Bobby Deol

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से अभी भी उनके फैन्स उभर नहीं पाए हैं. काम की कमी और गुटबाज़ी का शिकार होनेवाले सुशांत जैसे टैलेंटेड और पॉप्युलर एक्टर का जाना सभी को खल रहा है. बॉलीवुड में ऐसे कई टैलेंटेड ऐक्टर्स हैं, जिनकी धमाकेदार शुरुआत के बावजूद वो इंडस्ट्री में कुछ ख़ास नहीं कर पाए. टैलेंटेड होने के बावजूद काम की कमी ने इन एक्टर्स को स्ट्रगल करने पर मजबूर कर दिया. कौन से हैं वो एक्टर्स जो शुरुआती दौर में सफलता का स्वाद चखने के बाद काम न मिलने से अचानक स्ट्रगल करने लगे.

बॉबी देओल

Bobby deol

फ़िल्म बरसात की रिलीज़ के बाद रातोंरात स्टार बने बॉबी देओल को देखकर हर किसी को यही लगता था कि बॉलीवुड का नया सुपरस्टार आ गया है. बॉबी की लोकप्रियता उस समय चरम पर थी. लड़कियां उनके लुक्स की दीवानी थीं, तो लड़के उनके स्टाइल के. उनकी अदाकारी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया था, लेकिन कुछ समय तक बड़े बड़े बैनर्स में काम करने के बावजूद बॉबी को वो स्टारडम वापस नहीं मिला. बॉबी देओल के ख़िलाफ़ भी गुटबाज़ी ऐसी हुई कि उन्हें अच्छी अच्छी फिल्में मिलते मिलते रह गईं. एक इंटरव्यू में बॉबी ने बताया था कि फ़िल्म जब वी मेट पहले मुझे ऑफर हुई थी, लेकिन करीना कपूर के कहने पर यह फ़िल्म उनके बॉयफ्रेंड शाहिद कपूर को मिल गई थी. स्टारडम खोने का झटका बॉबी को भी लगा था और इसीलिए उन्होंने ख़ुद को शराब में डुबोने की भी कोशिश की. एक समय ऐसा भी आया था, जब बॉबी को लगा कि वो पूरी तरह एल्कोहलिक हो जाएंगे.

विवेक ओबेरॉय

Vivek Oberoi

कंपनी जैसी सुपरहिट फिल्म देनेवाले विवेक ओबेरॉय को देखकर क्रिटिक्स भी यही कहते हैं कि वो ऐसे स्टार हैं, जो सुपरस्टार बनते बनते रह गए. डेब्यू फिल्म कंपनी में मिली अपार सफलता के बाद फ़िल्म साथिया ने विवेक को लोकप्रियता की बुलंदियों तक पहुंचा दिया. लड़कियां नए नए चॉकलेट बॉय बने विवेक के लिए क्रेज़ी थीं. लेकिन सलमान खान के साथ उनके पर्सनल विवाद के चलते उन्हें काम मिलना बंद हो गया. बॉलीवुड के साथ ही विवेक ने साउथ इंडियन मूवीज़ में भी खलनायक की भूमिका निभाई, पर आज भी वो स्ट्रगल ही कर रहे हैं.

अभय देओल

Abhay Deol

फ़िल्म ‘सोचा ना था’ जैसी बेहतरीन फ़िल्म से बॉलीवुड में एंट्री करनेवाले अभय देओल को भी दर्शकों से काफ़ी सराहना मिली. फिल्म देव डी के बाद उन्हें ज़्यादातर फिल्मों में सपोर्टिंग ऐक्टर का ही किरदार मिला. हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद नेपोटिज़्म और बॉलीवुड की गुटबाज़ी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए अभय देओल ने कहा भी था कि ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा में उनके किरदार को सभी अवॉर्ड फंक्शन्स में लीड से हटाकर सपोर्टिंग कर दिया गया था, क्योंकि उनके मुताबिक ऋतिक रोशन लीड और बाकी के दोनों एक्टर्स सपोर्टिंग में थे. अभय ने एक बार कहा भी था कि जिस तरह की फिल्में मैं करना चाहता हूं, वैसी मुझे मिल ही नहीं रहीं. हाल ही में वो वेब सीरीज़ चॉपस्टिक में नज़र आए थे. हालांकि अभय देओल की फिल्में कमर्शियली बहुत ज़्यादा हिट नहीं हुई थीं, पर बतौर एक्टर उनके काम और अदाकारी को हमेशा सराहा गया.

दीया मिर्ज़ा

Dia mirza

साल 2000 में मिस एशिया पैसिफिक का ब्यूटी टाइटल जीतनेवाली दीया वाकई बेहद ख़ूबसूरत हैं. रहना है तेरे दिल में जैसी कामयाब फ़िल्म देने के बाद दीया मिर्ज़ा की तुलना बाकी ब्यूटी टाइटल जीतनेवाली लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा से की जा रही थी, जहां दीया उनके मुकाबले काफ़ी स्ट्रॉन्ग मानी जाती थीं. लेकिन उसके बाद धीरे धीरे सपोर्टिंग एक्ट्रेस का किरदार निभाने के बाद अचानक से उन्हें काम मिलना बंद हो गया. दीया से जब एक इंटरव्यू में पूछा गया था, तो उन्होंए कहा था कि अगर मैं कहूं कि मुझे स्टारडम चले जाने से फ़र्क नहीं पड़ता, तो वो झूठ होगा.

इमरान खान

Imran Khan

फ़िल्म जाने तू या जाने ना से बॉलीवुड में डेब्यू करनेवाले इमरान खान उस समय बॉलीवुड के अगले स्टार माने जा रहे थे. इमरान के अचानक से कई फ्रेंड्स हो गए थे, लेकिन जैसे ही उनकी अगली फिल्में अच्छा नहीं कर पाई, तो सभी गायब हो गए.

आफ़ताब शिवदसानी

Aftab Shivdasani

फ़िल्म मस्त से बॉलीवुड में मस्त डेब्यू करनेवाले आफ़ताब ने रातोंरात पॉप्युलैरिटी हासिल कर ली. उनके चार्म और एक्टिंग की हर तरफ़ तारीफ़ें हो रही थीं. बेस्ट मेल डेब्यू का अवॉर्ड और मोस्ट प्रॉमिसिंग मेल एक्टर का अवॉर्ड जीतनेवाले आफ़ताब ने सोचा भी नहीं था कि उनकी धमाकेदार शुरुआत के बावजूद उनके लिए काम का अकाल पड़ जाएगा.

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‘जब वी मेट’ करीना कपूर की बेहतरीन फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में करीना कपूर और शाहिद कपूर की जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया. लव ट्राइंगल पर बनी ये फिल्म दर्शक आज भी भूले नहीं है. लेकिन इस फिल्म का एक ऐसा पहलू भी है, जिसे कई लोग नहीं जानते. क्या आप जानते हैं कि ‘जब वी मेट’ फिल्म में शाहिद कपूर का रोल पहले बॉबी देओल करने वाले थे, लेकिन करीना कपूर ने फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज़ अली से कहकर बॉबी देओल की जगह बॉयफ्रेंड शहीद कपूर को फिल्म में साइन करवाया था.

Kareena Kapoor and Shahid Kapoor

जब वी मेट फिल्म में करीना कपूर ने शाहिद कपूर को ऐसे साइन करवाया था
बॉबी देओल ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था. बॉबी ने कहा, “मैंने इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘सोचा ना था’ देखी थी और मैं उससे बहुत इम्प्रेस हुआ था. मैं उनकी अगली फिल्म में उनके साथ काम करना चाहता था और इसके लिए मैं मौका ढूंढ़ रहा था. उसी दौरान ‘गीत’ नाम की एक फिल्म उनके पास थी, जो करीना कपूर के कैरेक्टर के नाम पर थी. अष्टविनायक नाम का एक स्टूडियो है, जो मुझे साइन करना चाहते थे. मैंने उनसे कहा कि इम्तियाज़ को साइन करते हैं, उनके पास एक स्क्रिप्ट भी रेडी है. मैंने उनसे कहा कि इसके लिए करीना को कॉन्टैक्ट करते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इम्तियाज़ तो बहुत महंगी फ़िल्में बनाते हैं. उन्होंने कहा कि करीना भी उनसे कॉन्टैक्ट नहीं करना चाहतीं.” इसके बाद बॉबी देओल ने इस रोल के लिए प्रीति जिंटा का नाम सुझाया. वो लोग प्रीति से मिलने भी गए, लेकिन प्रीति ने कहा कि वो छह महीने बाद ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर पाएंगी. बात वहीँ पर अटक गई. बॉबी देओल ने आगे बताया, “हैरानी की बात ये है कि कुछ दिनों बाद ही मुझे पता चला कि करीना कपूर इस रोल को करने के लिए तैयार हो गई हैं, लेकिन इम्तियाज़ अली से कहकर करीना ने मेन लीड के लिए शाहिद कपूर को साइन करवा लिया था. मैं फिल्म से बाहर चुका था और मुझे इसकी खबर भी नहीं थी. इस खबर को सुनने के बाद मैं इतना ही कह सका, ”वाह, क्या इंडस्ट्री है!”

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Bobby Deol

बॉलीवुड में गुटबाजी और पक्षपात
बॉलीवुड में गुटबाजी और पक्षपात का इतिहास बहुत पुराना है. आज यदि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद नेपोटिज़्म पर बहस शुरू हुई है, तो इसके पीछे ठोस वजहें भी हैं. बॉलीवुड में कुछ चेहरे ही चमक पाते हैं और करोड़ों के बजट वाली फ़िल्में भी उनकी ही झोली में आती हैं. स्टारकिड की एंट्री हमेशा धमाकेदार होती है, वहीँ टैलेंटेड कलाकारों को एक ब्रेक पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है. बॉलीवुड में ऐसे कई कलाकार हैं, जिन्हें वो सक्सेस नहीं मिली, जिसके वो हक़दार थे, वहीँ कई ऐसे कलाकार भी हैं, जिन्हें स्टारकिड होने का पूरा फायदा मिला. बॉलीवुड में कुछ गुट ऐसे भी हैं, जो चुनिंदा लोगों के साथ ही फिल्में बनाते हैं, ऐसे में उन न्यूकमर्स का रास्ता मुश्किल हो जाता है, जिनका बॉलीवुड में कोई गॉड फादर नहीं है. कंगना रनौत इसका एक बड़ा उदाहरण हैं और उन्होंने बॉलीवुड की इस गुटबाजी का हमेशा विरोध किया है. कंगना रनौत ने ये खुले शब्दों में कहा है कि बॉलीवुड में कोई गॉड फादर नहीं होने के कारण उन्हें बहुत स्ट्रगल करना पड़ा.

Kareena Kapoor and Shahid Kapoor

कंगना रनौत ने कहा, मेरे साथ कुत्तों जैसा व्यव्हार होता था
कंगना ने एक इंटरव्यू में अपने करियर के शुरुआती दौर की बातें बताते हुए कई खुलासे किए थे. कंगना ने कहा, “जब मैंने करियर शुरू किया था, मेरे साथ कुत्तों जैसा व्यव्हार होता था. इंडस्ट्री के लोग ऐसा व्यवहार करते थे जैसे मुझे आवाज उठाने का हक नहीं है, मेरी जरूरत नहीं है. मैं इंग्लिश में बात नहीं कर पाती थी, तो वे मेरा मजाक उड़ाते थे.”

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Kangana Ranaut

बॉलीवुड में गुटबाजी और पक्षपात का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन अब इस मानसिकता में बदलाव आना चाहिए और नेपोटिज़्म पर खुलकर बहस होनी चाहिए. आपको क्या लगता है, ‘मी टू’ #MeToo की तरह ही क्या #Nepotism यानी भाई-भतीजावाद के खिलाफ भी आवाज़ उठाई जानी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं.

बॉलीवुड में बहुत कुछ ऐसा होता रहता है, जिसके बारे में हमे सालों बाद पता चलता है कि फलां फिल्म पहले कोई और करनेवाला था, पर कुछ कारणों से वो किसी और को मिल जाती है. बॉबी देओल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. जब वी मेट जैसी कामयाब फिल्म पहले बॉबी की झोली में आई थी, लेकिन करीना के कहने पर डायरेक्टर इम्तियाज़ अली ने उनकी जगह यह उनके तब के बॉयफ्रेंड शाहिद कपूर को दे दिया.

Jab We Met Kareen kapoor,Shahid

एक इंटरव्यू में बॉबी ने इस बात का खुलासा किया कि मैंने इम्तियाज़ की फिल्म सोचा ना था देखी थी और मैं उससे बहुत इम्प्रेस हुआ था, इसलिए मैं उनकी अगली फिल्म में उनके साथ काम करने का मौका ढूंढ़ रहा था. तब गीत नाम की एक मूवी उनके पास थी, जो करीना के कैरेक्टर के नाम पर थी. अष्टविनायक नाम का एक स्टूडियो है, जो मुझे साइन करना चाहते थे. मैंने उनसे कहा कि इम्तियाज़ को साइन करते हैं उनके पास एक स्क्रिप्ट भी रेडी है और करीना को कॉन्टैक्ट करते हैं. उनका रियेक्शन था वो गॉड, वो तो बहुत महंगी फ़िल्में बनाते हैं और करीना भी उनसे कॉन्टैक्ट नहीं करना चाहतीं.

Bobby Deol

बॉबी देओल आगे कहते हैं कि इसके बाद मैंने उनसे कहा कि अगर ऐसा है तो प्रीति जिंटा से मिलते हैं और हम प्रीति से मिलने गए. प्रीति ने कहा कि वो छह महीने बाद ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर पाएंगी, इसलिए हम वहीं अटक गए.
हैरानी की बात ये कि कुछ दिनों बाद ही मुझे पता चला की करीना ये रोल करने के लिए तैयार हो गयी हैं, पर इम्तियाज़ से कहकर उन्होंने मेन लीड के लिए शाहिद कपूर को साइन करवा लिया था. और मेरा रियेक्शन था, ”वाह! क्या इंडस्ट्री है.”

इसके बाद बॉबी ने बताया कि वो इम्तियाज़ के साथ हाइवे भी करनेवाले थे, पर किसी कारण वो भी पूरा नहीं हो पाया. बॉबी कहते हैं कि पर मेरे मन में उनके लिए कोई ग़लत भावना नहीं है. वो एक अच्छे डायरेक्टर हैं और अच्छा कर रहे हैं और हम अच्छे दोस्त हैं. लेकिन मैं उनसे हमेशा कहता हूँ, ”इम्तियाज़ मैं तब तक तेरी एक भी फिल्म नहीं देखूंगा, जब तक तू मेरे साथ फिल्म नहीं बनाता. वो तेरी बेस्ट फिल्म होगी.

बॉबी ने करीना के साथ फिल्म अजनबी में काम किया था. उसके बाद 2017 में उन्होंने श्रेयस तलपड़े की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म पोस्टर बॉयज़ से कमबैक किया. वो सलमान खान को भी क्रेडिट देते हैं कि उन्होंने रेस 3 में उन्हें एक दमदार रोल दिया. बॉबी अब नेटफ्लिक्स की ओरिजिनल फिल्म क्लास ऑफ 83 में नज़र आएंगे, जो शाहरुख खान के रेड चिलीज़ द्वारा प्रोड्यूस की जा रही है.

– अनीता सिंह

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बॉलीवुड के ऐक्शन किंग और ही मैन कहे जाने वाले धरम पाजी (Dharam Paji) यानी कि धर्मेंद्र (Dharmendra) हो गए हैं 82 साल के. लेकिन उनकी फिटनेस देखकर कौन कहेगा कि वो 82 साल के हो गए हैं. धर्मेंद्र का एक आम इंसान से सुपरस्टार बनने का सफ़र बेहद ही रोचक रहा है.Happy birthday Dharmendraउनका जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब में हुआ था. गांव में ही उन्होंने पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की थी. उनका पूरा नाम धरम सिंह देओल (Dharam Singh Deol) है. उनकी पहली शादी तब हो गई थी, जब वो केवल 19 साल के थे. फिल्मों में काम करने से पहले धर्मेंद्र रेलवे में क्लर्क थे और उन्हें सवा सौ रुपए सैलरी मिलती थी.

फिल्मफेयर का टैलेंट अवॉर्ड जीतकर धर्मेंद्र मुंबई आ गए और फिल्मों में स्ट्रगल करने लगे. विवाहित होने की वजह से उन्हें फिल्में मिलने में काफ़ी दिक़्कते आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धर्मेन्द्र की पहली फिल्म थी दिल भी तेरा हम भी तेरे, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि फिल्म के प्रीमियर पर धर्मेन्द्र को किसी ने नहीं पहचाना और ग़ुस्से में वो ट्रेन से घर चले गए थे. फिल्म अनपढ़ और बंदिनी से उन्हें पहचान मिली. फिल्मों में शुरुआत में उनकी छवि एक रोमांटिक हीरो की थी, लेकिन फूल और पत्थर, धरम वीर, चरस, आज़ाद और शोले ने उन्हें एक्शन हीरो बना दिया. आज भी धरम पाजी का अंदाज़ उनके फैन्स पसंद करते हैं. फिल्मों में उनकी दूसरी पारी को भी पसंद किया गया.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से धर्मेंद्र को ढेरों शुभकामनाएं.

गरम-धरम कहे जाने वाले धरम पाजी के डायलॉग्स बोलने का अंदाज़ दमदार और डांस की अदा अलग थी. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके 10 फेमस गाने.

फिल्म- लोफर

https://www.youtube.com/watch?v=8SXXGD1_rTU

फिल्म- ब्लैकमेल

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फिल्म- बहारें फिर भी आएंगी

https://www.youtube.com/watch?v=GQblX2TmEZI

फिल्म- प्रतिजा

फिल्म- शालीमार

फिल्म- दोस्त

https://www.youtube.com/watch?v=tLaYQzGntdw

फिल्म- मेरा गांव मेरा देश

https://www.youtube.com/watch?v=oK3E-YXEIXE

फिल्म- जुगनू

https://www.youtube.com/watch?v=TPopE3_ycjM

फिल्म- चरस

फिल्म- शोले

बॉबी देओल (Bobby Deol) का मेकओवर इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है. बॉबी के इस मेकओवर का श्रेय जाता है उनकी आगामी फिल्म रेस 3 (Race 3) में उनके को-स्टार सलमान ख़ान ( Salman khan) को. आपको बता दें कि बॉबी ने कल सोशल मीडिया पर अपनी पिक्चर शेयर की, जिसे देखकर बॉबी की मेहनत साफ़-साफ़ नज़र आ रही है.

Bobby Deol, Race 3, Makeover

बॉबी ने यह मेकअोवर अपनी आगामी फिल्म रेस 3 के लिए किया है. बॉबी को इसके लिए किसी और ने नहीं, बल्कि रेस 3 में उनके साथ काम कर रहे सलमान ख़ान ने प्रेरित किया है. बॉबी के इस नए लुक को फैन्स और सेलेब्स सभी पसंद कर रहे हैं. ट्विटर और इंस्टाग्राम पर बॉबी के इस नए पिक्चर को हज़ारों लाइक्स मिले हैं. आपको बता दें कि रेस 3 की शूटिंग इस महीने शुरू हुई है. फिल्म के प्रोमोशन के स्टार्स व प्रोड्यूसर बिग बॉस 11 के सेट भी गए थे. हालांकि पूरी टीम बिग बॉस के सेट पर गई थी, लेकिन बिग बॉस हाउस में रेमो व जैकलिन ही पहुंचे थे.

सुनने में आ रहा है कि रेस 3 पहले दो रेस फिल्म्स से बिल्कुल अलग है. तीसरी फिल्म में सैफ की जगह सलमान ने ले ली है और फिल्म का निर्देशन भी अब्बास-मस्तान की जगह रेमो कर रहे हैं. फिल्म के प्रोड्यूसर रमेश एस तुरानी रेस सीरीज़ का पूरा मेकअोवर करना चाहते हैं. इस फिल्म की पूरी कास्ट नई है, जिसमें सलमान, जैकलिन के अलावा साकिब सलीम, डेज़ी शाह और पूजा हेगड़े है. फिल्म को सलमान ख़ान फिल्म्स को-प्रोड्यूस कर रहा है.

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फिल्म: डैडी

स्टारकास्ट: अर्जुन रामपाल, फरहान अख्तर, राजेश श्रिंगारपुरे, निशिकांत कामत, ऐश्वर्या राजेश, आनंद इनागले, 

निर्देशक: आशिम अहलूवालिया

रेटिंग: 3.5 स्टार

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अर्जुन रामपाल एक अलग अंदाज़ में नज़र आ रहे है फिल्म डैडी में. फिल्म एक पॉलिटिकल ड्रामा है. अर्जुन न सिर्फ़ फिल्म में अभिनय कर रहे हैं, बल्कि वो इस फिल्म के को-राइटर भी हैं. आइए, जानते हैं कैसी है डैडी.

कहानी

कहानी है दगड़ी चाल में रहने वाले अरुण गुलाब गवली (अर्जुन रामपाल) की. फिल्म की शुरुआत होती है 70 के दशक से जब मुंबई की मिल्स पर ताला लग जाता है और मिल में काम करने वाले लोग बेरोज़गार हो जाते हैं. पैसों के लिए फिर वो धीरे-धीरे अंडरवर्ल्ड की तरफ़ बढ़ने लगते हैं. ऐसे में एक गैंग बनती है, जिसका नाम होता है बीआरए गैंग और इसके मुख्य सदस्य होते हैं, अरुण, बाबू (आनंद) और रामा (राजेश). फिल्म में मुंबई पर राज करने वाले अरुण गवली का केवल गैंगस्टर से पॉलिटिक्स तक पहुंचने का सफ़र ही नहीं दिखाया गया है, बल्कि एक पति, पिता और बाद में अपने अपराध के लिए सज़ा काटने की भी कहानी भी नज़र आएगी.

फिल्म की यूएसपी और कमज़ोर कड़ी

फिल्म की यूएसपी है अर्जुन की ऐक्टिंग. अर्जुन का लुक और डायलॉग बोलने का अंदाज़ बेहद प्रभावी है. फिल्म का पहला पार्ट अरुण गवली के डॉन बनने के सफ़र पर है, तो वहीं दूसरा भाग में परिवार और नेता बनने की कहानी दिखाई गई है.

70 के दशक को अच्छे ढंग से पर्दे पर उतारा गया है.

अशिम आहलुवालिया का निर्देशन और बेहतर हो सकता था.

स्क्रिप्ट में कमी रह गई थी, जो फिल्म में साफ़ नज़र आ रहा है.

मकसूद के किरदार में फरहान अख़्तर का अभिनय ठीकठाक है.

फिल्म देखने जाएं या नहीं

अगर आपको क्राइम या अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्में पसंद है, तो आप ये फिल्म देखने जा सकते हैं.

फिल्म: पोस्टर बॉयज़

स्टारकास्ट: सनी देओल, बॉबी देओल, श्रेयस तलपड़े, सोनाली कुलकर्णी,

निर्देशक: श्रेयस तलपड़े

रेटिंग: 3 स्टार

पोस्टर बॉयज़ इसी नाम पर बनी मराठी फिल्म की रीमेक है. कॉमेडी और ठहाकों के बीच फिल्म में एक ख़ास संदेश भी है, जिस पर शायद ही कोई खुलकर बात करता है. नसबंदी जैसे विषय को बड़े ही मज़ाकिया अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की गई है फिल्म में.

कहानी

फिल्म शुरू होती है जंगेठी गांव से, जहां रहने वाले जगावर चौधरी (सनी देओल), विनय शर्मा (बॉबी देओल) और अर्जुन सिंह (श्रेयस तलपडे)अपनी तस्वीर नसबंदी के सरकारी पोस्टर पर देखकर झटका खा जाते हैं. तीनों में से किसी की भी नसबंदी नहीं हुई है. लेकिन इस ऐड की वजह से तीनों की ज़िंदगी में भूचाल आ जाता है. जगावर की बहन की शादी रुक जाती है. विनय की बीवी छोड़कर चली जाती है और अर्जुन शादी टूट जाती है. उनकी तस्वीर किसने इस सरकारी पोस्टर पर छापी है, इसका पता लगाने के लिए तीनों कमर कस लेते हैं. अब इस नसबंदी के पोस्टर की वजह से तीनों की लाइफ में क्या-क्या होता है और वो कैसे इससे निपटते हैं, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

फिल्म की यूएसपी और कमज़ोर कड़ी

फिल्म की यूएसपी है फिल्म का मज़ेदार सब्जेक्ट. सनी देओल, बॉबी देओल और श्रेयस तलपड़े की कॉमिक टाइमिंग ज़बरदस्त है.

फिल्म के वनलाइनर्स कमाल के हैं. कॉमेडी के डबल डोज़ के साथ सबसे ख़ास बात यह है कि ये फिल्म एक ज़रूरी संदेश भी देगी कि नसबंदी करवाना कोई ग़लत बात या कलंक नहीं है.

फिल्म के सभी कलाकारों का अभिनय अच्छा है.

फिल्म देखने जाएं या नहीं

अगर आपको कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो ये फिल्म बिल्कुल न छोड़ें. सनी, बॉबी को एक बार फिर पर्दे पर साथ देखना वाक़ई दिलचस्प है. इसे पैसा वसूल फिल्म कहा जा सकता है.

पोस्टर बॉयज़

मिलिए नए पोस्टर बॉयज़ से, सनी देओल, बॉबी देओल और श्रेयस तलपड़े पोस्टर पर लग रहे हैं कमाल. सिर पर पगड़ी बांधे और हाथों में डबल्स पकड़े तीनों का ये पोस्टर जितना फनी है, उतना ही फनी है फिल्म का ट्रेलर भी. इस पोस्टर पर लिखा है हमने नसबंदी करवा ली है… आप भी करवा लो… दरअसल फिल्म में तीनों की फोटो नसबंदी वाले गलत विज्ञापन में छप जाती है और इसके पोस्टर जगह-जगह लगा दिए जाते हैं, जिसके बाद शुरू होती है इनकी लाइफ में प्रॉब्लम्स. नसबंदी के विज्ञापन के पोस्टर बॉयज़ बने तीनों को देखकर आप हंसे बिना रह नहीं पाएंगे.

लंबे समय बाद सनी देओल और बॉबी देओल बड़े पर्दे पर साथ नज़र आएंगे साथ ही श्रेयस तलपड़े इस फिल्म से डायरेक्शन में डेब्यू भी कर रहे हैं.

ये फिल्म श्रेयस की ही ओरिजनल मराठी फिल्म पोस्टर बॉयज़ की हिंदी रीमेक है. फिल्म 8 सितंबर को रिलीज़ होगी. देखें ट्रेलर.

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90 के दशक के सुपरस्टार रहे बॉबी देओल (Bobby Deol) 50 साल के हो गए हैं. अक्सर बॉलीवुड पार्टी से दूर रहने वाले बॉबी फिल्मो से भी दूर हैं. धर्मेन्द्र पाजी के छोटे बेटे बॉबी का पूरा नाम विजय सिंह देओल है. फिल्म बरसात से बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत करने वाले ब़ॉबी ने फिल्म धरम वीर में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था. उन्होंने हमराज़, गुप्त, अजनबी, सोल्जर जैसी कई हिट फिल्में की हैं. अपनी होम प्रोडक्शन की फिल्मों अपने, यमला पगला दीवाना में वो अपने पिता और भाई सनी के साथ नज़र आए. बॉबी के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं और हर कदम पर उनकी पत्नी तान्या ने उनका साथ दिया है. 4 साल से बॉबी फिल्मों से दूर हैं, लेकिन सुनने में आया है कि वो जल्द ही फिल्मों में वापसी करेंगे.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.