्कआउट्स आदि को भी आप मनोरंजक तरी़के से बच्चों के साथ कर सकते हैं, जिससे आप दोनों ही फिट और हेल्दी रह सकते हैं.

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गेम के साथ स्टडी भी

* यदि बच्चा बहुत छोटा है, तो आप उसे खेल-खेल में किचन में ही गणित सिखा सकती हैं.
* बच्चों को किचन में कुछ बर्तन इकट्ठा करने के लिए कहें और फिर गिनती करवाएं.
* इस तरह आप 1 से 10 और 1 से 20 आसानी से गिनती करवा सकती हैं.
* किचन में एक जैसी दिखनेवाली वस्तुओं को अलग करवाएं, जैसे- सभी कटोरियां, ग्लास, प्लेट आदि.
* बच्चों को इनके आकार के बारे में बताएं. इससे वे अलग-अलग शेप्स के बारे में जानेंगे.
* ध्यान रहे, खेल-खेल के माध्यम से बच्चा जो कुछ भी सीखता है, वो उसे हमेशा याद रखता है.

कुछ एक्सरसाइज़ ऐसी भी

* क्रॉलिंग लाइक ए बेबी यानी बच्चों की तरह रेंगना. यह भी एक मज़ेदार एक्सरसाइज़ है, जो क़रीब 1800 साल पुराना है. इससे बच्चों जैसी चंचलता और मज़बूती आती है. यह एक फन एक्सरसाइज़ है. इससे बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. मसल्स मज़बूत होते हैं और जॉइंट्स स्ट्रॉन्ग होते हैं. इसे आप बच्चों के साथ कर सकते हैं.
* ग्रूव एक्सरसाइज़ में सिंपल म्यूज़िक के साथ मूव करना होता है. इस एक्सरसाइज़ की ख़ास बात यह होती है कि इसमें कोई भी स्टेप ग़लत नहीं होता है. आपको म्यूज़िक को फील करके स्टेप करने होते हैं. जब बच्चे के साथ आप इसे करेंगे, तब गेम+फन+फिटनेस, तीनों का ही लुत्फ़ उठा पाएंगे.
* वेव शेप वर्कआउट में किसी भी मशीन की ज़रूरत नहीं होती. इससे स्ट्रेंथ, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होती है.
* गेम्स फॉर द ब्रेन, एक ऑनलाइन जिम है, जहां पर आप अपने दिमाग़ की एक्सरसाइज़ कर सकते हैं. यहां पर 40 से भी अधिक ब्रेन गेम्स हैं, जिसे खेलकर ब्रेन को हेल्दी और फिट रख सकते हैं.

डिफरेंट स्ट्रोक्स

* आप जब भी बाज़ार जाएं, तो बच्चे को साथ लेकर जाएं. इससे बच्चा यह समझ सकेगा कि जो भी हम ख़रीदते हैं, उसके बदले में हमें पैसे देने पड़ते हैं.
* इस तरह आप बच्चों को दिलचस्प तरी़के से पैसों की अहमियत भी समझा सकते हैं.
* बच्चे से पहेली पूछ सकते हैं, क्रॉसवर्ड, शब्दों को तलाशना, ब्लॉक्स, सुडोकू जैसे खेल दिमाग़ के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज़ हैं.

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इन बातों का रखें ख़्याल

* यदि बच्चे का मन नहीं है, तो उसे ज़बर्दस्ती खेलने के लिए न उकसाएं.
* हर रोज़ बच्चे को कम से कम एक घंटा खेलने के लिए प्रेरित करें.
* आप अपने बच्चों के साथ खेलने से हिचकिचाएं नहीं, बल्कि उनका भरपूर साथ दें.
* इससे बच्चों के बीच आपसी समझ और बॉन्डिंग बढ़ेगी.
* बैडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट जैसे आउटडोर गेम्स में बच्चे का पार्टनर बनकर खेलने से आप बच्चे के अच्छे दोस्त बन सकते हैं.

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एक्सरसाइज़ के फ़ायदे

* बच्चे कम तनाव महसूस करते हैं.
* अच्छा महसूस करते हैं.
* वज़न कंट्रोल में रहता है.
* अच्छी नींद आती है.
* एक्सरसाइज़ से हड्डियां, मांसपेशियां व जोड़ों को मज़बूती मिलती है.

– ऊषा गुप्ता

 

अधिक पैरेंटिंग टिप्स के लिए यहां क्लिक करेंः Parenting Guide 

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बादाम के हेल्थ बेनिफिट्स (Health benefits of almond)

Health benefits of almond

Health benefits of almond

स्वस्थ और सुंदर दिखने के लिए प्रतिदिन बादाम का सेवन ज़रूर करें. प्रोटीन और ऑयल से भरपूर बादाम को चाहे जिस रूप में खाएं, ये फ़ायदा ही पहुंचाता है. बादाम खाने से दिमाग़ तेज़ होता है, यो तो आपने कई बार सुना होगा और अपने बच्चों के दिमाग़ के विकास के लिए रोज़ाना बादाम देती भी होंगी, लेकिन क्या आप जानती हैं कि दिमाग़ तेज़ करने के साथ ही बादाम के कई और हेल्थ बेनिफिट्स हैं (Health benefits of almond).

हार्ट अटैक से राहत
सप्ताह में पांच दिन बादाम खाने वालों को हार्ट अटैक का ख़तरा कम हो जाता है. तो अगर आप भी फैमिली को बीमारियों से दूर रखना चाहती हैं, तो रोज़ाना बादाम खिलाएं.

दिमाग़ तेज़ होता है
नाश्ते की टेबल पर बादाम का बाउल आपके पूरे परिवार के लिए फ़ायदेमंद है. नाश्ते के बाद बादाम खाने से दिमाग़ तेज़ होता है. रातभर पानी में भिगोने के बाद सुबह बादाम को छीलकर पीस लें और दूध के साथ लें. इससे याददाश्त तेज़ होगी. बच्चों को नियमित रूप से पिलाएं.

सेहत सुधरती है
दिनभर खाने के बाद भी क्या आपका बच्चा दुबला है या फिर वो कुछ खाता ही नहीं? दोनों दशा में बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है. नियमित रूप से 4-5 बादाम को घिसकर दूध के साथ लेने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है. तो अपने बच्चों को रोज़ाना दूध के साथ बादाम दें और उनकी सेहत बनाएं.

चक्कर से मुक्ति
क्या आपको ट्रेन, बस, ऑफिस घर कहीं भी चक्कर आ जाता है? अगर हां, तो बादाम खाने से आपकी ये बीमारी दूर हो सकती है. बादाम में थायमीन नामक विटामिन पाया जाता है, जो चक्कर से बचाव करता है.

कोलेस्ट्रॉल को कम करता है
नियमित रूप से बादाम का सेवन करने सेकोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है. यह शरीर में चर्बी जमा नहीं होने देता और आपको फिट एंड फाइन रखता है.

हड्डियों को मज़बूत करता है
रोज़ाना बादाम खाने से आपकी हड्डियां मज़बूत होती हैं. इसके साथ ही दांत भी स्वस्थ रहते हैं. बच्चों में अमूमन दांत की समस्या होती है. उनकी समस्या को दूर करने के लिए रोज़ सुबह स्कूल जाने से पहले उन्हें बादाम खिलाएं.

बच्चों को कैसे मिले बादाम का पोषण?
बहुत से बच्चों को बादाम खाने में अच्छा नहीं लगता. वो काजू तो बड़े चाव से खा लेते हैं, लेकिन बादाम के समय वो आपसे ना-नुकुर करते हैं. बच्चों को कैसे खिलाएं बादाम ताकि बादाम का पोषण उनको मिले? आइए, जानते हैं.

  • अगर बच्चे को बादाम खाना अच्छा नहीं लगता, तो बादाम को पीसकर आटे में मिलाएं. इसी आटे की रोटी/परांठे बनाकर बच्चों को खिलाने से बादाम का पूरा पोषण मिलेगा.
  • बादाम के तेल में सब्ज़ी बनाकर बच्चे को खिलाएं.
  • बादाम मिल्क भी बेहतर ज़रिया है. प्लेन, वेनीला और चॉकलेट प्लेवर में भी बादाम मिल्क मिलता है.
  • बादाम को बादाम ऑयल में हल्का सा नमक लगाकर फ्राई करके भी बच्चों को खिला सकती हैं.
  • बादाम का छिलका निकालकर पीस लें. अब इस पाउडर को दूध में मिलाकर बच्चों को पिलाएं. इससे उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि वो बादाम खा रहे हैं और उसका पोषण भी उन्हें मिल जाएगा.

कैसे करें स्टोर?
बादाम को एयर टाइट कंटेनर में बंद करके कूल डार्क प्लेस में रखें. बेहतर होगा अगर आप इसे अपनी फ्रिज में रखें. एयर टाइट कंटेनर में बंद करके फ्रिज में रखने पर दो साल तक बादाम का उपयोग आप कर सकती हैं.

 

श्वेता सिंह

वेट लॉस टिप ऑफ द डे: 10 हेल्दी वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tip Of The Day: 10 Healthy Weight Loss Tips)

जानिए हेयर फॉल से लेकर हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करनेवाली मूली के 10 फ़ायदे (10 Amazing Health Benefits of Radish)

Health Benefits of Radish

Health Benefits of Radish

आमतौर पर हर घर में सलाद और सब्ज़ी के रूप में खाई जाने वाली मूली (Health Benefits of Radish)  सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. मूली खाने न स़िर्फ हेयर फॉल की समस्या ख़त्म हो जाती है, बल्कि ये नर्वस सिस्टम को भी मज़बूत करती है. मूली खाने के और क्या फ़ायदे हैं? आइए, जानते हैं.

 

कैंसर रिस्क
मूली में फॉलिक एसिड, विटामिन सी और एंथोकाइनिन की भरपूर मात्रा होती है, जो कैंसर के रिस्क को कम करते हैं. वहीं इसमें मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है.

ब्लड प्रेशर
मूली में मौजूद कुछ पोषक तत्व हाई ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम भी होता है जो शरीर में सोडियम-पोटैशियम के अनुपात को बैलेंस करते हुए ब्लड प्रेशर बिगड़ने नहीं देता.

डायबिटीज़
मूली में फाइबर भी होता है. वहीं इसमें मौजूद तत्व इंसुलिन को नियंत्रित करने का काम करते हैं. मूली से शुगर लेवल कंट्रोल रहता है.

सर्दी-खांसी
यदि आप हमेशा सर्दी-खांसी से परेशान रहते हैं, तो अपनी डेली डायट में मूली शामिल करें. मूली में मौजूद कुछ खास पोषक तत्व कफ ख़त्म करने में सहायक होते हैं.

मज़बूत हड्डियां
मूली खाने से दांत, मंसूड़े मजबूत होते हैं, ये हड्डियों को भी मज़बूत बनाने में सहायक है. मूली खाने से थकान दूर होती है और नींद न आने की समस्या भी ख़त्म हो जाती है.

पीलिया
पीलिया (जॉन्डिस) की समस्या होने पर रोज़ाना एक कच्ची मूली सुबह-सुबह खाना फ़ायदेमंद होता है. इसके अलावा मूली खाने से मोटापा भी दूर होता है. फैट घटाने के लिए मूली के रस में नींबू का रस मिलाकर रोज़ाना पीएं.

पायरिया
पायरिया से परेशान लोग मूली के रस से दिन में 2-3 बार कुल्ला करें और इसका रस पिएं भीं, जल्द फ़ायदा होगा. इसके साथ ही मूली को चबा-चबा कर खाने से भी दांत व मसूड़ों की बीमारी से बचा जा सकता है.

मुंहासे
मूली में विटामिन सी, जिंक, बी कांप्लेक्स विटामिन और फॉस्फोरस होता है. इसके पत्ते को पीसकर चेहरे, हाथों और पैरों पर लगाने से त्वचा मुलायम बनती है. मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए मूली का टुकड़ा गोल काटकर मुंहासों पर लगाएं. थोड़ी देर बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

कब्ज़
कब्ज़ से परेशान हैं तो मूली पर नींबू व नमक लगा कर सुबह-सुबह खाएं, फ़ायदा होगा. मूली को सलाद के रूप में खाना भी लाभदायक होता है. सुबह-शाम मूली का रस पीने से भी कब्ज़ में फ़ायदा होता है.

हीमोग्लोबिन
मूली के रस में बराबर मात्रा अनार का रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है.

 

– कंचन सिंह

इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ ही आपको जवां भी बनाए रखता है टमाटर (15 amazing Health Benefits of Tomato)

Health Benefits of Tomato

Health Benefits of Tomato

दाल-सब्ज़ी का स्वाद बढ़ाने वाला लाल टमाटर (Health Benefits of Tomato) आपकी त्वचा के लिए भी अच्छा होता है. टमाटर की स्लाइस चेहरे पर रगड़े से त्वचा में कसाव आता है. इतना ही नहीं टमाटर आपको जवां बनाए रखने के साथ ही कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है.

* एंटीऑक्सीडेंट और प्रोटीन से भरपूर टमाटर सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है.

* टमाटर खाने से भूख बढती है. इसके अलावा ये डाइजेशन सिस्टम और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी दूर करता है.

* टमाटर खाने से पेट साफ़ रहता है और इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है.

* टमाटर में पाया जानेवाला लाइकोपीन त्वचा को सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाता है. टमाटर खाने से सनबर्न और टैन स्किन की समस्या भी  दूर होती है.

* डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है. डेली एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज़ पेशेंट को लाभ होता है.

* टमाटर आंखों व यूरीन संबंधी बीमारियों के लिए भी फ़ायदेमंद है. टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाती है. रोज़ाना टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फ़ायदा होता है.

* टमाटर जैसी स्किन चाहिए, तो अपनी डायट में टमाटर को ज़रूर शामिल करें. टमाटर को सलाद के रूप में, सब्ज़ी में डालकर या सूप बनाकर पीएं.

* टमाटर खाने से कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है.

* टमाटर बेहतरीन एंटी एजिंग का काम करता है, इसे खाने से त्वचा जवां दिखती है और स्किन संबंधित बीमारियां भी नहीं होतीं.

* ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी टमाटर बहुत अच्छा होता.

* सुबह के नाश्ते में स़िर्फ दो टमाटर कंप्लीट मील के बराबर होता हैं. टमाटर वज़न बढ़ने से रोकता है, इसलिए जिन लोगों को वज़न कम करना है    उनके लिए टमाटर किसी वरदान से कम नहीं है. एक मीडियम साइज़ के टमाटर में केवल 12 कैलोरी होती है.

* महिलाओं के लिए भी टमाटर बहुत फ़ायदेमंद होता है. प्रेग्नेंसी के समय और डिलीवरी के बाद शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए रोज़ाना सुबह-शाम 100  ग्राम टमाटर का रस पीएं.

* शरीर में ख़ून की कमी हो जाए, तो रोज़ाना 100 ग्राम टमाटर का रस या टमाटर का सलाद खाएं.

* बच्चों को नकसीर की समस्या हो, तो उन्हें रोज़ाना पके टमाटर का रस पिलाएं.

* गर्मी के मौसम में रोज़ाना पके टमाटर का रस पीने से फोड़े-फुंसियों व अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है.

– कंचन सिंह

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लहसुन के 12 अमेज़िंग हेल्थ बेनिफिट्स (12 Amazing Health Benefits of Garlic)

Garlic Health Benefits

Garlic Health Benefits

एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टेरियल एवं एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर लहसुन खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होता है. रोज़ाना लहसुन खाने से आप कई बीमारियों से बच सकते हैं.

* सर्दी-ज़ुकाम होने पर 5-5 मि.ली. लहसुन और तुलसी का रस, 1 टीस्पून सोंठ का चूर्ण और आधा टीस्पून कालीमिर्च का चूर्ण सबको एक साथ मिलाकर आधा लीटर गाय के दूध के साथ सुबह-शाम पीने से थोड़े ही दिनों में फ़ायदा होगा.

* लहसुन, शक्कर और सेंधा नमक समान मात्रा में लेकर चटनी की तरह पीस लें. इसमें घी मिलाकर चाटने से पेटदर्द, अपच, पेट की जलन आदि दूर होता है.

* लहसुन की कलियों को तेल में पकाकर छान लें. इस तेल की दो-दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द शांत हो जाता है. कान पक रहा हो, तो भी यह तेल लाभकारी होता है.

* लहसुन को पीसकर रोगी को सुंघाने से हिस्टीरिया की मूर्च्छा दूर हो जाती है.

* लहसुन की कलियों को पीसकर रस निकालें. यह रस तीन दिन तक मलने से शारीरिक गर्मी के कारण शरीर पर निकले हुए लाल चकत्ते दूर हो जाते हैं.

* लहसुन को पीसकर दूध में पीने से ब्लडप्रेशर में बहुत लाभ होता है या फिर लहसुन, पुदीना, जीरा, धनिया, कालीमिर्च और सेंधा नमक की चटनी बनाकर खाने से भी ब्लडप्रेशर कम होता है.

* घाव में कीड़े पड़ गए हों, तो लहसुन को पीसकर उसका लेप लगाएं. इससे कीड़े मर जाते हैं.

* 10-15 लहसुन की कलियों को दूध में पकाकर उसे छान लें. इसे बच्चों को सुबह-शाम पिलाने से काली खांसी दूर हो जाती है. या फिर 20 से 30 बूंद लहसुन का रस शर्बत में मिलाकर चार-चार घंटे पर देने से भी काली खांसी मिटती है.

* लहसुन, अदरक, हरा धनिया, शक्कर और सेंधा नमक की चटनी रोज़ाना खाने से डाइजेशन और भूख न लगने की समस्या दूर होती है.

* जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें रोज़ाना सुबह खाली पेट लहसुन की कुछ कलिया खानी चाहिए. इससे ब्लड सर्कुलेशल ठीक रहता है.

* खाली पेट लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी नियंत्रित रहता है.

* लहसुन खाने से इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग बनता है

Garlic Health Benefits

हेल्थ भी  टेस्ट भी

लाजवाब लाल लहसुन
4 लहसुन की पूरी कली को छीलकर उसमें 1/4 टीस्पून जीरा डालकर कूट लें. अब
1/4 टीस्पून मिर्च पाउडर मिलाएं. 2 टीस्पून मूंगफली को सेंककर, पीसकर उसका पाउडर बनाएं और चटनी में डाल दें. सबको मिला लें. लाजवाब लाल लहसुन तैयार है.

दही-लहसुनी चटनी
2 लहसुन की पूरी कली को छीलकर पीसकर पेस्ट बना लें. पाव किलो दही को मलमल के कपड़े में बांधकर टांग दें, ताकि पानी निकल जाए. अब लहसुन के पेस्ट में दही और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. दही-लहसुनी चटनी का लुत्फ़ उठाएं.

टेस्टी अंगूर के 14 आश्‍चर्यजनक फ़ायदे (14 Amazing Health Benefits of Grapes)

Health Benefits of Grapes

Health Benefits of Grapes
मीठे अंगूर (Health Benefits of Grapes) के दाने न स़िर्फ खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि ये सेहत का खज़ाना भी है. आपको हेल्दी रखने के साथ ही अंगूर आपकी त्वचा और बालों के लिए भी फ़ायदेमंद होता है. इंस्टेंट एनर्जी के लिए भी आप अंगूर का सेवन कर सकते हैं.

* ब्रेस्टफीट कराने वाली महिलाओं को रोज़ाना क़रीब 100 ग्राम अंगूर खाना चाहिए. इससे दूध बढ़ता है है.

* कब्ज़ की वजह से सिरदर्द, चक्कर जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इससे राहत के लिए रोज़ाना नियमित रूप से 25 ग्राम अंगूर का रस पीएं.

* एसिडिटी होने पर 25-25 ग्राम अंगूर और सौंफ को रातभर 250 मि.ली. पानी में भिगोकर रखें. सुबह उसे मसलकर छान लें. फिर उसमें 10 ग्राम शक्कर मिलाकर पीएं. कुछ दिनों तक नियमित रूप से ऐसा करने से एसिडिटी से राहत मिलेगी.

* यदि आपको कमज़ोरी महसूस हो रही है, तो 25 ग्राम अंगूर खाएं और उसके बाद आधा लीटर दूध पीएं. इससे कमज़ोरी दूर होगी.

* पेशाब में गर्मी की समस्या होने पर 50 ग्राम काले अंगूर को रातभर ठंडे पानी में भिगोकर रखें. सुबह मसलकर छान लें. फिर इसमें थोड़ा-सा जीरा चूर्ण मिलाकर पीएं. इससे पेशाब की गर्मी दूर होगी.

* पत्थरी दूर करने में अंगूर फ़ायदेमंद होता है. अंगूर के बीज को पीसकर चूर्ण बना लें. इसे फांककर ऊपर से एक ग्लास दूध पीएं. ऐसा करने से पथरी गलकर बाहर आ जाएगी.

* अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि हार्ट डिसीज़, नर्व डिसीज़, अल्ज़ाइमर, वायरल और फंगल इंफेक्शन से लड़ने की ताकत देते हैं.

* प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, सोडियम, फाइबर, विटामिन ए, सी, ई, के, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंग्नीज़, जिंक और आयरन के गुणों से भरपूर अंगूर में कैलोरी मात्रा बहुत कम होती है.

* शरीर के किसी भी हिस्से से ख़ून निकलने पर एक ग्लास अंगूर के जूस में दो चम्मच शहद घोलकर पिलाने से ख़ून की कमी दूर हो जाती है और ख़ून बहना बंद हो जाता है.

* अंगूर में ग्लूकोज़ व विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में होता है, इसलिए अंगूर खाने से भूख बढ़ती है और पाचन शक्ति ठीक रखती है. अंगूर आंखों, बालों व त्वचा को भी शाइनी बनाता है.

* अंगूर फाड़े-फुंसियों व पिंपल्स को सुखाने में मदद करता है. अंगूर के रस से गरारे करने से मुंह छालों से राहत मिलती है.

* एनीमिया के मरीज़ों के लिए अंगूर बेस्ट मेडिसीन है. उल्टी आने व जी मिचलाने पर अंगूर पर थोड़ा नमक व कालीमिर्च डालकर खाएं.

* 20-25 अंगूर को रात को पानी में भिगों दें. सुबह इन्हें मसलकर निचोडें और इस रस में शक्कर मिलाकर पीएं. पेट की गर्मी दूर हो जाएगी.

* खाने के आधा घंटे बाद अंगूर का रस पीने से खून बढता है और कुछ ही दिनों में पेट फूलना, बदहजमी जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं.

हेल्थ भी  टेस्ट भी

अंगूरी शरबत
500 ग्राम शक्कर और 750 मि.ली. पानी को मिलाकर दो तार की चाशनी तैयार कर लें. 500 ग्राम अंगूर को धो लें और पीस कर रस निकाल लें. इस रस को चाशनी में मिला दें और धीमी आंच पर 1-2 उबाल आने तक पकाएं. ठंडा होने पर इस घोल को बोतल में डालकर रख दें. एक ग्लास में 4 टीस्पून तैयार शरबत डालें और ठंडा पानी मिलाकर सर्व करें.

अंगूर का मुरब्बा
250 ग्राम ताज़े अंगूर पर नमक और आधा किलो शक्कर लगाकर रखें. पानी में शक्कर मिलाकर दो तार की चाशनी तैयार करें. जब यह ठंडा हो जाए तो इसमें आधा टीस्पून ब्लैक करंट एसेंस, 2 बूंद पर्पल कलर, अंगूर व 100 ग्राम किशमिश डालें. 24 घंटे तक ऐसे ही रहने दें. 1/4 टीस्पून सिट्रिक एसिड डालकर जार में भर दें.

मेथी के 16 अमेज़िंग फ़ायदे (16 Amazing Health Benefits of Fenugreek )

Benefits of fenugreek

Benefits of fenugreek

मेथी हर रसोई में मिल जाएगी. खाने का फ्लेवर बढ़ाने के साथ ही ये कई बीमारियों को भी दूर रखती है. ठंड के मौसम में मिलने वाले मेथी के पत्तों की सब्ज़ी बनाकर खाएं. स्वाद में भले ही ये थोड़ी कड़वी होती है, मगर सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. ख़ासकर महिलाओं के लिए. वैसे स़िर्फ मेथी के पत्ते ही नहीं, मेथी दाना भी सेहत का खज़ाना है. मेथी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है.

* डिलीवरी के बाद महिलाओं को मेथी के लड्डू खाने को कहा जाता है. इससे प्रेग्नेंसी के बाद शरीर मज़बूत बनता है और कमज़ोरी महसूस नहीं होती.  ब्रेस्टफीड करानेवाली महिलाओं के लिए मेथी के पत्तों की सब्ज़ी बहुत फ़ायदेमंद होती है. मेथी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है.

* पेट में जलन होने पर मेथी की सूखी पत्तियों और शहद को मिलाकर काढ़ा बनाएं. दिन में दो बार इसे पीने से पेट की जलन से राहत मिलती है.

* मेथीदाना को पीस लें और गुड़ में मिलाकर लड्डू बनाएं. ठंड के मौसम में रोज़ाना एक लड्डू खाने से सर्दी-खांसी की समस्या नहीं होगी.

* मेथी की सब्ज़ी बनाकर खाएं. इससे डाइजेशन ठीक रहता है.

* मेथी बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करके हार्ट डिसीज़ के ख़तरे को कम करती है.

* मेथी डायबिटीज़ पेशेंट के लिए भी रामबाण से कम नहीं है. ये शुगर लेवल को कम करने में मदद करती है.

* यह शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को निकालने में मदद करती है.

* मेथी याददाश्त बढ़ाने में भी मददगार है.

* वज़न कम करने में भी मेथी कारगर है. इसमें पाए जाने वाले फाइबर्स पेट के लिए फ़ायदेमंद होते हैं.

Benefits of fenugreek

* मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाएं, बहुत फ़ायदा होगा.

* यदि स्किन प्रॉब्लम्स जैसे- रिंकल्स, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स, ड्राईनेस आदि से परेशान हैं, तो मेथी की पत्तियों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं और  क़रीब 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें.

* हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में भी मेथी बेहद कारगर होती है.

* मेथी एक बेहतरीन घरेलू दवा का काम करती है. ये बुखार और कई अन्य मौसमी बीमारियों को ठीक करने में मदद करती है.

* मेथी के पत्तों से हर्ब टी बनाई जा सकती है, इसे पीने से दिमाग़ शांत और फ्रेश रहता है.

* मेथी में आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है, इससे शारीरिक कमज़ोरी दूर होती है.

* मेथी के नियमित सेवन से महिलाओं को पीरियड्स और मेनोपॉज़ के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है.

 

हेल्थ भी टेस्ट भी

Benefits of fenugreek

मेथी सलाद
एक गड्डी मेथी को धोकर नमक लगाकर 30 मिनट रखकर पानी निचोड़ लें. फिर मेथी के पत्तों को बारीक़ काट लें. आधा-आधा कप बारीक़ कटे प्याज़ और टमाटर, मेथी, आधा टीस्पून लालमिर्च पाउडर, 1 टीस्पून तेल और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. तैयार मेथी सलाद का मज़ा लें.

Benefits of fenugreek

मेथी टमाटर
एक गड्डी मेथी को साफ़ करके काट कर उबाल लें. कड़ाही में 1 टेबलस्पून तेल गरम करके हींग, राई और जीरे का छौंक लगाएं. अब 1 टमाटर बारीक़ कटा हुआ, आधा-आधा टीस्पून धनिया पाउडर व लालमिर्च पाउडर डालकर 2 मिनट तक भूनें. 2-3 टेबलस्पून पानी डालकर एक उबाल आने पर मेथी व नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. धीमी आंच पर 5-7 मिनट पकने के बाद आंच से उतार लें.

– कंचन सिंह

स्वादिष्ट खजूर के 10 अनोखे फ़ायदे (10 surprising health benefits of dates)

dates health benefits

health benefits of dates

आयरन, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर खजूर (health benefits of dates) को सर्दियों का मेवा कहा जाता है. ठंड के मौसम में इसका सेवन बहुत फ़ायदेमंद होता है. इंस्टेंट एनर्जी देने के साथ ही ये त्वचा पर उभरने वाली महीन रेखाओं (fine lines) को भी कम करने में मदद करता है.

1. खजूर खाने से इम्यून सिस्टम मज़बूत बनता है, जिससे शरीर मौसम के बदलाव को आसानी से सहन कर लेता है.

2. डाइट्री फाइबर, एंटीऑक्सिटेंड और शुगर के गुणों से भरपूर खजूर एनर्जी बूस्टर का काम करता है.

3. खजूर में फैट की मात्रा कम होती है. ये कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है, इसलिए हेल्थ कॉन्शियस लोगों के लिए बेहतरीन स्नैक्स है.

4. इसमें फाइबर और प्रोटीन के साथ ही विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, ए1 और सी भी भरपूर मात्रा में होता है.

5. खजूर आयरन और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीज़, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं.

6. खजूर त्वचा के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है. इसे खाने से चेहरे पर उभरने वाली फाइन लाइन्स कम हो जाती हैं और स्किन ग्लो करती है.

7. जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उनके लिए खजूर बहुत फ़ायदेमंद है. इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को ठीक  रखता है. रोज़ाना रात को चार खजूर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खा लें.

8. यदि वज़न बढ़ाना चाहते हैं, तो दूध के साथ खजूर खाएं. रोज़ 1 ग्लास दूध में 4-5 खजूर डालकर पीएं.

9. बढ़ते बच्चों के लिए भी खजूर बहुत उपयोगी है. इसे खाने से हड्डियां मज़बूत बनती है. साथ ही ये जॉइंट पेन से भी राहत दिलाता है.

10. एनीमिया के मरीज़ों के लिए खजूर रामबाण का काम करता है. खजूर में मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ ही लाल रक्त कोशिकाओं  (Red Blood Cells) को भी बनाता है. रोज़ाना सुबह-शाम खजूर खाएं.

यूं खाएं खजूर

* खजूर को आप पैकेट से निकालकर सीधे भी खा सकती हैं या फिर इसे पिघली हुई चॉकलेट से कोट करके खाएं.

* खजूर का बीज निकालकर इसे बादाम व अखरोट के साथ खाएं.

* फ्रूट सलाद में कटे हुए खजूर डालकर उसे और स्वादिष्ट बना सकती हैं.

* किसी भी स्वीट डिश में खजूर डालने से उसका टेस्ट और फ्लेवर बढ़ जाता है.

 

dates health benefits

ऐसे बनाएं खजूर चॉकलेट बॉल्स

सामग्री
500 ग्राम (2 मिडियम साइज़ के पैकेट)- मारी बिस्किट
1 बड़ा कप- खजूर
आधा कप- सूखा नारियल
5 टेबलस्पून- कोका पाउडर
500 मि.ली.- कंडेन्स्ड मिल्क
गार्निशिंग के लिए
4 टेबलस्पून- आइसिंग शुगर/कद्दूकस किया चॉकलेट/खजूर के टुकड़े

विधि
मारी बिस्किट को बड़े ज़िप लॉक बैग में डालकर रोलिंग पिन से क्रश करें. आप चाहें तो फूड प्रोसेसर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बिस्किट बिल्कुल पाउडर न बन जाएं. खजूर के बीज निकालकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब सभी सामग्री को मिक्स करके छोटे-छोटे बॉल्स बना लें और फ्रिज में कम से कम 45 मिनट के लिए रखें. सर्व करने से पहले आप चाहें तो इसे चॉकलेट (कद्दूकस किया हुआ) या फिर आइसिंग शुगर से गार्निश कर सकती हैं.

– कंचन सिंह

नींबू पानी के 9 अमेज़िंग हेल्थ बेनिफिट्स (9 Amazing Health Benefits of Nimbu Pani)

Health Benefits of Nimbu Pani

Health Benefits of Nimbu Pani

पेट की चर्बी कम करने और गैस की समस्या से राहत दिलाने के साथ ही नींबू पानी (Health Benefits of Nimbu Pani) के और भी ढेर सारे फ़ायदे हैं.

मुंहासों से राहत
जिन लोगों को मुंहासे की समस्या ज़्यादा होती है उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए, इससे उनके शरीर में मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे और स्किन ग्लो करेगी. नींबू पानी को आप फेसवॉश की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे डेड स्किन और एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाता है.

भूख न लगने की समस्या से निजात
यदि आपको भूख नहीं लगती, तो नींबू पानी पीएं. इससे भूख तेज़ी से लगती है.

किडनी स्टोन में फ़ायदेमंद
किडनी स्टोन यदि शुरुआती दौर में है, तो नींबू पानी पीना बहुत फ़ायदेमंद होगा. नींबू पानी में प्राकृतिक साइट्रेट होता है, जो स्टोन को तोड़ देता है या उसे बनने से रोकता है.

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मज़बूत इम्यून सिस्टम
जिन लोगों का इम्यून कमज़ोर है उन्हें रोज़ाना नींबू पानी पीना चाहिए, इससे उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) मज़बूत होगी.

सर्दी/फ्लू रखे दूर
जिन्हें सर्दी और फ्लू अक्सर होता रहता है, उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए. इससे उन्हें जकड़न नहीं होगी और शरीर भी डिहाइड्रेट नहीं होगा. नींबू पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

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सूजन व सांस संबंधी समस्या से राहत
यदि किसी व्यक्ति को कहीं भी सूजन है तो नींबू पानी लाभदायक होता है. साथ ही अस्थमा के मरीज़ों के लिए भी नींबू पानी फ़ायदेमंद है. इसके सेवन से जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या दूर होती है.

हैंगओवर
जिन लोगों को अल्कोहल की लत है और सुबह उठने पर चलना भी मुश्किल हो जाता है, तो उनके लिए नींबू पानी लाभदायक होगा. आधे ग्लास नींबू पानी से ही आंखें खुल जाती हैं और सिर घूमना बंद हो जाता है.

फूड पॉइज़निंग
फूड पॉइज़निंग होने पर नींबू पानी का सेवन करें, इसमें मौजूद एसिड शरीर को लाभ पहुंचाते हैं और मरीज़ को ठीक होने में मदद करते हैं.

पेट संबंधी समस्या
यदि आप भी अक्सर गैस, कब्ज़, अपच जैसी पेट संबंधी समस्या से परेशान रहते हैं, तो नींबू पानी का सेवन शुरू कर दीजिए.

– कंचन सिंह

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नहीं जानते होंगे आप आंवले के ये 12 हेल्थ बेनिफिट्स (12 Amazing Health Benefits of Amla)

Health Benefits of Amla

Health Benefits of Amla

आंवला विटामिन सी का (Health Benefits of Amla) स्त्रोत है. आंवला त्वचा को स्वस्थ बनाने के साथ ही हड्डियों को मज़बूत बनाता है. इसके सेवन से भूख बढ़ती है और ख़ून साफ़ होता है.

* आंवले के रस का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती हैं. आंवला के सेवन से भूख कम लगती हैं और काफी देर तक पेट भरा होने का  एहसास होता है.

* आंवला खाने से लीवर मज़बूत होता है, जिससे शरीर से विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं.

* आंवला का सेवन करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. आंवले का जूस पीने से ब्लड प्यूरीफाई होता है.

* आंवला आपकी स्किन और बालों को भी हेल्दी रखता है.

* दस्त की समस्या होने पर सूखा आंवला तथा काला नमक समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें. दिन में तीन बार पानी के साथ सेवन करें. दस्त बंद हो    जाएगा.

* आंवले के चूर्ण को दही के साथ नियमित लेने से बवासीर की शिकायत दूर हो जाती है.

* नियमित आंवले का चूर्ण गाय के दूध के साथ खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है.

* आंवले को आग पर भूनकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर बारीक़ पीस लें. साथ ही इसमें दो-तीन बूंद सरसों का तेल मिलाकर इससे नियमित मंजन  करें. इससे पायरिया ख़त्म हो जाएगा.

* सिरदर्द होने पर आंवले के चूर्ण का लेप सिर पर लगाएं. इससे सिरदर्द से राहत मिलेगी.

* सुबह नाश्ते में आंवले का मुरब्बा खाने ने शरीर स्वस्थ बना रहता है. नियमित रूप से इसके सेवन से स्मरणशक्ति बढ़ती है.

* चोट लगने पर रक्तस्राव हो तो उस जगह ताज़े आंवले का रस लगाएं.इससे रक्त बहना कम होगा.

* आंवले के रस में चंदन का चूर्ण डालकर शहद के साथ चाटने से उल्टी बंद हो जाती है.

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Health Benefits of Amla

आंवले से बनाएं स्वादिष्ट रेसिपी

आंवला की लौंजी
250 ग्राम आंवले को उबालकर फांक निकाल लें. कड़ाही में 3 टेबलस्पून तेल गरम करें. हींग और आधा टीस्पून सौंफ डालें. आंवले की फांकें मिलाकर 1 मिनट तक भून लें. अब 3 टीस्पून धनिया पाउडर और 1 टीस्पून लालमिर्च पाउडर मिलाकर 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. नमक मिला दें.

आंवले की मीठी चटनी
250 ग्राम उबले व मैश किए हुए आंवले में 250 ग्राम गुड़ मिला लें. इसमें 1 टीस्पून जीरा पाउडर, 1/4 टीस्पून अदरक कद्दूकस किया हुआ और नमक मिलाकर धीमी आंच पर गुड़ पिघलने तक पका लें. थोड़ी गाढ़ी होने पर चटनी को आंच से उतार लें.

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माला में क्यों होते हैं 108 दाने- जानें इसके हेल्थ बेनीफिट्स (The Importance Of Number 108)

क्या आपने कभी ग़ौर किया है कि जाप की सभी मालाओं में 108 दाने ही क्यों होते हैं? संख्या 108 ही क्यों है, 107 या 109 क्यों नहीं? आख़िर हिंदू धर्म में 108 का इतना ज़्यादा महत्व क्यों है? तो आइए जानते हैं संख्या 108 क्यों है, कहां से आई है, इसकी महत्ता क्या है और क्या हैं इसके हेल्थ बेनीफिट्स?

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संख्या 108 से जुड़ी मान्यताएं
संख्या 108 के उद्भव, महत्व व उपयोगिता से जुड़ी चार मान्यताएं प्रचलित हैं-

1. सूर्य से गहरा रिश्ता
पहली मान्यता के अनुसार मालाओं का सूर्य से बहुत गहरा रिश्ता होता है, इसीलिए उनमें 108 दाने होते हैं. इस मान्यता के अनुसार, सूर्य सालभर में कुल 2,16,000 कलाएं बदलता है. इस दौरान सूर्य दो बार अपनी स्थिति भी बदलता है यानी छह महीने उत्तरायण और बाकी छह महीने दक्षिणायन. इस तरह कह सकते हैं कि सूरज छह महीने में कुल एक लाख आठ हज़ार (1,08,000) बार कलाएं बदलता है. संख्या 1,08,000 से अंतिम तीन शून्य को हटा दें, तो अंक 108 बनता है. यह भी कहा जाता है कि सृष्टि में सूर्य ही एकमात्र साक्षात दिखनेवाले देवता हैं, इसलिए उनकी कलाओं के आधार पर संख्या 108 तय की गई है. किसी माला का हर दाना सूर्य की एक हज़ार
कलाओं का प्रतीक है यानी एक बार जाप करने पर
एक हज़ार गुना फल मिलता है. सूर्य ब्रह्मांड में ऊर्जा
का स्रोत है, इसीलिए यह व्यक्ति को ऊर्जा देकर उसे सेहतमंद बनाता है.

2. सांसों की संख्या दर्शाता है
दूसरी मान्यता के अनुसार माला के दानों की संख्या का निर्धारण एक पूर्ण तंदुरुस्त आदमी के दिनभर में सांस लेने की संख्या के मुताबिक़ हुआ है. अमूमन, एक व्यक्ति 24 घंटे में 21600 बार सांस लेता है यानी 12 घंटे में वह कुल 10800 बार सांस लेता है. शास्त्रों में कहा गया है कि 10800 बार मंत्रोच्चारण करते समय प्रभु को याद करना बहुत ज़रूरी है. चूंकि यह मुश्किल काम है, इसीलिए 10800 बार सांस लेने की संख्या से अंतिम दो शून्य हटाकर जाप के लिए 108 संख्या तय कर दी गई. इसी आधार पर माला में 108 दाने होते हैं. जैसा कि हम जानते हैं, सांस का संबंध सीधे हमारी सेहत से होता है. अगर आदमी की श्‍वसन प्रणाली दुरुस्त है, तो इसका मतलब है कि शरीर के लिए
आवश्यक ऑक्सीजन की पूर्ति हो रही है.

3. ग्रहों व राशियों की चाल का प्रभाव  
तीसरी मान्यता ज्योतिष के सिद्धांत पर आधारित है. ज्योतिष शास्त्र ब्रह्मांड को 12 राशियों में विभाजित करता है. इन 12 राशियों के नाम मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्‍चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन हैं. इन राशियों में नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु विचरण करते हैं. अत: 9 ग्रहों को 12 राशियों से गुणा करने पर संख्या 108 प्राप्त होती है और इसीलिए माला में 108 दाने होते हैं. ग्रहों व राशियों की चाल का सीधा प्रभाव हमारी सेहत पर पड़ता है, जिसे संतुलित रखने के लिए हमें 108 बार जाप करना पड़ता है.

4. नक्षत्रों  के चरणों पर आधारित
चौथी मान्यता भी ज्योतिष से ही संबंधित है. इसके अनुसार ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं. हर नक्षत्र के 4 चरण होते हैं और 27 नक्षत्रों के कुल चरण 108 ही होते हैं. माला का एक-एक दाना, नक्षत्र के एक-एक चरण का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए लोग मंत्र जाप के लिए 108 दानोंवाली माला का इस्तेमाल करते हैं.

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वैज्ञानिक आधार भी हैं
संख्या 108 की महत्ता धार्मिक और ज्योतिष संबंधी मान्यताओं पर ही आधारित नहीं है, बल्कि इसके वैज्ञानिक आधार भी हैं. हर मान्यता के अनुसार मंत्र जाप के लिए 108 दानेवाली माला का ही प्रयोग करना चाहिए. इसकी महत्ता शास्त्रों में इस श्‍लोक के ज़रिए बताई गई-
षट्शतानि दिवारात्रौ सहस्राण्येकं विशांति।
एतत् संख्यान्तितं मंत्रं जीवो जपति सर्वदा॥
यानी किसी माला के दानों की संख्या 108 संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करती है और चूंकि हमारा शरीर इस ब्रह्मांड का ही हिस्सा है, इसलिए हम जितने ही ब्रह्मांड से जुड़े कॉस्मोलॉजी-फ्रेंडली होंगे, उतने ही तंदुरुस्त भी रहेंगे.

108 के हेल्थ बेनीफिट्स
–   जो व्यक्ति 108 दानों की माला से मंत्र का जप करता है, उसे अन्य के मुक़ाबले अधिक लाभ होता है.
–    मंत्र जप की माला रुद्राक्ष, तुलसी, स्फटिक, मोती या नगों जैसी मूल्यवान चीज़ों से बनी होती है, जिनका हमारी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
–    रुद्राक्ष से बनी माला मंत्र जप के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है, क्योंकि इसे महादेव का प्रतीक माना गया है. रुद्राक्ष में सूक्ष्म कीटाणुओं का नाश करने की शक्ति भी होती है. साथ ही, रुद्राक्ष वातावरण में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करके साधक के शरीर में पहुंचा देता है.
–   दरअसल, जब माला लेकर किसी मंत्र का 108 बार जाप करते हैं, तो शरीर का ब्रह्मांड से साक्षात्कार होता है, जिसे कुछ लोग समझ जाते हैं, जबकि ज़्यादातर लोगों को मालूम ही नहीं पड़ता. जो जान जाते हैं, उन्हें इसका सबसे ज़्यादा हेल्थ बेनीफिट मिलता है. जो नहीं जान पाते, उन्हें थोड़ा कम, लेकिन सेहत संबंधी लाभ हर हाल में होता ही है.
–    चूंकि 108 की कनेक्टिविटी सीधे सूरज से है, इसलिए इससे जुड़ी हर चीज़ से हेल्थ लाभ होता है.
–    माला का जाप 108 बार करने के लिए सही तरीक़ा अपनाना चाहिए. हर माला में सबसे ऊपर सुमेरू होता है. जाप उसी से शुरू होता है और वहीं ख़त्म होता है. इस माला से जाप का मतलब है कि हम ब्रह्मांड के नियमों का पालन करते हैं यानी ब्रह्मांड-फ्रेंडली काम करते हैं, इसीलिए संख्याहीन मंत्रों के जप से फल नहीं मिलता, क्योंकि वह ब्रह्मांड से जुड़ा नहीं होता.
–    अब इसे भी संयोग ही कहेंगे न कि स्वास्थ्य सेवा के लिए देशभर में हर जगह ऐंबुलेंस का नंबर भी 108 ही है.

‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट!
मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.
For Android– https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pioneer.mantra.firstscreentab&hl=en
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मंत्रों का हेल्थ कनेक्शन (Healing Power Of Mantras)

कभी भी आपके ज़ेहन में यह बात आई  है कि मंत्रों का क्या और कितना महत्व है? मंत्रों की शक्ति और उनके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में अक्सर हम सुनते रहते हैं, लेकिन शायद ही कभी हमने हेल्थ और मंत्र के साइंटिफिक कनेक्शन को जानने की कोशिश की हो. अगर हम मंत्रों के हेल्थ कनेक्शन को जान जाएंगे, तो ज़ाहिर है उन्हें बेहतर तरी़के से अपने जीवन में अपनाकर हेल्दी और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे.
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साउंड इज़ पावर
–    मंत्र दरअसल साउंड यानी ध्वनि होते हैं और विज्ञान कहता है, ध्वनि ऊर्जा के सिवा कुछ नहीं है. यानी मंत्र का सीधा मतलब है- एनर्जी. मंत्र जप करने का अर्थ है शक्ति के विभिन्न स्तर को महसूस करना.
–   एक ही ध्वनि अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग परिणाम देती है. विज्ञान यह भी कहता है कि मनुष्य शरीर ऊर्जा का एक घना रूप है. जब किसी ख़ास मंत्र का ख़ास उद्देश्य के लिए जाप किया जाए, तो शरीर की एनर्जी को बेहतर व पूर्ण रूप से महसूस किया जा सकता है.
विज्ञान और मंत्र
–    मंत्र किस तरह से हमारे जीवन व हेल्थ को प्रभावित करते हैं, इसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व ही किया गया है. लेकिन इसके वैज्ञानिक आधार की खोज अब तक जारी थी. मंत्र और साइंस में बहुत ही गहरा कनेक्शन है.
–   मंत्रों की एक निश्‍चित फ्रिक्वेंसी होती है. मंत्रों के नियमित जाप से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम में एक रिदम में दबाव यानी प्रेशर पैदा होता है, जिससे हमारे चक्र जाग जाते हैं और शरीर एवं मस्तिष्क में एनर्जी पैदा होती है.
–   मंत्रों के उच्चारण से जो फ्रिक्वेंसी पैदा होती है, उसका सकारात्मक असर हमारे शरीर व मन पर पड़ता है, साथ ही मंत्रों को लगातार पढ़ने से जीभ व तालु में जो संपर्क होता है, ॐ के उच्चारण के व़क्त जो ध्वनि नाभि से आती है, उन सबका असर शरीर के प्रेशर पॉइंट्स पर पड़ता है, जिससे हम हेल्दी और एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
–    मंत्रों का साइंटिफिक कनेक्शन इसी बात से साबित होता है कि हाल ही में नासा ने सूर्य की ध्वनि को यूनिवर्स में रिकॉर्ड करके उसे कंप्रेस किया, ताकि हम उसे सुन सकें. सुनने पर यह पूरी तरह से साबित हो गया कि यह ध्वनि ठीक वही मंत्र है, जिसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व किया गया है और यह मंत्र है- ॐ जिसे लगातार सुनने पर एक विशेष प्रकार का कंपन महसूस होता है यानी नासा ने अब इस मान्यता की पुष्टि कर दी है कि मंत्रों का हमारे मन-मस्तिष्क पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है.
–    ओहायो यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक भी यह साबित हुआ है कि ध्यान यानी डीप मेडिटेशन से लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यही नहीं, जो लोग रोज़ाना ध्यान करते हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है, साथ ही मांसपेशियों के दर्द से भी राहत मिलती है.
–    शोधों में भी यह पाया गया कि कई मरीज़ों पर मंत्र के काफ़ी सकारात्मक नतीजे देखने को मिलते हैं. साउंड व मंत्रों पर किए गए रिसर्च से यह पता चलता है कि निश्‍चित साउंड फ्रिक्वेंसी हमारे माइंड को विशेष प्रकार की आरामदायक परिस्थिति में पहुंचा देती हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में अल्फा स्टेट कहा जाता है.
–    ध्वनि की शक्ति अपार है. ध्वनि से बड़ी-बड़ी इमारतें, पुल और यहां तक कि इंसान का तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम तक प्रभावित हो सकता है. जैसेकि राग दीपक के सही जाप से दीप जलाए जा सकते हैं, राग मल्हार से बारिश करवाई जा
सकती है.
–    आज विज्ञान की बदौलत हम सभी जानते हैं कि विशेष तरंगों को इंसानी कान नहीं सुन सकते, लेकिन सोनोग्राफी एवं अल्ट्रासाउंड के द्वारा आज हम विभिन्न प्रकार के असाध्य रोगों से निजात पा सकते हैं. कई प्रकार के प्रयोगों से पता चलता है कि एक विशेष प्रकार की ध्वनि सुनाने पर मुर्गियों ने अपने पंख गिरा दिए व पेड़-पौधे एवं फसलें सूख गईं.
–    शब्दों की ताक़त अपार है. अगर कुछ उत्साहवर्द्धक शब्द सैनिकों में नई जान डालकर एक हारे हुए युद्ध को जिता सकते हैं, तो कुछ अपशब्द बड़े से बड़े और गहरे रिश्ते-नाते तोड़ भी देते हैं.
धर्म या अंधविश्‍वास नहीं, ये है विज्ञान
–    अक्सर लोग आज भी इसी ग़लतफ़हमी में हैं कि मंत्रों का संबंध किसी विशेष धर्म से है, जबकि तमाम साइंटिफिक रिसर्च और शोधों से यह साफ़ हो चुका है कि मंत्रों का आधार विज्ञान है. धर्म से इनका कोई संबंध नहीं, इसीलिए हर धर्म व समुदाय के लोग इनका प्रयोग करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं.
–    मंत्र का यदि गूढ़ अर्थ जानें, तो मन का मतलब है- माइंड और त्र का अर्थ है तरंग या कंपन. मंत्रों के जप से जो कंपन होता है, वह न स़िर्फ हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करता है, बल्कि मंत्रोच्चारण के समय श्‍वास-प्रश्‍वास की क्रिया व रिदम हमारे ग्लांड्स पर असर डालते हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारी हेल्थ पर होता है.
–    मंत्र जप के व़क्त हम ध्यानावस्था में पहुंच जाते हैं और हमारा मस्तिष्क अल्फा स्टेट में, जिससे नर्वस सिस्टम बैलेंस होता है और तनाव दूर होता है.
–   मंत्रों के नियमित जप से इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि इनका प्रभाव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर इस तरह से होता है, जिससे हमारे
हार्मोंस प्रभावित होते हैं. सेरोटोनिन और डोपामाइन को हैप्पीनेस हार्मोंस कहा जाता है, मंत्रों के सकारात्मक प्रभाव से हैप्पी
हार्मोंस रिलीज़ होकर मस्तिष्क को सुखद अवस्था में पहुंचाते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, हमारे मूड से लेकर भूख और नींद तक से जुड़े मस्तिष्क के केंद्रों को यह प्रभावित करके हार्मोंस के स्तर को बैलेंस करते हैं, जिससे हमारी इम्यूनिटी बेहतर होती है.
हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने बताए मेडिटेशन के फ़ायदे
–    हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने अपने रिसर्च में पाया कि जो लोग नियमित रूप से ध्यान करते हैं, उनके ‘डिसीज़ फाइटिंग जींस’ यानी बीमारियों से लड़नेवाले जींस अधिक एक्टिव रहते हैं.
–    दरअसल, ध्यान की अवस्था में मस्तिष्क शांत हो जाता है और तनावरहित होने पर बीमारियों से लड़नेवाले हार्मोंस क्रियाशील होते हैं और बीमारी उत्पन्न करनेवाले हार्मोंस कम होते हैं.
–    शोधकर्ताओं के अनुसार मेडिटेशन का पूरा लाभ पाने के लिए ॐ का उच्चारण भी करना चाहिए.
ॐ के जप के फ़ायदे
–    शरीर के टॉक्सिन्स निकल जाते हैं.
–    वोकल कॉर्ड और गले की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है. ख़ासतौर से बढ़ती उम्र में यह और भी फ़ायदेमंद है.
–    ॐ के नियमित उच्चारण से जो कंपन पैदा होता है, उसका असर वोकल कॉर्ड और साइनस पर भी पड़ता है.
–   यह रक्तचाप व थायरॉइड को नियंत्रित करता है.
–    कुछ लोगों के निजी अनुभव तो यह भी कहते हैं कि ॐ के जप से उनका वज़न भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसके वाइब्रेशन्स पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं और बढ़ते वज़न को कम करते हैं.
‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट!
मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.
For Android– https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pioneer.mantra.firstscreentab&hl=en
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