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बॉलीवुड की 10 सुपरमॉम्स प्रेग्नेंसी के बाद फिर हो गईं पहले की तरह फिट और स्लिम (10 Bollywood Actresses Who Look Amazing Post Pregnancy)

बॉलीवुड एक्ट्रेसेज के लिए अपने फिगर और फिटनेस का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. शादी और प्रेग्नेंसी के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेसेज के लिए पहले की तरह स्लिम और फिट नज़र आना आसान काम नहीं होता. कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेज प्रेग्नेंसी के बाद स्लिम और फिट बन जाती हैं, लेकिन कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेज ऐसा नहीं कर पातीं. यहां पर हम आपको बता रहे हैं बॉलीवुड की 10 सुपरमॉम्स के बारे में, जो प्रेग्नेंसी के बाद फिर हो गईं पहले की तरह फिट और स्लिम.

Bollywood Actresses Post Pregnancy

1) करीना कपूर (Kareena Kapoor Khan) 
बोल्ड और बिंदास बेबो यानी करीना कपूर खान अपने साइज़ ज़ीरो फिगर के लिए लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं. लेकिन प्रेग्नेंसी के समय करीना कपूर खान काफी मोटी हो गई थीं. इसके बावजूद प्रेग्नेंसी के समय भी करीना कपूर बिंदास अंदाज़ में मीडिया से मिलती रही, लेकिन तैमूर के जन्म के बाद करीना कपूर ने अपनी फिटनेस पर बहुत ध्यान दिया और एक बार फिर पहले की तरह स्लिम और फिट होकर सबको चौंका दिया.

Kareena Kapoor Khan

2) शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty)
फिटनेस की बात हो और शिल्पा शेट्टी का ज़िक्र हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. प्रेग्नेंसी के समय शिल्पा शेट्टी का वज़न भी काफी बढ़ गया था, लेकिन बेटे वियान के जन्म के बाद शिल्पा शेट्टी ने नियमित योगा करके फिर से पहले जैसी स्लिम बॉडी हासिल कर ली. शिल्पा शेट्टी के योगा वीडियो भी काफी वायरल होते रहते हैं.

Shilpa Shetty

3) मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora)
यम्मी-मम्मी ने नाम से जानी जाने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा की फिटनेस उन्हें और भी ग्लैमरस बना देती हैं. मां बनने के बाद मलाइका ने जिम और योगा से खुद को पहलेकी तरह ही फिट और स्लिम बना दिया और अपनी फिटनेस को हमेशा मेन्टेन किया. मलाइका अरोड़ा की फिटनेस अन्य मम्मियों को भी फिट बने रहने के लिए प्रेरित करती है.

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Malaika Arora

4) ऐश्‍वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) 
विश्‍व सुंदरी ऐश्‍वर्या राय बच्चन ने जिस तरह अपनी खूबसूरती को मेन्टेन किया है, उसी तरह अपने मदरहुड को भी हमेशा पहले पायदान पर रखा. प्रेग्नेंसी के समय और मां बनने के कुछ समय बाद तक ऐश्‍वर्या राय बच्चन अपने मोटापे को लेकर कई बार ट्रोल हुईं, लेकिन ऐश्‍वर्या ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपना पूरा टाइम अपनी बेटी आराध्या को दिया. मां बनने के कुछ समय बाद ही ऐश्‍वर्या राय बच्चन एक बार फिर पहले की तरह ही स्लिम और फिट हो गईं. ऐश्‍वर्या राय बच्चन ये अच्छी तरह जानती हैं कि एक औरत होने के नाते उनके लिए किस समय क्या ज़रूरी है.

Aishwarya Rai Bachchan

5) काजोल (Kajol) 
काजोल बॉलीवुड की एक ऐसी एक्ट्रेस हैं, जो कभी भी किसी की परवाह नहीं करतीं. चाहे फिल्मों का चुनाव हो या पर्सनल लाइफ के फैसले, काजोल ने हमेशा वही किया है जो उन्हें अच्छा लगा. जहां तक मां बनने की बात है, तो काजोल ने अपने दोनों बच्चों यानी बेटी न्यासा और बेटे युग की सही परवरिश करने के लिए फिल्मों से एक निश्‍चित दूरी बनाकर रखी. काजोल ने बच्चों का ही नहीं अपने फिगर का भी बखूबी ध्यान रखा है. मां बनने के बाद काजोल ने फिर से खुद को पहले की तरह ही स्लिम और फिट बनाए रखा है.

Kajol

6) रानी मुखर्जी (Rani Mukherjee)
रानी मुखर्जी ने अपनी शानदार एक्टिंग के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है. आज भी रानी मुखर्जी को आप चुनिंदा फिल्मों में बिल्कुल अलग अंदाज़ में देख सकते हैं. रानी मुखर्जी ने डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा से शादी के बाद जब बेटी आदिरा को जन्म दिया, तो उस दौरान उनका वज़न काफी बढ़ गया था, लेकिन रानी मुखर्जी ने बेटी के जन्म के बाद खुद को फिर से पहले की तरह स्लिम बना दिया है.

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Rani Mukherjee

7) करिश्मा कपूर (Karishma Kapoor)
करिश्मा कपूर ने नब्बे के दशक में बॉलीवुड में राज किया. शादी के बाद अपने बच्चों की परवरिश में करिश्मा कपूर बिज़ी हो गई इसलिए वो फिल्मों में नहीं दिखाई देतीं, लेकिन करिश्मा कपूर जब भी मीडिया में नज़र आती हैं, तो उनकी फिटनेस के सभी कायल हो जाते हैं. दो बच्चों के जन्म के बाद भी करिश्मा कपूर की फिटनेस में कोई कमी नहीं आई है.

Karishma Kapoor

8) मंदिरा बेदी (Mandira Bedi)
मंदिरा बेटी अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं. प्रेग्नेंसी के दौरान अपने बढ़े हुए वज़न को कम करके मंदिरा ने एक बार खुद को सुपर फिट बना दिया है.

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Mandira Bedi

9) जेनेलिया डिसूज़ा (Genelia D’souza)
बॉलीवुड के क्यूट कपल रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूज़ा दो बच्चों के पैरेंट्स हैं. ख़ास बात ये है कि दो बेटों को जन्म देने के बाद भी जेनेलिया डिसूज़ा आज भी उतनी ही क्यूट और फिट नज़र आती हैं.

Genelia D'souza

10) सोहा अली खान (Soha Ali Khan)
सोहा अली खान फिलहाल एक्टिंग करती तो नज़र नहीं आ रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी स्लिम और फिट मॉम वाली फोटोग्राफ्स दिखती रहती हैं. सोहा अली खान ने भी मां बनने के बाद खुद को मोटा नहीं होने दिया. उनके चेहरे पर आज भी वही मासूमियत नज़र आती है और वो पहले की तरह ही फिट भी नज़र आती हैं.

Soha Ali Khan

मां से मॉम तक: ये हैं बॉलीवुड की मॉडर्न मॉम (Bollywood Actress And Most Stylish Mom In Real Life)

Bollywood Actress, Most Stylish Mom

मां से मॉम बनने तक के सफ़र में औरत की ज़िंदगी में कई बदलाव आए हैं. घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर उसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. इससे उसके मातृत्व में तो कोई कमी नहीं आई, लेकिन उसने मदरहुड की परिभाषा ज़रूर बदल दी है. मदर्स डे के ख़ास मौ़के पर आइए, जानते हैं मां से मॉम तक कितनी बदली है भारतीय महिलाओं की तस्वीर.

गया वो ज़माना जब मां अपने बच्चों को दुवाओं के सिवाय कुछ नहीं दे पाती थी. घर-परिवार व बच्चों की देखभाल करने में ही वो अपनी पूरी ज़िंदगी गुज़ार देती थी. अपने बारे में कभी कुछ नहीं सोचती थी. आज की मॉडर्न मॉम मदरहुड की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाते हुए अपने वुमनहुड को भी बख़ूबी एंजॉय कर रही है. आज की मां पहले की तरह लाचार-असहाय नहीं, वो अपने बच्चों की भौतिक ज़रूरतें भी पूरी कर सकती है और भावनात्मक, बौद्धिक, सामाजिक ज़रूरतें भी. आज की मॉम स्मार्ट है, सफल है और अपनी हर ज़िम्मेदारी निभाने में सक्षम भी. जी हां, मदरहुड की परिभाषा बदल रही है और इस बदलाव से औरत की ज़िंदगी और भी ख़ूबसूरत हो गई है. आइए, जानें नए ज़माने की न्यू मॉम को.

मॉम या सुपर मॉम
पहले ज़्यादातर वर्किंग वुमन सुपर मॉम बनने के चक्कर में हर काम ख़ुद ही करने की कोशिश में इतनी थक जाती थी कि इससे या तो उन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लस हो जाती थीं या फिर वो चिड़चिड़ी हो जाती थी. इससे उनकी हेल्थ और घर का माहौल दोनों बिगड़ जाते थे, लेकिन आज की मॉडर्न मॉम ऐसा नहीं करती. वो ये बात अच्छी तरह जानती है कि वो हर काम अकेले नहीं कर सकती, इसलिए वो घर के सभी सदस्यों से थोड़ी-थोड़ी मदद लेकर स्मार्टली सारा काम मैनेज कर लेती है. वो परिवार के साथ-साथ अपनी हेल्थ का भी पूरा ख़्याल रखती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम करीना कपूर ख़ान
बोल्ड एंड ब्यूटीफुल बेबो उर्फ करीना कपूर ख़ान कहती हैं, “मां का हेल्दी रहना, अपना ध्यान रखना, अपने करियर को आगे बढ़ाना, ये सब बच्चे के लिए भी ज़रूरी है. जो बच्चा अपनी मां को हेल्दी और हैप्पी देखते हुए बड़ा होता है, उसे समाज के लिए कुछ करते देखता है, एक बेहतर ज़िंदगी जीते देखता है, वो अपनी मां से ये तमाम गुण सीखकर ख़ुद भी ऐसी ही ज़िंदगी जीता है. बच्चे को ख़ुश और स्वस्थ रखने के लिए पहले आपका हैप्पी और हेल्दी होना ज़रूरी है.”

छोटी-छोटी ख़ुशियां
पहले महिलाएं अपनी छोटी-छोटी ख़ुशियों पर ध्यान नहीं देती थी. वो त्याग की मूर्ति बनकर स़िर्फ परिवार की ज़रूरतें पूरी करती रहती थी, लेकिन आज की मॉम ज़िंदगी की छोटी-छोटी ख़ुशियों को ज़रूरी मानती है. वो सेलिब्रेशन का कोई मौका नहीं गंवाती. वो हर ख़ुशी का पासवर्ड जानती है और उसे सेलिब्रेट करना भी उसे आता है. इसीलिए वो बर्थडे, एनिवर्सरी, न्यू ईयर… हर स्पेशल डे सेलिब्रेट करती है और अपनी फैमिली को देती है ख़ुशी का तोहफा.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम ऐश्‍वर्या राय बच्चन
दुनिया की बेहद ख़ूबसूरत लेडी और बॉलिवुड सुपरस्टार ऐश्‍वर्या राय बच्चन कहती हैं, “मां बनना किसी भी औरत के लिए ईश्‍वर का सबसे बड़ा आशीर्वाद है. आप चाहे कितनी भी बिज़ी क्यों न हों, अपने मदरहुड को पूरी तरह एंजॉय करें. अच्छी प्लानिंग करके इस स्वीट टाइम का पूरा लुत्फ़ उठाया जा सकता है.” ऐश्‍वर्या राय अपनी बेठी आराध्या को ख़ुद स्कूल छोड़ने जाती हैं और शूटिंग के बीच में से टाइम निकालकर उसे स्कूल से घर लाने भी जाती हैं. अपने करियर और मदरहुड को ऐश्‍वर्या बहुत अच्छी तरह बैलेंस कर रही हैं.

क्वालिटी टाइम
कई महिलाएं दिनभर घर में रहकर भी अपने बच्चे से थोड़ी देर भी ठीक से बात नहीं करतीं. वो दिनभर या तो फ्रेंड के साथ फोन पर बात करती रहती हैं या फिर टीवी देखती रहती हैं, जबकि स्मार्ट वर्किंग मॉम ऑफिस से लौटकर अपने बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताती है, उससे दिनभर की बातें पूछती है, उसका होमवर्क कराती है. इसके साथ ही पति और परिवार के लिए भी थोड़ा-थोड़ा क्वालिटी टाइम ज़रूर निकालती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम माधुरी दीक्षित नेने
धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित नेने ने भले ही अमेरिका में बसे डॉक्टर नेने से विवाह किया और उनके बच्चों के शुरुआती वर्ष विदेश में बीते, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को भारतीय संस्कार सिखाने में कहीं कोई कमी नहीं रखी. माधुरी कहती हैं, “मैंने अपने बच्चों को गायत्री मंत्र सिखाया है और घर में मैैं अपने बच्चों के साथ मराठी में ही बात करती हूं. मैं अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हूं, उन्हें साथ बिठाकर होमवर्क करवाती हूं, उनकी हेल्थ और हाईजीन का ध्यान रखती हूं… वो सारे काम करती हूं जो एक आम मां अपने बच्चों के लिए करती है.”

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बच्चे का भविष्य
पहले की मॉम बच्चे के भविष्य की पूरी ज़िम्मेदारी पति पर छोड़ देती थी और बच्चे को डॉक्टर, इंजीनियर… जैसे रटे-रटाए करियर को ही चुनने की सलाह देती थी, लेकिन आज की ग्लोबल मॉम ये बात जानती है कि रटे-रटाए करियर के अलावा भी अलग फील्ड में करियर बनाया जा सकता है और उसमें कामयाबी हासिल की जा सकती है इसीलिए वो अपने बच्चे के टैलेंट को जानते हुए उसे उसकी पसंद के फील्ड में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम काजोल देवगन 
सुपर टैलेंटेड काजोल देवगन जितनी परफेक्शनिस्ट ऐक्टिंग में नज़र आती हैं, उतना ही परफेक्ट है उनका पैरेंटिंग स्टाइल. काजोल ये मानती हैं कि बच्चों को सही आदतें और अनुशासन सिखाने के लिए यदि थोड़ी सख़्ती भी दिखाई जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है. काजोल के अनुसार, “ये हर माता-पिता का कर्त्तव्य है कि वे अपने बच्चों को सही और ग़लत का फर्क़ सिखाएं.” काजोल हंसते हुए कहती हैं, “मां कहती हैं कि मैंने जो कह दिया वो पत्थर की लकीर होती है. वाकई मेरे घर में ऐसा है. मुझे इस बात का फख़्र है कि मेरे बच्चे मेरी 70% बातें सुन लेते हैं और बाक़ी 30% बातों पर या तो हम झगड़ लेते हैं या मिल बैठकर उनका हल निकाल लेते हैं. मेरे ख़्याल से ये रेशियो बुरा नहीं है.”

मी टाइम
ये बात तो हम सभी जानते हैं कि यदि आप ख़ुद ख़ुश नहीं हैं तो आप दूसरों को कभी ख़ुश नहीं रख सकते, इसलिए सबसे पहले आपका ख़ुश होना ज़रूरी है. आज की मॉडर्न मॉम ये बात अच्छी तरह जानती है इसलिए वो मी टाइम के लिए व़क्त ज़रूर निकालती है. घर-परिवार, बच्चों की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाते हुए वो अपने लिए भी अलग से व़क्त निकालती है और वो टाइम स़िर्फ उसका होता है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम शिल्पा शेट्टी कुंद्रा 
फिटनेस फ्रीक मॉम शिल्पा शेट्टी कुंद्रा के अनुसार, “हर औरत को अपनी सेहत और फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए. एक हेल्दी मां ही हेल्दी बच्चे को जन्म से सकती है.” वर्किंग मदर्स के लिए शिल्पा कहती हैं, “चाहे आप कितनी ही बिज़ी क्यों न हों, अपनी ज़िम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत के साथ कभी समझौता न करें. अपने लिए, ख़ासकर अपनी सेहत के लिए समय ज़रूर निकालें.”

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टाइम मैनेजमेंट
हम सभी के पास एक दिन में स़िर्फ 24 घंटे होते हैं. अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम उस टाइम को किस तरह बिताते हैं. कई लोग टाइम की वैल्यू नहीं जानते और उसे यूं ही बर्बाद कर देते हैं, लेकिन आज की मॉडर्न मॉम सही टाइम मैनेजमेंट जानती है और अपने टाइम का सही इस्तेमाल करके घर और करियर में सही बैलेंस बनाकर रखती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम सोनाली बेंद्रे
सेलिब्रिटी मॉम सोनाली बेंद्रे कहती हैं, “आज की मॉम और बच्चे दोनों बिज़ी हैं. ऐसे में सही टाइम मैनेजमेंट बहुत ज़रूरी है. आज के बच्चों को मटीरियलिस्टिक चीज़ें ही नहीं, नॉलेज भी ज़्यादा मिल रहा है, और ये इंफ़ॉर्मेशन उन्हें जितनी आसानी से मिल रही है, उतनी ही तेज़ी से वे उसे पिकअप भी कर रहे हैं. ऐसे में इस बात पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है कि बच्चों को किस समय कितना एक्सपोज़र मिले. अपने बेटे की ख़ातिर मैं ज़्यादा काम नहीं करती. मैं कल इस बात पर अफ़सोस नहीं करना चाहती कि काश, मैंने अपने बच्चे को थोड़ा और वक़्त दिया होता.”

मां या बेस्ट फ्रेंड
आज की मॉडर्न मॉम बच्चे की अभिभावक ही नहीं, उसकी बेस्ट फ्रेंड भी होती है. वो अपने बच्चे की हर भावना को जानती-समझती है, उसकी भावनाओं की कद्र करती है. वो एक दोस्त की तरह अपने बच्चे की हर बात सुनती है, उसे सही-गलत के बारे में बताती है. उसके साथ हंसती-खेलती है और उसे हमेशा ख़ुश रखने की कोशिश करती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम जूही चावला
सेलिब्रिटी मॉम जूही चावला के अनुसार, “पहले के मुक़ाबले आज की मॉम अपने बच्चों के साथ ज़्यादा इंवॉल्व रहती है. बच्चा क्या कर रहा है, क्या सोच रहा है, क्या बनना चाहता है… इन सभी बातों की उसे जानकारी होती है. पहले की माएं बच्चों के बारे में इतना सब नहीं सोचती थीं. यदि मैं अपने बचपन की बात करूं, तो मुझे नहीं लगता कि मेरी मां को इस बात से कोई मतलब था कि मैं क्या पढ़ती हूं या पढ़ती भी हूं या नहीं?”

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वर्किंग मदर होने का गिल्ट नहीं
आज की मॉडर्न वुमन मां बनने के बाद भी अपना करियर जारी रखती है और उसे इस बात का कोई गिल्ट नहीं, क्योंकि वो जानती है कि वो अपने बच्चे को क्वालिटी टाइम दे रही है. बल्कि वर्किंग मॉम को बाहर की दुनिया का ज़्यादा अनुभव होता है इसलिए वो अपने बच्चे की परवरिश बदलते समय की ज़रूरतों के हिसाब से करती है.

वो जानती है रिश्ते निभाना
रिश्ते प्यार से सींचे जाते हैं. यदि आपके पास बहुत समय नहीं है, लेकिन आप फोन करके या कुछ समय साथ बिताकर यदि अपना प्यार जताते हैं, तो वो भी बहुत मायने रखता है. आज के सोशल नेटवर्किंग के दौर में मॉडर्न मॉम देश-विदेश में बसे अपने सभी रिश्तेदारों के टच में रहती हैं और उनके सुख-दुख में हमेशा उनके साथ देती हैं.

– कमला बडोनी

 

मदर्स डे स्पेशल- सेलिब्रिटी मदर्स के मदरहुड एक्सपीरियंस (Mother’s Day Special- Celebrity Mother’s And Motherhood Experience)

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वक़्त के साथ औरत की ज़िंदगी में ही नहीं, उसके मदरहुड के एक्सपीरियंस में भी बदलाव आया है. आज की ग्लोबल इंडियन वुमन फैमिली, मदरहुड, करियर, सोशल लाइफ के साथ-साथ अपनी ख़ूबसूरती, फिटनेस, हेल्थ को भी बहुत स्मार्टली मैनेज करती है. हम सबकी चहेती बॉलीवुड मदर्स किस तरह सेलिब्रेट करती हैं मदरहुड? आइए, जानते हैं.

 

रवीना टंडन- बच्चों की परवरिश सबसे ज़रूरी काम है…

मुझे आज भी याद है, जब मेरे बेटे का पहला दांत निकला था, तो हम दोनों इतने ख़ुश हुए थे कि हमारा बस चलता, तो उसके मुंह में कैमरा डालकर उसके दांत की फोटो खींच लेते. उस समय मुझे यह ख़्याल आया कि यदि मैं शूटिंग कर रही होती, तो इतना ख़ास पल कैसे देख पाती? वर्किंग मदर्स के लिए यही वक़्त मुश्किल भरा होता है, इसलिए मेरा मानना है कि बहुत ज़्यादा मजबूरी न हो, तो घर पर रहकर बच्चे की सही परवरिश को ही महत्व देना चाहिए.

माधुरी दीक्षित- बच्चों से मराठी में बात करती हूं…

मैं अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हूं, उन्हें साथ बिठाकर होमवर्क करवाती हूं, वो सारे काम करती हूं, जो एक आम मां अपने बच्चों के लिए करती है. मैंने अपने बच्चों को गायत्री मंत्र सिखाया है और घर में मैैं उनसे मराठी में ही बात करती हूं. आज जब मैं अभिनय की दुनिया में लड़कियों को आगे बढ़ते देखती हूं, तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. लड़कियों के मामले में अब लोगों की सोच बदल रही है. मुझे आज भी याद है, जब मैंने फ़िल्मों में काम करने का मन बनाया, तो उस व़क़्त मेरे परिवारवाले (ख़ासतौर पर मेरे ननिहालवाले) इस बात के लिए राज़ी नहीं थे.

काजोल- मेरे बच्चे मुझे स्ट्रेस फ्री कर देते हैं…

मां बनने के बाद मेरी पूरी शख़्सियत ही बदल गई. पहले मुझे ग़ुस्सा बहुत आता था, पर अब मैंने अपने ग़ुस्से पर क़ाबू करना सीख लिया है. अब मैं वैसी नहीं रही, जैसी अपने करियर के शुरुआती दौर में थी. अब मैं चीज़ों को लाइटली लेने लगी हूं और कोई टेंशन हो भी, तो बच्चों के पास आकर सब छूमंतर हो जाता है. अब मेरे लिए तनाव दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम है अपने बच्चों के साथ व़क़्त गुज़ारना. जब भी मैं उनके साथ होती हूं, तो वो मुझे पूरी तरह डीस्ट्रेस कर देते हैं.
वैसे तो मेरा फेवरेट हॉलीडे डेस्टिनेशन है लंदन, पर मां बनने के बाद ज़िंदगी में बहुत कुछ बदल गया है. अब मैं अपने बच्चों की पसंद के अनुसार ही हॉलीडे डेस्टिनेशन तय करती हूं. लंदन में बच्चों के साथ जाना थोड़ा मुश्किल है, इसलिए अब मैं डिज़नीलैंड व थीम पार्क में जाती हूं. वैसे भी अब मैं चाहे गोवा में रहूं, स्विट्ज़रलैंड में या फिर अपने बेडरूम में, यदि मेरे बच्चे मेरे साथ हैं, तो वही मेरी पसंदीदा जगह बन जाती है.

करिश्मा कपूर- हर औरत को मां बनना चाहिए…

मां बनना मेरा बेस्ट एक्सपीरियंस है. मुझे लगता है कि हर औरत को मां बनना चाहिए. किसी भी इंसान को दुनिया में लाने का काम केवल मां ही कर सकती है और यह बहुत ही स्पेशल होता है. अपने बच्चे के साथ समय बिताने और उसके सारे काम करने से अच्छा अनुभव और कुछ नहीं है.

सोनाली बेंद्रे- पैरेंटिंग टफ जॉब नहीं है…

अक्सर लोग कहते हैं कि आजकल के बच्चों की परवरिश बहुत मुश्किल हो गई है, उन्हें बहुत ज़्यादा एक्सपोज़र मिल रहा है, लेकिन ऐसा हर जनरेशन के साथ होता है. हमारे दादा-दादी, नाना-नानी भी हमारे बारे में यही सोचते थे. ये बदलाव हमेशा से होता रहा है, इसलिए मैं इस बात से घबराती नहीं. हां, बच्चों को किस समय कितना एक्सपोज़र मिलना चाहिए, इस पर पैरेंट्स को ध्यान देना ज़रूरी है.
हम लोगों को चीज़ें मिलती ही नहीं थीं, लेकिन आज के बच्चों को मटीरियलिस्टिक चीज़ें ही नहीं, नॉलेज भी ज़्यादा मिल रहा है और ये इंफॉर्मेशन उन्हें जितनी आसानी से मिल रही है, उतनी ही तेज़ी से वे उसे पिकअप भी कर रहे हैं. ऐसे में पैरेंट्स को लगातार अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए.

जूही चावला- वक़्त के साथ बदली है पैरेंटिंग स्टाइल…

आजकल के पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ बहुत ज़्यादा इंवॉल्व रहते हैं. उनका बच्चा क्या पढ़ता है? कैसे पढ़ता है? इन सारी बातों की जानकारी उन्हें रहती है. यदि मैं अपने बचपन की बात करूं, तो मुझे नहीं लगता कि मेरी मां को इस बात से कोई मतलब था? लेकिन आज समय के साथ पैरेंटिंग स्टाइल में भी बदलाव आया है. आज के पैरेंट्स काफ़ी प्रोटेक्टिव हो गए हैं. अपने बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने के लिए मैं भी बात-बात में उन्हें नसीहत देती हूं, मैं अपने बच्चों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय रहती हूं, ताकि मेरे बच्चों का बचपन मुझसे छूट न जाए. मैं उनसे जुड़ा एक भी पल मिस नहीं करना चाहती.

नीतू कपूर- बच्चों की कामयाबी से बड़ी ख़ुशी कोई नहीं…

अपने बच्चों को आगे बढ़ते देखने की ख़ुशी को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है. हर माता-पिता को इस दिन का इंतज़ार रहता है. ऋषि और मुझे भी बच्चों को सफल होते देखकर संतुष्टि मिलती है. सच बताऊं तो मेरे बच्चों ने मेरे सारे अरमान पूरे कर दिए. रिद्धिमा ने फैशन डिज़ाइनिंग को करियर के लिए चुना और जहां तक रणबीर का सवाल है, तो हमें बचपन से ही पता था कि वो स्टार बननेवाला है. उसे फिल्म और ऐक्टिंग का बचपन से ही शौक़ था. ऋषि ने रणबीर की पहली फिल्म ‘सांवरिया’ देखते समय एक सीन पर खड़े होकर ताली बजाते हुए कहा था कि मेरा बेटा अच्छा ऐक्टर है. वह मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा दिन था.

मलाइका अरोड़ा- औरत हर रिश्ते को अच्छी तरह मैनेज करती है…

मैं नहीं समझ पाती कि लोगों को ऐसा क्यों लगता है कि ग्लैमर वर्ल्ड और परिवार में संतुलन नहीं बन सकता? काम, काम है, फिर चाहे वो किसी भी फील्ड से जुड़ा हो. मेरा मानना है कि ईश्‍वर ने औरत को मैनेजमेंट स्किल तोह़फे के रूप में दी है, इसलिए वो हर काम, हर रिश्ते को अच्छी तरह मैनेज कर लेती है, मदरहुड को भी.

श्‍वेता तिवारी- मैं अपने बच्चों को बेस्ट लाइफ देना चाहती हूं…

मेरे बचपन की यादें बहुत सुखद नहीं हैं. मैं एक मिडल क्लास, बल्कि लोअर मिडल क्लास फैमिली में पली-बढ़ी हूं. मेरे माता-पिता दोनों काम करते थे. बहुत छोटी उम्र से ही मैं ये महसूस करने लगी थी कि मां को घर और हमारी पढ़ाई का ख़र्च उठाने में बहुत मुश्किल होती है, इसलिए सातवीं क्लास से मैंने भी काम करना शुरू कर दिया. मैंने टयूशन लेने से लेकर डोर टु डोर सेल्स गर्ल का काम भी किया है. मैं छुट्टियों में इतना काम कर लेती थी कि मेरी पढ़ाई का ख़र्च निकल जाए. मुझे अपने बचपन से कोई शिकायत नहीं, लेकिन मैंने हमेशा यही कोशिश की है कि मेरी तरह मेरे बच्चों का बचपन न बीते. मैं उनकी हर ज़रूरत का पूरा ख़्याल रखती हूं.

स्मृति ईरानी- मातृत्व कामयाबी के आड़े नहीं आता…

मैं भारत के टेलीविज़न इतिहास में पहली महिला हूं, जिसने नौ महीने की प्रेग्नेंसी में टीवी पर एक टॉक शो किया. ज़्यादातर टॉक शोज़ में एंकर को ग्लैमरस रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. मुझे ख़ुशी है कि उस वक़्त भी लोगों ने मुझे नहीं, बल्कि मेरे काम को देखा और उसकी तारीफ़ भी की. उस वक़्त ख़ुद पर ज़रूर फ़ख़्र हुआ कि मेरी प्रेग्नेंसी मेरे लिए किसी भी तरह से रुकावट नहीं बनी. ज़्यादातर वर्किंग वुमन से पूछा जाता है कि वो घर और करियर के बीच तालमेल कैसे बिठाती हैं? मुझे हैरानी होती है कि ये सवाल पुरुषों से क्यों नहीं पूछा जाता. इसका मतलब तो यही हुआ ना कि समाज मानता है कि पुरुष घर पर काम नहीं करता.

गौरी ख़ान- घर में स्टारडम जैसी कोई बात नहीं होती…

हमारे घर का माहौल बहुत ही कैजुअल है. हम अपने बच्चों की परवरिश वैसे ही कर रहे हैं जैसे आम घरों में होती है. जिस तरह सभी पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे इंसान बनें, हम भी ऐसा ही चाहते हैं और इसके लिए कोशिश करते रहते हैं. शाहरुख़ जब भी काम से लौटते हैं, तो बच्चों के साथ ही अपना पूरा टाइम बिताते हैं. सच कहूं तो शाहरुख़ से अच्छा लाइफपार्टनर और फादर कोई हो ही नहीं सकता.

– कमला बडोनी